अपहरण चक्रव्यूह - Chapter 4
अपहरण चक्रव्यूहअंश ने इशकी की तरफ देखा "सांप का टैटू... ये कोई संयोग नहीं है। ये गैंग सिंबल है। और अगर ये दिल्ली का नहीं है, तो ये इंटरनेशनल रैकट का हिस्सा हो सकता है।"
इशकी ने तुरंत अपने टैबलेट पर सर्च शुरू कर दिया। "सर, मैंने अभी दिल्ली के सभी टैटू आर्टिस्ट्स की लिस्ट निकाली है। कोई भी ऐसा नहीं है जो सांप का ये डिज़ाइन बनाता हो। लेकिन..." उसने एक फाइल ओपन की, "पिछले साल इंटरपोल ने एक रिपोर्ट जारी की थी कि red right area** अपने मेंबर्स को ऐसे ही सांप के टैटू से पहचानती है।"
अंश की भौंहें तन गईं। " क्या
इशकी ने सिर हिलाया, "हो सकता है। और अगर ये मंत्रालय से जुड़े है, तो इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क है।" और मंत्री हर दिन अपने मज़े के लिए लड़की के साथ इतना बोल इनकी चुप हो गई।
अंश ने भी हां मैं सिर हिलाया।
विक्रम और सौरव अभी भी पूछताछ कक्ष में थे, लेकिन अब उनके चेहरे पर पसीना साफ दिख रहा था। अंश ने धीरे से **USB को कंप्यूटर में लगाया। फाइल्स ओपन होते ही स्क्रीन पर एक **एन्क्रिप्टेड मैप** दिखा, जिसमें दिल्ली के अलग-अलग लोकेशन मार्क किए गए थे।
"ये क्या है?" इशकी ने पूछा।
अंश ने ज़ूम इन किया, "ये ड्रॉप पॉइंट्स*हैं। जहाँ से लड़कियों को शिफ्ट किया जाता है।" उसने एक लोकेशन पर क्लिक किया एक एबैंडन्ड वेयरहाउस, सेक्टर 18 के पास**।
"इशकी, तुरंत टीम को अलर्ट करो। हमें वहाँ जाना है!"
रात के 2 बजे , पुलिस की गाड़ियाँ वेयरहाउस के बाहर रुकीं। अंधेरा था, सिर्फ टॉर्च की रोशनी ही दिख रही थी। दरवाज़ा तोड़ते ही अंदर से
अंश लव्स पहनते हुए बोला इशकी, टॉर्च स्टेबल रखना... यहाँ कुछ गड़बड़ है।"
इशकी टॉर्च घुमाते हुए "सर, देखिए! ये क्या..."
वेयरहाउस के अंदर **खून से सनी हुई रस्सियाँ**, टूटे हुए मोबाइल फोन और.. एक चमकता हुआ लाल बटन* दीवार पर लगा है।
अंश बटन की ओर बढ़ते हुए बोला ये कोई ट्रैप तो नहीं..."
अंश ग्लव्स पहनते हुए कहा इशकी ये रस्सियाँ अभी गीली हैं। खून अभी सूखा नहीं! यहाँ से लड़कियों को कुछ मिनट पहले ही ले जाया गया है!
इशकी टॉर्च की रोशनी में धूल के कणों को देखकर बोली
"सर! ये टायर मार्क्स. कम से कम **तीन अलग-अलग गाड़ियाँ** यहाँ से निकली हैं।"
अंश ने एक दम से इशकी की ओर देखा "तीन गाड़ियाँ... मतलब लड़कियों को अलग-अलग दिशाओं में ले जाया गया है। हमें जल्दी करना होगा!"
उसने अपने रेडियो पर टीम को इंस्ट्रक्शन दिए, "सभी यूनिट्स, ध्यान दो! सेक्टर 18 के आसपास तीन संदिग्ध वाहन एक सफेद टाटा सफारी, एक काली बीएमडब्ल्यू एक्स5 और एक नीला बोलेरो। इन्हें रोकने के लिए सभी चेकपोइंट्स अलर्ट कर दो!"**
इशकी ने अपने टैबलेट पर जीपीएस ट्रैकिंग शुरू की, "सर, अगर ये लोग इंटरनेशनल रैकेट से जुड़े हैं, तो शायद वे एयरपोर्ट या पोर्ट की ओर जा रहे होंगे।"**
तभी, वेयरहाउस के कोने से एक हल्की सी खरोंचने की आवाज़** आई। अंश ने तुरंत इशकी को साइन दिया कोई यहाँ छुपा है!"**
दोनों ने धीरे-धीरे आवाज़ की दिशा में बढ़ते हुए देखाएक छोटा वेंटिलेशन डक्ट जिसमें से किसी का सांस लेने की आवाज़ सुनाई दे रही थी।
अंश ने डक्ट के पास झुककर कहा, हम पुलिस हैं.तुम सुरक्षित हो। बाहर आ जाओ। बेटा
कुछ पल की खामोशी के बाद, डक्ट से एक कांपता हुआ हाथ** बाहर निकला। इशकी ने तुरंत उसे पकड़कर बाहर खींचा—एक 11-13 साल की लड़की, उसके कपड़े फटे हुए, चेहरे पर खून के निशान।
वह सिसकती हुई बोली, "वो. दीदी को ले गाये वो मुझे ले जा रहे थे... मैंने छुपकर देखा उनके पास गन्स हैं और वे किसी 'बड़े शिपमेंट' की बात कर रहे थे!
अंश ने उसे पानी देते हुए पूछा, "क्या तुमने किसी का नाम सुना? या कोई और डिटेल?"**
लड़की ने कांपते हुए जवाब दिया, "उनमें से एक ने कहा... 'मालिक ने आदेश दिया है, आज रात 12 लड़कियोंको दुबई भेजना है।'"
इशकी की आँखें चौड़ी हो गईं, "सर, अगर ये सच है, तो हमारे पास सिर्फ 2-3 घंटे हैं!"**
अंश ने तुरंत एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और एयरपोर्ट अथॉरिटीज़ को कॉल किया। "सभी प्राइवेट जेट्स और कार्गो फ्लाइट्स को रोक दो! कोई भी 12 लड़कियों के ग्रुप पर शक करे!" तो मुझे तुरंत बताइएगा
इशकी इस को पुलिस थाने लेकर जाओ मैं तब तक गाड़ी ढूंढता हूं