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Chapter 21

The billionior student - Chapter 21

Millionaire Romantic Student

"मिस्टर करण, आप मेरा अपमान कर सकते हैं, लेकिन मेरे पेशे का नहीं!"

करण की घटिया बातें सुनकर जिया की मुस्कान गायब हो गई। उसकी आवाज़ अब बर्फीली हो गई थी।

"शायद आपको पीआर (PR) के काम को लेकर कुछ गलतफहमी है..."

"गलतफहमी? हा! मैंने क्या गलत समझा?"

करण ने ताना मारा।

"जिया, सीधी बात नो बकवास। अगर तुम आज रात मुझे खुश करोगी, तो कल सुबह चेक तुम्हारे हाथ में होगा। वरना, भूल जाओ अपने पैसे।"

"अगर आप ऐसी बात करेंगे मिस्टर करण, तो हमें कानूनी रास्ता अपनाना पड़ेगा।"

जिया ने भारी मन से धमकी दी।

"तो..."

"कानूनी रास्ता? हाहाहा! तुम किसे डराने की कोशिश कर रही हो मैडम? क्या तुम्हें लगता है कि मैं वकीलों से डरता हूँ?"

करण घमंड से हँसा।

"मुझे डराने चली हो? ठीक है, तो अब मेरा ऑफर बदल गया है। मैंने सुना है कि तुम्हारी कल्याणी ग्रुप की मालकिन, वो सानिया, बहुत बड़ी हस्ती है। अगर तुम्हें पैसे चाहिए, तो सिर्फ तुम ही नहीं, बल्कि उस सानिया को भी मुझे खुश करना होगा।"

"मिस्टर करण, अपनी जुबान पर लगाम लगाइए!"

जिया गुस्से से चिल्लाई।

"मैं आपकी इज़्ज़त कर रही हूँ, इसका मतलब यह नहीं कि आप..."

"जिया जी, ऐसे नीच इंसान की इज़्ज़त करने का क्या फायदा?"

जिया अपनी बात पूरी कर पाती, उससे पहले ही एक शांत आवाज़ गूंजी।

अगले ही पल, आर्यन बिजली की तरह आगे बढ़ा। उसने मेज़ पर रखी भारी कांच की ऐशट्रे उठाई और करण के सिर पर दे मारी।

धमाका!

कांच और खून के छींटे हर तरफ बिखर गए।

"आहहह!"

करण के सिर में भयानक दर्द हुआ, और उसकी चीख पूरे ऑफिस में गूंज गई।

"आर्यन..."

इस खूनी मंज़र को देखकर जिया सन्न रह गई। वह अपनी जगह से खड़ी हो गई, उसका चेहरा सफ़ेद पड़ गया।

"जिया जी, थोड़ा पीछे हट जाइए, कहीं खून आपके कपड़ों पर न लग जाए।"

आर्यन ने जिया की तरफ देखकर हल्का सा मुस्कुराया, और फिर ऐशट्रे को दोबारा नीचे पटका।

धमाका!

इस बार, ऐशट्रे सीधे करण के चेहरे पर लगी। उसकी नाक की हड्डी टूटने की आवाज़ आई।

"आहहहहह!"

करण की चीख और भी तेज और दर्दनाक हो गई।

"बाप रे! यह तो बहुत बेरहम है!"

करण की हालत देखकर विक्रम की आँखें फटी रह गईं। 'प्यार से बात करके दिल जीतने' वाली बात कहाँ गई?

यह तो 'मार-मार कर दिल जीतने' वाली बात हो गई!

"यह दो वार इसलिए थे क्योंकि तूने सानिया और जिया जी के बारे में गंदी बात की..."

आर्यन ने एक हाथ से करण के बाल पकड़े और दूसरे हाथ में खून से सनी ऐशट्रे थामी हुई थी। उसकी आवाज़ एकदम शांत थी।

"अब, चलो उस पेमेंट की बात करते हैं जो तुझे देनी है।"

"आह... मैं तुझे... जान से मार डालूँगा... खाँस... खाँस..."

करण तड़प रहा था, उसके मुँह में खून भर गया था जिससे उसका दम घुट रहा था।

"मिस्टर करण..."

बाहर खड़े कर्मचारियों ने शोर सुना और दौड़कर अंदर आए।

जब उन्होंने अपने बॉस को खून से लथपथ देखा, तो वे हक्के-बक्के रह गए।

"मारो इसे... मेरे लिए इसे मार डालो! जल्दी!"

