Dangerous obsession of love - Chapter 3
Dangerous obsession of loveऑफिस से निकलने के बाद अमन सीधा अपने घर गया। वहां जाते ही रिलैक्स करने के लिए उसने बाथ लिया और फिर डिनर के लिए अपने घर के गार्डन में बैठा था।
उसे अकेले बैठे देख कर उसकी मां चेतना जी उसके पास आई।
“क्या बात है मिस्टर कपूर। किसके ख्यालों में गुम हो।” वो उसके पास बैठते हुए बोली।
“किसी के भी नहीं।” अमन ने धीमी आवाज में जवाब दिया।
“अगर कुछ भी नहीं हुआ तो आज फिर ये तूफान इतना शांत क्यों है?” चेतना ने पूछा।
“ऑफिस में बहुत ज्यादा काम था, इस वजह से थक गया हूं। बाकी कुछ नहीं।” अमन ने थके स्वर में जवाब दिया।
“कितनी अजीब बात है ना अमन, तुम थके हुए हो फिर भी तुम्हारे चेहरे पर थकान दिखाई नहीं दे रही। वैसे आज पूरे दिन तुम ऑफिस में नहीं थे। फिर ऐसा कौन सा काम था जिसकी वजह से तुम थक गए।” चेतना जी ने पूछा।
“मतलब आप मेरी एब्सेंस में ऑफिस गई थी।” बोलते हुए अमन ने उनकी तरफ घूरकर देखा।
“लगता है तुम्हारी गर्लफ्रेंड ने मेरे आने की खबर नहीं दी। इस बार तो सच मे मैजिक हो गया।“ चेतना ने आंखे घुमाकर कहा।
चेतना जी की बात सुनकर अमन हल्का सा हंसा और फिर बोला, “क्या आप को लवी एक परसेंट भी पसंद नहीं है”
चेतना ने मुंह बनाकर कहा, “0.01% भी नहीं। क्या तुम सच में उस रोबोट जैसी दिखने वाली लड़की से शादी करना चाहते हो? आई मीन इतना परफेक्ट कौन होता है?”
“आपको उसके परफेक्शन से जलन हो रही है।” अमन ने अपनी एक भौंह उठाकर बोला।
“उस चलते-फिरते हड्डी के ढांचे से कैसी जलन? मुझे तो बोलने का तरीका तक पसंद नहीं है।” अचानक चेतना जी खड़ी हुई और लावण्या के अंदाज में चलने लगी। उनको ऐसा करते देख अमन के चेहरे पर मुस्कुराहट थी। वो लावण्या के अंदाज में चलती हुई अमन के पास आई और उसका हाथ पकड़ कर बोली, “आर यु ऑल राइट अमन? तुम आज ऑफिस पूरे डेढ़ मिनट लेट आए हो। मुझे तुम्हारी फिक्र हो रही थी।”
“आपको तो खुश होना चाहिए कि वो मेरी इतनी केयर करती है और आप उसका मजाक बना रहे हो? दिस इज नॉट फेयर मिसेस चेतना कपूर।” अमन ने कहा।
चेतना जी वापस कुर्सी पर बैठ गई। उन्होंने अपने चेहरे के भाव गंभीर किए और फिर बोला, “शुक्र मना तेरी दादी यहां पर नहीं है। जब वो उसे देखेंगी, तो पूरा मोहल्ला सिर पर उठा लेगी। अभी भी वक्त है अमन, मैं तो कहती हूं कि तुम उससे ब्रेकअप कर लो।”
चेतना जी की बात सुनकर अमन खांसने लगा। उन्होंने जल्दी से उसे पानी का ग्लास पकड़ाया। उसने पानी पीकर खुद को नॉर्मल किया।
“मॉम आप बहुत अच्छा मजाक कर लेती है। नाउ लेट मी गो....” कहकर अमन वहां से जाने लगा। चेतना जी जल्दी से दौड़कर उसके सामने आ गई।
“बीजी को तुम्हारी लावण्या पसंद नहीं आएगी।” चेतना ने फिर कहा।
उनकी बात सुनकर अमन ने अपनी आंखें घुमाकर जवाब में कहा, “आपकी इंफॉर्मेशन के लिए बता दूं, उन्हें तो आप भी पसंद नहीं है।”
“तो क्या हुआ? तेरे पापा जी को तो मैं पसंद थी ना। वो मुझसे बहुत प्यार करते थे।” चेतना जी बोली।
“बस उसी तरह लावण्या मुझे पसंद है।” अमन ने कहा और वहां से जाने लगा।
चेतना जी ने पीछे से चिल्लाते हुए कहा, “और प्यार?”
