N - Chapter 2
Superme Dragon Yoddhaअचानक, साफ़ नीला आकाश काले बादलों से घिर गया, और बिजली की लकीरें गुस्से वाले ड्रेगन की तरह आसमान में दौड़ने लगीं।
"शू!"
तभी, बिजली की एक सुनहरी चमक ने अंतरिक्ष और समय को भेद दिया। वह दुनिया को नष्ट करने वाली ऊर्जा के साथ आई और अविनाश की डरी हुई आँखों के ठीक सामने उसके सिर के ऊपर गिरी।
"कड़क!"
एक कानफोड़ू गर्जना के बाद, दुनिया शांत हो गई। उसकी आँखें अविश्वास से फटी रह गईं। उसने मरने के हज़ार तरीके सोचे थे, लेकिन उसने कभी नहीं सोचा था कि वह बिजली गिरने से मारा जाएगा…
एक तेज़ दर्द उसके सिर से होकर गुज़रा और अविनाश की आँख खुल गई। "यह क्या है..." उसने खुद को सितारों की एक अलग ही दुनिया में पाया। हर तरफ अंतहीन सितारों का जाल फैला हुआ था, जो बेहद विशाल और असीमित था। इन अनगिनत सितारों के बीच, नौ सितारे सबसे ज्यादा चमक रहे थे। उनकी रोशनी ने बाकी सब को फीका कर दिया था।
वे धीरे-धीरे हिल रहे थे, जैसे कोई अनजानी ताकत उन्हें एक-दूसरे की ओर खींच रही हो।
आखिरकार, वे नौ सितारे मिलकर एक हो गए और एक सीधी लकीर बना ली। नौ सितारों का महामिलन!
"दहाड़!"
तभी, सितारों के बीच एक विशाल दैवीय ड्रैगन प्रकट हुआ।
उस ड्रैगन की आँखें शाही और रौबदार थीं, और उसके पूरे शरीर से एक अजेय शक्ति की लहरें उठ रही थीं।
"मैं सर्वोच्च दिव्य ड्रैगन हूँ, इस पूरे आकाश के नीचे का शाश्वत सम्राट।"
उस ड्रैगन की नज़रें वक्त की सीमाओं को चीरती हुई सीधे अविनाश पर टिकीं।
पल भर में अविनाश कांप उठा। उसे लगा जैसे ड्रैगन ने उसके आर-पार देख लिया हो, अब उससे कोई राज़ छिपा नहीं था।
"सीनियर, आप यहाँ क्यों हैं?"
अविनाश ने हिचकिचाते हुए पूछा। भले ही वह एक मामूली शाख का चेला था, लेकिन उसने बचपन से अपने माता-पिता से महान गाथाएं सुनी थीं। उसे यकीन था कि उसके सामने खड़ा यह जीव प्राचीन काल की कोई बेहद शक्तिशाली हस्ती है।
"तीन हज़ार साल पहले एक महायुद्ध में मेरे साथ धोखा हुआ और मैं मारा गया। लड़के, मैं तुम्हारे दिल में छिपी नफरत और टीस को महसूस कर सकता हूँ। मुझे उम्मीद है कि मेरी विरासत हासिल करने के बाद, तुम एक दिन 'ड्रैगन कबीले' जाओगे और मेरे लोगों को आज़ाद कराओगे।"
ड्रैगन की आवाज़ में एक गहरा दर्द था।
इससे पहले कि अविनाश कुछ समझ पाता, ड्रैगन दहाड़ा और आसमान के वे नौ सितारे रहस्यमयी प्रतीकों में बदलकर अविनाश के दिमाग में समा गए।
जब अविनाश की आँखें दोबारा खुलीं, तो वह असल दुनिया में वापस आ चुका था।
"हूँ—"
अविनाश ने एक लंबी सांस ली और अपने दिमाग में आई जानकारी को समझने की कोशिश करने लगा।
"नाइन स्टार डिवाइन ड्रैगन टेक्निक... प्राचीन काल की एक महान मार्शल आर्ट! इसे पूरी तरह सीखने पर इंसान एक दिव्य ड्रैगन में बदल सकता है, जिसके पास एक अजेय शरीर और दुनिया पर राज करने की ताकत होगी!" अविनाश की खुशी का ठिकाना न था। उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उसे किसी प्राचीन महाशक्ति का उत्तराधिकार मिलेगा।
उसका भविष्य अब बदलने वाला था।
"आप चिंता न करें! आपकी यह विरासत मेरे लिए एक नई ज़िंदगी की तरह है। मैं वादा करता हूँ कि मैं ड्रैगन कबीले जाकर आपके लोगों को ज़रूर बचाऊंगा।"
अविनाश ने मन ही मन पक्का इरादा कर लिया।
"अरे! मेरी साधना बढ़कर 'मेरिडियन ओपनिंग रेल्म' के तीसरे स्तर पर पहुँच गई है!"
