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Chapter 7

कोई मिल गया ( koi mil gaya ) - Chapter 7

कोई मिल गया ( koi mil gaya )

ये क्या बतमीजी है ?

कौनसी बतमीजी यह परफ्यूम मुझे पसंद है तो मैने ले लिया और यह यहाँ पर एक ही बचा है और यह अब मेरा है क्योंकि यह मेरे बाॅयफ्रेंड का भी फेवरेट है ! उसके सामने खडी़ शिप्रा एट्टीट्यूड से कहती है।

झलक शिप्रा को गौर से देखती है उसने इस वक्त जिंस और ब्लू टोप पहना था और उसके ऊपर वाइट जैकेट पहन रखा था खुले बाल चेहरे पर मेकअप वो सुंदर दिखाई दे रही थी!

झलक उसके हाथ से वो परफ्यूम वापस लेते हुए कहती " साॅरी मिस पर यह पहले मैने लिया आपके बाॅयफ्रेंड को क्या पसंद है क्या नही मुझे जानने में इंट्रेस्ट नहीं है तो यह मेरा ही होगा ' ।

यह कहकर झलक वहाँ से जाने लगती है शिप्रा उसका हाथ पकड़ लेती है झलक वापस मुड़कर उसको देखती है तो शिप्रा झलक के हाथ से वो बोतल वापस छिनते हुए कहती है " मुझे पसंद नहीं कोई मेरी बात को टाले और यह मेरी है तो, ।

इतना कहकर वो झलक को धक्का दे देती है जिससे झलक पिछे रखें समान से जाकर टक्करा जाती है और वो सारा समान एक साथ निचे गिर जाता है वहाँ रखी महंगी महंगी परफ्यूम निचे गिर कर टुट जाती है स्टोर का मालिक और बाकी सब ऊस तरफ देखने लग जाते हैं झलक के कंधे पर भी बहुत जोर से लगी थी वो निचे भी गिर गई थी ' ।

अंशिका दुसरी तरफ थी पर तेज आवाज सुनकर वो भी आ जाती है शोपकिपर अपने टुटे समान को देखकर कहता है " मैडम यह आपने क्या किया यह समान कितना एक्सपेंसिव था आपने मेरा कितना नुकसान किया है ' ।

झलक कंधा पकड़ कर बैठी थी तभी वहाँ पर रूद्रज और उसका दोस्त भी आ जाते हैं अंशिका झलक को उठाते हुए कहती है भाभी आप ठीक हो आपको चोट तो नहीं लगी ' ।

झलक शोपकिपर को देखकर कहती है " पर मैने यह जानबूझकर नहीं किया इन्होंने मुझे धक्का दिया था जिस वजह से में गिर गई ' ।

तुम झुठ क्यों बोल रही हो मैने कब तुमको धक्का दिया में तो परफ्यूम लेने का कह रही थी तुमने ही जबरदस्ती परफ्यूम मुझसे छिननी चाही और गिर गई ' शिप्रा तुंरत कहती है और अंशिका तुम इसको जानती हो!

अंशिका शिप्रा को देखती है और कहती वो यह हमारी भाभी है । तन्मय भाई ने शादी कर ली और मुझे तुमने बताया नहीं रूद्रज। शिप्रा रुद्रज को देखकर बोली।

तभी शोपकीपर कहता है " मैंम जो भी हो पर मेरा नुकसान हुआ है तो इसके लिए आपको पै करना होगा '

पर मैने कुछ जानबुझकर नहीं किया है इन्होंने मुझे धक्का,,,, वो आगे कुछ कहती उससे पहले रूद्रज शिप्रा के हाथ से क्रैडिट कार्ड लेते हुए शोपकीपर को देकर कहता है, " आप इससे कट कर ले, ।

पर रूद्रज,,, शिप्रा कुछ कहने को हुई की रूद्रज कहता है " Its ok मुझे पता है तुमने कुछ गलत नहीं किया ' तुम्हें ये परफ्यूम पसंद है रूद्रज उसके हाथ वाली परफ्यूम देख कहता है " हा तुम्हें भी पसंद है ना इसलिए मैने यह लिया ' ।

