Unknown wife of billionaire - Chapter 9
Unknown wife Of Billionaireइशिका प्रोफेसर मिलर के केबिन में आई हुई थी। मालविका और आयशा यही चाहते थे कि इशिका गोवा छोड़कर अर्जेंटीना चली जाए इसलिए मालविका ने इशिका का एडमिशन तक कॉलेज से कैंसिल करवा दिया था। हालांकि उसके प्रोफेसर यही चाहते थे कि इशिका वही पर रहकर पढ़े।
आयशा ने बीच में दखल देते हुए इशिका को वहां से हटाना चाहा तो इशिका के प्रोटेक्शन में प्रोफेसर ने बदले में उसी से उसका रिकमेंडेशन लेटर मांग लिया।
अचानक आयशा के मुंह से डॉक्टर मर्चेंट का नाम निकला, जो कि कोई और नहीं इशिका ही थी। आयशा को एडमिशन के लिए डॉक्टर मर्चेंट का रिकमेंडेशन मिला था। ये सुनकर इशिका सोच में पड़ गई। वो मन ही मन बोली, “लेकिन मेरी तो इस बारे में दिशांक से कोई बात नहीं हुई। मैंने तो इसे कोई रिकमेंडिशन लेटर नहीं दिया।”
इशिका बस वहां हो रही बातों को सुन रही थी। आयशा ने अपनी बात को कंटिन्यू करते हुए कहा, “डॉक्टर मर्चेंट मेरी मॉम राधिका मर्चेंट के रिलेटिव है, कोई बहुत दूर के। एक्चुअली बहुत साल पहले मेरी मॉम ने डॉक्टर मर्चेंट की स्टडी और बाकी चीजों में हेल्प की थी। बस इसी एहसान छुपाते हुए उन्होंने मुझे रिकमेंड किया है। वो तो मेरी मॉम की कंपनीज में भी उनकी हेल्प करते है। वैसे मैने डीन से बात की है। डॉक्टर मर्चेंट यहां पर आएंगे तो मैं उन्हें यहां लेक्चर लेने के लिए जरूर कहूंगी।”
डॉ मर्चेंट के नाम ने उन सब का मुंह बंद करवा दिया था। इशिका भी कुछ कह नहीं सकी क्योंकि बहुत साल पहले राधिका ने उसे बचपन में खाना देने से लेकर उसकी स्टडी वगैरह में हेल्प की थी। शायद यही वजह थी कि इशिका उनकी कंपनीज के इश्यूज में उनकी हेल्प करती रही। राधिका का सरनेम मर्चेंट होने की वजह से उसने अपनी सेकेंड आईडी भी इसी नाम से बनाई। इशिका का मिडिल नेम भी मर्चेंट लिखा गया था।
“ओह तो ये इस तरह अपनी मॉम के नाम का फायदा उठा रही है।” इशिका ने मन ही मन बड़बड़ा कर कहा।
प्रोफेसर मिलर ने आगे कुछ नहीं कहा। वो इशिका को देखकर बोले, “इशिका तुम्हारी रिसर्च भी बिल्कुल डॉक्टर मर्चेंट के लेवल को है। यही वजह थी कि मैंने तुम्हें रिकमेंड किया और हमेशा आगे बढ़ाया। प्लीज मामले को यहीं खत्म कर दो ताकि स्टडी कंटिन्यू रह सके।”
इशिका का पोस्ट ग्रेजुएशन में कोई इंटरेस्ट नहीं था। बस प्रोफेसर के कहने पर वो ये कर रही थी। प्रोफेसर इशिका की इतनी फेवर कर रहे थे, ये देखकर आयशा को अजीब लगा। वो अपने मन में बोली, “इस लड़की का कोई कैरेक्टर नहीं है। जरूर इस बुड्ढे को भी फंसा लिया होगा और ये भी इसकी अच्छी शक्ल के जाल में फंस गया होगा।”
इन सबके बीच में मालविका बीच में बोली, “चलो अब बहुत ड्रामा हो गया। अपनी बहन को सॉरी बोलो। तुम्हारी वजह से कल इसके ससुराल में इसकी नाक नीचे हो गई थी। मिस्टर राजवंश शादीशुदा है। ये जानते हुए भी तुम उन्हें पटाने के बारे में सोच भी कैसे सकती हो। ये तो अच्छा हुआ आयशा ने हम सबको बता दिया।”
जैसे ही मालविका ने कहा इशिका समझ गई कि ये सब आयशा की चाल है।
“मैं किसी को सॉरी नही कहूंगी। आप यहां से जा सकती है। मैने आपसे एक आखिरी बात मानने को कहा था, और वो मैं कर चुकी हूं।” इशिका पूरी सख्ती से बोली।
वो मालविका की प्रोफेसर और आयशा के सामने इंसल्ट कर रही थी और ये मालविका को कभी गवारा नहीं था। इशिका, जो बचपन से उसकी हर एक बात मानती थी, उसकी मार तक सहती थी, वो आज दो लोगों के सामने उसकी इंसल्ट कर रही थी। मालविका को रास नहीं आया। वो बिना सोचे समझे इशिका के पास गई और उसके गाल पर एक कसकर थप्पड़ लगा दिया। उसका थप्पड़ इतना तेज था कि इशिका के गोरे गाल पर उंगलियां छप गई और एक साइड होठ का कोना सूज गया।
“आगे से मेरे सामने ऊंची आवाज में बात मत करना। अब सॉरी बोलो, मुझे भी और आयशा को भी।” मालविका उसी बेशर्मी से बोली।
