तुम्हें यह चोट कैसे लगी
बेदर्द माय लवतुम सिर्फ और सिर्फ मेरी हो जैरी। सिर्फ मेरी । मैं तुम्हे कभी खुद से दूर जाने नही दूंगा। हमेशा तुम्हे मेरे पास मेरी आंखो के सामने रहना हूँगा। फिर चाहे उस के लिए मुझे कुछ भी क्यों ना करना पड़े. । "
कुछ देर बाद युवन रेडी हो कर निकल गया। कुछ मिनट बाद इनाया कि आंखे खोली जो रोने से लाल और सूझ चुकी थी। इनाया ने हिलना चाहा लेकिन एक दर्द भरी लहेर उस के बदन मे दोड गई। जिस के साथ ही इनाया की आंखो से आसु भी। वो खुद मे सिमटते हुए सिमटने लगी और उस घड़ी को याद करने लगी जब तकदीर ने उसे युवान से पहली बार मिलवाय था। उस पहली मुलकात से ही मानो सब कुछ बदल गया।
आंख आगे
college
सिया क्लास में बैठ थी वह काफी डिस्टर्ब थी और इन एक-दो दिन में उसकी जिंदगी बिल्कुल बदल रही थी वह इसी बारे में सोच रही थी उसकी आंखें नम थी कि तभी किसी का हाथ से अपने कंधे पर महसूस होता है,।
वह कोई और नहीं बल्कि रिया थी ,वह सिया की बेस्ट फ्रेंड सिया के पास आकर बैठ जाती है सिया उसे देखती हैं तो उसे देखते ही गले से लगा लेती है । रिया भी सिया हालत देख रो पड़ती है ।
ऐसे ही शाम हो जाती है कॉलेज की छुट्टी हो जाती है ।
सिया सिद्धार्थ का वेट कर रही थी क्योंकि उसने कहा था कि वह लेने आएगा । करीबन 2 घंटे वेट करने के बाद भी सिद्धार्थ नहीं आया । सिया ठक्हर के घर चली गई ।
सिया रूम में आई और वही डोर को अंदर से बंद कर के डोर से लग कर बैठ कर अपने मुंह पर हाथ रख कर रोने लगीं ।
थोड़ी देर ऐसे ही रोने के बाद सिया उठी और आईने के सामने जा कर खुद को देखने लगी " ये तू क्या कर रही है क्या टू इतनी कमजोर है जो तेरी जिंदगी में आया भी नही था उसके लिए अपनी लाइफ रोक कर बैठी हुईं है ", सिया खुद से बाते करते हुए बोलि । शायद तुम भूल गई है यह शादी एक बिजनेस डील है इससे ज्यादा कुछ नहीं ।
", नही में इतनी कमजोर नही हु", मुझे किसी के जाने या आने से कोई फर्क नहीं पड़ता चहिए ,. सिया अपनी आशु पॉच कर खुद को दिलासा देते हुए बोली ।
रात के एक बजे
सिद्धार्थ की कार आके कपूर मेंशन आ कर रुका सिद्धार्थ कार से बहार निकल कर विला के अंदर आया तो रूम की ओर जाने लगा । सिद्धार्थ अपने रूम के पास आया और डोर खोलने लगा तो सिया की हारकर देख कर उसके फेस पर अपने आप ही इस्माइल आ गई ।
सिद्धार्थ अपने फिंगर प्रिंट से डोर ओपन किया और अंदर गया तो तो सिया उसे बेड पर नही दिखी सिद्धार्थ अपनी नजर चारो तरफ़ घुमा कर देखने लगा तो सिया सोफे से लेकर रोते हुए सो गई थी । सिद्धार्थ अपना कदम उसके तरफ बड़ा दीया ।।
सिद्धार्थ सिया के पास गया और एक टक सिया को देखने लागा । सिया के दोनों गालों पर अशुओ के निशान पड़े हुए थे जिसे देख कर सिद्धार्थ की मुट्ठी मजबूती से बंद हो गई उसे अपने दिल में कुछ टूटता हुआ महसूस हो रहा था ।
सिया को अपने गोद में उठा कर बेड पर लिटा दिया ,और उसे अच्छे से कवर कर के उसके सर पर किस कर के बाथरूम चला गया ।
कुछ देर बाद सिद्धार्थ फ्रेस हॉकर बाथरूम से निकाला इस वक्त वो सिर्फ हाफ पैंट पहन रखा था ।
और जा कर बेड पर लेट गया के पास आया और सिया को अपने ऊपर ले लिया धीरे-धीरे उस के बालों को सहलाने लगा । कुछ ही देर में वह भी नींद के आगोश में चला गया ।
वहीं दूसरी तरफ इनाया अपने और युवान की पहली मुलाकात को याद कर रही थी
फ्लैसबैक
एक सुनसान एरिया उसके आसपास का ऊंची इमारतें बनी थी । इतनी इमारतें होने के बावजूद वहां का इलाका सुनसान था । क्योंकि वहां गुंडे के कई गैंग रहते थे । लोगों ने इसलिए डर के मरे हुए इलाका ही छोड़ दिया था । खूब तेज बारिश हो रही थी उसे बारिश में सड़क बीच एक बेजान सा लड़का जमीन पर पड़ा था । उसका बॉडी पूरा लहू लहान हो रहा था । उसके सीने पर गोली लगी थी । वह लड़का ही हिम्मत कर करके कैसे जैसे कर उसे इलाके से निकल गया ।
कुछ देर आगे चल ही था कि वह एक गाड़ी के सामने आ गया । और अपने धुंधली आंखों से उसे गाड़ी को देख रहा था । उसे गाड़ी में और कोई नहीं इनाया थी इनाया ने झट से से गाड़ी की ब्रेक मेरी और सामने का नजारा देखकर हैरान रह जाती है, वह युवान को देखने लगती है युवान वहीं पर बेहोश हो गया था । जिसे देख इनाया जल्दी से गाड़ी उसे उतार के उसके पास जाती है और उसे होश में लाते हुए कहती है हेलो आप बेहोश कैसे हो गए? क्या हुआ आपको?" युवान का कुछ ना बोले देख इनाया और घबरा गई वहां से उसका मन कर रहा था भाग जाए ।
इनाया जैसे ही वहां से भागने को होती है, उसकी नजर युवान के हाथों पर पड़ती है। जहां से लगातार खून बह रहा था और उसके जख्म पर एक कपड़ा लिपटा था, "यह क्या है?" शायद युवान की रूमाल थी जिससे वह अपने खून को रोकने की कोशिश कर रहा था ।
इनाया की आंखें फटी की फटी रह गई, इनाया जल्दी से युवान को होश में लाने की कोशिश करते हुए कहती है ,"अरे कौन हो तुम? तुम्हें यह चोट कैसे लगी?"
यह सुनकर युवान को हल्का हल्का होश आता है, लेकिन फिलहाल वह कुछ बोलने या कहने की परिस्थिति में नहीं था, "पानी.पानी" बड़ी मुश्किल से युवान यह शब्द कह पा रहा था।
"पानी.? ओह तुम्हें पानी चाहिए एक मिनट। " कहकर इनाया कार में से पानी निकालकर पिलाने की कोशिश करती है, बड़ी मुश्किल से वह युवान को पानी पिला पाती है, कुछ पानी के छींटे उसके चेहरे पर मारती है ताकि वह होश में आ सके।