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Chapter 5

लड़कों से दूर रहना

बेदर्द माय लव

जैसे ही इनाया बात सुनकर तो युवान की आंख गुस्से से लाल हो गई । उस ने इनाया का फेस अपनी और घुमया। इनाया अभी समझने की कोशिश कर ही रही थी। के तब तक युवान ने उस के होठो को अपनी गिरफ़्त मे ले लिया। इनाया उसे खुद से दूर करने लगी।  वो जितना युवान को दूर करने की कोशिश करती।  युवान उतना ही रुडली उसे किस करता। अब दर्द के करण इनाया ने कोशिश छोङ दी। वो आंखे बंद किये रोय जा रही थी।  तो वही युवान सारा गुस्सा किस कर के निकाले जा रहा था।

एक लम्बी किस के बाद युवान ने उसे छोड़ दिया। जिस से  इनाया लम्बी लम्बी सासे भरने लगी। इनाया गुस्से से युवान को देखने लगी। जिस पर युवान एवील इस्माइल कर इनाया के होंठो पर अँगूठे से रफ़ करते हुए बोला.

नेक्स्ट टाइम मेरे अलावा किसी और का जिकर कभी मत करना मेरे गुस्से को मत बढ़ाना । अंदस्टेंट.! "

युवान की बातो मे वर्किंग साफ साफ झलक रही थी। जिस से इनाया ने कुछ ना बोलना ही सही समझा। कुछ समय बाद दोनों बाथरूम से बाहर आये। युवान इनाया को गोद मे उठा कर क्लॉजट मे ले आया जहाँ उस ने खुद भी पकडे पहले और और इनाय को भी पहनाये। इस पूरे टाइम इनाया बिल्कुल शांत थी। ना कुछ कहती ना रिऐक्ट करती। जेसे कोई बेजान सी गुड़िया हो । दोनों रेडी हो कर दोनों कमरे मे आये जहाँ नाशता पहले ही से लगा था। युवान ने प्लेट उठाई और इनाया के आगे बेठ गया। उस ने एक बाइट इनाया की और बढ़ाया तो इनाया मुंह फेरते हुए बोली मुझे भूख नही नही है.। "

उस के मुह फेरते ही युवान बिना किसी एक्स्प्रेशन के बोला." जैरी.! मुझे बार बार अपने साथ जबरदस्ती करने पर मजबुर मत करो। "

युवान ने निवाला एक बार और उस के आगे किया। इस बार इनाया मना नही कर पाई। क्योंकि  भूख उसे भी बहत जोर से लगी थी। इनाया ने युवान के हाथ से खा लिया।" अब तुम मुझे खिलाऊँ.! "

ये सुनते ही इनाया की आंखे छोटी हु गई। लेकिन इस वक़त उस के अंदर इतनी ताकत नही बची थी के वो इस इंसान से बाहेस कर सके। इनाया बिना युवान की और देखे छोटा सा निवाला उस की और बढ़ा दिया। युवान ने भी टेढ़ा मुस्कुराते हुए वो निवाला खा लिया और साथ ही उस की उंगलियो को भी होठों से छु लिया। जिस से इनाया चोक गई। इनाया ने युवान को देखने लगी तो युवान ने उसे दूसरा बाइट खिलाने का कहा। थोड़ी देर मे उन का नाशता खत्म हुआ। युवान उसे उठा कर बेड पर ले आया और बैठाते हुए साइड टेबल पर से ऑइंटमेंट को उठा कर इनाया के पैरो के पास बैठ गया । इनाया कुछ समझ नही पाई

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युवान इनाया के पैरो को देखने लगा जो बुरी तरहा से ज़ख़्मी थे। कल कच्चे रस्तो पर नंगे पाऊँ भाग ने से उस के पेर छिल गए थे। युवान ने उस के ज़ख़्मो को छुआ तो इनाया जकी आह निकल गई। युवान ने घूर कर इनाया को देखा जहाँ दर्द से उस की आंखो मे पानी भरा हुआ था द. द.दर्द हु. हु. हु. रहा है। इनाया ने सिसकते हुए कहा। जिस पर युवान बिना कुछ बोले उस के जख्मो पर ऑइंटमेंट लगाने लगा। युवान के हाथ लगते ही इनाया फिर दर्द से कराह उठी. " आह.। "

