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Martial Yodha
Romance
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Martial Yodha

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कुछ बच्चे भाग्य लेकर जनते हैं. कुछ अपनी तकदीर खुद बनाते हैं. पर अर्जुन उससे तो किस्मत भी डरती थी. जिस दिन वह जन्मा आसमान पर सर्प की छाया पडी. गौरया ने मुंह फेर लिया. सितारों और ब्रह्मांड की रेखाएं बदल दी गई. उसे विष दिया गया. ना सिर्फ शरीर में बल्कि आत्मा म...

Storyline

कुछ बच्चे भाग्य लेकर जनते हैं. कुछ अपनी तकदीर खुद बनाते हैं. पर अर्जुन उससे तो किस्मत भी डरती थी. जिस दिन वह जन्मा आसमान पर सर्प की छाया पडी. गौरया ने मुंह फेर लिया. सितारों और ब्रह्मांड की रेखाएं बदल दी गई. उसे विष दिया गया. ना सिर्फ शरीर में बल्कि आत्मा में उसका भविष्य चुरा लिया गया. राज्य से नहीं स्वयं नियति से पर जो मिटा नहीं जो झुका नहीं जो हर हार में तप कर और तेज हुआ वही बनता है नियति का उत्तराधिकारी. यह कहानी है उस बालक की जो अपनी किस्मत से युद्ध लडा और दुश्मनों के बीच खडे होकर ड्रैगन की तरह गरजा. चमकदार रोशनी से जगमगाता आंतरिक महल एक चमकदार लेकिन भव्य दृश्य था. हरे रंग की चट्टान से हरे रंग का धुआं सरपिल के रूप में उठ रहा था जो हर तेल के दीपक के भीतर जल रहा था और महल में चारों ओर फैल रहा था. हरी चट्टानें नीले चंदन की लकडी की थी. जलने पर उनसे एक अनोखी खुशबू निकलती थी जिसका एक ध्यान जैसा प्रभाव होता था और यह खेती के लिए जरूरी चीजों में से एक थी. हालांकि ऐसी चीजें सस्ती नहीं थी. इसलिए ईंधन के रूप में उनका उपयोग महल के मालिक की हैसियत दिखाने के लिए पर्याप्त था. एक अधेड उम्र का आदमी अपने हाथों को पीछे करके महल के भीतर खडा था. उसके चेहरे पर दृढ निश्चय की झलक थी और उसकी आंखों में गरिमा में आभा थी जो इस बात का सबूत थी कि वह लंबे समय से किसी उच्च पद पर था. उसके पीछे एक हल्की आभा उठती हुई दिखाई दी जो आग और बिजली के बीच उतार- चढाव करती हुई दबी हुई गडगडाहट की आवाजें निकाल रही थी. लेकिन अगर कोई उसके दाहिने हाथ की तरफ देखे तो उसे पता चलेगा कि वहां कुछ भी नहीं था. उसका दाहिना हाथ कटा हुआ था. इस आदमी के बगल में महल के वस्त्र पहने एक खूबसूरत महिला बैठी थी. उसका सुंदर शरीर पतला था और उसकी विशेषताएं प्राकृतिक और सुंदर थी. हालांकि उसका चेहरा असाधारण रूप से पीला और बीमार लग रहा था. इस समय पुरुष और महिला जो स्पष्ट रूप से उच्च पद पर थे उनके चेहरे पर चिंता की एक लकीर थी क्योंकि वे अपने सामने बिस्तर पर बैठे तेरह वर्षीय बच्चे को देख रहे थे. बच्चे का शरीर काफी कमजोर था और उसकी आंखें कसकर बंद थी. हालांकि रक्त qe की एक किरण उसके चेहरे पर घूम रही थी जो युवा ऊर्जा से भरपूर होना चाहिए था. जबकि अजीब रक्त क्यू उसकी त्वचा के नीचे घूम रहा था. एक ड्रैगन की कडवी और आक्रोशपूर्ण चीख धीमी- धीमी गूंज रही थी. जैसे ही ड्रैगन की चीख गूंजी, युवक के माथे की नसें फडकने लगी जबकि उसका शरीर लगातार कांपने लगा. उसका चेहरा इस तरह मुड गया मानो वह अवर्णय दर्द सह रहा हो. युवक के बगल में एक सफेद बालों वाला बूढा आदमी था जो अपने हाथ में तांबे का आईना पकडे हुए था. तांबे के आईने से निकलने वाली हल्की रोशनी

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