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“ब्रह्मांड का सम्राट: गौरव राज”
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📖 EPISODE 1 – जागृति (Part 1) साल 2025। पृथ्वी बाहर से जितनी शांत दिखती थी, अंदर उतनी ही बेचैन थी। दिल्ली की एक मामूली-सी गली में, एक छत पर लेटा हुआ लड़का मोबाइल स्क्रॉल कर रहा था। “यार… ज़िंदगी में कुछ बड़ा क्यों नहीं होता?” उसने आसमान की तरफ़ देखते हुए ब...
Storyline
📖 EPISODE 1 – जागृति (Part 1) साल 2025। पृथ्वी बाहर से जितनी शांत दिखती थी, अंदर उतनी ही बेचैन थी। दिल्ली की एक मामूली-सी गली में, एक छत पर लेटा हुआ लड़का मोबाइल स्क्रॉल कर रहा था। “यार… ज़िंदगी में कुछ बड़ा क्यों नहीं होता?” उसने आसमान की तरफ़ देखते हुए बड़बड़ाया। उसका नाम था गौरव राज। 22 साल का, हल्की दाढ़ी, आँखों में सपने और जेब में हमेशा की तरह—खालीपन। कॉलेज पूरा हो चुका था, नौकरी की तलाश चल रही थी, और प्यार? वो तो सिर्फ़ रील्स में अच्छा लगता था। तभी— BOOMMMMM! आसमान में ज़ोरदार गरज हुई। “अरे भई! बारिश भी बिना बताए आती है?” गौरव उठा, लेकिन ये बारिश नहीं थी। आसमान फट रहा था। शाब्दिक अर्थ में। नीले आसमान के बीचों-बीच एक सुनहरी दरार उभरी। बिजली जैसी चमक, पर बिजली नहीं। पूरा मोहल्ला छतों पर आ गया। “ये VFX किसने ऑन कर दिया?” गौरव ने मज़ाक किया, लेकिन उसका दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था। अचानक उस दरार से एक प्रकाश की किरण निकली… और सीधा आकर गौरव के सीने में घुस गई। “AAAAHHHH—!” दर्द नहीं था। जलन नहीं थी। बस… ऐसा लगा जैसे पूरी कायनात उसकी नसों में दौड़ रही हो। वो वहीं बेहोश होकर गिर पड़ा। 🌑 अज्ञात लोक गौरव ने आँखें खोलीं। चारों तरफ़ अंधेरा… लेकिन डर नहीं। उसके सामने सात आकृतियाँ थीं— सात स्त्रियाँ, अलग-अलग रूप में, लेकिन हर एक अलौकिक रूप से सुंदर। एक आगे बढ़ी। उसकी आवाज़ गूँजी, जैसे पूरा ब्रह्मांड बोल रहा हो। “गौरव राज… तुम्हें ब्रह्मांड ने चुना है।” “भाई… अगर ये सपना है, तो प्लीज़ मुझे ऑफिस की ट्रेनिंग वाला सपना मत दिखाना…” गौरव ने डर छुपाते हुए कहा। सातों में से एक हँस पड़ी। “कॉमेडी भी है इसमें… अच्छा है।” दूसरी बोली, आवाज़ में गंभीरता थी— “तुम अब साधारण मानव नहीं रहे।” गौरव ने खुद को देखा। उसका शरीर चमक रहा था। नसों में रोशनी बह रही थी। “रुको रुको… मतलब मैं अब… सुपरहीरो?” तीसरी ने कहा— “नहीं।” “तो?” “तुम पूरे ब्रह्मांड के सबसे शक्तिशाली प्राणी बनने वाले हो।” गौरव की आँखें फैल गईं। “मतलब… थॉर + आयरन मैन + कृष्ण भगवान का कॉम्बो?” चौथी बोली— “थोड़ा कम बोलो, शक्ति स्थिर नहीं रह पा रही।” पाँचवीं ने मुस्कुराकर कहा— “और हाँ… हम सातों— तुम्हारे भाग्य से जुड़ी हैं।” गौरव चौंका। “मतलब?” छठी ने उसकी आँखों में देखते हुए कहा— “हम सातों तुमसे प्रेम करेंगी।” पूरी जगह सन्नाटा। “और—” सातवीं ने धीरे से कहा, “विवाह भी।” गौरव का दिमाग हैंग हो गया। “एक मिनट… एक लड़की से प्यार संभालना मुश्किल होता है… यहाँ तो सीधा IPL टीम?” सातों हँस पड़ीं। लेकिन तभी— धड़ाम! अंधकार फट गया। एक डरावनी आवाज़ गूँजी— “तो यही है नया उत्तराधिकारी?” एक विशाल छाया उभरी। लाल आँखें, काला कवच। “यदि यह जीवित रहा… तो मेरा अंत तय है।” पहली स्त्री चीखी— “काल-निहंतक जाग चुका है!” गौरव ने निगलते हुए पूछा— “ये… कौन है?” जवाब मिला— “तुम्हारा पहला शत्रु।” और तभी— गौरव वापस छत पर गिर पड़ा। पसीने से भीगा हुआ।
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