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Chapter 4

Unknown wife of billionaire - Chapter 4

Unknown wife Of Billionaire

इशिका को अपने अननोन हसबैंड अभिमन्यु राजवंश के बारे में पता चल चुका था। वो उसकी बहन आयशा के फियांसे नक्ष राजवंश का चाचा था, जिसके पास राजवंश एंपायर्स की पूरी ऑथोरिटी थी।

आज जब राजवंश फैमिली नक्ष और आयशा की शादी फिक्स करने के लिए आने वाले थे, तब अभिमन्यु राजवंश भी वहां आ रहा था। वो कुछ दिनों पहले ही इंडिया आया था। इन सब के चलते इशिका को अभिमन्यु से मिलने का मौका मिल गया।

इशिका सिंघानिया विला के गार्डन एरिया में खड़ी सामने की तरफ देख रही थी, जहां अभी-अभी राजवंश फैमिली आई थी। अभिमन्यु अपनी अलग ब्लैक लग्जरियस कार से बाहर निकला था।

“एक तो इसे ठीक से देख भी नहीं पा रही हूं। इतने सारे गार्ड्स के बीच में इसका चेहरा भी नहीं नजर आ रहा।” इशिका ने धीरे से कहा। वो अपने पंजों के बल खड़े होकर इधर-उधर अभिमन्यु को देखने की कोशिश करने लगी।

आदर्श सिंघानिया और राधिका सिंघानिया भी वहीं पर थे। वो गेस्ट को ग्रीट कर रहे थे। उनके बीच हल्की फुल्की बातचीत हो रही थी, जो इशिका इतनी दूर से सुन नहीं पा रही थी। उनके सबके चेहरे पर मुस्कुराहट थी।

लगभग 7 से 8 मिनट बाद जब वो अंदर आने लगे, तब इशिका ने अभिमन्यु को गौर से देखा। परफेक्ट हाइट, बॉडी और इंप्रेसिव पर्सनेलिटी का एक ऐसा लड़का, जिसे हर एक लड़की अपने ख्यालों में सोचती है। बिल्कुल वैसा ही था, अभिमन्यु राजवंश।

“हां ये वही है।” इशिका ने बिल्कुल धीरे से कहा। भले ही उसने अभिमन्यु की छोटी पासपोर्ट साइज ब्लैक एंड व्हाइट फोटो देखी हो लेकिन वो उसे पहचान गई थी।

अभिमन्यु उनके साथ अंदर बढ़ रहा था तभी उसकी नजर वहां खड़ी इशिका पर गई। सिंपल से कैजुअल्स पहने एक अट्रैक्टिव पर्सनैलिटी की लड़की। एक पल के लिए अभिमन्यु ने उसे गौर से देखा तो इशिका को लगा कि वो उसे जानता होगा। उन दोनों की नजरे आपस में टकराई तो इशिका के दिल की धड़कनें हल्की तेज हो गई।

लेकिन अगले ही पल अभिमन्यु ने अपनी नज़रें सामने की तरफ की और बिल्कुल सधे हुए तरीके से आगे बढ़ने लगा।

“उसने मेरी तरफ देखा, इसका मतलब ये मुझे जानता है? इसे बताना ही होगा कि इसने कब और कैसे मुझसे शादी की.. और मुझसे ही शादी क्यों की।” इशिका ने मन ही मन बड़बड़ा कर कहा और तेज कदमों से चलती हुई उनके पीछे जाने लगी।

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इशिका को कुछ भी करके अभिमन्यु के बारे में जानना था इसलिए वो लिविंग रूम में आ गई थी। वहां राजवंश फैमिली और सिंघानिया फैमिली बैठी हुई थी। आयशा अभी नीचे नहीं आई थी। इन सब के बीच नक्ष ने एक नजर गुस्से से इशिका की तरफ देखा। वो इशिका का सीनियर था। उम्र लगभग 24 साल, पांच फीट ग्यारह इंच हाइट, दिखने में हैंडसम।

उससे नज़रें मिलते ही इशिका ने अपनी नजर चुरा ली थी। उसकी कोई गलती नहीं थी फिर भी नक्ष उसे नफरत से देख रहा था।

