Unknown wife of billionaire - Chapter 24
Unknown wife Of Billionaireइशिका वसुधा को थामे हुए नीचे बैठी हुई थी। उसे वसुधा को लेकर राजवंश विला जाना था लेकिन बीच में आयशा और मालविका वहां पहुंच गई। मालविका और आयशा ने इशिका को वसुधा के साथ अंदर नहीं जाने दिया। उन्हें यही लगता था कि इशिका आयशा का दिन खराब करना चाहती है। इसी झड़प में वसुधा की तबीयत ज्यादा खराब हो गई।
इसी बीच अभिमन्यु वहां पहुंचा तो आयशा और मालविका ने सारा दोष इशिका पर गढ़ दिया था। अभिमन्यु चेहरे से काफी इरिटेट नजर आ रहा था क्योंकि उसे यहां अपनी काइंड किडनैपर और दादी का इंतजार था। इशिका तो उसे वैसे ही पसंद नहीं थी, ऊपर से जैसे ही अभिमन्यु ने वसुधा को इशिका की पास देखा, तो उसकी आंखें सर्द हो गई थी।
अभिमन्यु के कानों में डॉक्टर की आवाज गूंज रही थी, “मिस्टर राजवंश, मैं आपसे झूठ नहीं कहूंगा। वसुधा जी की उम्र काफी हो गई है। ऊपर से उनकी हेल्थ कुछ खास अच्छी नहीं रहती। मुझे नहीं लगता कि वो अपनी जिंदगी में ज्यादा वक्त निकल पाएगी।”
वसुधा अपनी जिंदगी के अंतिम चरण में थी। ऊपर से अभिमन्यु अपनी जिंदगी में अगर सबसे ज्यादा प्यार किसी से करता था, तो वो वसुधा थी। वो दौड़कर जल्दी से इशिका के पास गया और वसुधा जी को अपनी गोद में उठा लिया।
इशिका ने अभिमन्यु से कहा, “वीकनेस की वजह से दादी बेहोश हो गई है। ऊपर से उनकी दवाइयां भी खत्म हो गई है। अंदर से अगर दवाई मिल जाएगी, तो ये ठीक हो जाएगी।”
अभिमन्यु ने किसी से कुछ नहीं कहा और वसुधा को गोद में उठाकर विला के अंदर चला गया। इशिका हैरानी से उसकी तरफ देख रही थी। वो मन ही मन बोली, “तो क्या ये सच में अभिमन्यु की दादी है? आई मीन इतने दिनों तक मैं जिस अच्छे इंसान से बात कर रही थी, वो ये था। नहीं, ये नहीं हो सकता।”
इशिका अभी भी यकीन नहीं कर पा रही थी। वो अभिमन्यु के पीछे जाने को होगी, तभी मालविका ने उसका हाथ पकड़ लिया। वो उसे डांटते हुए बोली, “तुम अंदर कहां जा रही हो? चुपचाप यही खड़ी रहो।”
अभिमन्यु को इस तरह वसुधा को अंदर ले जाते देखकर आयशा के चेहरे पर पसीने के बूंदें छलक आई। उसने मालविका के पास आकर धीरे से कहा, “कहीं ये सच में अभिमन्यु राजवंश की दादी तो नहीं? ये इस फैमिली में सबसे बड़ी मेंबर है। और सब उनकी बहुत इज्जत करते हैं। लेकिन इस घर की इतनी रेस्पेक्टेड वूमेन इशिका के साथ क्या कर रही थी?”
