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Chapter 8

आलसी योद्धा - Episode 8

आलसी योद्धा

“जब समय भी सो गया”

विशाल ब्रह्मांडीय तलवार आकाश को चीरती हुई नीचे आ रही थी।

उसकी धार से निकलती नीली ऊर्जा पूरे नगर को मिटा देने के लिए पर्याप्त थी।

लेकिन उसी क्षण—

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【पूर्ण आलसी क्षेत्र सक्रिय】

“समय को विश्राम दिया जा रहा है…”

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टक्।

जैसे किसी ने पूरे संसार की गति रोक दी हो।

हवा रुक गई।

गिरते पत्थर हवा में ठहर गए।

बिजलियाँ बादलों के बीच जम गईं।

यहाँ तक कि विशाल दूत की तलवार भी अथर्व के सिर से कुछ इंच ऊपर आकर स्थिर हो गई।

पूरा संसार मौन हो गया।

केवल अथर्व की आलसी आवाज सुनाई दे रही थी।

“आह… आखिर थोड़ा सुकून मिला।”

क्यू आश्चर्य से चारों ओर देखने लगा।

उसकी विशाल नीली आँखें काँप उठीं।

“मालिक… आपने सचमुच समय रोक दिया?!”

अथर्व ने जम्हाई ली।

“नहीं… बस उसे थोड़ी छुट्टी दे दी।”

विशाल दूत अपनी पूरी शक्ति से हिलने की कोशिश कर रहा था।

लेकिन उसका शरीर जंजीरों की तरह जकड़ा हुआ था।

उसकी आँखों में पहली बार भय दिखाई दिया।

“ये… ये शक्ति किसी मनुष्य की नहीं हो सकती…”

अथर्व धीरे-धीरे अपने सिंहासन से उठा।

पूरा नगर स्तब्ध रह गया।

क्योंकि पहली बार—

आलसी सम्राट पूरी तरह खड़ा हुआ था।

उसके पीछे सुनहरी ऊर्जा का समुद्र लहरा रहा था।

उसके हर कदम के साथ हवा में सुनहरे चिन्ह बन रहे थे।

और सबसे भयावह बात—

उसके आसपास का समय टूटता हुआ दिखाई दे रहा था।

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【आलसी सम्राट समकालिकता】

“आपकी गति अब समय से स्वतंत्र है।”

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अथर्व धीरे-धीरे विशाल दूत की ओर चला।

जबकि पूरा संसार स्थिर था।

वह दूत के सामने पहुँचा।

फिर उसकी विशाल तलवार को उंगली से छुआ।

टिक्।

पूरा ब्रह्मांड काँप उठा।

तलवार में दरारें पड़ने लगीं।

कड़ाक्… कड़ाक्… कड़ाक्…

विशाल दूत चीख उठा।

“रुकोऽऽऽ!!”

लेकिन अगले ही पल—

धाऽऽऽऽऽम!!

पूरी तलवार करोड़ों प्रकाश कणों में टूट गई।

उस विस्फोट की रोशनी ने पूरे अंधकार को मिटा दिया।

आकाश में मौजूद हजारों नीली आँखें एक साथ बंद हो गईं।

मानो वे भय से काँप रही हों।

नगर के लोग स्तब्ध थे।

“उसने… विश्व विनाशक तलवार तोड़ दी…”

“सिर्फ एक उंगली से…”

विशाल दूत अब पीछे हटने लगा।

उसकी आवाज काँप रही थी।

“तुम आखिर हो कौन…?”

अथर्व ने शांत नजरों से उसे देखा।

फिर मुस्कराया।

“मैं? एक साधारण आलसी इंसान।”

क्यू गर्व से दहाड़ा।

“सबसे महान आलसी सम्राट!”

अचानक—

आकाशीय दरार के भीतर कुछ हिलने लगा।

इस बार दबाव पहले से हजार गुना अधिक था।

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पूरा समय-स्थिर क्षेत्र काँपने लगा।

अथर्व की मुस्कान धीरे-धीरे गायब हुई।

“हूँ… अब ये थोड़ा परेशानी वाला लग रहा है।”

फिर—

दरार के भीतर दो विशाल नीली आँखें खुलीं।

लेकिन ये आँखें बाकी सबसे अलग थीं।

उनमें प्राचीन क्रोध भरा था।

पूरा संसार काँप उठा।

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【अज्ञात अस्तित्व प्रकट】

पहचान असंभव…

सिस्टम विश्लेषण विफल…

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क्यू का विशाल शरीर तक डर से पीछे हट गया।

“मालिक… वो… वो जाग गया…”

अचानक—

दरार के भीतर से एक धीमी लेकिन भारी आवाज गूँजी—

“आलस्य का अंतिम उत्तराधिकारी…”

“आखिरकार मिल गया।”

अथर्व की सुनहरी आँखें सिकुड़ गईं।

पहली बार—

उसके चेहरे पर हल्की गंभीरता दिखाई दी।

“उफ्फ… ये लोग मेरा आराम क्यों खराब कर रहे हैं?”

तभी—

विशाल नीली आँखों के बीच एक तीसरी आँख खुली।

और जैसे ही वह खुली—

अथर्व के सिस्टम में लाल चेतावनियाँ चमक उठीं।

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【सर्वोच्च खतरा】

“शून्य सम्राट” स्वयं जाग चुका है।

भागने की संभावना: 0%

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पूरा नगर भय में डूब गया।

लेकिन अथर्व ने केवल लंबी साँस ली…

फिर धीरे से कहा—

“लगता है… अब सच में मेहनत करनी पड़ेगी।”

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