Unknown wife of billionaire - Chapter 5
Unknown wife Of Billionaireअभिमन्यु राजवंश सिंघानिया हाउस आया हुआ था। वो कॉल पर बात करने के लिए गार्डन एरिया में आया, इस बीच मौका देखकर इशिका उसके पीछे पहुंच गई थी।
जैसे ही अभिमन्यु बात करके पीछे पलटा तो इशिका ने मुस्कुराते हुए उसे देखा और सीधा उसे डार्लिंग कह कर बुलाया। इशिका उसके चेहरे के हर एक एक्सप्रेशन को नोटिस कर रही थी। वो देखना चाहती थी कि उसके डार्लिंग कहने पर अभिमन्यु क्या रिस्पांस करता है।
वही अभिमन्यु ने इशिका की तरफ सर्द निगाहों से देखा। वो कुछ पल उसके खूबसूरत चेहरे को गौर से देखता रहा, फिर उसने कोई रिएक्शन नहीं दिया और सीधा दूसरी तरफ जाने लगा।
“क्या इसने मुझे इग्नोर कर दिया?” इशिका मन ही मन बड़बड़ाकर बोली और फिर जल्दी से दौड़कर उसके सामने जाकर खड़ी हो गई। इशिका ने अभिमन्यु का रास्ता रोक लिया था।
उसकी इस हरकत पर अभिमन्यु इरिटेट होकर धीरे से बोला, “मेरे रास्ते से हटो।”
ये पहली बार था, जब इशिका ने अभिमन्यु की आवाज सुनी थी। एक ऐसी आवाज, जो काफी गहरी और खूबसूरत थी। उसकी पर्सनेलिटी के साथ उसकी आवाज काफी मैच करती थी। इरिटेट होने पर भी वो काफी एलिगेंट लग रहा था।
इशिका ने गहरी सांस ली और फिर पूछा, “मिस्टर राजवंश रियली? आप मुझे नहीं जानते?” इशिका ने ऐसा इसलिए पूछा क्योंकि अभिमन्यु की आंखों से कहीं भी जाहिर नहीं हो रहा था कि वो उसे अच्छे से जानता हो।
अभिमन्यु ने उसे भौहें उठाकर देखा और कहा, “पर क्या मुझे आपके बारे में जानना चाहिए?”
अभिमन्यु का जवाब सुनकर इशिका एक पल सोच में पड़ गई थी। जब उसने घर में एंट्री ली थी तब अभिमन्यु ने इशिका को देख लिया था। उसके बाद लिविंग रूम में भी वो नजर बचाकर उसे देख रहा था।
लेकिन अभिमन्यु के देखने का नजरिया कुछ और था। इशिका उसे बात बाकी लड़कियों से अलग लगी। पहले भी लड़कियां इंप्रेस करने के लिए उसके पास आती थी, जो दिखने में खूबसूरत होती थी लेकिन इशिका अलग थी। उसने कोई एक्स्ट्रा एफर्ट नहीं डाले थे, ना कोई महंगे कपड़े पहने थे और ना ही अपने चेहरे पर बहुत सारा मेकअप थोप रखा था। शायद यही वजह थी कि अभिमन्यु उसे गौर से देख रहा था।
अभिमन्यु ने गहरी सांस ली और फिर कहा, “आपकी हिम्मत की दाद देनी होगी मिस। आज से पहले और भी लड़कियां मुझे इंप्रेस करने के लिए मेरे आगे पीछे घूमती रहती है लेकिन आपने तो सीधा ही मुझे डार्लिंग कह कर बुला लिया?”
“एक्सक्यूज मी? आपकी गलतफहमी है कि मैं आपको इंप्रेस करना चाहती हूं।” इशिका ने हड़बड़ा कर जवाब दिया। उसकी हरकतें कुछ ऐसा ही जाहिर कर रही थी।
“ठीक है फिर मेरी रास्ते से हटिए।” अभिमन्यु ने सिर हिला कर कहा और जाने को हुआ लेकिन इशिका वापस उसके सामने आ गई थी।
इस बार इशिका की हरकत ने सच में अभिमन्यु को थोड़ा ज्यादा इरिटेट कर दिया था। उसके चेहरे के एक्सप्रेशन्स डार्क हो गए। वो इशिका की तरफ देखकर गंभीर आवाज में बोला, “बिहेव योरसेल्फ... मैं पहले से शादीशुदा हूं, तो तुम्हारी मुझे इंप्रेस करने की उल्टी सीधी हरकतें कोई काम नहीं आएगी।”
अभिमन्यु की बात सुनकर इशिका चौक गई। अभिमन्यु शादीशुदा होने का दावा कर रहा था और अपनी पत्नी को नहीं पहचान पा रहा था।
अभिमन्यु के चेहरे के एक्सप्रेशंस भी कुछ खास नहीं बता रहे थें। इशिका ने मन ही मन कहा, “तो क्या ब्यूरोक्रेसी वालों से कोई गड़बड़ हुई है? लेकिन उनसे गलती नहीं होती है।”
इशिका ने कुछ पल रुक कर सख्ती से कहा, “और आपकी वाइफ कौन है मिस्टर राजवंश?”