मालविका ने आयशा का हाथ सहलाकर कहा, “तुम खामखां इतना सोच रही हो। ये उसके पति की दादी ही है। सोचो राजवंश फैमिली का शहर में कितना नाम है। अगर उनके विला के आगे कोई बूढी औरत मर गई तो मीडिया उन पर सवाल उठाने लगेगा।”
“तो क्या वो मीडिया के डर से उस औरत को अंदर लेकर गए थे? आई होप ऐसा ही हो।” आयशा ने राहत की सांस लेकर कहा।
मालविका ने उसकी बात पर हामी भरी और फिर इशिका की तरफ देखने लगी, जिसकी नजरे अभी भी दरवाजे पर टिकी हुई थी।
मालविका ने इशिका से कहा, “तुम्हारे पति की दादी जल्द ही बाहर आ जाएगी। अच्छे से जानती हूं मैं तुम्हें, वो औरत बीमार थी, तभी तुम जानबूझकर उसे राजवंश विला के आगे लेकर आई, ताकि उसके बहाने उनके घर में घुस सको। मैं बोल रही हूं सुधर जाओ इशिका वरना बचपन की तरह हड्डियां तोड़ कर रख दूंगी।”
इशिका ने मालविका की तरफ देखकर बेपरवाही से सिर हिला दिया। वो बात कर रहे थे तभी अचानक राजवंश विला का बड़ा सा दरवाजा खुला। उन तीनों का ध्यान उस तरफ चला गया। अंदर से नक्ष बाहर निकाल कर आया। उसके हाथ में काफी सारे गिफ्ट्स थे।
बाहर आते ही नक्ष का ध्यान सीधा आयशा पर गया। वो गुस्से में उस पर चिल्ला कर बोला, “कहां रह गई थी तुम? मैं कब से तुम्हारा इंतजार कर रहा था।” वो गुस्से में उसे आगे कुछ कहता उससे पहले उसकी नजर इशिका पर चली गई। उसे देखते ही नक्ष के एक्सप्रेशंस तुरंत बदल गए।
इशिका को चिढ़ाने के लिए नक्ष ने अपने चेहरे पर हल्की सी मुस्कुराहट दी और फिर इशिका के गाल पर किस करके कहा, “कम ऑन बेबी, तुम्हें पता है ना मेरे लिए कितना मुश्किल होता है तुम्हारे बिना रहना। सोचा था, हाथ में गिफ्ट लेकर तुम्हारा अच्छा सा वेलकम करूंगा।”
“मैं बस आ ही रही थी।” आयशा ने जबरदस्ती मुस्कुरा कर कहा। वो अभी भी इस बात को लेकर परेशान थी कि बाहर जो बूढी औरत थी, वो कहीं सच में राजवंश फैमिली की सबसे बुजुर्ग सदस्य तो नहीं थी। नक्ष से कंफर्म करने के लिए आयशा ने हल्का मुस्कुरा कर कहा, “नक्ष बड़ी दादी कैसी है? तुमने बताया था उनकी तबीयत खराब रहती है। वो घर पर ही है ना?”
“हां वो घर पर ही रहती है और कहां जाएगी? एक्चुअली उन्हें नेचुरल एनवायरमेंट ज्यादा पसंद है, इसलिए विला के पीछे के हिस्से में एक बड़ा सा गार्डन एरिया और उनके लिए अलग विला बनाया हुआ है। वो उसी में रहती है।” नक्ष ने बताया, जिसे सुनकर आयशा को सुकून मिला। अब उसे श्योर हो गया था कि बाहर जो औरत थी, वो राजवंश फैमिली की सदस्य नहीं थी।
नक्ष बात जरूर आयशा से कर रहा था, पर नजर बचाकर इशिका को देख रहा था। वो देखना चाहता था कि उसकी इतनी केयर और प्यार देखकर इशिका कैसे रिएक्ट करती है। इशिका को जलाने के लिए वो आयशा से कुछ ज्यादा ही चिपक रहा था, पर इशिका तो उसकी तरफ देख तक नहीं रही थी।
इशिका की नज़रे दरवाजे पर थी। वो मन ही मन बोली, “ओह गॉड, इसका मतलब क्यूट दादी का लापरवाह पोता अभिमन्यु राजवंश है। मुझे पहले पता होता तो मैं उससे कभी बात नहीं करती। यकीन नही हो रहा, जिस इंसान की समझदारी की मैं मन ही मन तारीफ करती थी, वो ये घमंडी इंसान था।”
इशिका दरवाजे पर देख रही थी तभी अचानक उसके सामने नक्ष आकर खड़ा हो गया। उसने इशिका के सामने चुटकी बजाई और धीमी आवाज में कहा, “तुम यहां क्या कर रही हो? कहीं तुम मेरे ऑफर के लिए हां कहने के लिए तो नहीं आई हो ना? अगर हां कहना ही था, तो कॉल कर देती। यहां आने की क्या जरूरत थी। जानती हो ना तुम कौन हो? और तुम्हारे जैसी लड़कियों को ऐसे इज्जतदार खानदान अपने घर में घुसने भी नहीं देते।”
नक्ष की बात सुनकर इशिका ने जलती हुई निगाहों से उसकी तरफ देखा, तो वो तुरंत अपने चेहरे के एक्सप्रेशंस सॉफ्ट करते हुए बोला, “अच्छा ठीक है। अगर तुम घर अंदर से देखना चाहती हो, तो मैं तुम्हें लेकर जा सकता हूं।”
इशिका उसे कोई जवाब देती उससे पहले आयशा उनके पास आ गई। वो नक्ष से बोली, “नक्ष तुम गलत समझ रहे हो। इशिका यहां तुमसे या किसी और से मिलने के लिए नहीं आई है। वो तो अपने पति की दादी के साथ यहां पर आई थी। अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई थी, तो मिस्टर राजवंश उन्हें अंदर ले गए।”
