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Chapter 24

The Mysterious Locket ✅ - Episode 24

The Mysterious Locket ✅

अचानक—उसकी आँखें खुल गईं।उसके शरीर से गर्जन जैसी आवाज़ निकली।चारों ओर की आध्यात्मिक ऊर्जा फट पड़ी और भयानक तरंगें पैदा हो गईं।

कुछ क्षण बाद—उसने धीरे-धीरे आँखें खोलीं।उसकी आँखों में चमक बदल रही थी।

स्पिरिट व्हील रियल्म — प्रारंभिक स्तर!

सामान्य हालात में दूसरे साधक इतनी ऊर्जा मिलने पर सीधे स्पिरिट व्हील रियल्म के शिखर या यहाँ तक कि वज्र रियल्म तक पहुँच सकते थे।

लेकिन—वह बॉडी रिफाइनिंग तकनीक का अभ्यास करता था।इसलिए अधिकतर ऊर्जा उसके शरीर को मजबूत करने में लगी, और केवल थोड़ी-सी ऊर्जा ची सागर में गई।

क्योंकि—उसका मुख्य लक्ष्य था—ड्रैगन-एलीफैंट बैटल बॉडी बनाना।

“यह क्या है?”

रुद्रांश निराश नहीं हुआ।उसकी वर्तमान शक्ति इतनी थी कि—स्पिरिट व्हील रियल्म के साधक को मारना उसके लिए कुत्ते को मारने जितना आसान था।

जब वह अपने शरीर की जाँच कर रहा था—तभी अचानक उसने अपने हाथ में एक सुनहरी हड्डी देखी।

उस हड्डी से प्राचीन और रहस्यमयी शक्ति निकल रही थी।वह शक्ति बेहद डरावनी थी।

रुद्रांश खुशी से भर गया—“पहली वीरान हड्डी बन गई!”

वह जानता था— इस ओवरलोड बॉडी टेक्नीक में नसों और हड्डियों दोनों को बदलना पड़ता है।

उन्हें नई शक्ति में बदलना होता है।

अब उसकी हड्डियों में भी परिवर्तन शुरू हो चुका था।

पहली वीरान हड्डी जन्म ले चुकी थी!

यही—ओवरलोड बॉडी टेक्नीक की मुख्य शक्तियों में से एक थी।

उसकी आँखों में उत्साह और खुशी चमक उठी।

लेकिन जल्द ही—उसकी मुस्कान धीमी पड़ गई।

उसने फिर से अपने शरीर की जाँच की।

भौंहें सिकुड़ गईं।“लगता है मैंने ड्रैगन-एलीफैंट बैटल बॉडी को कम आंका था।”

“मुझे कुछ विशेष राक्षसी जानवर ढूँढने होंगे।”“केवल ऐसे जानवरों से ही मैं असली ड्रैगन-एलीफैंट बैटल बॉडी बना सकता हूँ।”

“अभी मेरा शरीर पूरी तरह नहीं बना है—सिर्फ आधा बना है।”

“लेकिन फिर भी…”“इतना काफी है कि हर तरह के दुश्मनों को कुचल दूँ!”रुद्रांश इस शक्ति का आनंद ले रहा था।---

फिर उसने साधना जारी रखी।दो दिन पलक झपकते बीत गए।

इन दो दिनों में—वह कमरे से बाहर नहीं निकला।

अचानक—एक आवाज़ आई—“रुद्रांश !” धड़ाम!

दरवाज़ा ज़ोर से लात मारकर तोड़ दिया गया।पहले से साधारण घर अब और भी जर्जर दिखने लगा।

रुद्रांश की आँखें ठंडी हो गईं।

वह मुड़ा और बाहर से आते कुछ लोगों को देखा।

“अरे, तुम अभी भी ज़िंदा हो!”

एक परिचित आवाज़ गूँजी।

रुद्रांश ने देखा—और उसके होंठों पर खतरनाक मुस्कान आ गई।

विजय !

उसके आसपास चार लोग खड़े थे।सभी स्पिरिट व्हील रियल्म में थे।

रुद्रांश शांत स्वर में बोला—“तुमने मेरा दरवाज़ा तोड़ा है— उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।”

उसकी आवाज़ में निर्दयता झलक रही थी।

विजय के पास खड़ा एक ताकतवर आदमी हँसा—

“तुम्हें मानना पड़ेगा—

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यह लड़का सच में घमंडी है!”

