Fanaa Teri Mohabbat mein - Chapter 10
Fanaa Teri Mohabbat meinहाथ छोड़ो मेरा आरव, कहां लेकर जा रहे हो मुझे? छोड़ो.।" नैना चिल्लाती रही लेकिन आरव ने उसकी एक बात नहीं सुनी और उसे अपने साथ कार में बिठाकर वहां से ले गया।
जाते वक्त आरव ने आरव को कुछ इंस्ट्रक्शन दिए और फिर नैना को लेकर वहां से चला गया। कुछ देर में नैना और आरव दोनों शहर से दूर एक फार्म हाउस पर पहुंचे। उस फार्म हाउस को देखकर नैना की आंखों में एक अजीब सी घबराहट आ गई।
"ये जगह. तुम. तुम मुझे यहां क्यों लेकर आए हो? हम यहां क्या कर रहे हैं?"
आरव ने नैना के गर्दन को अपने एक हाथ से दबोच लिया और उसे अपने चेहरे के बहुत पास लाकर उसके होठों के पास आकर कहा, "इस जगह को भूल गई क्या? याद नहीं है, यही वो जगह है जहां पर तुमने मुझे धोखा दिया था। वो कहते हैं ना जो कहानी जहां से अधूरी रह जाए उसे वहीं से शुरू करना चाहिए। वो रात मेरी सजा की रात थी और आज की रात तुम्हारी सजा की रात होगी। उस रात जितना मैं तड़प था उतना ही आज रात तुम तड़पोगी।"
आरव कार से बाहर निकाला और जबरदस्ती नैना को खींचते हुए उसे फार्म हाउस के अंदर ले आया।
आरव नैना को उसे बड़े से फार्म हाउस के एक कमरे में ले गया जो सबसे ऊपर के फ्लोर पर था। जैसे ही आरव ने उसे कमरे का दरवाजा खोल कमरे को बहुत अच्छे से सजाया हुआ था। वहां पर लाल रंग के गुलाब और सेंटर कैंडल्स थी जिसे पूरा कमरा महक रहा था, वो किसी शादीशुदा जोडे की पहली रात का कमरा लग रहा था, सुहाग की सेज सजी हुई थी और वहां पर फूल बिछाए हुए थे।
नैना बहुत ही ध्यान से उसे कमरे को देख रही थी जैसे उसे कमरे के साथ उसकी कोई पुरानी याद जुड़ी हुई हो। तभी आरव ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया और नैना को पीछे से जबरदस्ती कसकर गले लगा लिया।
आरव की पकड़ इतनी मजबूत थी कि नैना को दर्द हो रहा था। उसने छटपटा कर खुद को उससे छुड़ाने की कोशिश की लेकिन आरव की ताकत के सामने वो हार गई।
"आरव छोड़ो मुझे, मुझे दर्द हो रहा है। Please you are hurting me."
आरव ने अपनी टाइ से नैना के दोनों हाथ कसकर उसकी कमर के पीछे बांध दिए और उसे अपनी गोद में उठा लिया। "अब तो ये रोज होगा, इस दर्द की आदत डाल लो। उस दिन मुझे इससे भी ज्यादा दर्द हुआ था लेकिन बर्दाश्त किया ना मैंने तो अब दर्द बर्दाश्त करने की बारी तुम्हारी है।"
आरव ने नैना को बिस्तर पर लेटा दिया और खुद बाथरूम में फ्रेश होने के लिए चला गया। जब आरव बाथरूम में चला गया तो नैना ने अपने हाथ खोल दिए और कमरे से बाहर जाने की कोशिश करने लगी।
लेकिन कमरे का दरवाजा लॉक कर दिया गया था। नैना चाहकर भी उस दरवाजे को खोल नहीं पा रही थी। उसकी बहुत कोशिशें के बाद भी वो दरवाजा नहीं खुला और तभी बाथरूम से आरव बाहर निकाला।
"ये नाकाम कोशिश रहने दो वैसे भी आज रात तुम्हें बहुत मेहनत करनी है तो थोड़ी ताकत बचा कर रखो। वैसे उस रात उसे तुमने इस बिस्तर पर बहुत अच्छे से सिड्यूस किया होगा ना! तभी तो वो तुम्हारे इतने करीब आने के लिए तैयार हो गया था। तो मैं सोच रहा था क्यों ना आज तुम मुझे सेड्यूस करो?"
आरव की बात सुन नैना उसे एक नजर घूरने लगी। उसे यकीन नहीं हो रहा था कि आरव उसके बारे में ये सब बोल सकता था।
"come on wife, don't be shy, come on seduce me."
आरव ने नैना के पास आकर उसे अपने करीब खींच लिया और अपने शरीर से चिपकाते हुए कहा, "और हां एक बात याद रखना बिल्कुल वैसे ही करना जैसे उसे रात तुमने उसके साथ किया था। अदम्य की सर्जरी पूरे होते होते देर रात हो चुकी थी इसलिए क्रिया और बुआ जी भी अस्पताल में ही रुक गए। वहीं दूसरी तरफ आरव नैना को लेकर एक फार्म हाउस पहुंचा था जहां पर उन दोनों ने अपनी शादी की पहली रात गुजारी।
अगली सुबह जब नैना की आंख खुली तो सुबह के 8:00 बज रहे थे। आरव से जिस कमरे में लेकर आया था वह कमरा फिलहाल बिल्कुल खाली था और आरव उसे कमरे में कहीं भी नहीं था।
नैना तुरंत तो ठीक और बाथरूम में फ्रेश होने के लिए चली गई कुछ देर बाद जब वह बाथरुम से बाहर निकली तो उसने देखा कि आरव कमरे में सोफे पर बैठा हुआ था और बाथरूम के दरवाजे की तरफ से देख रहा था जैसे नैना के बाहर निकलने का इंतजार कर रहा हूं।
नैना ने नहा कर भी वही कपड़े पहने हुए थे जो कल रात उसने पहने थे। क्योंकि उसके पास यहां पर कोई और कपड़े नहीं थे? नैना को उन्हीं कपड़ों में देख आरव ने कहा।
ओ डार्लिंग तुम्हें देखकर कौन कहेगा कि तुम्हारी कल ही नहीं-नई शादी हुई है अरे आज तुम्हारी शादी के बाद पहला दिन है जरा अच्छे कपड़े पहन कर तैयार हो जाओ? अरे हां मैं तो भूल ही गया तुम्हारे पास तो यहां पर कोई अच्छे कपड़े नहीं होंगे ना। इतना कहकर आरव ने एक बॉक्स नैना की तरफ आगे किया
यह कपड़े पहन लो।
नैना ने उसे बॉक्स को इग्नोर कर दिया और कमरे के दरवाजे की तरफ चली गई। नैना को इस तरह अपनी बात नज़रंदास कर बाहर जाते देखा आरव दरवाजे के पास आ गया और उसने दरवाजा जोर से बंद कर दिया।
तुम क्या कर रहे हो आरव पागल हो गए हो क्या? मुझे हॉस्पिटल जाना है अदम्य की सर्जरी हो गई होगी पता नहीं वह ठीक है नहीं है मुझे उससे मिलना है।