The billionior student - Chapter 12
Millionaire Romantic Student"अरे भाई, तुम पीछे हटने वाले तो नहीं हो न? या ये मार तुम्हारी ज़रूरतों पर खरी नहीं उतरी?"
यह देखकर कि लकी वर्मा चुप है, आर्यन ने फर्श से गुलाब की वही टूटी हुई टहनी उठाई जो उसने अभी-अभी फेंकी थी। उसने लकी के गालों पर दो बार और थपथपाया।
"बताओ, क्या तुम आगे भी सानिया का पीछा करने की हिम्मत करोगे?"
"नहीं, नहीं, बिल्कुल नहीं करूँगा..."
लकी वर्मा ने अपना खून और आंसुओं से सना चेहरा ढक लिया और गिड़गिड़ाया।
"मैं फिर कभी हिम्मत नहीं करूँगा, प्लीज़ मुझे जाने दो भाई।"
"कसम खाओ। कहो कि अगर तुमने सानिया का फिर से पीछा किया, तो तुम्हारा पूरा खानदान खत्म हो जाएगा।"
आर्यन ने डराया।
"वरना, मैं आज तुम्हें यहीं पीट-पीटकर मार डालूँगा!"
"तुम..."
लकी वर्मा शर्म और गुस्से से लाल हो गया। यह तो हद हो गई!
चटाक! चटाक!
आर्यन ने बिना कुछ कहे उसे दो और थप्पड़ जड़ दिए।
"मारना बंद करो भाई, मैं कसम खाता हूँ... अगर मैंने फिर से सानिया का पीछा किया, तो मेरा पूरा परिवार मर जाएगा। बस?"
लकी वर्मा और भी ज़ोर से रोने लगा।
"ठीक है... सानिया, क्या इतना काफी है?"
"बस करो।"
सानिया ने ठंडे स्वर में कहा। उसे डर था कि अगर उसने नहीं रोका, तो आर्यन सचमुच इस लकी को जान से मार देगा।
"हेहे, तो मैं परीक्षा में पास हो गया?"
आर्यन ने मुस्कुराते हुए पूछा।
सानिया ने आर्यन के मुस्कुराते चेहरे को देखा, एक गहरी साँस ली और खुद को शांत किया।
हालाँकि वह 'हाँ' नहीं कहना चाहती थी, लेकिन उसने जुबान दी थी और अब वह अपनी बात से पीछे नहीं हट सकती थी।
"पास!"
"बढ़िया।"
आर्यन ने टहनी फेंक दी, लकी वर्मा की ओर देखा जो बुरी तरह रो रहा था, और एक झूठी आह भरी।
"बेचारा, यह तुमसे बहुत प्यार करता है सानिया। मैंने इसे तुम्हारा पीछा करने से रोका, तो देखो कैसे बच्चों की तरह रो रहा है।"
"..."
सानिया ने आर्यन को घूरा। 'साफ़ तौर पर तुमने ही उसे पीट-पीटकर रुलाया है!'
"ठीक है, अब रोना बंद करो। इस जगह को साफ़ करो और यहाँ से दफा हो जाओ।"
आर्यन ने फिर लकी वर्मा को आदेश दिया।
"तुम जैसे लोगों की वजह से ही मैं अपनी 'शरीफ और संस्कारी' छवि बरकरार नहीं रख पा रहा हूँ... सानिया, प्लीज़ मुझे गलत मत समझना, मैं असल में बहुत शांत स्वभाव का हूँ।"
लकी वर्मा उसे जी भरकर गालियां देना चाहता था। 'साले, तूने मुझे सुअर की तरह पीटा, और अब कह रहा है कि तू शांत है? मज़ाक चल रहा है क्या!'
हालाँकि, उसने एक शब्द भी कहने की हिम्मत नहीं की, डर था कि अगर मुँह खोला, तो फिर पिटेगा।
समझदार आदमी वही है जो हारी हुई बाजी से निकल ले। वह अभी तो सह लेगा, लेकिन बाद में इस आर्यन का ऐसा हाल करेगा कि उसकी सात पुश्तें याद रखेंगी!
"क्या सोच रहा है बे? बदला लेना चाहता है? अगर बदला लेना है, तो आ जा, मैं तेरा इंतज़ार कर रहा हूँ!"
आर्यन ने लकी वर्मा की मंशा भांप ली और उसे एक और लात मारी।
"अनाड़ी कहीं का, ठीक से साफ़ भी नहीं कर सकता! चल निकल यहाँ से!"
