Unknown wife of billionaire - Chapter 12
Unknown wife Of Billionaireअभिमन्यु की दादी वसुधा राजवंश फिर से इशिका के घर पर आ चुकी थी। वो इशिका को अपनी बहू बोल रही थी और वहीं पर रहने की जिद कर रही थी। अभिमन्यु के इतना समझाने के बावजूद वसुधा अपनी जिद पर अड़ी थी, तो मजबूरन अभिमन्यु को इशिका को मैसेज करके ये कहना पड़ा कि वो कुछ दिनों के लिए उसकी दादी को अपने पास रख ले।
इशिका को ये सब बिल्कुल पसंद नहीं आया। वसुधा अगर उसके साथ रहती तो उसका लाइफस्टाइल और बाकी रूटीन भी बिगड़ जाता। उसने काफी रुडली ये टाइप किया कि वो कोई चैरिटी नहीं चलाती है। अभिमन्यु अभी आए और अपनी दादी को लेकर जाए।
इशिका मैसेज सेंड करती उससे पहले उसे किचन में बर्तनों की खिटपिट की आवाज सुनाई दी। उसने सामने की तरफ देखा तो वसुधा उसके पास नहीं बैठी हुई थी। इशिका जल्दी से किचन के अंदर गई तो उसने देख वसुधा पानी बॉयल कर रही थी।
इशिका उनके पास जाकर बोली, “दादी आपको ये सब करने की कोई जरूरत नहीं है। मैं खुद कर लूंगी, आप ठीक नहीं है। आपको आराम करना चाहिए।”
वसुधा ने मुस्कुरा कर इशिका की तरफ देखकर कहा, “किसी भी तरीके की सूजन पर अगर हॉट कंप्रेस दिया जाए तो दर्द कम होता है। तुम्हारे होठ सूजे हुए लग रहे हैं। दर्द हो रहा होगा ना बेटा।”
वसुधा ने काफी प्यार से इशिका को कहा था कि एक पल के लिए ना जाने इशिका को क्या हो गया। उसकी आंखें नम होने लगी थी। यही प्यार था, जिसके लिए वो उम्र भर तरसती रही। इशिका ने अपने होठों के कोनों पर हाथ रखा तो उसे हल्का दर्द महसूस हुआ। ये दर्द उसको उसकी खुद की मां ने दिया था। मालविका ने इशिका को गुस्से में बहुत जोर से थप्पड़ मारा था।
इशिका अपने ख्यालों में खोई हुई थी, तभी वसुधा ने फिर से कहा, “मैंने तुम्हें कुछ पूछा है। ज्यादा दर्द तो नहीं हो रहा ना तुम्हें।”
इशिका ने बिना कुछ कहे ना में सिर हिला दिया था। वसुधा पानी के बर्तन के साथ उसे बाहर ले आई थी और एक नैपकिन से उसके होंठों के कोनों पर हल्के हल्के सेक करने लगी। इशिका को इससे आराम मिल गया था।
इन सब के चक्कर में वो अभिमन्यु को जवाब देना भूल गई थी, तभी उसके मोबाइल की नोटिफिकेशन टोन बजी तो उसने देखा अभिमन्यु ने इशिका को दस लाख रुपए भेजे थे। साथ में उसने मैसेज लिखा था, “ये मेरी दादी के 10 दिनों के मेंटेनेंस के लिए है। अगर तुम्हें और चाहिए तो बता देना।”
इशिका ने तुरंत अपना पहले लिखा हुआ मैसेज देखा और उसे डिलीट कर दिया। उसने जवाब में सिर्फ ओके लिखा।
“अजीब आदमी है। अपनी दादी से इतना ही प्यार है तो उनकी केयर नहीं कर सकता क्या? लगता है कुछ ज्यादा ही अमीर है जो 10 दिनों के लिए दस लाख भेजे हैं। मुझे क्या? अगर बचेंगे तो वापस लौटा दूंगी।” इशिका ने मन ही मन कहा और फिर वो वसुधा के साथ व्यस्त हो गई।
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वहीं दूसरी तरफ सिंघानिया मेंशन में आयशा लिविंग रूम में बैठकर आंसू बहा रही थी। उसके दोनों गाल पर इशिका के उंगलियों के निशान थे और होठों के कोने सूजे हुए थे।
मालविका ने उसे समझाते हुए काफी प्यार से कहा, “इशिका को तुम्हें मारना नहीं चाहिए था, वो भी प्रोफेसर के सामने। मैं उसकी तरफ से माफी मांगती हूं। वो इस हद तक गिर जाएगी मैंने ये नहीं सोचा था। जलती है वो तुमसे।”
आयशा ने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया। वो कुछ पल रुक कर बोली, “उसने ऐसा जानबूझकर किया। जब से उसे पता चला है कि नक्ष और मेरी शादी हो रही है, तब से उसका बर्ताव बदल गया है।... देखो ना, अब मिस्टर अभिमन्यु राजवंश के पीछे जा रही थी।”