झलक की नजर दोनों पर थी उसने अपना कंधा पकड़ रखा था वो अंशिका को देखकर कहती है " हमें चलना चाहिए हम लेट हो रहें हैं ' ।

पर भाभी आपकी शोपिंग अभी हुई नहीं है ' झलक जो जाने के लिए पलटी थी अंशिका कि बात सुनकर कहती है " हमें ज्यादा कुछ नहीं चाहिए जितना लिया है काफी है।

इतना कहकर वो वहां से चली जाती है उसके जाने के बाद अंशिका रूद्रज को देखकर कहती है " रूद्रज भाभी को चोट लगी है क्या तुम हमारे साथ नहीं आओगे ' ।

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मैने कौनसा हाॅस्पिटल खोल रखा है जहाँ अगर मैं नहीं गया तो मेरे मरीज का इलाज नहीं होगा , तुम हो उनके साथ ' ।

अंशिका का मन कर रहा था वो रूद्रज का सर फोड़ दे अभी उसकी शादी हुई है और वो यहाँ अपनी गर्लफ्रेंड कै साथ गुलछर्रे उड़ा रहा है वो उसको गुस्से में देखते हुए वहाँ से चली जाती है रूद्रज शिप्रा को देखकर कहता है " तुम ठीक हो !

शिप्रा हा में सर हिला देती है " यार तुम्हारे भाई की शादी कब हुई बताया नहीं और इतनी सुंदर प्यारी भाभी कहा मिली कितनी खूबसूरत थी वो में चाहकर भी अपने नजरें उनसे हटा ही नहीं पाया ' रूद्रज का एक दोस्त कहता है।

रूद्रज गुस्से से मुठ्ठी कस लेता है ओर अपने दोस्त को देख बोला " भाभी है वो भी तेरी तो अपनी नजरों को काबू रख ' ।

गुस्सा क्यों कर रहा है में तो बस बता रहा था में कौनसा उन पर लाइन मार रहा हु ' रूद्रज अब उसको कुछ नहीं कहता है और शिप्रा के साथ वहाँ से चला जाता है।

वही झलक उसके हाथ में बहुत तेज़ दर्द हो रहा था पर उसको बहुत गुस्सा भी आ रहा था पहला तो रूद्रज को देखतें ही गुस्से से भर जाती है रूद्रज की इमेज ही उसके सामने अब ऐसी बन गयी थी उसके लिए रूद्रज एक घटिया आवारा लड़का था " तुमको यह परफ्यूम पसंद है,,, आया बड़ा माॅल ही लेकर दे दो उसको पर जिस दिन कमरे में लगी तस्वीर यह देखेगी भाग जाएगी यह भी,, ।

क्या हुआ आप अकेले क्या बड़बडा रहें हो भाभी,,, अंशिका उसके पिछे आकर कहती है झलक मुस्कुराने की कोशिश करते हुए कहती है " नहीं कुछ नहीं हम चले ' ।

आपको बुरा लगा होगा ना रूद्रज की हरकत पर,,, उन्होंने आपको,,!

नहीं ! हमारी शादी जिस सिचुएशन में हुई है उस हिसाब से हमें टाइम लगेगा अपने रिश्ते को आगे बढाने में,, और मैने उस बात का बुरा नहीं माना,, झलक मुस्कुराते हुए कहती है सही तो यह था कि सच में भी उसको इससे कोई प्रोब्लम नहीं हुई थी ना उसने इस बात पर जरा भी ध्यान दिया था।

अंशिका और वो दोनों घर के लिए निकल जाती है वही रूद्रज शिप्रा के साथ माॅल से बाहर आता है उनके पिछे बाकी सब भी थे शिप्रा कहती है " अब हम कहा जाए, लोंग ड्राइव पर चले क्या कहते हो रूद्रज ' ।

रूद्रज हा में सर हिलाते हुए कहता है " चलों मुझे कोई प्रोब्लम नहीं है शिप्रा मुस्कुराने लग जाती है वो सब अब वहाँ से लोंग ड्राइव के लिए चले जाते हैं।

