MiniFM
Previous
Next
Chapter 16

आपने बीबी नही मानता।

Fanaa Teri Mohabbat mein

वही दूसरी ओर

शहर के city हॉस्पिटल के वीआईपी वॉर्ड के अंदर बेड पर लेटी एक मिडिल एज औरत जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी। उसी समय भागते हुए एक लड़का उस वॉर्ड के अंदर आया। वो लड़का बहुत घबराया हुआ था। वो अपनी जगह पर ही चुपचाप खड़ा था। ऐसा लग रहा था जैसे उसके पैरों में जान ही ना हो। वही मिडिल एज औरत की नजर जब उस लड़के पर गयी तो वो अपने आंखों से ही इशारा करके उसे अपने पास बुलायी।।

वो लड़का जल्दी से बेड पर लेटी औरत के पास जाकर बोला, "मॉम आप." वो लड़का आगे कुछ बोल ही नहीं पाया। उसका गला भर आया था। वो अपनी मॉम की तरफ अपने नम आंखों से देख रहा था। पहली बार उसकी आंखों में आंसू थे।।

"रवि बे. बेटा अपनी मॉम की एक बात मानोगे।" प्रतिभा बेजान सी औरत अपनी धीमी सी आवाज में अपने बेटे से बोली।।

"मॉम आप बोलिये क्या बात हैं। आपका बेटा आपकी हर बात मानेगा।" रवि अपनी मॉम के हाथ को अपने हाथ में लेकर बोला।।

"बेटा मैं अपनी बहू देखना चाहती हूं।" रवि की मॉम प्रतिभा जी बोली। प्रतिभा जी की बात सुन रवि के चेहरे के भाव एकदम से बदल गये। उसका चेहरा एकदम से सक्त हो गया।।

"मॉम प्लीज मुझे नहीं करनी। रवि प्रतिभा जी की तरफ देख कर तुरंत बोला। इतना बोल वो प्रतिभा जी से दूर होने लगा। पर तभी प्रतिभा जी ने अपने बेटे के हाथ को पकड़ लिया।।

"क्या अपनी Mom की Last wish भी पूरी नहीं करोगे।" प्रतिभा जी अपनी कांपती हुई आवाज में बोली। रवि अपनी मॉम के शब्दों को सुन भावुक हो गया। उसे समझ नहीं आया कि वो क्या बोले।।

“ Okay Mom" रवि अपनी Emotional tone में बोला।

“पर वो लड़की नैना ही होना चाहिए।

पर मेरी एक विश है मेरी बाहू मान्यता हो ना कि नैना। ये सुन रवि कि गुस्से से लाल हो गया। और चिल्लाते हुए कहा कभी भी नहीं।

रवि की इतनी तेज आवाज़ सुनकर प्रतिभा जी ने अपने दिल पर हाथ रख लिया और गहरी गहरी सांस लेने लगी। रवि अब कुछ नहीं बोला और चुपचाप वॉर्ड से बाहर चला गया।। मान्यता को ये message दे दिया था और मान्यता तो पहले से ही रवि को पसंद करती थी। पर ये आरव को बर्दाश्त नहीं था । पर धर के आगे उस ने कुछ नहीं कर सकता था। कुछ देर बाद रवि और मान्यता कोर्ट के बाहर खड़े थे । दोनों के रिश्ते को कोर्ट से मंजूरी मिल गई थी और शादी जैसे पवित्र रिश्ता पर मोहर लग चुकी थी । । कुछ देर बाद वो hospital के लिए निकल पड़े। कुछ ही देर में रवि की कार hospital के सामने रुकी और एक पल गावय वो hospital के अंदर चला गया।और मान्यता बस रवि को जाता देख रहीं थीं। उस को बुरा तो लगा रहा था। पर उस को लगा कि नाई नाई रिश्ते को आपनने में समय लगता है।

वही दूसरी ओर रवि ने असिस्टेंट से कहा नैना का पता करो जहां भी हो पर जल्दी से मेरे पास ले कर आओ । अब दुरी बर्दाश्त नहीं होती । असिस्टेंट ने कहा पर सर आप कि तो मान्यता से शादी कर ली है तो , असिस्टेंट की बात सुन रवि के जाते हुए कदम रुक गये और वो असिस्टेंट की तरफ देखते हुए बोला, "आर यू मैड, तुम पागल हो गया है क्या? मैं मानता को आपने बीबी नही मानता।

उन दोनों के जाने के बाद वही एक साइड एक कॉर्नर में खड़ी मान्यता बाहर आई । उसकी आंखों से मोटे- मोटे आंसू गिर गए थे । उसका चेहरा रेड हो गया था । जैसे उसे रवि की बातें चुभ गयी हो । वो अपने आंसुओं को बेदर्दी तरीके से साफ की और बोली, मैं पागल थी दो दो तीन मुलाकात में आप से प्यार कर बैठी।

Was this chapter good?