यह सुनते ही, लकी वर्मा लड़खड़ाते हुए वहां से भाग खड़ा हुआ।
दस मीटर दूर जाने के बाद, वह रुका, आर्यन की तरफ़ उंगली उठाई और चिल्लाया, "साले, तूने मुझे मारने की हिम्मत की... रुक, अगर मैं तुझे खत्म न कर दूँ, तो मेरा नाम भी लकी वर्मा नहीं!"
"क्या बोला बे!"
आर्यन ने आँखें तरेरीं और उसकी तरफ बढ़ा।
लकी वर्मा डर के मारे काँप उठा और दुम दबाकर भागा। भागते-भागते चिल्लाया, "रुक जा तू... और सानिया, तूने मुझे पिटवाया न? मैं तुझे भी नहीं छोड़ूँगा!"
"तू मुझे गाली दे, चलेगा। लेकिन मेरी बीवी को गाली देने की हिम्मत कैसे हुई?"
आर्यन का पारा चढ़ गया। उसने नीचे झुककर एक और टहनी उठाई और लकी के पीछे दौड़ा। "रुक साले, आज तेरा मुँह तोड़कर ही मानूँगा!"
"आर्यन, यह 'बीवी' कौन है तुम्हारी!"
सानिया ने आर्यन को घूरकर देखा और सोफ़े पर बैठ गई।
"यह ऑफिस है, यहाँ फालतू बकवास नहीं चलेगी!"
"ओह, समझ गया। मतलब जब हम ऑफिस में नहीं होंगे, तब मैं तुम्हें 'बीवी' कह सकता हूँ, है ना?"
आर्यन ने लकी का पीछा करना छोड़ दिया। वह सानिया के सामने बैठ गया और मुस्कुराया।
"ऑफिस में, मुझे 'मैडम' या 'बॉस' कहो। और ऑफिस के बाहर भी, अपनी जुबान लगाम में रखो।"
"चुप रहो! अगर तुमने फिर से बकवास की, तो मैं तुम्हें अभी नौकरी से निकाल दूँगी!"
सानिया का सुंदर चेहरा सख्त हो गया।
"बिल्कुल नहीं! मैंने टेस्ट पास कर लिया है। अब से मैं तुम्हारा ऑफिशियल बॉडीगार्ड हूँ। तुम जहाँ भी जाओगी, मैं तुम्हारे साथ साये की तरह रहूँगा।"
आर्यन सोफ़े पर आराम से फैल गया, जेब से सिगरेट निकाली और जलाने ही वाला था।
"मेरे ऑफिस में स्मोकिंग मना है!"
सानिया ने कड़क आवाज़ में कहा।
"अगर तुम्हें सिगरेट पीनी है तो बाहर जाओ!"
"ठीक है भाई, नहीं पीता... अब तो तुम्हारी नौकरी करता हूँ, तो बात माननी ही पड़ेगी।"
आर्यन ने कंधे उचकाए और सिगरेट वापस रख दी।
"वैसे सानिया, तुम मुस्कुराते हुए बहुत सुंदर लगती हो। तुम्हें थोड़ा और मुस्कुराना चाहिए, हमेशा इतना खडूस चेहरा मत बनाया करो..."
"बकवास बंद करो। भले ही तुम पास हो गए हो, मैं तुम्हें कभी भी नौकरी से निकाल सकती हूँ!"
सानिया ने आर्यन को चेतावनी दी।
"अगर तुम्हें कंपनी में टिकना है, तो तुम्हें मेरे नियम मानने होंगे।"
"कोई बात नहीं बॉस, जो हुक्म।"
आर्यन ने आज्ञाकारी बच्चे की तरह सिर हिलाया।
"पहला नियम: तुम्हें कंपनी में किसी को भी हमारे 'रिश्ते' (सगाई) के बारे में बताने की इजाज़त नहीं है।"
सानिया अब शांत थी। वह जानती थी कि वह आर्यन को रोक नहीं सकती, तो कम से कम उसे कंट्रोल तो कर सकती है।
"हेहे, हमारा रिश्ता क्या है?"
आर्यन ने शरारत से पूछा।
"क्या मैं बता दूँ कि तुम मेरी मंगेतर हो?"
"चुप रहो!"
सानिया फिर भड़क गई।
"अगर तुमने ऐसा कहने की हिम्मत की, तो मैं तुम्हें सचमुच निकाल दूँगी!"