“मुझसे मुआवज़ा माँग रहा है? यह तो मौत को बुला रहा है!”

विजय ठंडी आवाज़ में बोला—“रुद्रांश , तुम जानते नहीं हो कि ये कौन हैं।”

“इनका नाम शोभित है— और ये भावी आंतरिक शिष्य हैं!”

शोभित मुस्कुराया।उसे उम्मीद थी कि रुद्रांश डर जाएगा।

रुद्रांश बोला—“ओह।”

“मैं तो समझा कोई असली आंतरिक शिष्य आया है।”

“लेकिन तुम तो अभी बने भी नहीं हो।“नाम के आगे ‘भावी’ लगाकर खुद को बड़ा दिखाना… थोड़ा मज़ाकिया लगता है।”

विजय का चेहरा काला पड़ गया।शोभित का चेहरा सख्त हो गया।

उसकी आँखों में गुस्सा चमक उठा।

“छोटे जानवर! तुम मौत को बुला रहे हो!”

“सेक्ट के अंदर हत्या मना है—लेकिन सज़ा देना मना नहीं है!”

उसने अपने साथ आए तीन लोगों को आदेश दिया—

“जाओ!

इस लड़के को बुरी तरह पीटो!तीनों तुरंत आगे बढ़े।

उनकी चाल शिकार पर झपटते बाघ जैसी थी।

रुद्रांश ठंडी मुस्कान के साथ बोला—“कूड़े का ढेर!”

उसने मुट्ठी और हथेली से हमला किया।

धड़ाम! धड़ाम!तीनों के चेहरे बदल गए।

उनकी मुट्ठियाँ टकराईं—और वे चीखते हुए दूर उड़ गए।

वे ज़मीन पर गिरे—मानो मरे हुए कुत्ते हों।दर्द से चिल्लाने लगे।

विजय का चेहरा सख्त हो गया।वह काँपने लगा।उसे विश्वास ही नहीं हो रहा था—रुद्रांश इतना शक्तिशाली कैसे हो गया!

शोभित का चेहरा बेहद बदसूरत हो गया।

वह हमला करने ही वाला था—तभी रुद्रांश ने मुट्ठी कसकर हमला किया।

“एक्सप्लोसिव फ्लेम फिस्ट!”शोभित ने भी पलटकर वार किया।

धड़ाम!

दोनों हमले टकराए।एक तेज़ आवाज़ गूँजी—और शोभित चीख उठा।उसका चेहरा दर्द से मरोड़ गया।

तभी—रुद्रांश ने एक जोरदार राइट किक मारी।

शोभित उसे रोक नहीं पाया।वह दूर जाकर ज़मीन पर गिर पड़ा।उसकी आँखों में गुस्सा और अपमान भर गया।

“बॉडी कल्टीवेटर…इतने शक्तिशाली होते हैं?”विजय की आँखें फैल गईं।

वह चिल्लाया—“यह कैसे संभव है?!”

उसका दिमाग जैसे काम करना बंद कर चुका था।

धड़ाम!

रुद्रांश उसके पास पहुँचा।उसने खतरनाक मुस्कान दी—और एक जोरदार थप्पड़ मारा।

विजय का चेहरा घूम गया।उसने खून उगला और ज़मीन पर गिर पड़ा।

रुद्रांश मुस्कुराया और व्यंग्य से बोला “विजय …।यही है तुम्हारा ‘भावी आंतरिक शिष्य’?”“कुछ खास प्रभावशाली नहीं लगा!”

शोभित का चेहरा कड़ा हो गया था, और उसके मन में गहरी बेइज्जती का एहसास भरा हुआ था।

एक भावी आंतरिक शिष्य होने के नाते, बाहरी शिष्यों के बीच उसे बहुत गर्व होना चाहिए था। उसने पहले कभी ऐसी बेइज्जती नहीं झेली थी।

"तुमने हिम्मत कैसे की मेरे साथ ऐसा करने की?"

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उसकी आवाज भारी और नफरत से भरी हुई थी।

कड़क!