“गुड नाइट मॉम... कल बात करते हैं।” अमन ने उनकी बात को टाला और वहां से अपने कमरे में चला गया।
“कितनी बार कहा है इस लड़के से, मेरी कन्वरसेशन बीच में छोड़कर मत जाया करो। आई हेट दिस।“ चेतना जी ने बड़बड़ा कर कहा और उसके बाद अपने कमरे में चली गई।
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अमन अपने कमरे में टेबलेट के जरिए घर की फुटेज देख रहा था। जब उसने देखा चेतना जी अपने कमरे में सोने जा चुकी हैं, तो उसने टेबलेट की स्क्रीन बंद की और उसे टेबल पर रख दिया।
“मॉम को समझाना वाकई बहुत मुश्किल होता है। अब उन्हें कैसे बताऊं कि लवी और मैं किस तरह से जुड़े हुए हैं। मैं किसी और को अपनी सच्चाई नहीं बता सकता, इसलिए लवी मेरे लिए एक आइडल लाइफ पार्टनर साबित होगी। हम दोनों एक ही प्रोफेशन से जुड़े हैं और हमें एक दूसरे से कुछ भी छुपाने की जरूरत नहीं है।” अमन ने खुद से कहा।
चेतना जी के सोने के बाद उसने वो टेबलेट और अपना मोबाइल उठाया और वहां से अपनी गाड़ी लेकर कहीं जाने के लिए निकल पड़ा।
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चंडीगढ़ के एक सेवन स्टार होटल रूम में लगभग 26 साल का लड़का बैठा था। उसने ब्लैक कस्टम मेड सूट पहना था। उसकी हेजल ग्रे आईज में कोई भाव नहीं था। उसने अपने हाथ में सिगरेट ले रखी थी।
फिर उसने सिगरेट के कुछ कश लगाए और फिर पास रखी एस्ट्रे में बुझा कर डाल दिया।
“मुझे यकीन नहीं होता कि नाकामयाब होने के बावजूद तुम लोग बेशर्मो की तरह मेरे सामने खड़े भी कैसे हो सकते हो?” उसने गुस्से भरी नजर उन दोनों पर डाली।
“बॉस हमने पूरी कोशिश की थी, लेकिन पता नहीं उन्हें कहां से इस ब्लास्ट की लीड मिल गई और। और बचा हुआ काम वहां मौजूद एक लड़की ने बिगाड़ दिया।” वहां मौजूद आदमी ने नजर झुका कर जवाब दिया।
“एक लड़की ने? क्या तुम लोग मेरे साथ मजाक कर रहे हो?” वो गुस्से में चिल्लाते हुए खड़ा हो गया।
“बॉस ये सही कह रहा है।” वहां मौजूद लड़की ने उसकी बात पर हामी भरी। “वहां एक लड़की थी जिसने हमारे आदमी को बॉम्ब प्लांट करते देख लिया था। उसके बाद उसने चिल्लाना शुरू कर दिया और वहां पर भगदड़ मच गई। उसने तो हमारे आदमी को भी पकड़ लिया था। ये तो अच्छा हुआ कि वो वहां से भाग गया।”
“डिस्गस्टिंग। तुम लोग एक छोटा सा काम भी नहीं कर पाए। जब ये इतना छोटा सा काम नहीं कर पाए तो हमारे बड़े प्लान में तुम जैसे निकम्मों के लिए कोई जगह नहीं है।” वो आदमी गुस्से में बोला। उसने पास पड़ी रिवाल्वर उठा ली।
वो दोनों लड़का लड़की एक दूसरे की शक्ल देखने लगे। वो आदमी अपनी रिवाल्वर के साथ उनके पास आया।
वो अपना अगला कदम उठाता उससे पहले लड़का उसके कदमों में गिर पड़ा और गिड़गिड़ाने लगा। “हमें बस आखरी मौका दीजिए। हम आपको वादा करते हैं कि इस बार हम नाकामयाब नहीं होंगे।”
“शायद यहां तुम्हें किसी ने बताया नहीं कि विधिक राणा किसी को सेकंड चांस नहीं देता।” वो विधिक राणा था। बोलते हुए उसने अपनी रिवाल्वर की नोक उस लड़के के माथे के बीचो-बीच लगा दी।
“प्लीज मुझे।” उस आदमी की बात खत्म भी नहीं हुई थी कि अगले ही पल विधिक राणा ने उसे शूट कर दिया था। रिवाल्वर में साइलेंसर लगे होने की वजह से वहां गोली की आवाज नहीं आई।
वो आदमी जमीन पर ढेर पड़ा था जबकि लड़की डर से कांप रही थी और उसके माथे पर पसीने की बूंदे थी।
“तुम्हें क्या हुआ स्वीटहार्ट? तुम ऐसे कांप क्यों रही हो?” बोलते हुए विधिक लड़की के बिल्कुल करीब आ गया और अपना गाल उसके गाल पर प्यार से फिराने लगा।