"अच्छा बाबा नहीं कहता, कसम से नहीं कहूँगा। वैसे भी मुझे डर है कि अगर मैंने ऐसा कहा, तो लोग मुझे 'जिगोलो' समझेंगे जो अमीर लड़की के पैसों पर पलता है। मेरी भी कोई इज़्ज़त है यार।"
आर्यन ने सिर हिलाया। वैसे सच तो यह था कि अगर उसने बता दिया कि उसकी सगाई हो चुकी है, तो वह ऑफिस की दूसरी लड़कियों को कैसे पटायेगा?
उसने सुना था कि इस कंपनी में लड़कियों की भरमार है। अब मौका मिला है तो हाथ तो आज़माना ही पड़ेगा!
"तुम्हें सच में कोई शर्म नहीं है, है ना?"
सानिया ने ताना मारा।
"दूसरा नियम: चूँकि तुम अब कंपनी के कर्मचारी हो, तुम्हें सारे नियम मानने होंगे..."
"तीसरा..."
"चौथा..."
आर्यन का सिर घूमने लगा। इतनी सारी शर्तें? यह नौकरी है या जेल?
हालाँकि, उसने कुछ बोलने की हिम्मत नहीं की, कहीं सानिया उसे सचमुच बाहर न निकाल दे।
सानिया भी हैरान थी; क्या यह लड़का सचमुच उसकी सारी बात मान रहा है?
उसने जानबूझकर इतनी कड़ी शर्तें रखी थीं ताकि आर्यन तंग आकर खुद ही भाग जाए।
"वैसे तुम मेरे बॉडीगार्ड बनने के पीछे क्यों पड़े हो? तुम्हें आठ लाख रुपये मिल रहे थे, आज़ाद घूमते, मजे करते... यह नौकरी क्यों?"
सानिया खुद को रोक नहीं पाई और पूछ बैठी।
"क्योंकि मैं तुम्हारी रक्षा करना चाहता हूँ।"
आर्यन का मज़ाकिया अंदाज़ अचानक गायब हो गया। उसकी आँखों में एक गहराई और अपनापन आ गया।
"चिंता मत करो सानिया, जब तक मैं यहाँ हूँ, दुनिया की कोई ताकत तुम्हें छू भी नहीं सकती!"
"..."
सानिया की नज़र आर्यन की उन गहरी आँखों से मिली। उसका दिल ज़ोर से धड़क उठा। एक ऐसा अहसास हुआ जो उसने पहले कभी महसूस नहीं किया था। एक अजीब सी सुरक्षा और अपनापन।
ठक-ठक...
जैसे ही माहौल थोड़ा रोमांटिक होने वाला था, दरवाजे पर दस्तक हुई।
"मैडम?"
सेक्रेटरी अंदर झांक रही थी।
"धत् तेरे की, कबाब में हड्डी!"
आर्यन ने मन ही मन गाली दी। अभी तो माहौल बन रहा था!
"आह? हाँ, अंदर आओ!"
सानिया सकपका गई, उसने जल्दी से अपनी नज़रें आर्यन से हटाईं और अपनी कुर्सी पर सीधे बैठ गई।
"मैडम, वो बाहर..."
सेक्रेटरी अंदर आई। उसने फर्श पर बिखरे फूलों और आर्यन को सोफ़े पर बैठे देखा, उसे समझ आ गया कि यहाँ कुछ ड्रामा हुआ है।
"सफाई कर्मचारी को बुलाओ और यह सब साफ़ करवाओ। और हाँ, इस मिस्टर आर्यन की जॉइनिंग प्रक्रिया पूरी करवा दो। आज से, यह मेरा पर्सनल बॉडीगार्ड है।"
सानिया ने अपनी प्रोफेशनल टोन में आदेश दिया।
"जी मैडम,"
सेक्रेटरी ने जल्दी से नोट किया।
"और इसके लिए एक ऑफिस का इंतज़ाम भी कर दो।"
सानिया ने जोड़ा।
"कहाँ... कहाँ इंतज़ाम करें मैडम? आपके केबिन के बाहर? या किसी और फ्लोर पर?"
"सेफ्टी एंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट में। क्या वहाँ कोई खाली जगह है? बस इसे वहीं बिठाओ।"
सानिया नहीं चाहती थी कि आर्यन उसके दरवाज़े के ठीक बाहर बैठा रहे; वह जितना दूर रहेगा, उसके दिल की धड़कनें उतनी ही शांत रहेंगी।