इनाया ने कस कर अपनी आंखे बंद करली वही युवान बेहद ही आराम से उस के पैरो मे मल्हम लगाने लगा। इनाया ने धीरे धीरे आंखे खोली और बस एक टक युवान को देखने लगी जो ऑइंटमेंट लगाने के बाद उस के पैरो पर पट्टी कर रहा था। इनाय यू ही उसे देखती रही। युवान के इस केयरिंग लुक को देख उसे बेहद हैरानी हुई

कपूर मेंशन

सिद्धार्थ टेढ़ा मुस्कुराकर कहता है मित्तल नहीं मेरी जान कपूर "यहां मुझे रुलाने वाला कोई आज तक पैदा नहीं हुआ और होगा भी ना  ऐसा कहकर वह उसके चेहरे पर अपनी उंगली फिरा देता है और दूसरे पल आपने होंठों को सिया के होठों से जोड़ दिया।

अगली सुबह

सिया कॉलेज पहुंच चुकी थी,  सिद्धार्थ ने कार रोकी वैसे ही सिया जल्दी से कार से उतरने लगती है पर सिद्धार्थ उसका हाथ पकड़ लेता है तो सिया उसकी तरफ सवाली नजरों से दिखने लगती है,

" ये लो फोन  पर याद रहे इस फोन में मेरे अलावा किसी का नंबर नहीं होना चाहिए "वह  सख़्त आवाज में कहता है तो सिया वापस से उसे देखने लगती है।आज शाम को मैं लेने आऊंगा।"

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वह हां में सर हिलाती है और वापस जाने लगती है तभी सिद्धार्थ सिया का हाथ पकड़ लिया तो सिया फिर सावल भारी नज़रों से सिद्धार्थ को देखने लगी। कोई लड़का तुम्हारे आस पास नहीं  होने चाहिये सिया हां बोलती है

"सिद्धार्थ उसे नजरों से ही जाने का इशारा करता है तो सिया में धीमे कदमों से जाने लगती है  तभी सिया एक लड़के से टकरा जाती है ।

वह लड़का कुछ कहने और कुछ कहता उससे पहले ही एक जोरदार घूंसा उसके चेहरे पर पड़ता है जिससे वह दूर जाकर गिरता है उसकी नाक से भी खून निकलने लगता है वही सिद्धार्थ गुस्से से वहां खड़ा था। जो बहुत खतरनाक लग रहा था और उसने सिया की कमर पकड़कर खुद से सटा लिया था । सिया अपने मुंह पर हाथ रखकर बड़ी बड़ी आंखें कि यह सब देख रही थी,

" वाइफ  मैंने माना किया था ना कि लड़कों से दूर रहना

यह कहते सिया की कमर पर सिद्धार्थ अपने हाथों को कस देता है जिसकी वजह से वह कांप  रही  थी , उसकी कपकपाहट सिद्धार्थ महसूस कर सकता था। सिद्धार्थ अगले ही पल उसे अपने सामने करता है और उसकी आंखों में देखकर गुस्से से पूछता है कौन था , और  तुम्हारा हाथ कैसे पकड़ा उसने"। वह गुस्से से बोल मुझे नहीं पता वह धीरे से बोली

तुम्हें मैं घर पर बताऊंगा लेकिन एक बात अपने दिमाग में बैठा lo और कान खोल कर सुन लो

, अगर तुम्हारे आसपास की मुझे कोई लड़का दिखाई दिया ना तो मैं उसे जान से मार दूंगा और उसके बाद तुम्हारा वह हाल करूंगा जो तुम हमेशा याद रखो ,  तुम्हारे नाम के साथ मेरा नाम जुड़ा हुआ है और अब तुम भी पूरी की पूरी मुझसे जुड़ चुकी हो ।

अगर आगे से मैंने ऐसा कुछ देखा तो तुम जानती नहीं  मैं क्या कर दूंगा इसलिए लड़कों से दूर रहना समझी,"सिया ह में सर हिलाती है और सिद्धार्थ गुस्से से कहता है"go to class room ओके" वह कहती है तो सिद्धार्थ उसे आंखों में देखते और वहां से चला जाता है और गाड़ी आगे बढ़ा देता है,

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