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Chapter-1-1
Romance
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Chapter-1-1

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1ChaptersOngoing

आसमान काले बादलों से ढका था। बीच-बीच में बिजली चमक रही थी और तेज़ गरज सुनाई दे रही थी। लग रहा था कि कभी भी जोरदार बारिश शुरू हो सकती है। पूरा माहौल भारी और डरावना लग रहा था।<br>वोहू शहर में अर्जुन आसमान की तरफ देख कर बोला, “अब और देर नहीं कर सकता… जल्...

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Storyline

आसमान काले बादलों से ढका था। बीच-बीच में बिजली चमक रही थी और तेज़ गरज सुनाई दे रही थी। लग रहा था कि कभी भी जोरदार बारिश शुरू हो सकती है। पूरा माहौल भारी और डरावना लग रहा था।<br>वोहू शहर में अर्जुन आसमान की तरफ देख कर बोला, “अब और देर नहीं कर सकता… जल्दी से कोई अच्छी जड़ी-बूटी ढूंढनी पड़ेगी, नहीं तो मेरा कुछ नहीं होगा।” उसके चेहरे पर चिंता साफ दिख रही थी।<br>अर्जुन सिर्फ 16 साल का था, लेकिन उसका शरीर काफी मजबूत था। चेहरा थोड़ा भोला था, पर उसकी आंखों में गहराई और समझ थी। वो अपने हमउम्र लड़कों से अलग दिखता था।<br>वो बड़े परिवार से था, लेकिन उसकी सबसे बड़ी कमी थी कि उसके पास आध्यात्मिक नस नहीं थी। इसी वजह से वो बाकी लोगों की तरह ताकतवर योद्धा नहीं बन सकता था।<br>फिर भी अर्जुन ने कभी हार नहीं मानी। बचपन से ही वो मेहनत करता आया था। जंगलों में ट्रेनिंग करता, खतरनाक जानवरों से लड़ता और कई बार मौत के करीब पहुंच चुका था।<br>“अरे अर्जुन! इतनी बारिश में भी अभ्यास?” बूढ़ा मा ने हंसते हुए कहा। लेकिन उसके चेहरे पर थोड़ी दया भी थी, जैसे उसे अर्जुन की हालत का अंदाज़ा हो।<br>छह साल की मेहनत के बाद भी अर्जुन अभी तीसरे स्तर पर था। जबकि उसके हमउम्र लड़के चौथे और पांचवें स्तर तक पहुंच चुके थे। सब जानते थे कि ऐसा क्यों है।<br>“बूढ़ा मा, मैं जड़ी-बूटी लेने जा रहा हूं।” अर्जुन ने मुस्कुराते हुए कहा।<br>“कोई फायदा नहीं… तेरे बस की बात नहीं।” बूढ़ा मा ने सिर हिलाया।<br>अर्जुन ये सब कई बार सुन चुका था, लेकिन उसने हार नहीं मानी। उसने तय कर लिया था कि वो मेहनत करता रहेगा, चाहे कुछ भी हो जाए।<br>तभी उसके पिताजी महेंद्र वहां आए। उन्होंने पूछा, “अर्जुन, मौसम देख रहा है?” उनकी आवाज़ में चिंता साफ थी।<br>अर्जुन मुस्कुराया, “पिताजी, बारिश में ढूंढना आसान रहता है… कम से कम लड़ाई नहीं करनी पड़ती।” वो आत्मविश्वास से भरा हुआ था।<br>महेंद्र ने एक छोटा डिब्बा उसकी तरफ फेंका। अर्जुन ने उसे पकड़ लिया और समझ गया कि उसमें कीमती गोलियां हैं।<br>“धन्यवाद पिताजी! अब मुझे ताकत के लिए चोरी नहीं करनी पड़ेगी।” अर्जुन हंसते हुए बोला। माहौल थोड़ा हल्का हो गया

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Chapter 1Chapter-1-1 - Episode 1Mar 24, 2026
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