घर पर स्वेता झलक को देखकर कहती है " आपने इतना कम समान क्यों लिया झलक बस कुछ साडिया और सुट आप कुछ ओर लेती ' ।

कैसे लेती माँ आपको पता है वहाँ,,,, वो इससे आगे कुछ कहती उससे पहले झलक कहती है " वहाँ इतना अच्छा क्लेकशन नहीं था मां तो मुझे ज्यादा कुछ पसंद नहीं आ रहा था जो पसंद आया वो मैं लेकर आ गयी ' अंशिका हैरानी से झलक को देखती है झलक ने झूठ क्यों कहा ' ।

स्वेता अब उसको कुछ नहीं कहती है उसने खाना बनाकर रखा था वो दोनों के साथ बैठकर खाने लगती है और तिनो साथ में बातें करने लग जाते हैं झलक के कंधे में दर्द था पर उसक़ो दर्द सहने की आदत थी तो वो इग्नोर कर रही थी।

झलक अपने कमरे में आ जाती है उसका कमरे में आने का मन तो नहीं कर रहा था पर इस कमरे के अलावा वो कहा जाए वो कमरे में आ जाती है और उसकी नजर जब जब उन तस्वीरो पर जाती तब तब उसका मन कर रहा था वो रूद्रज को गालियाँ दे वो वहां से बालकनी में चली जाती है उसके पास कुछ काम था नहीं और वो फ्री बैठ नहीं सकती थी क्योंकि फ्री बैठते ही रागिनी उसको याद आ जाती।

वो अपना फोन देखने लग जाती है जहाँ काॅलेज के कुछ मैसेज भी आए हुए थे झलक को‌ अब याद आया कि वो पढ़ भी रही है मुंबई आने से पहले तो उसने सोचा ही नहीं उसकी पढाई का क्या होगा पर अब उसके जहन में वही चल रहा था उसकी पढाई का क्या होगा उसक़ो आगे पढ़ना था पढाई उसको पसंद थी।

झलक उसके बारें में सोचने लग जाती है अब वो अपने अकाउंट में पैसे चैक करती है तो कुछ पैसे उसके पास थे जो उसने रागिनी कै इलाज के लिए जमा किये थे पर रागिनी को तो वो बचा नहीं पाई,,, ।

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" हम यह पैसे कैसे खर्च कर सकते हैं यह तो माँ को देने होंगे ना हाॅस्पिटल फिस,, और हमारी पढाई के लिए,, ।

झलक कुछ वक्त तक सोचती रहती है उसको क्या करना चाहिए कुछ सोचकर वो निचे चली जाती है स्वेता अपने कमरे में थी झलक दरवाजे पर नोक करते हुए कहती है " माँ हम अंदर आ जाए '

स्वेता अपनी और रागिनी की एल्बम देख रही थी वो उसको बंद कर देती है और अपने आंखों में आई नमी साफ करते हुए एल्बम अलमारी में वापस रखते हुए झलक को अंदर आने का कह देती है।

क्या हुआ झलक आपको कुछ चाहिए ? झलक स्वेता के पास आकर खडी़ हो जाती है उसका चेहरा झुका हुआ था झलक अपने हाथों को आपस में उलझाते हुए कहती है " वो हमें पुछना था कि क्या हम आगे पढ़ सकते हैं ' ।

यह कैसी बात हुई आपको कोई रोक टोक नहीं है बेटा आपको जो अच्छा लगे वो करे अगर आप पढ़ना चाहती है तो पढें आपको काम करना है तो आप हमारी कंपनी में काम कर लेंना जो कि आपको अच्छा लगे आप वो करें।

झलक उनकी बात सुनकर मुस्कुरा देती है कहा वो यह एक सोचकर परेशान हो रही थी अगर स्वेता ने मना कर दिया तो वो क्या कहेगी ।

आप अंशिका के काॅलेज में ही एडमिशन करवा लेना, वहाँ पर रूद्रज भी पढ़ रहा है और अंशिका वहाँ प्रोफेसर हैं ' ।