इस वक्त अविनाश का मन खुशी से झूमने का कर रहा था। न केवल उसे एक खतरनाक विरासत मिली थी, बल्कि उसकी ताकत भी रातों-रात कई गुना बढ़ गई थी।
"हुँह! विवान ... तुम खानदानी चेले अपनी ताकत के घमंड में हम जैसों को हमेशा नीचा दिखाते हो। अब बस मेरा इंतज़ार करो!"
अविनाश के उसूल साफ थे। वह एहसान दस गुना करके लौटाता था, और अगर कोई उसे चोट पहुँचाए, तो वह बदला भी दस गुना ही लेता था।
...
जादुई घास' इकट्ठा करने के बाद अविनाश वहां रुका नहीं। वह हवा की रफ्तार से भागते हुए जल्दी से अपने घर पहुँचा।
"भैया! आओ खाना खा लो!"
जैसे ही वह घर पहुँचा, एक छोटी बच्ची ने मुस्कुराते हुए उसका स्वागत किया और उसे हाथ पकड़कर मेज तक ले गई।
"माहिरा , यह लो! यह तुम्हारे लिए विंड-यांग घास है। जब मेरे पास पैसे होंगे, तो मैं तुम्हारे लिए 'कोल्ड-अवॉइडिंग पिल' लाऊंगा, फिर तुम्हें इस बर्फीले ज़हर से तकलीफ नहीं होगी।"
माहिरा ने मासूमियत से सिर हिलाया। भले ही वे गरीब थे, लेकिन उसे अपने भाई पर पूरा भरोसा था; अगर उन्होंने कहा है, तो वे ज़रूर करेंगे।
...
अगली सुबह, अविनाश बाहर नहीं गया बल्कि अपने आंगन में ही अभ्यास करने लगा।
अविनाश की हथेली से ड्रैगन के आकार की ऊर्जा निकली, जिसकी ताकत हैरान कर देने वाली थी।
"अभी भी काफी नहीं है!"
अविनाश ने अपनी मुट्ठी कसी। माना कि उसके पास 'नाइन स्टार डिवाइन ड्रैगन टेक्निक' जैसी महान विद्या थी, लेकिन उसके पास फुर्ती से हिलने-डुलने के लिए कोई 'मूवमेंट टेक्निक' नहीं थी।
"लगता है मुझे लाइब्रेरी जाकर देखना होगा।"
यह सोचकर अविनाश सीधे लाइब्रेरी की तरफ निकल पड़ा।
...
लाइब्रेरी राजपूत की हवेली के पश्चिम में थी; वहाँ पहुँचने के लिए 'मार्शल आर्ट्स अखाड़े' से होकर गुज़रना पड़ता था।
जैसे ही अविनाश अखाड़े के पास से निकला, एक आवाज़ सुनकर उसके कदम रुक गए।
"ही-ही! अविनाश , तुझे अपनी जान प्यारी नहीं है क्या? मुझे उम्मीद नहीं थी कि तू इतनी जल्दी यहाँ मरने चला आएगा!"
अविनाश ने तेवर चढ़ाते हुए सामने देखा। "विवान , अभी तो तीन दिन भी नहीं हुए?" उसके सामने विवान खड़ा था, जिसने उसे कल लड़ाई की चुनौती दी थी।
"तो क्या हुआ? मैं और इंतज़ार नहीं कर सकता!"
विवान एक शैतानी मुस्कान के साथ अपने होंठों पर जीभ फेरने लगा, उसकी आँखों में क्रूरता साफ़ झलक रही थी।
अगर यह पहले वाला अविनाश होता, तो वह डर जाता, लेकिन अब...
"ठीक है! लेकिन मेरा वक्त कीमती है, क्यों न हम इसे सिर्फ एक वार में खत्म करें?"
अविनाश ने गंभीरता से कहा। "हाहा! यह बच्चा चालाक है। इसे पता है कि यह विवान को हरा नहीं सकता, इसलिए इसने यह योजना बनाई ताकि कम से कम मार पड़े!"
"लेकिन इसे यह नहीं पता कि इसकी ताकत 'ओपनिंग मेरिडियन' के पहले लेवल तक भी नहीं है, इसके पास जीतने का कोई मौका नहीं है।"
अखाड़े में भीड़ जमा होने लगी। राजपूत के चेले अविनाश को दया की नज़रों से देख रहे थे।
अविनाश की बात सुनकर विवान के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान आ गई। उसका शरीर अचानक बिजली की तरह झपटा, उसके हाथ बाज के पंजों की तरह मुड़ गए। वह अविनाश पर ऐसे झपटा जैसे कोई शिकारी पक्षी अपने शिकार पर झपटता है।
"यह तो... 'हवा वाले बाज के 18 पंजे है!"
भीड़ में मौजूद लोग तकनीक देखकर दंग रह गए।
यह तकनीक भले ही निचले दर्जे की थी, लेकिन यह अपने बेरहम और चालाक वारों के लिए मशहूर थी। अगर कोई इसे पूरी तरह सीख ले, तो यह मंझले दर्जे की तकनीक को भी टक्कर दे सकती थी।