“इट्स नन ऑफ़ योर बिजनेस।” अभिमन्यु ने काफी बेरुखी और सख्ती से जवाब दिया।
उसकी बातें और हरकतें अब इशिका के सिर से ऊपर जा रही थी। वो भी अपने उस अननोन हस्बैंड के बारे में जानना चाहती थी लेकिन अब जब वो उसके सामने खड़ा था तो वो उनकी शादी तक को झुठला रहा था।
इशिका ने अपने बैग से मैरिज सर्टिफिकेट निकाला और अभिमन्यु के सामने कर दिया था। इशिका ने अभिमन्यु की फोटो पर उंगली लगाकर कहा, “तो क्या इस सर्टिफिकेट में ये आप नहीं है मिस्टर राजवंश?”
अभिमन्यु ने इशिका के हाथ से मैरिज सर्टिफिकेट की कॉपी ली और फिर उसे देखने लगा। वहां ब्राइड में इशिका की फोटो थी और साइड में मिस इशिका सिंघानिया लिखा हुआ था।
इशिका को लगा कि अब तो अभिमन्यु को उसकी बात पर यकीन हो ही जाएगा। अचानक अभिमन्यु के चेहरे पर हल्की सी स्माइल आ गई, जो उसके होठों के बजाय उसकी आंखों में दिख रही थी। अभिमन्यु इशिका को ऐसे देखा रहा था, जैसे वो इशिका का मजाक बना रहा हो।
अभिमन्यु ने सर्टिफिकेट इशिका को देते हुए काफी रूडली कहा, “आपको नहीं लगता मिस सिंघानिया कि अगर आप इस प्रिंट को ब्लैक एंड व्हाइट ना बनवा कर थोड़े और पैसे खर्च करती तो ये ज्यादा रियल लगता? अगली बार ऐसे ही किसी अमीर आदमी के साथ में शादी का सर्टिफिकेट लेकर जाना हो तो किसी अच्छे आदमी को हायर करना, जो ये काम प्रोफेशनली करता हो।”
अभिमन्यु ने सिर हिलाया और इशिका का हाथ पकड़ कर उसमें मैरिज सर्टिफिकेट थमा दिया था। उसने सीधे-सीधे उनके मैरिज सर्टिफिकेट को फेक साबित कर दिया था। इशिका आगे कुछ कह पाती उससे पहले अभिमन्यु बाहर पार्किंग एरिया की तरफ जाने लगा। उसका मूड देखकर साफ था कि अब उसका फैमिली के बीच जाने का कोई इरादा नहीं था।
इशिका के पास यही मौका था, जब वो सच जान सकती थी। वो जल्दी से दौड़कर अभिमन्यु के पीछे गई और जोर से चिल्ला कर बोली, “मिस्टर राजवंश, आप चाहो तो इसकी जांच करवा सकते हो। ये सर्टिफिकेट फेक नहीं है, ये रियल है।”
अभिमन्यु ने उसकी तरफ पलट कर देखा तक नहीं और ना ही उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया। वो सीधा अपनी गाड़ी में बैठा और वहां से चला गया। इशिका उस तक पहुंचती उससे पहले अभिमन्यु के गार्ड्स ने उसे रोक लिया था।
इशिका के चेहरे पर मायूसी के भाव थे और साथ ही परेशानी भी। एक तो अचानक से उसकी शादी हो गई थी, ऊपर से एक ऐसे शख्स से, जिसे वो जानते तक नहीं थी। ऊपर से जिससे शादी हुई थी, वो उसे जानता तक नहीं था। वो तो उनके मैरिज सर्टिफिकेट तक को भी झूठ ठहरा रहा था।
“मैं हार नहीं मानूंगी और सच जानकर रहूंगी।” इशिका ने मजबुती से कहा और फिर अपनी स्कूटी लेकर अभिमन्यु के पीछे जाने लगी।
वही दूर से आयशा इशिका और अभिमन्यु को देख रही थी। उसे इतनी दूर से कुछ सुनाई तो नहीं दे रहा था पर ये जरूर समझ आ रहा था कि इशिका अभिमन्यु के पीछे दौड़ रही थी। अभिमन्यु ने उसे पूरी तरह इग्नोर किया था और वहां से चला गया।
इशिका को अभिमन्यु के करीब जाते देखकर आयशा मन ही मन बोली, “ये लड़की नहीं सुधरने वाली है। पैसे वाला आदमी देखा नहीं और उसके पीछे दौड़ कर चली गई। ये भूल गई है क्या आज ही इसने एक सड़क छाप आदमी से शादी की है।”
आयशा वहां से उठी और गुस्से में बाहर आई। आयशा उन तक पहुंचती उससे पहले इशिका और अभिमन्यु दोनों ही जा चुके थे।हड़बड़ाहट में आयशा अभिमन्यु के हेड सिक्योरिटी गार्ड से टकरा गई।