रुद्रांश हल्के से मुस्कुराया और लापरवाही से अपना पैर नीचे रखा। उसी क्षण शोभित की टांग टूट गई, और वह दर्द से भरी तीखी चीख निकाल उठा।

दर्द से उसकी आंखें खून जैसी लाल हो गईं, मानो बाहर निकलने वाली हों।

रुद्रांश हल्की मुस्कान के साथ बोला,"अच्छा हुआ तुमने मुझे याद दिलाया। जब तक कोई मरता नहीं, हम खुलकर उन्हें मार सकते हैं।"

"तुम!"

शोभित का चेहरा और भी बदसूरत हो गया, दर्द से भरा हुआ।

रुद्रांश शांत आवाज में बोला,"बताओ, मेरे दरवाजे का नुकसान कैसे भरोगे?"

उसकी आवाज शांत थी, लेकिन लहजा बेहद निर्दयी था। उसकी आंखों में तेज चमक थी, और वह सामने खड़े लोगों को घूर रहा था।

विजय का चेहरा काला पड़ गया और वह चिल्लाया,

"रुद्रांश , क्या तुम सच में हमें नाराज़ करने की हिम्मत रखते हो?"

धड़ाम!

रुद्रांश ने फिर से एक जोरदार लात मारी, जिससे विजय कई फीट दूर जा गिरा। उसका शरीर खून से लथपथ हो गया, और वह दर्द से चीख उठा।

रुद्रांश ने ठंडे स्वर में कहा,"पहले तुमने मुझे उकसाया था!"

"और क्या तुम्हें अपने भाई सत्या याद नहीं? लगता है तुम्हें कुछ याद नहीं। क्या मुझे तुम्हारी याददाश्त फिर से बनानी पड़ेगी?विजय की आंखें खून से भर गईं, वह दर्द और गुस्से से रुद्रांश को घूर रहा था, मानो उसे निगल जाएगा।

रुद्रांश फिर भी शांत रहा।

"धृष्ट!"

उसी समय एक ठंडी आवाज गूंजी।

धम!

एक भयानक दबाव अचानक चारों ओर फैल गया। रुद्रांश का चेहरा तुरंत बिगड़ गया। उसकी नजर दूर की ओर टिक गई, और उसका पूरा शरीर भारी दबाव में आ गया।

उसकी हड्डियां कांपने लगीं, खून उबलने लगा, और आंखें लाल हो गईं।

स्विश!

आंगन के बाहर काले कपड़ों में एक बुजुर्ग अचानक प्रकट हुआ।वह कोई और नहीं, जेड वॉयड पीक का बुजुर्ग चंद्रवीर था।

गड़गड़ाहट!

अंतहीन दबाव रुद्रांश की ओर जंजीरों की तरह फैल गया।

रुद्रांश का चेहरा पीला पड़ गया। अगर उसके पास आधा ड्रैगन एलीफेंट बैटल बॉडी न होती, तो वह अभी अपाहिज हो जाता।

रुद्रांश ने भारी आवाज में पूछा,"बुजुर्ग, आपका क्या मतलब है?"

चंद्रवीर ठंडे चेहरे से बोला,"इतनी कम उम्र में तुम इतने घमंडी और निर्दयी हो। क्या तुम मेरे स्टाररी स्काई संप्रदाय के नियमों की परवाह नहीं करते?"

रुद्रांश की आंखों में ठंडक भर गई।

"नियम? मैंने कौन सा नियम तोड़ा है?"

चंद्रवीर का चेहरा और भी काला हो गया।"तुम मुझसे बहस करने की हिम्मत करते हो?"

धम!

उसकी शक्ति फिर से फूट पड़ी।रुद्रांश का चेहरा गुस्से से भर गया। वह पागल शेर की तरह दहाड़ा—

"दूर हटो!""तुम अपनी ताकत से मुझे दबा नहीं सकते!"

धड़ाम!

उसने जोर से पैर पटका, और जमीन फट गई। उसके ऊपर पड़ा दबाव टूट गया।

रुद्रांश ने ठंडी आवाज में कहा,"संप्रदाय का नियम है कि बुजुर्ग शिष्यों की लड़ाई में दखल नहीं देंगे।"

"ये लोग मुझे परेशान करने आए, और आप अंधे बने रहे। अब मुझे ही दोष दे रहे हैं?"

उसकी आवाज गुस्से से भरी हुई थी।

"हरामखोर!"

चंद्रवीर गुस्से से चिल्लाया और सीधे रुद्रांश पर मुक्का मार दिया।

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