Perfect Life System - Episode 15
Perfect Life Systemअध्याय 15 : राठौड़ साम्राज्य की छाया
गोदाम में सन्नाटा छाया हुआ था।
जमीन पर पड़े लोग दर्द से कराह रहे थे।
विक्रम का चेहरा पीला पड़ चुका था।
लेकिन आर्यन का ध्यान अब सिर्फ एक नाम पर था।
रुद्र प्रताप राठौड़।
फाइल में मौजूद जानकारी सामान्य नहीं थी।
यह सिर्फ बिजनेस घोटालों की सूची नहीं थी।
यह एक पूरे गुप्त नेटवर्क का विवरण था।
रिश्वत।
अवैध सौदे।
राजनीतिक संबंध।
शेल कंपनियाँ।
और करोड़ों नहीं...
अरबों रुपये का खेल।
आर्यन जितना पढ़ता गया, उसकी आँखें उतनी गंभीर होती गईं।
उसे पहली बार एहसास हुआ कि वह किसके खिलाफ खड़ा है।
यश राठौड़ सिर्फ एक बिगड़ैल अमीर लड़का था।
लेकिन रुद्र प्रताप राठौड़...
वह एक ऐसा व्यक्ति था जो परछाइयों से खेलता था।
एक ऐसा आदमी जिसके पास पैसा, शक्ति और प्रभाव तीनों थे।
उसी समय विक्रम ने धीमी आवाज़ में कहा,
"अब समझ आया?"
आर्यन ने उसकी तरफ देखा।
विक्रम कड़वी हँसी हँसा।
"तुम सोचते थे कि तुम्हारा मुकाबला यश से है।"
"लेकिन यश तो सिर्फ सामने दिखने वाला चेहरा है।"
"असली ताकत हमेशा पीछे बैठती है।"
कुछ सेकंड तक दोनों के बीच खामोशी रही।
फिर आर्यन ने पूछा,
"होटल वाले हमले का आदेश किसने दिया था?"
विक्रम ने सिर झुका लिया।
"यश ने।"
"लेकिन अनुमति रुद्र प्रताप ने दी थी।"
यह सुनकर आर्यन की मुट्ठियाँ कस गईं।
अब उसके पास सिर्फ शक नहीं था।
बल्कि स्वीकारोक्ति भी थी।
उसी समय दूर से पुलिस सायरन की आवाज़ सुनाई देने लगी।
विक्रम का चेहरा बदल गया।
"तुमने पुलिस को बुलाया?"
आर्यन शांत स्वर में बोला,
"नहीं।"
लेकिन अगले ही पल सिस्टम चमका।
[चेतावनी!]
[पुलिस नहीं।]
[राठौड़ सुरक्षा दल।]
आर्यन की आँखें सिकुड़ गईं।
सिस्टम ने गोदाम के बाहर की तस्वीर दिखा दी।
लगभग पंद्रह काली गाड़ियाँ तेजी से इस तरफ बढ़ रही थीं।
और उनमें बैठे लोग साधारण गार्ड नहीं थे।
वे प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मी थे।
उद्देश्य साफ था।
विक्रम को छुड़ाना।
और सभी सबूत मिटा देना।
उसी समय विक्रम के चेहरे पर मुस्कान लौट आई।
"मैंने कहा था ना..."
"तुम अभी भी उनकी ताकत नहीं समझते।"
लेकिन इस बार आर्यन मुस्कुराया।
"और तुम मेरी ताकत नहीं समझते।"
सिस्टम तुरंत सक्रिय हो गया।
[डिंग!]
आपातकालीन विकल्प उपलब्ध
विशेष कौशल: रणनीतिक मस्तिष्क सक्रिय करें?
समय: 30 मिनट
लागत: 10,000 सिस्टम पॉइंट्स
आर्यन ने बिना देर किए "हाँ" दबा दिया।
अचानक उसका दिमाग असाधारण गति से काम करने लगा।
हर रास्ता।
हर संभावना।
हर खतरा।
उसे साफ दिखाई देने लगा।
कुछ ही सेकंड में उसने योजना बना ली।
उसने विक्रम का फोन उठाया।
फिर उसकी रिकॉर्ड की हुई स्वीकारोक्ति सुरक्षित सर्वर पर अपलोड कर दी।
उसके बाद सभी सबूत तीन अलग-अलग स्थानों पर भेज दिए।
अब अगर उसके साथ कुछ भी होता...