“हां वो तो है ही करैक्टरलेस। आज ही किसी लड़के से शादी करके आई थी और किसी अमीर आदमी के बारे में पता चला तो उसके पीछे दुम हिलाते हुए चली गई।” मालविका गुस्से में बोली।
राधिका उस समय वहीं से गुजर रही थी। उसने मालविका और आयशा की बातें सुनी तो वो उनके पास आ गई। राधिका ने धीमी और सॉफ्ट वॉइस में कहा, “क्या तुम दोनों इशिका की बात कर रहे हो? वो ऐसा कुछ नहीं कर सकती है।”
मालविका ने राधिका की बात का जवाब देते हुए कहा, “आपको गलतफहमी हो गई है। बचपन में वो एक अच्छी बच्ची थी लेकिन उसे घर छोड़े हुए काफी टाइम बीत चुका है। 13 साल की थी वो, जब पढ़ाई के चलते उसने घर छोड़ दिया था और उसके बाद से वापस नहीं आई। आज उसने आयशा को सबके सामने मारा और उसकी इंसल्ट की।”
“मालविका आंटी बिल्कुल ठीक कह रही है। इशिका पूरी तरह बदल गई है। उसे ये तक याद नहीं है कि मेरी मॉम यानी कि आपने बचपन में उसके ऊपर कितने एहसान किए थे।” आयशा ने उदास होकर कहा।
राधिका इस बात को आगे नहीं छेड़ना चाहती थी। वो वहां से जाने को हुई, तभी आयशा ने पीछे से कहा, “मॉम मुझे आपसे कुछ बात करनी है। एक्चुअली मैं चाहती हूं डॉक्टर मर्चेंट हमारी यूनिवर्सिटी में आकर काउंसलिंग क्लासेस ले।”
आयशा की बात सुनकर राधिका जल्दी से उसकी तरफ पलटी और हैरानी से बोली, “तुम जानती हो ना ऐसा पॉसिबल नहीं है। वो ऑलरेडी हमारी कंपनी के टेक्निकल इश्यूज पर काम कर रहे हैं। ऊपर से सैलरी भी नहीं लेते। उनका शेड्यूल बहुत टाइट है। फिर मैं कैसे उन्हें तुम्हारी यूनिवर्सिटी के लिए बोल दूं।”
“प्लीज मॉम, मुझे इसकी जरूरत है। क्या आप मेरे लिए इतना भी नहीं कर सकती?” आयशा ने इमोशनल होकर कहा।
मालविका ने उसका साथ देते हुए कहा, “आयशा बेबी बिल्कुल ठीक कह रही है। आज इशिका ने सबके सामने उसे मारा तो उसकी प्रोफेसर के सामने काफी इंसल्ट हो गई। अब डॉक्टर मर्चेंट आयशा की तरफ से कॉलेज में आएंगे तो उसकी इस इंसल्ट को सब भूल जाएंगे।”
राधिका को जवाब देने का मौका भी नहीं मिला कि आयशा फिर से बीच में बोल पड़ी, “ऐसा कीजिए कि कल रात आप उन्हें डिनर के लिए बुला लीजिए।”
आयशा के पास कोई रिकमेंडेशन लेटर नहीं था, जो उसे डॉक्टर मर्चेंट ने दिया हो। वो इसी बहाने सबके सामने डॉक्टर मर्चेंट का रिकमेंडेशन लेटर लेना चाहती थी और साथ ही उन्हें अपने कॉलेज में लेकर आती तो उसकी काफी इज्जत बढ़ती।
राधिका ने उसकी बात पर हामी भरी और फिर कमरे में आ गई। अंदर आते ही उसने इशिका यानी डॉक्टर मर्चेंट के लिए मैसेज छोड़ा, “ डॉ मर्चेंट क्या आप मुझसे मिलने के लिए कल मेरे घर आ सकते हैं।”
ऐसे ही दूसरी तरफ इशिका ने ये मैसेज पढ़ा। वो परेशान हो गई। उसने मन ही मन कहा, “राधिका आंटी इस तरह का मैसेज तभी भेजती है जब उन्हें मेरी जरूरत होती है। ऑफिशियल काम होता तो ऑफिस आने को बोलती लेकिन घर आने को बोला है तो क्या उनकी तबीयत खराब है?”
राधिका की तबीयत खराब होने का सुनकर इशिका परेशान हो गई थी। राधिका का सोच कर इशिका ने राधिका को मैसेज छोड़ा और उसे घर आने के लिए हामी भर दी थी। ये जानते हुए कि अगर वो सिंघानिया विला में गई, तो उसकी आइडेंटिटी सबके सामने आ सकती है।
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भाई आयशा को कुछ मत कहना। वो तो हैं ही कमीनी। चलो बाकी चीजें जाने देते हैं, क्या इशिका की आइडेंटिटी सबके सामने रिवील हो जाएगी? प्लीज आप रेगुलर पार्ट पढ़कर समीक्षा लाइक किया करो।