उसने जो किया, वो देखकर प्रोफेसर हैरान थे तो आयशा के चेहरे पर स्माइल थी। आखिर इशिका को उसके किए की सजा जो मिल चुकी थी। बचपन में उसने इशिका को बहुत तंग किया था।
इशिका इस वक्त गुस्से में उबल रही थी। वो आयशा की तरफ पलटी आयशा के चेहरे पर मुस्कुराहट थी। लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ, जिसके बारे में किसी ने सपने में भी नही सोचा होगा। अचानक इशिका ने आयशा के बाल पकड़कर खींचे और उसके गाल पर एक कसकर तमाचा लगा दिया। वो यही नहीं रुकी, उसने आयशा के बाल छोड़कर उसके दूसरे गाल पर भी कसके थप्पड़ लगाया।
सब कुछ काफी अनएक्सपेक्टेड था। इशिका की इस हरकत पर मालविका उस पर पलट वार करना चाहती थी। लेकिन जैसे ही इशिका उसकी तरफ मुड़ी, उसके कदम वहीं पर जम गए थे। इशिका की आंखों में आग थी, जिसे देखकर एक पल के लिए मालविका भी घबरा गई। ऐसा लग रहा था कि अगर मालविका ने कुछ किया तो इशिका उसे भी वैसे ही तमाचा लगा देगी।
“तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई ये सब करने की? कम से कम अहसानो को तो याद रखती। अगर तुम ठीक से बिहेव करती तो शायद मैं मिस्टर सिंघानिया को यूनिवर्सिटी में बात करने के लिए मना सकती थी। लेकिन तुम किसी चीज के लायक ही नहीं हो।” मालविका गुस्से में बोली।
“कोई फर्क नहीं पड़ता, कोई माने या ना माने, मुझे यहां रहना ही नहीं है।” इशिका ने गुस्से में जवाब दिया। फिर वो प्रोफेसर की तरफ पलटी और काफी नरमी से कहा, “डोंट वरी सर, मैं यहां पर वापस जरूर आऊंगी। फिलहाल के लिए आई हैव टू गो...थैंक यू सो मच मुझे इनकरेज करने के लिए और हमेशा मेरी हेल्प करने के लिए।”
प्रोफेसर को थैंक यू बोलकर इशिका वहां से जा चुकी थी। जबकि प्रोफेसर को मन ही मन इस बात का मलाल था कि आज उनका एक ब्राइट स्टूडेंट चला गया।
इशिका के जाते ही मालविका ने आयशा की तरफ देखा, जो गुस्से से जल रही थी। अभी तक उसका हाथ अपने गाल पर था। मालविका उसके पास गई और उसे सहलाते हुए कहा, “तुम चिंता मत करो। उसने राजवंश फैमिली से पंगा लिया है। उनके होते हुए उसे पूरे गोवा में कोई काम नहीं देगा। वो लड़की है ही घटिया और केरैक्टरलेस, उससे तुम और कुछ उम्मीद भी क्या कर सकती हो।”
प्रोफेसर को मन ही मन हैरानी हो रही थी कि इशिका मालविका की सगी बेटी थी। फिर भी वो उसके लिए इतने घटिया शब्दों का इस्तेमाल कर रही थी।
वो हैरानी से उनकी तरफ देख रहे थे तभी एक पल के लिए उन्हें लगा कि मालविका और आयशा की फेशियल फीचर कुछ हद तक एक दूसरे से मिलती है। इशिका मालविका की सगी बेटी थी। फिर भी कहीं से भी वो मालविका जैसी नहीं लगती थी। उन्होंने इसे अपना मन का वहम समझ कर जाने दिया जबकि मालविका इशिका का हाथ पकड़ कर उसे वहां से ले जा चुकी थी।
वहीं दूसरी तरफ इशिका प्रोफेसर के केबिन से बाहर निकली। वो अपना गुस्सा शांत करने की कोशिश कर रही थी तभी उसके पास दिशांक का कॉल आया।
इशिका ने दिशांक का कॉल रिसीव करते ही कहा, “प्लीज कोई बुरी खबर मत देना, ऑलरेडी मैं काफी परेशान हूं।”
“मैंने आपको ये बताने के लिए कॉल किया है कि मैंने सब कुछ पता लगा लिया है।” दिशांक ने धीमी आवाज में जवाब दिया।
“क्या पता लगा लिया है?” इशिका ने हैरानी से पूछा।
दिशांक उसकी बात के जवाब में बोला, “यही कि अभिमन्यु राजवंश इस बात से इंकार क्यों कर रहा है कि आप उसकी पत्नी नहीं है। आपसे शादीशुदा होने के बावजूद वो आपको पहचान क्यों नहीं रहा है, इसके पीछे का कारण मुझे पता चल गया है।”
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चलिए जी, इस बात की गुत्थी तो अगले पार्ट में ही खुलेगी कि अभिमन्यु इशिका को जानता है या जानबूझकर उसे न जानने का दिखावा कर रहा है। कहानी के साथ बने रहिए। अगले पार्ट पर मिलते हैं।