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Chapter 3

Super Arabpati Gharjamai - Chapter 3

Super Arabpati Gharjamai

इस औरत की फ़िगर कमाल की थी। उसने एक प्रोफेशनल सूट पहना हुआ था, और उसके खूबसूरत पैर उसकी खूबसूरती में चार चाँद लगा रहे थे। उसका चेहरा भी बेहद सुंदर था, और कुल मिलाकर उसकी खूबसूरती घर पर मौजूद रिया से किसी भी मामले में कम नहीं थी।

'यह बात कुछ हज़म नहीं हो रही,' आकाश एक पल के लिए उलझन में पड़ गया। इतनी खूबसूरत और प्रोफेशनल दिखने वाली लड़की ऑफिस में ऐसी फिल्में कैसे देख सकती है?

यह कोई और नहीं बल्कि मीरा कपूर थी।

आज जब मीरा लंच ब्रेक में ऑफिस से अपना कुछ सामान लेने आई, तो उसने एक अनजान आदमी को अपनी डेस्क पर रखे कंप्यूटर को घूरते हुए पाया।

उसने इस आदमी को पहले कभी नहीं देखा था।

'क्या यह कोई चोर है? या किसी दूसरी कंपनी का जासूस?'

यह सोचते ही मीरा थोड़ा घबरा गई। हालाँकि उसने बचपन से ही ताइक्वांडो सीखा था, फिर भी अनजान खतरों से उसे थोड़ा डर तो लगता ही था। लेकिन कंपनी की डायरेक्टर होने के नाते, वह एक चोर से कैसे डर सकती थी?

मीरा तुरंत हिम्मत जुटाकर अंदर आई। सबसे पहले, उसने आकाश को कुछ देर तक गौर से देखा। मीरा को यकीन था कि उसने उसे कंपनी में पहले कभी नहीं देखा।

"कौन से डिपार्टमेंट से हो तुम? और यहाँ क्या कर रहे हो?" मीरा ने शक भरी नज़रों से आकाश की तरफ़ देखते हुए पूछा।

"मैं तो बस आपका कंप्यूटर बंद कर रहा था," आकाश हँसा। उसने दुनिया देखी थी, इसलिए ऐसी बातों से वह घबराता नहीं था।

"कंप्यूटर बंद कर रहे थे?" मीरा थोड़ी हैरान हुई।

"हाँ," आकाश ने सिर हिलाया और सोचा कि इस खूबसूरत लड़की को समझाना ज़रूरी है। फिर उसने खाँसते हुए कहा, "ब्यूटी, ऑफिस में इस तरह की 'एक्शन' फिल्म न ही देखो तो बेहतर है। इन चीज़ों का मज़ा घर पर ही लेना चाहिए।"

जैसे ही आकाश ने यह कहा, मीरा की नज़र कंप्यूटर स्क्रीन पर गई और वह सन्न रह गई, जैसे उस पर बिजली गिर गई हो!

हे भगवान! यह तो बेशर्मी की हद है!

यह आदमी उसके कंप्यूटर पर ऐसी गंदी वीडियो देख रहा है, और वह भी किसी विदेशी लड़की की!

मीरा का खूबसूरत चेहरा गुस्से से कान तक लाल हो गया। वह काँप रही थी। उसने अपनी उंगली आकाश की ओर उठाई और दाँत पीसते हुए बोली, "छिछोरे!"

यह सुनकर, आकाश को गुस्सा आ गया और वह बोला, "कैसा छिछोरा? ब्यूटी, मैं तो भलाई करके तुम्हारा कंप्यूटर बंद करने में मदद कर रहा था, और तुम मुझे ही डाँट रही हो? वैसे, चिंता मत करो। मैं किसी को नहीं बताऊँगा कि तुम ऑफिस में ऐसी फिल्में देखती हो।"

"बकवास बंद करो!"

मीरा का चेहरा शर्म और गुस्से से लाल हो गया। यह पहली बार था जब उसने अपनी ज़ुबान से कोई गंदा शब्द बोला था।

"तो यह तुम नहीं थीं?" उस खूबसूरत लड़की का इतना बड़ा रिएक्शन देखकर आकाश एक पल के लिए सोचने लगा, 'कहीं मुझसे कोई गलती तो नहीं हो गई?'