तो पूरी जानकारी अपने आप सार्वजनिक हो जाती।
विक्रम का चेहरा सफेद पड़ गया।
"तुमने क्या किया?"
आर्यन मुस्कुराया।
"बीमा।"
उसी समय गोदाम के बाहर ब्रेक लगने की आवाज़ गूँजी।
चीईईईं...
पंद्रह काली गाड़ियाँ गोदाम को चारों तरफ से घेर चुकी थीं।
भारी कदमों की आवाज़ आने लगी।
धातु के हथियारों की चमक अंधेरे में दिखाई दे रही थी।
गोदाम का मुख्य दरवाज़ा धीरे-धीरे खुला।
और अंदर एक लंबा आदमी दाखिल हुआ।
काला सूट।
सफेद बाल।
ठंडी आँखें।
उसके पीछे दर्जनों सुरक्षा कर्मी खड़े थे।
विक्रम ने उसे देखते ही सिर झुका लिया।
आर्यन ने स्क्रीन पर नाम देखा।
रुद्र प्रताप राठौड़।
आखिरकार...
असली खिलाड़ी खुद मैदान में उतर चुका था।
रुद्र प्रताप ने आर्यन को ऊपर से नीचे तक देखा।
फिर धीमे से मुस्कुराया।
"तो तुम हो आर्यन शर्मा।"
गोदाम में खामोशी छा गई।
क्योंकि यह सिर्फ दो लोगों की मुलाकात नहीं थी।
यह दो साम्राज्यों की पहली सीधी टक्कर थी।
गोदाम के अंदर हवा तक जैसे रुक गई थी।
एक तरफ आर्यन खड़ा था।
दूसरी तरफ रुद्र प्रताप राठौड़।
दोनों की आँखें एक-दूसरे पर टिकी हुई थीं।
कुछ सेकंड तक कोई कुछ नहीं बोला।
फिर रुद्र प्रताप हल्का सा मुस्कुराया।
"मुझे मानना पड़ेगा..."
"तुमने मेरी उम्मीदों से ज्यादा परेशानी पैदा की है।"
उसकी आवाज़ शांत थी।
लेकिन उसमें छिपा दबाव साफ महसूस किया जा सकता था।
आर्यन बिना डरे उसकी आँखों में देखता रहा।
"और मुझे मानना पड़ेगा..."
"आपके लोग उम्मीद से ज्यादा कमजोर निकले।"
गोदाम में खड़े सुरक्षा कर्मियों के चेहरे सख्त हो गए।
लेकिन रुद्र प्रताप हँस पड़ा।
"दिलचस्प।"
"बहुत कम लोग मुझसे इस तरह बात करने की हिम्मत करते हैं।"
विक्रम एक कोने में खड़ा काँप रहा था।
उसे समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या होने वाला है।
रुद्र प्रताप धीरे-धीरे आगे बढ़ा।
उसकी चाल में अजीब आत्मविश्वास था।
जैसे उसे किसी बात का डर ही न हो।
"तुम्हारे पास जो सबूत हैं..."
"मुझे वे चाहिए।"
आर्यन ने शांत स्वर में कहा,
"और अगर मैं मना कर दूँ?"