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अपने आदमियों को देखते ही करण दहाड़ा।

"विक्रम, इन्हें रोक लोगे न?"

आर्यन ने मुड़कर पूछा।

"कोई शक नहीं भाई!"

विक्रम ने अपनी उंगलियां चटकाते हुए मुस्कुराकर जवाब दिया और उन सुरक्षा गार्डों की तरफ बढ़ा।

"जल्दी करो, सिक्योरिटी को बुलाओ..."

कुछ ही पलों में, रबर की लाठियाँ लिए सात-आठ सुरक्षाकर्मी अंदर घुस आए।

लेकिन विक्रम के सामने वे कुछ भी नहीं थे।

आखिर विक्रम 'कोबरा कमांडो' का पूर्व सिपाही था। उसकी फाइटिंग स्किल्स के आगे ये गार्ड बच्चे थे!

विक्रम को मोर्चा संभालते देख, आर्यन ने करण की ओर देखा और मुस्कुराते हुए पूछा, "मिस्टर करण, मैं फिर पूछता हूँ, क्या आप पैसे देंगे?"

"भाड़ में जा तू..."

करण अभी भी अकड़ में था, उसने मुँह से खून और एक टूटा हुआ दाँत थूका।

"वाह, मान गया भाई। तुम तो असली मर्द निकले।"

आर्यन की मुस्कान और गहरी हो गई। उसने करण का बायाँ हाथ पकड़ा और मेज़ पर ज़ोर से दबा दिया।

"उम्मीद करता हूँ तुम्हारी हड्डियाँ इस ऐशट्रे से ज्यादा मज़बूत होंगी।"

धम्म!

ऐशट्रे करण के हाथ पर गिरी। खून का फव्वारा छूट गया।

"आहहहहह!"

करण की आँखें पलट गईं, वह दर्द से लगभग बेहोश हो गया।

"आर्यन..."

जिया का चेहरा पीला पड़ गया। हालाँकि वह दुनियादारी समझती थी, लेकिन उसने अपनी आँखों के सामने इतनी हिंसा कभी नहीं देखी थी।

"चिंता मत कीजिए जिया जी, कोई मरेगा नहीं। यह अभी थोड़ी देर में चेक साइन कर देगा।"

आर्यन ने तसल्ली दी।

"..."

जिया ने आर्यन के मासूम चेहरे को देखा, और फिर खून से लथपथ करण को। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह इस आदमी से डरें या इसका शुक्रिया अदा करें।

"मिस्टर करण, अब बताइये, पैसे देंगे या नहीं? अगर नहीं, तो अगला नंबर आपके दाहिने हाथ का है।"

आर्यन ने अपने हाथ में खून से सनी ऐशट्रे को हवा में उछाला।

"और याद दिला दूँ, अगर दाहिना हाथ भी गया, तो ज़िन्दगी भर अपनी गांड पोंछने के लिए भी दूसरों का सहारा लेना पड़ेगा।"

"नहीं... नहीं! मैं पैसे दे दूँगा... मैं दे दूँगा!"

करण अब पूरी तरह टूट चुका था। उसे यकीन हो गया था कि अगर उसने ना कहा, तो आर्यन सचमुच उसका हाथ तोड़ देगा।

"हेहे, लगता है तुम्हारी हड्डियाँ इतनी मज़बूत नहीं थीं।"

आर्यन मुस्कुराया और उसने करण का हाथ छोड़ दिया।

"अभी तुरंत पैसे ट्रांसफर करो।"

"ठीक है... करता हूँ..."

करण हाँफते हुए सोफ़े पर गिर पड़ा।

"जिया जी, काम हो गया।"

आर्यन ने ऐशट्रे एक कोने में फेंक दी और आराम से कुर्सी पर बैठ गया।

"..."

जिया को अब पछतावा हो रहा था कि वह आर्यन को साथ क्यों लाई। करण को इस तरह पीटना बहुत बड़ी मुसीबत बन सकता है।

लेकिन... सच कहूँ तो, उस घटिया आदमी की यह हालत देखकर उसे अंदर ही अंदर बहुत सुकून भी मिल रहा था।

उसे अपने साथ सुलाने के सपने देख रहा था?

अपनी औकात देखी है?!