लड़की ने अपना थूक निगला और जैसे तैसे हिम्मत करके कहा, “सर प्लीज मुझे जाने दीजिए। इसके लिए मैं कुछ भी करने के लिए तैयार हूं। प्लीज मुझे मत मारिए।”
“कुछ भी?” विधिक ने उसकी आंखों में आंखें डाल कर देखा।
“हां कुछ भी।” लड़की ने मुस्कुरा कर कहा और हिम्मत करके विधिक के बिल्कुल करीब आ गई।
विधिक के हाथ उस लड़की को कमर पर थे। उसने उसे कस कर पकड़ा और उसके होठों पर किस करने लगा। लडकी को अपनी जान बचाने का बस यही रास्ता नजर आ रहा था। वो विधिक का हर तरह से साथ दे रही थी।
किस करने के बाद विधिक ने उसे बेड पर धकेला। लडकी के चेहरे पर मुस्कुराहट थी। लड़की बेड पर लेटी हुई थी और विधिक उसके ऊपर था। अचानक विधिक ने अपनी रिवाल्वर निकाली और उसके सीने पर लगाई।
“इंटरेस्टिंग। मुझे तुम्हारा ये तरीका भी पसंद आया।” लड़की ने उसका कॉलर पकड़ा और अपने करीब खींचने लगी।
“लेकिन मुझे नहीं। कोई भी लड़की उस जैसी क्यों नहीं है? तुम। तुम वो कभी नहीं हो सकती।”
लड़की सवालिया नजरों से उसकी तरफ देखने लगी। वो कुछ पूछ पाती, उस से पहले विधिक ने उसके सीने पर लगातार दो गोलियां चलाई।
लड़की भी उस लड़के की तरह मर चुकी थी और होटल रूम में उस लड़के की डेड बॉडी जमीन पर गिरी थी तो लड़की की बेड पर। उन दोनों को मारने के बाद भी विधिक के चेहरे पर कोई भाव नहीं थे। वो वहां लगे काउच पर आराम से सिगरेट पी रहा था।
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अमन अपनी गाड़ी में एक छोटी सी जगह पर पहुंचा। वो एक छोटा सा होटल था। अमन ने अपनी गाड़ी कुछ दूरी पर पार्क की और वहां से अंदर जाने लगा।
रिसेप्शन पर एक बूढ़ा सा आदमी था, जो कि होटल का मालिक था। अमन के पास आते ही उसने कहा, “क्या साब... देखने में तो काफी अमीर लगते हो, फिर इस सस्ते से होटल में क्या कर रहे हो?”
“मुझे ये होटल खरीदना है।“ अमन ने जवाब में कहा।
उसकी बात सुनकर उस आदमी की आंखें बड़ी हो गई। “क्या? कोई नशा वशा तो नही करके आए हो? रात के एक बजे तुम्हे बेवकूफ बनाने को मैं ही मिला क्या?”
“तुम कीमत बोलो...”
“अच्छा, खुद को अंबानी समझता है... इतने ही पैसे है, तो कोई ढंग का होटल खरीद... यहां तो गिन के 10 लोग भी नही रुकते... कमरों की हालत भी खस्ता पड़ी है...”
“मैने कहा कीमत बताओ।” अमन ने जोर देकर बोला।
“20 लाख... है तुम्हारे पास देने को? पता नही कहां...” उस आदमी ने अपनी बात खत्म भी नहीं की थी कि अमन ने अपनी जैकेट में से चेक निकाला और उसे साइन कर उस आदमी को पकड़ाते हुए कहा,”बाकी लीगल फॉर्मेलिटी मेरा लॉयर कंप्लीट कर लेगा। कल शाम 'आर्टिस्टिक' के ऑफिस आ जाना।”
वो आदमी आंखे फाड़ कर उसकी तरफ देखने लगा।
“25 लाख।“ उसे अभी भी यकीन नही हो रहा था। कभी वो चेक की तरफ देख रहा था, तो कभी अमन की तरफ..!
“होटल में इस वक्त कितने लोग ठहरे है?” अमन ने पूछा।
“2 आदमी है।वो भी।वो।” आदमी उसे पूरी बात बताने से हिचकिचा रहा था।
“अगले 5 मिनिट में होटल खाली हो जाना चाहिए।” अमन ने अपनी घड़ी की तरफ देख कर कहा।
उस आदमी ने उसकी बात पर हामी भरी और दौड़कर ऊपर गया। उसके जाते ही अमन ने अपना मोबाइल निकाला और किसी को कॉल किया।
“मैं लोकेशन भेज रहा हूं... टीम मेंबर को मीटिंग के लिए बुला लो।” कहकर उसने कॉल कट कर दिया।
होटल के मालिक सहित बाकी सभी लोग वहां से जा चुके थे। कुछ ही देर में वहां एक बड़ी गाड़ी खड़ी थी। उसमें से दो आदमी और लावण्या बाहर निकली।
“पता नहीं, ये अमन मीटिंग के लिए इतनी अजीब जगह कहां से ढूंढ के लाता है।” होटल को देखकर लावण्या मुंह बनाते हुए अंदर घुसी।
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