रुद्र प्रताप की मुस्कान गायब हो गई।
"तो यह तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा।"
आर्यन हँसा।
"मुझे धमकियाँ देने वालों की सूची पहले ही बहुत लंबी है।"
कुछ सेकंड के लिए दोनों के बीच खामोशी छा गई।
फिर अचानक रुद्र प्रताप ने ताली बजाई।
तुरंत उसके पीछे खड़े दो आदमी आगे आए।
उनके हाथों में टैबलेट थे।
रुद्र प्रताप ने स्क्रीन आर्यन की तरफ घुमा दी।
अगले ही पल आर्यन का चेहरा गंभीर हो गया।
स्क्रीन पर उसकी माँ की तस्वीर थी।
फिर उसके पुराने घर की।
फिर उसके दोस्तों की।
फिर अनन्या की।
रुद्र प्रताप शांत स्वर में बोला,
"ताकत सिर्फ पैसे से नहीं आती।"
"जानकारी से भी आती है।"
गोदाम में तनाव बढ़ गया।
यह सीधी धमकी थी।
लेकिन आश्चर्य की बात यह थी कि आर्यन के चेहरे पर डर नहीं आया।
बल्कि उसकी आँखें और ठंडी हो गईं।
उसी समय सिस्टम चमका।
[डिंग!]
विशेष स्थिति
भावनात्मक नियंत्रण सक्रिय।
होस्ट का मानसिक संतुलन स्थिर रखा जा रहा है।
आर्यन ने गहरी साँस ली।
फिर बोला,
"आपने बहुत बड़ी गलती की है।"
रुद्र प्रताप की भौंह उठी।
"कौन सी?"
"मेरे सामने मेरी कमजोरी दिखाकर।"
रुद्र प्रताप कुछ क्षण चुप रहा।
फिर हँस पड़ा।
"और क्यों?"
आर्यन ने उसकी आँखों में देखते हुए कहा,
"क्योंकि अब मुझे पता है कि मुझे किसकी रक्षा करनी है।"
पहली बार रुद्र प्रताप की मुस्कान थोड़ी फीकी पड़ी।
उसी समय सिस्टम फिर चमका।
[डिंग!]
मिशन अपडेट
राठौड़ साम्राज्य के खिलाफ पहला चरण पूर्ण।
नई जानकारी प्राप्त।
रुद्र प्रताप अगले 30 दिनों में एक गुप्त सौदा करने वाला है।
अनुमानित मूल्य: ₹5,000 करोड़।
आर्यन की आँखों में चमक आ गई।
अगर वह इस सौदे तक पहुँच गया...
तो राठौड़ साम्राज्य को पहली बड़ी चोट पहुँचाई जा सकती थी।
रुद्र प्रताप ने उसकी आँखों में बदलाव देख लिया।
"लगता है सिस्टम ने तुम्हें कुछ बताया है।"
यह सुनकर आर्यन भीतर तक चौंक गया।
लेकिन उसने चेहरे पर कोई भाव नहीं आने दिया।
सिस्टम के बारे में...
रुद्र प्रताप कैसे जान सकता था?
उसी समय रुद्र प्रताप मुस्कुराया।
"हैरान मत हो।"
"तुम पहले व्यक्ति नहीं हो जो असामान्य तरीके से ऊपर उठा है।"
गोदाम में सन्नाटा छा गया।
आर्यन का दिल एक पल के लिए रुक गया।
क्या इसका मतलब...
दुनिया में और भी लोग थे जिनके पास सिस्टम जैसी शक्तियाँ थीं?
रुद्र प्रताप मुड़ा और दरवाज़े की तरफ बढ़ने लगा।
जाते-जाते उसने कहा,
"अभी तुम बहुत छोटे हो, आर्यन।"
"लेकिन अगर तुम जिंदा रहे..."
"तो शायद एक दिन सच जान जाओगे।"
वह रुक गया।
फिर पीछे मुड़े बिना बोला,
"और उस दिन तुम्हें समझ आएगा कि असली दुश्मन मैं नहीं हूँ।"
अगले ही पल वह गोदाम से बाहर चला गया।
उसके सभी लोग भी उसके पीछे निकल गए।
कुछ ही सेकंड में पूरा गोदाम फिर शांत हो गया।
लेकिन आर्यन के मन में तूफान उठ चुका था।
क्योंकि आज उसे सिर्फ एक दुश्मन नहीं मिला था।
उसे एक रहस्य मिला था।
एक ऐसा रहस्य...
जो उसकी पूरी दुनिया बदल सकता था।
जारी रहेगा...