“क्या कहा तुमने? पति?” नक्ष ने हैरानी से पूछा। उसे अभी तक इशिका की नकली शादी के बारे में पता नहीं था।
आयशा इस बात को जानती थी। वो मौके का फायदा उठाते हुए बोली, “हां पति। इशिका ने तुम्हें बताया नहीं क्या कि उसने शादी कर ली है? उनकी शादी को तो लगभग एक हफ्ता होने को आया है।”
नक्ष ने गुस्से से इशिका की तरफ देखा और भौहें उठाकर कहा, “तो तुमने शादी कर ली है? कौन है वो इंसान, जिससे तुमने शादी की है?” नक्ष सच बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। इस वक्त वो एक धोखा खाए हुए आशिक की तरह बर्ताव कर रहा था।
“मैंने किस से शादी की है या मेरा पति कौन है, इससे तुम्हारा कोई लेना-देना नहीं है। इस बात पर ध्यान दो कि तुम किस से शादी करने जा रहे हो।” इशिका ने सिर हिला कर जवाब दिया।
“मैंने तुमसे कुछ पूछा है इशिका। सीधे-सीधे जवाब दो। तुमने किस से शादी की है? मुझे भी तो पता चले, मेरे होते हुए किसकी इतनी हिम्मत हो गई, जो उसने तुम्हें शादी के लिए हां कह दिया।” नक्ष ने चिल्ला कर कहा।
आयशा ने बीच में दखल देते हुए जवाब दिया, “ये तुम्हें किस मुंह से बताएगी। मालविका आंटी ने बताया कि वो एक सड़कछाप लड़का है, जो ठीक से काम तक नहीं करता है।”
“तो तुमने मुझे छोड़कर एक आवारा लड़के से शादी की है? बहुत अच्छी लग रही होगी ना तुम दोनों की जोड़ी। एक नाजायज लड़की और उसका आवारा पति।” नक्ष ने इशिका का मजाक बनाते हुए कहा।
“हां अब तो इसे भी वो पसंद नहीं आ रहा, तभी ये अभिमन्यु राजवंश के आगे पीछे घूमती रहती हैं।” आयशा ने आग में घी डालने का काम किया। वो चाहती थी कि नक्ष इशिका से पूरी तरह नफरत करें।
“डिस्गस्टिंग इशिका, तुम मेरे चाचू के पीछे यहां चली आई? अब मुझे सब समझ में आ रहा है, तुम बार बार मेरे सामने कैसे आ रही हो।” नक्ष ने इशिका को इंसल्ट करना शुरू कर दिया।
इशिका चुपचाप उनकी बातों को सुन रही थी। वो देखना चाहती थी कि आखिर आयशा किस हद तक गिर सकती है। आयशा ने आगे कहा, “इसे लगा कि ये अपनी खूबसूरती के चलते मिस्टर राजवंश को फंसा पाएगी। वैसे तुम्हें बता दूं कि वो पहले से शादीशुदा है और तुम जैसी लड़कियों की तरफ देखते तक नहीं है।”
इशिका ने आयशा को देखकर तिरछी मुस्कुराहट दी और कहा, “मुझ जैसी लड़कियां? तो तुम क्या खुद को बहुत क्लासी समझती हो? क्लासी लड़किया ऐसी नही होती। तुम्हारी जैसी, जिसकी सोच इतनी गिरी हुई है? कौन सी लड़की दूसरी लड़की को ये कहती है कि वो एक शादीशुदा आदमी को अपने जाल में फसाने की कोशिश कर रही है? यू नो व्हाट, तुम्हारी सोच मुझे उन मोहल्ले वाली आंटियों जैसी लगती है, जिनका काम सिर्फ दूसरों की लाइफ में दखल देना होता है। सॉरी टू से आयशा लेकिन तुम बड़ी होने से पहले ही बूढ़ी हो चुकी हो।”
इशिका ज्यादा नहीं बोलती थी लेकिन जब भी जवाब देती थी, सामने वाले का मुंह बंद कर देती थी। यही आयशा के साथ हुआ था। इशिका के जवाब ने उसका मुंह बंद करवा दिया। वो गुस्से में बस उसे घूर कर रह गई।
नक्ष, जो पहले से ही इशिका पर गुस्सा था, वो और ज्यादा फट पड़ा था। एक तो इशिका ने उसे ना कह कर किसी आवारा लड़के से शादी कर ली थी, ऊपर से वो अभिमन्यु को इंप्रेस करने की कोशिश कर रही थी। ये सब नक्ष से सहा नहीं गया।
नक्ष ने दरवाजे के आगे खड़े गार्ड की तरफ देखकर तेज आवाज में कहा, “इस लड़की का चेहरा गौर से देख लो। आगे से ये इस विला के आसपास भी नजर आए या अंदर घुसने की कोशिश करें तो पुलिस को इनफॉर्म करके अरेस्ट करवा देना। मैं देखता हूं कि फिर कैसे ये अभिमन्यु चाचू तक पहुंचती है।”
नक्ष के फैसले के बाद आयशा और मालविका के चेहरे पर मुस्कुराहट थी, तभी दरवाजे के अंदर से एक हाउस हेल्पर बाहर आया। उसने इधर-उधर देखा। फिर उसकी नजर इशिका पर पड़ी तो वो उसके पास जाकर बोला, “आप मिस इशिका सिंघानिया है ना?”