मीरा ने गुस्से से आकाश की ओर इशारा किया, "तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई ऑफिस में घुसकर इतनी गंदी चीजें देखने की, और ऊपर से इल्ज़ाम भी मुझ पर ही लगा रहे हो! तुम्हें शर्म नहीं आती? अगर आज मैंने तुम्हें सबक नहीं सिखाया, तो मेरा नाम भी मीरा कपूर नहीं!"

जैसे ही उसकी बात खत्म हुई, मीरा ने अपने खूबसूरत पैर से आकाश की जांघों के बीच लात मारी।

आकाश ने मन ही मन अपनी किस्मत को कोसा। उसे पता होता तो वह इस मुसीबत में पड़ता ही नहीं।

इस औरत का वार बहुत खतरनाक था। सीधे वहाँ लात मारना, आखिर कितनी नफ़रत है?

आकाश ने फुर्ती से अपना दाहिना हाथ आगे बढ़ाया और मीरा का पैर मजबूती से पकड़ लिया। हवा में हल्की सी परफ्यूम की खुशबू फैल गई।

मीरा का ताइक्वांडो का दाँव काम नहीं आया। उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पीछे की ओर गिर पड़ी।

"आह!"

मीरा ज़मीन पर गिर पड़ी, उसका चेहरा दर्द से सफ़ेद पड़ गया। उसके कूल्हे में इतनी तेज़ दर्द हुआ कि उसकी चीख निकलने वाली थी।

"तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे छूने की? मैं तुम्हें छोडूँगी नहीं!" मीरा ने दर्द सहा और जल्दी से ज़मीन से उठी और आकाश की ओर झपटी।

आकाश ने हैरान होकर मीरा की दोनों बाहें पकड़ीं, उसे ज़मीन पर गिराया और उसके ऊपर आकर उसे दबाते हुए कहा, "मैं कह रहा हूँ, शांत हो जाओगी या नहीं?"

"छोड़ो मुझे!" मीरा चौंक गई, और उसने अपने दोनों खूबसूरत पैरों से आकाश को लात मारने की कोशिश की।

मीरा के ऐसे परफेक्ट पैरों को देखकर, एक पल के लिए आकाश के मन में कुछ शरारती ख्याल आए, लेकिन उसने तुरंत उन्हें अपने दिमाग से निकाल दिया।

"मेरा तुम्हें छूने का कोई इरादा नहीं था। तुम मुझे गलत समझ रही हो," आकाश ने जल्दी से कहा।

'कितनी शर्म की बात है!' मीरा ने सोचा, 'मैं कंपनी की डायरेक्टर होकर एक छिछोरे गुंडे के नीचे ज़मीन पर पड़ी हूँ! अगर किसी ने देख लिया तो मेरी क्या इज़्ज़त रह जाएगी?'

यह देखकर कि मीरा अभी भी छटपटा रही थी, आकाश ने कोने में लगे सिक्योरिटी कैमरे की ओर इशारा किया और कहा, "अगर तुम्हें यकीन नहीं है, तो हम कैमरा फुटेज देख सकते हैं। मैंने यह जानबूझकर नहीं किया है।"

"तो पहले मुझे छोड़ो!" मीरा ने दाँत पीसते हुए कहा।

आकाश को भी लगा कि उसे इस तरह दबाए रखने से लोग गलत मतलब निकाल सकते हैं। उसने धीरे से अपने हाथ हटा लिए।

मीरा का खूबसूरत चेहरा शर्म से लाल हो गया और उसने गुस्से में ज़मीन पर लात मारी।

"मैं कह रही हूँ, भागने की कोशिश मत करना!"

"मैं क्यों भागूँगा?" आकाश शांत था।

दोनों सिक्योरिटी रूम में आए, और मीरा ने खुद वीडियो फुटेज निकाली।

सच में, आकाश ने वीडियो देखने की पहल नहीं की थी। फुटेज में साफ़ दिख रहा था कि जैसे ही आकाश ने माउस हिलाया, कंप्यूटर पर एक पॉप-अप खुला और 'ए-रेटेड' फिल्म अपने आप चलने लगी।

"मैंने कहा था ना कि मैंने यह जानबूझकर नहीं किया। अब तुम्हें यकीन हो गया होगा," आकाश ने अपने हाथ फैलाते हुए कहा।