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"आर्यन भाई, कोई लफड़ा तो नहीं होगा? अगर इसने पुलिस बुला ली तो..."

गार्डों को निपटाकर विक्रम वापस आया और धीरे से पूछा।

"इसकी हिम्मत नहीं होगी। अगर इसने पुलिस बुलाई, तो मैं इसकी एक-एक हड्डी का चूरा बना दूँगा,"

आर्यन ने बेफिक्री से कहा।

"..."

आर्यन की बातें सुनकर करण इतना डर गया कि वह सोफ़े से फिसलकर ज़मीन पर आ गिरा।

"अगर पुलिस नहीं भी आई, तो भी इसे पीटने से कंपनी को परेशानी हो सकती है,"

जिया ने चिंता जताई।

"सानिया मैडम क्या सोचेंगी..."

"जब सानिया को पता चलेगा, तो वो मेरी पीठ थपथपाएंगी,"

आर्यन ने पूरे विश्वास के साथ कहा।

"उनके बॉडीगार्ड होने के नाते, मेरा फर्ज है कि मैं न सिर्फ उनकी सुरक्षा करूँ, बल्कि उनकी इज़्ज़त पर उंगली उठाने वाले की उंगली भी तोड़ दूँ!"

"..."

जिया आर्यन को देखती रह गई। उसके पास कहने को कुछ नहीं था।

"जल्दी कर और पैसे भेज, वरना तेरी वो तीसरी टांग भी तोड़ दूँगा... बड़ा शौक है न तुझे सोने का? ऐसा तोड़ूँगा कि ज़िन्दगी भर किसी औरत के पास जाने लायक नहीं बचेगा!"

आर्यन ने करण को घूरते हुए धमकी दी।

"जी... जी भाई..."

करण ने डर के मारे अपने पैर सिकोड़ लिए। अपने बचे हुए दाहिने हाथ से, उसने काँपते हुए अपना फ़ोन निकाला।

लेकिन पैसे ट्रांसफर करने से पहले, उसने चुपके से एक मैसेज टाइप किया और भेज दिया।

उसका पुलिस बुलाने का कोई इरादा नहीं था।

आर्यन को जेल भिजवाने से उसका बदला पूरा नहीं होता।

उसे तो आर्यन को तड़पा-तड़पा कर मारना था!

"बस पहुँच रहे हैं!"

जब उधर से जवाब आया, तो करण ने राहत की साँस ली और तुरंत बैंकिंग ऐप बंद कर दिया।

पैसे ट्रांसफर?

मेरा जूता ट्रांसफर करे पैसे!

अब तो वह एक फूटी कौड़ी भी नहीं देने वाला था!

"तू पैसे क्यों नहीं भेज रहा? रुक क्यों गया?"

आर्यन ने भांप लिया कि कुछ गड़बड़ है। उसकी भौंहें तन गईं।

"ओए लड़के, तू... तू है कौन बे?"

हिम्मत जुटाकर करण ने दाँत पीसते हुए पूछा।

"तूने मुझे मारने की हिम्मत की? आज तेरा खेल खत्म!"

"ओह? लगता है तूने अपने गुंडे बुला लिए हैं?"

आर्यन हँसा और उसकी तरफ बढ़ा।

"तू ज्यादा होशियार नहीं लगता। तेरे आदमी अभी आए भी नहीं हैं, और तू अभी से शेर बन रहा है?"

"मैं..."

"तेरा 'मैं' का क्या मतलब है? अगर अभी के अभी पैसे ट्रांसफर नहीं किए, तो मैं तुझे सचमुच अपाहिज बना दूँगा!"

आर्यन की मुस्कान गायब हो गई। उसने फिर से वही खूनी ऐशट्रे उठा ली।

"नहीं, नहीं! मुझे मत मारो! मैं अभी भेजता हूँ... कसम से अभी भेजता हूँ!"

करण ने उस ऐशट्रे को देखा और उसकी रही-सही हिम्मत भी जवाब दे गई। उसने जल्दी से अपना फ़ोन उठाया।

"अकाउंट नंबर क्या है?"

"जिया जी, इसे अकाउंट नंबर बताइए।"

"हूँ? ओह, हाँ।"

जिया अभी भी सदमे में थी। बात यहाँ तक पहुँच गई थी, अब उसके पास आर्यन की बात मानने के अलावा कोई चारा नहीं था।

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