इशिका ने हां में सिर हिला दिया, तो वो आगे बोला, “आपको सर ने अंदर बुलाया है। अभिमन्यु सर ने।”
“हां जरूर।” इशिका ने मुस्कुरा कर जवाब दिया और फिर नक्ष की तरफ देखकर कहा, “अगर आपकी इजाजत हो तो मैं अंदर चली जाऊं मिस्टर नक्ष राजवंश?”
नक्ष के पास कहने को कुछ नहीं था। अभिमन्यु के आगे कोई नहीं बोल सकता था क्योंकि घर पर उसी की चलती थी। कंपनी में भी ज्यादा शेयर्स उसी के पास थे, तो ना चाहते हुए भी कोई उसके सामने नहीं बोल पाता था।
इशिका आगे बढ़ने लगी। गार्ड ने एक नजर नक्ष की तरफ देखा और फिर दरवाजा खोल दिया था। थोड़ी देर पहले नक्ष ने उसे ऑर्डर्स दिए थे कि इशिका को अंदर नहीं जाने देना था पर अब इशिका पूरे सम्मान से अंदर जा रही थी।
इशिका के अंदर जाने के बाद आयशा और मालविका भी नक्ष के साथ अंदर जाने लगी। गार्डन एरिया में चलते हुए मालविका ने आयशा को समझाते हुए कहा, “उन्होंने उसे इसलिए अंदर बुलाया है ताकि उसके पति की दादी को भेज सके। अब वो उस बूढी औरत के साथ बाहर थोड़ी ना आने वाले थे। कौन सी वो उनके लिए मायने रखती है।”
“काश ऐसा ही हो आंटी।” आयशा ने धीरे से जवाब दिया।
वो सब लिविंग रूम की तरफ बढ़ रहे थे, जहां बाकी लोग बैठे हुए थे। जैसे ही इशिका दरवाजे के पास पहुंची, आयशा और मालविका भी उसके पास आ गई थी। मालविका ने सबके सामने उसे नीचा दिखाने के लिए जानबूझकर हल्की तेज आवाज में कहा, “तुम यहां जिस काम के लिए आई हो, वो करो और निकलो यहां से। तुम कौन हो अपनी पहचान मत भूलना। तुम जैसी घटिया लड़कियां यहां कदम रखने के लायक नहीं होती है।”
ये सच था कि इशिका मालविका की बेटी नहीं थी, तभी वो जानबूझकर उसे ऐसे वैसे शब्द बोलकर नीचा दिखाती थी।
जैसे ही मालविका के शब्द वसुधा के कानों में पड़े, वो अपनी जगह से खड़ी होकर तेज आवाज में बोली, “तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई राजवंश खानदान की बहू को घटिया कहने की।”
वसुधा की आवाज सुनकर मालविका के पैरों तले जमीन खिसक गई थी। सारी फैमिली वहीं पर मौजूद थी और वसुधा बड़े से काउच पर अभिमन्यु के साथ बैठी हुई थी। उसका ओरा और एटीट्यूड देखकर साफ था कि वो राजवंश खानदान की सबसे बुजुर्ग और सम्मानित महिला थी, जिसकी वो सभी रिस्पेक्ट करते थे।
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भाई मालविका तो गई। शायद यहां पर अभिमन्यु और इशिका की शादी का राज भी खुल जाए। ये तो अगले चैप्टर में पता चलेगा। पढ़कर समीक्षा कर दीजिएगा। आई होप आपको ये कहानी अच्छी लग रही होगी।