इशिका लिविंग रूम के अंदर पूरी तरह नहीं गई थी। वो दरवाजे के पास एक तरफ खड़ी हुई थी। उसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं गया, इस बीच मालविका आयशा को लेकर वहां पहुंची।

“लो आयशा भी आ गई।” आदर्श ने आयशा की तरफ इशारा करके कहा।

आयशा उनके बीच में जाकर बैठ चुकी थी तभी मालविका का ध्यान इशिका की तरफ गया। उसने गुस्से से उसकी तरफ देखा और फिर इशिका के पास जाकर खड़ी हो गई।

मालविका दबी लेकिन गुस्से भरी आवाज में बोली, “तुम यहां क्या कर रही हो? मैंने तुम्हें कितनी बार कहा है कि यहां खड़े होने की तुम्हारी हैसियत नहीं है।”

“मुझे मिस्टर सिंघानिया ने यहां रुकने के लिए कहा था।” इशिका ने शांत लहजे में जवाब दिया।

“उन्होंने कहा और तुम रुक गई?” मालविका बहुत चिढ़कर बोली, “वो तुम्हारे डैड है और तुम उन्हें मिस्टर सिंघानिया कहकर बुलाती हो...तुम कब से उनकी बात का मान रखने लग गई।”

इशिका ने मालविका की तरफ तिरछी निगाहों से देखा और वापस सामने की तरफ देखने लगी। उसने उन्हें पूरी तरह इग्नोर किया। इशिका के इस हरकत ने मालविका को और चिढ़ा दिया।

मालविका ने इशिका का हाथ कसकर पकड़ा और उसे दबाते हुए कहा, “मैं तुम्हें अच्छे से जानती हूं। तुम यहां नक्ष के लिए रुकी हुई हो ना? अब तो कम से कम उसका पीछा छोड़ दो। तुम्हारी शादी हो गई है, ऊपर से वो तुम्हारी बहन का होने वाला पति है।”

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इशिका ने मालविका का हाथ झटका और गुस्से में जवाब दिया, “मुझे किसी शादीशुदा इंसान की गर्लफ्रेंड बनने का कोई शौक नहीं है।” इनडायरेक्टली इशिका ने मालविका को ताना मारा था। आखिर वो वही तो थी, मिस्टर आदेश सिंघानिया की गर्लफ्रेंड।

“तुम मुझ पर कीचड़ उछाल रही हो? तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई।बाहर निकलो यहां से, इससे पहले कि कोई तमाशा खड़ा करो।” मालविका ने अपने गुस्से को कंट्रोल करके धीमी आवाज में कहा।

वो चिल्लाकर कोई सीन क्रिएट नहीं करना चाहती थी वरना इशिका ने अभी-अभी जो कहा था, उसके बाद वो उसके गाल पर एक थप्पड़ लगा देती।

इशिका ने गहरी सांस ली। वो मालविका की बात का कोई जवाब देती उससे पहले उसने देखा अभिमन्यु कॉल पर बात करता हुआ लिविंग रूम के दूसरे दरवाजे से निकल गया।

उसे वहां से जाते देखा इशिका ने जल्दी से कहा, “अच्छा ठीक है, मैं जा रही हूं यहां से।”

“यही बेहतर रहेगा।” मालविका ने जवाब दिया और इशिका का हाथ छोड़ दिया। मालविका वहीं पर थी और इशिका अब लिविंग रूम से निकल गई थी।

मालविका ने इशिका पर ध्यान नहीं दिया। वो बाहर जाने के बजाय अभिमन्यु के पीछे जा रही थी। वो बात करने के लिए विला के बैक डोर से गार्डन में पहुंचा। वहां आसपास कोई लोग नहीं थे।

इशिका तेज कदमों से उसके पास पहुंची। वो इंतजार करने लगी कि कब अभिमन्यु की बात खत्म हो और वो पलट कर देखें।

जैसे ही अभिमन्यु की बात खत्म हुई, वो दूसरी तरफ पलटा। उसने इशिका को सर्द निगाहों से देखा। उसका ओरा काफी शानदार था। फिर भी इशिका को कोई फर्क नहीं पड़ा।

इशिका पूरे एटीट्यूट से उसके सामने गई और अभिमन्यु की आंखों में आंखें डाल कर देखते हुए हल्का मुस्कुराकर कहा, “कैसे हो तुम डार्लिंग...।”

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