अंशिका प्रोफेसर हैं झलक को यह जानकर हैरानी होती है अंशिका ने तो उसको यह एक नहीं बताया था झलक हा में सर सर हिला कहती है " हम हमारा काॅलेज ट्रांसफर करवा लेते हैं, '।

स्वेता हा में सर हिला देती है झलक अब वहाँ से चली जाती है और वापस अपने रूम में जाने की बजाय अंशिका के रूम में चली जाती है जहाँ अंशिका पैंटिंग बना रही थी झलक को देखकर वो मुस्कुराते हुए कहती है " भाभी आप यहाँ कुछ काम था ' ।

" हा वो मुझे आपके काॅलेज के बारे में जानना था मेरा ग्रेजुएशन लास्ट इयर है तो मैं काॅलेज ट्रांसफर करवा रही थी आप मुझे अपने काॅलेज के बारै में डिटेल वगैरह दे सकते हैं ' झलक की बात सुनकर अंशिका पैंटिंग ब्रश रखकर खडी़ हो जाती है वो झलक से कहती है " आपका काॅलेज कौनसा था ' युनियन काॅलेज ' ।

ओके आप फ्रिक मत करो में करवा दुंगी, वैसे मुझे आपसे जानना था आपने माँ को सच क्यों नहीं बताने दिया ' अंशिका जो कब से झलक से पुछना चाहती थी अब पुछ ही लेती है अंशिका की बात सुनकर झलक कहती है " हम नहीं चाहते माँ को बुरा लगे इस बात से, और वैसे भी हमें कोई प्रोब्लम नहीं है ' ।

वो दोनों कुछ वक्त तक साथ में बैठी रहती है और बातें करती है डिनर के बाद झलक कमरे में आती है उसके कंधे में दर्द था तो वो अपनी बैग से पैन स्ट्रोंग जैल निकालती है लगाने के लिए ' ।

वो आइने के सामने चली जाती है और अपनी कुर्ती का जिप खोलकर कंधे को आइने में देखती है उसके कंधे पर गहरा निला निशाना बन गया था वो पिछली साइड था झलक आइने में देखकर पैन स्ट्रोंग जैल अप्पलाई करने को होती है कि बालकनी का दरवाजा खुलता है और रूद्रज रूम में आता है सामने झलक को देखकर वो उसकी तरफ देखता रह जाता है वही झलक की आंखे बड़ी हो जाती है और वो चिल्लाने ही वाली थी कि रूद्रज भागकर जाता है और उसके मुह पर हाथ रख लेता है उसका एक हाथ झलक के कंधे पर था दुसरा उसके मुह पर झलक आंखे बड़ी करके रूद्रज को देख रही थी और रूद्रज उसको।

चिल्लाना मत,,,, झलक हा में सर हिलाती है उसके कंधे में तेज दर्द हो रहा था रूद्रज का हाथ उसके कंधे पर जो था वो अपना हाथ हटा लेता है झलक जल्दी से अपने कपड़े सही करके रूद्रज को गुस्से में देखकर कहती है " दरवाजा क्या देखने के लिए बनाया गया है जो बालकनी से आ रहे हैं आप ' ।

रूद्रज आंखे छोटी करके झलक को देख " मेरा दिमाग पहले से खराब है तो अपनी जुबान बंद रखों समझ आया, और दरवाजा चाहे देखने के लिए हो ना हो, में बालकनी से आउ ना आउ तुम्है टेंशन लेने की जरूरत नहीं है ज्यादा ही शर्म आती है तो कमरे में वाशरूम भी बनाया गया है जो करना है उसकै अंदर जाकर किया करो ' ।

कोई जरूरत नहीं है निचे जाओ और माँ से कहो कि आपको मेरे साथ रूम शैयर नहीं करना है ' झलक गुस्से में कहती है।

तुम्हारे मुह में जबान है तो इसका इस्तेमाल मेरे सामने ही क्यों कर रही हो तुम भी जा सकती हो और यह सैम बात बोल सकती हो प्रोब्लम तो तुम्हें भी है मेरे साथ कमरा शैयर करने में ' ।

तुम,,,,

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