Fanaa Teri Mohabbat mein - Chapter 4
Fanaa Teri Mohabbat meinतुम्हारा ये गोरा बदन. उफ्फ़, अब समझ में आया कि लड़के तुम्हारे पीछे इतने पागल क्यों थे? कुछ भी कहो खूबसूरत तो बहुत हो तुम। इतनी खूबसूरत की किसी मुर्दे को भी ज़िंदा होने पर मजबूर कर दो। What a seductive body." इतना कहकर आरव झुका और उसने नैना को अपनी गोद में उठाकर बिस्तर पर लाकर पटक दिया। कुछ ही देर में आरव ने नैना के शरीर के ऊपर बचे बाकी सारे कपड़े भी निकाल दिए और उसे कमरे में नैना की दर्द भारी आंहे सुनाई देने लगी । आरव ने आज इस कमरे में नैना के साथ हैवानियत की हर एक हद पार कर दी थी। दर्द में करा रही नैना पर उसे एक पल के लिए भी दया नहीं आई बल्कि उसकी आंहो के साथ आरव का गुस्सा और उसका पागलपन और बढ़ता जा रहा था। आखिरकार 3 घंटो के बाद कहीं जाकर आरव का पागलपन शांत हुआ । पसीने में लथपथ आरव नैना के बगल में ही लेट गया। वही नैना भी अब थककर चुर हो चुकी थी। उस हालत में दर्द के मारे नींद कब आ गई ये उसे भी पता नहीं चला।दिन ढल चुका था, रात हो चुकी थी। जब नैना की आंखें खुली तब उसने आरव को अपने बगल में लेटे हुए पाया। आरव का चेहरा देखकर नैना को उससे नफरत हो रही थी और अपने आप से घिन आ रही थी। "4 साल पहले जो कुछ भी हुआ उसमें मेरी गलती नहीं थी लेकिन तुमने एक बार भी मेरी बात नहीं सुनी और आज उस बात का बदला लेने के लिए तुमने मेरे भाई की मजबूरी का फायदा उठाया है आरव । इस बात के लिए मैं तुम्हें कभी माफ नहीं करूंगी। I wish के इस रात के बाद अपनी पूरी जिंदगी में मुझे तुम्हारा चेहरा दोबारा कभी देखना ना पड़े। मैं तुमसे नफरत करती हूं और पूरी जिंदगी तुमसे नफरत करती रहूंगी।" नैना को अपने शरीर के मे दर्द महसूस हो रहा था इसलिए वो उठकर बाथरूम में खुद को साफ करने के लिए चली गई। जब वो आईने के सामने खड़ी थी तो उसने अपने शरीर के हर एक हिस्से पर आरव के काटने के, उसके दांतों के निशान देखे जो अब तक लाल हो चुके थे।नैना को अपने आप से नफरत होने लगी थी। वो आईने में अपने आप से आंखें तक नहीं मिल पा रही थी। लेकिन तभी अचानक उसके कंधे पर किसी ने अपने होंठ रखे। अचानक ये सब होने पर नैना थोड़ी सी घबरा गए लेकिन किसी ने उसे कसकर अपने करीब कर लिया। नैना के सामने इस वक्त आरव खड़ा हुआ था। नैना की लाल आंखें और उसके सफेद पड़ चुके चेहरे को देख उसने प्यार से उसके गाल और बालों को सहलाते हुए पूछा। "क्या हुआ दर्द हो रहा है?" आरव ने इतने प्यार से नैना से ये बात पूछी थी । कि वो अपने आप को रोक नहीं पाई। उसने बस हा में अपना सर हिलाया लेकिन उसके बाद आरव ने जो कहा उसे सुनकर नैना की आंखों में उसके लिए नफरत वापस लौट आई। आरव ने कहा। "लेकिन तुम्हें इतना दर्द क्यों हो रहा है? तुम्हें तो इसकी आदत होगी ना? हर रात अलग-अलग लड़के के साथ तुम यही तो करती हो। न जाने आज तक कितने लड़कों और आदमियों के साथ तुमने.। आरव अपनी बात पूरी कर पाता उससे पहले ही नैना वहां से जाने लगी लेकिन आरव ने उसका हाथ पकड़ कर उसे शावर के नीचे खड़ा कर दिया और hot water tap on कर दिया। हल्के गर्म पानी की बूंदे नैना और आरव के ऊपर गिरने लगी। आरव मुड़कर वहां से जाते हुए बोला, "गर्म पानी से नहा लो तुम्हें अच्छा लगेगा। वैसे भी अभी तो पूरी रात तुम्हें ये दर्द बर्दाश्त करना है।" कुछ देर में जब नैना नहा कर बाथरोब में बाथरूम से बाहर निकली तो उसके गीले बाल और महकते हुए बदन की खुशबू पूरे कमरे में बिखर गई। आरव इस वक्त boxer पहने हुए सोफे पर आराम से बैठे हुए अपने फोन पर कुछ काम कर रहा था लेकिन जैसे ही उसने नैना को बाथरूम से बाहर आते हुए देखा उसने अपना फोन साइड में रखा और नैना के पास जाकर उसे अपनी गोद में उठा लिया और उसे लेकर बिस्तर पर आ गया।क्षआरव ने एक झटके में ही नैना का बाथरोब उसके शरीर से अलग कर दिया और उसके साथ फिर वही हैवानियत का सिलसिला शुरू कर दिया।