मीरा ने नफ़रत से कहा, "हाँ हाँ, जैसे मुझे पता नहीं कि तुम जैसे छिछोरे गुंडों को ऐसी चीजें देखने में कितना मज़ा आता है।"

आकाश का चेहरा शर्मिंदा हो गया, "यह सिर्फ़ जिज्ञासा थी। और मैं कोई गुंडा नहीं हूँ।"

"तुम गुंडे ही हो!" मीरा इस बात से परेशान थी कि इस आदमी ने उसका फायदा उठाने की कोशिश की थी।

बार-बार अपनी बेइज़्ज़ती सुनकर आकाश थोड़ा परेशान हो गया। उसने कहा, "अगर मैं गुंडा हूँ, तो तुम भी किसी टायरानोसॉरस रेक्स से कम नहीं हो!"

"क्या! तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे टायरानोसॉरस रेक्स कहने की, मैं तुम्हें छोडूँगी नहीं!" मीरा का चेहरा गुस्से से लाल-पीला हो गया, और उसने अपने नाख़ून निकालकर आकाश पर हमला करने की कोशिश की।

आकाश ने उसका हाथ पकड़ लिया और भौंहें सिकोड़ते हुए कहा, "अच्छा, अब मुझे भूख लगी है, खाना खाने जाना है। मेरे पास तुम्हारे साथ बकवास करने का टाइम नहीं है।"

यह कहकर, आकाश मुड़ा और वहाँ से जाने लगा।

"रुको!" मीरा ने अचानक आकाश को रोका और पूछा, "तुम कंपनी के कर्मचारी नहीं हो। तो तुम हमारी कंपनी में क्या कर रहे हो?"

"तुम्हारी कंपनी? तुम कौन होती हो इस कंपनी की?" आकाश हैरान था।

"मैं कौन हूँ, उससे तुम्हें मतलब नहीं। मेरे सवाल का जवाब दो," मीरा ने ठंडे स्वर में कहा।

आकाश को लगा कि यह खूबसूरत महिला कोई मामूली कर्मचारी नहीं है। शायद वह कोई सीनियर एक्जीक्यूटिव थी, इसलिए उसे जवाब देना पड़ा, "मैं आज नौकरी के लिए अप्लाई करने आया था। बस यूँ ही देख रहा था कि कंपनी का माहौल कैसा है।"

"नौकरी के लिए अप्लाई करने?" मीरा ने शक की निगाह से आकाश को देखा और पूछा, "किस पोस्ट के लिए अप्लाई किया है?"

"पीआर मैनेजर," आकाश ने गर्व से कहा।

"क्या!"

मीरा का गला रुंध गया और वह खाँसते हुए बोली, "तो यह तुम ही हो जिसने रिटन टेस्ट पास किया है?"

"हाँ, पर तुम्हें कैसे पता?" आकाश ने पूछा। 'क्या इस कंपनी के लोग इतने जानकार हैं?'

मीरा का सिर चकरा गया, "माफ़ कीजिए, हमारी कंपनी आपका स्वागत नहीं कर सकती। कृपया यहाँ से चले जाइए।"

चाहे आकाश का इरादा हो या न हो, जो इंसान कंपनी में 'ए-रेटेड' फिल्में देख सकता है, वह मीरा की नज़र में किसी काम का नहीं था।

आकाश और भी ज़्यादा परेशान हो गया और चिल्लाया, "ब्यूटी, तुम इतनी बदतमीज़ी से बात मत करो। वैसे भी, यह कंपनी तुम्हारी तो है नहीं। तुम मुझे जाने के लिए कहने वाली कौन होती हो?"

"बदतमीज़, मैं तुम्हें बता दूँ कि मैं, मीरा कपूर, इस कंपनी की डायरेक्टर हूँ। मैं ही यहाँ की बॉस हूँ!" मीरा का सुंदर चेहरा गुस्से से तमतमा रहा था।

"क्या? तुम... तुम डायरेक्टर हो?"

आकाश के होश उड़ गए। 'हे भगवान, आज तो किस्मत ही ख़राब है!' उसने सोचा।

अभी-अभी उसने कंपनी की डायरेक्टर को 'टायरानोसॉरस रेक्स' कहकर उसकी बेइज़्ज़ती की थी। यह सोचकर वह शर्म से पानी-पानी हो गया।

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