“ओह आई एम रियली सॉरी।” आयशा ने जबरदस्ती मुस्कुराते हुए कहा, “बाहर कुछ हुआ है क्या? आई मीन मैंने देखा कि मिस्टर अभिमन्यु राजवंश यहां से चले गए। क्या वो नाराज हैं या किसी ने उन्हें गुस्सा दिला दिया।”
“ऐसा कुछ नहीं हुआ, बस उन्हें कुछ जरूरी काम याद आ गया मिस। इस वजह से उन्हें जाना पड़ा। आप प्लीज अपनी फैमिली को इन्फॉर्म कर दीजिएगा। मैं भी बस यही बताने के लिए अंदर आया था।” हेड सिक्योरिटी गार्ड ने हल्का मुस्कुरा कर कहा और फिर वहां से चला गया। वो इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं बोला क्योंकि उसने अभिमन्यु को इशिका पर गुस्सा होते हुए नहीं देखा था।
इस बीच राजवंश फैमिली ने आयशा और नक्ष की शादी की डेट फिक्स की और वहां से चले गए। इन सब में आयशा काफी गुस्सा थी। एक तो उसकी वजह से अभिमन्यु वहां से चला गया था, ऊपर से नक्ष भी उसे कुछ खास भाव नहीं दे रहा था। वो इसका कारण भी अच्छे से समझती थी।
इशिका की वजह से आयशा अंदर से उबल रही थी। वो बाहर से वापस लिविंग रूम में पहुंची तो उसने देखा मिस्टर आदर्श सिंघानिया थोड़े परेशान वहां खड़े थे। उनके एक तरफ मालविका थी जबकि राधिका अपने कमरे में वापस जा चुकी थी।
आयशा वहां पर पहुंची तो आदर्श ने मालविका से कहा, “मुझे लगा था कि आज मैं मिस्टर अभिमन्यु राजवंश से अपनी डील की बात करूंगा लेकिन वो तो बीच में ही चले गए। वो अचानक से गए। क्या कुछ हुआ था यहां पर?”
मालविका कुछ कहती उससे पहले आयशा ने जल्दी से कहा, “मैंने उन्हें जाते हुए देखा था। इशिका उनके साथ थी। जाते वक्त उन्होंने एक मैसेज छोड़ा था। उन्होंने अपने बॉडीगार्ड से एक बात कहलाई थी।”
आयशा की बात समझते हुए मालविका ने कहा, “हां मैं तुम्हें पूछने वाली ही थी कि तुम उसके बॉडीगार्ड से क्या बात कर रही थी?”
आयशा ने मासूम चेहरा बनाया और फिर कहा, “डैड उन्होंने आपके लिए एक मैसेज छोड़ा है।”
“कैसा मैसेज?” आदर्श ने हैरानी से पूछा।
आयशा कुछ पल रुक कर बोली, “एक्चुअली उन्होंने कहा है कि आपको अपनी बेटी को थोड़े मैनर्स सीखने चाहिए। मैं तो पूरे टाइम राजवंश फैमिली के साथ बैठी हुई थी, वो इशिका के बारे में बात कर रहे थे। डैड मुझे तो कहते हुए भी शर्म आ रही है, उस लड़की का कोई ईमान धर्म नहीं है। उसे ये तक भी फिक्र नहीं कि वो सिंघानिया फैमिली से जुड़ी हुई है।”
“सीधे-सीधे कहो आयशा तुम क्या कहना चाहती हो।” मालविका गुस्से में बोली।
“मालविका आंटी, इशिका उन्हें सेड्यूस करने की कोशिश कर रही थी। पहले नक्ष तो अब अभिमन्यु... उसे पता जो चल गया कि राजवंश फैमिली की सारी पावर अभिमन्यु के पास है। पहले नक्ष के पास सारी पावर है, ये सोचकर वो उसके आगे पीछे घूमती थी और उसे अपने जाल में फंसा लिया। जब नक्ष को सब समझ में आया और उसने उससे पीछा छुड़ा लिया तो वो अभिमन्यु के पीछे पड़ गई। अभिमन्यु बिल्कुल अलग है तभी वहां से चले गए और इशिका के बारे में आपसे कंप्लेंट की है।” आयशा ने मौके का फायदा उठाकर इशिका के खिलाफ आदर्श सिंघानिया को अच्छा खासा भड़का दिया था।
आदर्श के चेहरे पर इस वक्त गहरे गुस्से के भाव थे। ऐसा ही हाल मालविका का था। बचपन से आयशा यही तो करते आई थी। खुद को ज्यादा अटेंशन देने के लिए वो इशिका को हमेशा नीचे गिरा देती थी और आज तो उसने अपनी हद पार कर दी थी। सबसे अनजान आदर्श की गुस्से से मुट्ठियां बंधी हुई थी और अब वो एक कड़ा फैसला लेने जा रहे थे।
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