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Chapter 13

दैविक करोड़पति योद्धा

Daivik Millionaire Yodha

वेदांत उसको भागता देख उस लड़की के पास जाता है और उसको देख जोर से बोला " अगर आगे से यह लड़की इस इण्डस्ट्री में कही भी नजर आई तो वेदांत‌ कपुर उसको‌ सड़क पर लाने में वक्त नही लगाएगा।

इतना कहकर वो भी बाहर जाने लगता है किसी को समझ नहीं आ रहा था वेदांत उस लड़की के लिए ये सब क्यों कर रहा है और सामने खडी़ लड़की कोई छोटी एक्टर नहीं थी उसकी फैन फलोइंग बहुत ज्यादा थी।

उसको तो समझ ही नहीं आया अभी उसके साथ क्या हुआ वो सदमे में खडी़ थी।

अब आगे :-

इशिता वहाँ से भाग जाती है वो भागते हुए सिधा बाहर गयी थी उसके पिछे विशाल भी चला जाता है उस लड़की को जिसका नाम देविका था उसको तो कुछ वक्त तक समझ ही नहीं आया कि वेदांत ने क्या कहा उसके कहने का क्या मतलब था वो अभी भी एक जगह खडी़ उसकी बात को सोच रही थी।

तभी उसके पास उसकी असिस्टेंट आती है वो उसके कंधे पर हाथ रख बोली " मैंम आपने इतना ओवर रियेक्ट क्यों किया, यहाँ पार्टी में सभी को यह आपकी गलती लग रही है उस लड़की ने आपसे माफी मांगी थी, अब आप क्या करेगी आपका पुरा करियर खराब हो गया है।

और वेदांत कपुर की धमकी को कोई नजर अंदाज नहीं करने वाला, यह इंडस्ट्री उनके इशारों पर चलती है आस्तिक रजावत के बाद वेदांत कपुर ही एक ऐसे शख्स है जो अपने सामने लोगों को झुकाने की हिम्मत रखता है ।

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देविका का मुंह रोने जैसा हो जाता है उसे इशिता पर गुस्सा भी आ रहा था वो गुस्से में कहती है उस गवार, वैटर की वजह से आज मुझे सबके सामने बेज्जत होना पड़ा उसको तो मैं नहीं छोड़ने वाली ब्लडी बि,,,, ।

वो आगे कुछ कहती उससे पहले ही उसके पास एक लड़की आकर काफी एट्टीट्यूड में तंज भरी स्माइल करते हुए बोली " रस्सी जल गयी पर बल नहीं गया , अभी खुद को डुबने से बचाने का सोचो वरना अंजाम तुम भुगत नहीं पाओगी, मेरी जान।

देविका उस लड़की को घुरकर देखने लगती है उसकी असिस्टेंट उसको एक साइड लेकर जाती है और उसको कुछ समझाने लगती है वही वेदांत इशिता के पिछे जाने लगता है वो दरवाजे तक पंहुचा ही था कि उसके कदम एक जगह आकर ठहर जाते हैं उसकी आंखों में नफरत गुस्सा और धोखा दिखाई देने लगता है।

उसकी मुठ्ठी गुस्से से कस जाती है सामने से एक लड़की आ रही थी ब्लैक कलर का गाउन पहनने वो काफी ज्यादा खुबसूरत थी उसके चेहरे पर मेकअप भी अच्छा खासा किया था जो उसकौ और ज्यादा सुंदर बना रहा था।

वेदांत तुंरत पिछे हट जाता है और शैखर के पास चला जाता है सामने से उसकी वाइफ शिखा आ रही थी जो इस पार्टी को अटैंड करने आई थी क्योंकि यह पार्टी एशिया के सबसे अमीर आदमी की बर्थडे पार्टी थी और अमीरों की पार्टी में वो शामिल ना हो ऐसा भला कभी हो सकता है।

वो पार्टी हाॅल में एंट्री लेती है उसके हाथों में एक गिफ्ट बाॅक्स था जो वो वेदांत कै लिए लेकर आई थी ।

मानुषी को भी यह पता चल गया था वो भी बाहर चली जाती है बाहर इशिता एक तरफ जाकर खडी़ थी उसकी आंखों से आंसू निकल रहे थे वो अपने आंसू पोंछते हुए बोली " नहीं हम उनके पास अब नहीं जाएगें, हम उनके सामने तो आ गए हैं पर उनको पहचानने से ही इंकार कर देंगे , हा हम ऐसा ही करेंगे, उनको लगता है हम उनके करीब आना चाहते हैं तो, हम उनके करीब जाएगें ही नहीं ।

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तभी उसके कंधे पर कोई हाथ रखता है इशिता की डर से आंखें फैल जाती है उसे लगा वो आदमी उसके पिछे ही आ गया है, वो उस आदमी का हाथ झटकते हुए गुस्से में बोली " प्रोब्लम क्या है तुम्हारी ? इतना कहकर वो पिछे पलटती है तो उसके सामने विशाल खडा था।

विशाल को देख इशिता खुद को शांत करते हुए गर्दन झुका लेती है वो बोली " साॅरी विशाल हमारी वजह से पार्टी में तमाशा हो गया हम ऐसा नहीं चाहते थे पर वो आदमी पिछे ही पड़ गया था हम डर गए थे और घबराहट में सारी ड्रिंक उस लड़की पर गिर गई।

विशाल को कुछ समझ नहीं आया कौन आदमी ? वो कुछ कहता उससे पहले मानुषी आ जाती है उसने इशिता की बात सुन ली थी वो बोली " क्या उसने तुझे फिर से टच किया था ' इशिता ने मानुषी को बता दिया था उस आदमी के बारे में।

मानुषी तो तभी उसको सबक सिखाना चाहती थी पर इशिता ने उसे रोक दिया था वो नहीं चाहती थी कि उसकी वजह से पार्टी में कोई तमाशा हो । इशिता मानुषी को देख अपनी गर्दन झुका लेती है विशाल बोला " तुम दोनों मुझे बताओगी बात क्या है और कौन आदमी?

मानुषी गुस्से में वापस अंदर की तरफ जाते हुए बोली " अंदर चलकर ही बताती हु वौ कौन है इतना कहकर वो तेज कदमों से अंदर जाने लगती है इशिता विशाल को देख बोली " हम आपको बाद में बताऐगे उसे रोकिए वरना यहाँ अब और बड़ा तमाशा होगा।

विशाल मानुषी को देखता है जो अब तक अंदर जा चुकी थी दोनों भागकर उसके पिछे जाते है क्योंकि इन दो दिन में विशाल को मानुषी के गुस्से का अंदाज़ा हो गया था वो बहुत जल्दी गुस्सा हो जाती थी।

छोटी सी बात ही उसको गुस्सा दिला जाती थी वही शिखा सिधा कैशवी जी के पास जाती है वो उनके पैर छुते हुए बोली " हैलो आंटी आप कैसी हो।

शिखा को देख कैशवी जी के होठों पर स्माइल आ जाती है वो मुस्कुराते हुए बोली " हम अच्छे है आप बताओं आप कैसे हो ? और अश्मिता नहीं आई ?

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