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Chapter 6

Dangerous obsession of love - Chapter 6

Dangerous obsession of love

अगली सुबह अमन आर्टिस्टिक के ऑफिस पहुंचा। देर रात तक बाहर रहने की वजह से वो देरी से ऑफिस आया था। लावण्या उसके केबिन में बैठकर उसके आने का वेट कर रही थी।

जैसे ही अमन अपने केबिन में आया, लावण्या को देखकर उसने छोटी सी मुस्कुराहट के साथ उसे गुड मॉर्निंग विश किया।

“मुझे पता था कि तुम देरी से आओगे। अगर काम करने का मन नहीं है, तो तुम ऑफिस में रेस्ट कर सकते हो। काम मैं देख लूंगी।” लावण्या ने कहा।

“ऑफिस का काम देखने के लिए यहां और भी लोग मौजूद है।उससे ज्यादा जरूरी उस आदमी को ढूंढ कर उनके मिशन के बारे में पता लगाना है।” अमन ने जवाब दिया।

“जस इस पर काम कर रहा है।” लावण्या बोली।

“हमारी टीम में जस के अलावा और भी मेंबर्स है। मैंने मिस्टर गुप्ता को उन लोगों से पूछताछ करने का बोला है, जिनके जरिए बॉम्ब ब्लास्ट की न्यूज़ मिली थी। तुम ऐसा करो जस को लेकर जाओ। फेयर में या उसके आसपास कोई कैमरा हो तो हमारा काम आसान हो सकता है।” अमन उनका हेड था तो उसने उस हिसाब से ऑर्डर दिया।

लावण्या ने उसकी बात पर हामी भरी। उन दोनों के बीच की बातचीत काफी सामान्य थी जबकि लावण्या उससे बात करने के लिए काफी देर से उसके केबिन में बैठी थी।

अमन के इंस्ट्रक्शन देने के बाद भी जब लावण्या वहां से नहीं उठी तो उसने हैरानी से पूछा, “क्या हुआ? शायद मैंने तुम्हें बता दिया है कि तुम्हें क्या करना है, उसके बावजूद तुम यहां पर बैठी हुई हो।”

“हां क्योंकि मुझे तुमसे कुछ जरूरी बात करनी थी।” लावण्या ने धीमी आवाज में जवाब दिया।

“व्हाट? देखो लवी, अगर तुम्हारी बात हमारी पर्सनल लाइफ से जुड़ी हुई है तो इस वक्त मैं इस मूड में बिल्कुल नहीं हूं। ना ही ये सही वक्त है और ना ही मुझे इन सब के लिए टाइम....” अमन ने सख्ती से कहा।

“लेकिन मैं अपने मॉम डैड को क्या कहूं? पहले ही सीक्रेट एजेंसी ज्वाइन करने की वजह से मुझे उनके सामने झूठ बोलने पड़ते हैं।” लावण्या ने लाचारी से कहा।

“जब इतने झूठ बोल ही रही हो तो एक झूठ और बोल दो।” अमन ने लगभग चिल्लाते हुए कहा।

“जब तुमने शादी के लिए कमिटमेंट दे दी है तो फिर तुम दूर क्यों भाग रहे हो? मुझे समझ नहीं आ रहा कि अगर हमारी शादी हो जाएगी तो कौन सा हमारे काम पर इफेक्ट पड़ने वाला है?” लावण्या भी गुस्से में बोली।

“इफ़ेक्ट ये पड़ने वाला है कि मैं अपने घर पर किसी भी तरह का सास बहू का ड्रामा नहीं चाहता।” लावण्या के बार-बार कहने की वजह से अमन गुस्सा हो गया।

उसके गुस्से में चिल्लाने की वजह से लावण्या भी चुप हो गई। उसकी आंखें नम थी। उसे परेशान देखकर अमन ने अपने गुस्से को काबू किया और उठकर उसके पास गया।

अमन उसके पास वाली कुर्सी पर बैठा और उसका हाथ अपने हाथ में लेकर बोला, “प्लीज मुझे थोड़ा टाइम दो।”

“और कितना टाइम अमन? पिछले 1 साल से टाइम ही तो दे रही हूं।” लावण्या ने कहा।

“मुझे पता है कि तुम मेरी वजह से रुकी हुई हो।” अमन उसे प्यार से समझाने की कोशिश करने लगा।

“मैं तुम्हारी वजह से नहीं तुमसे प्यार करती हूं इस वजह से रुकी हुई हूं। अमन मैं जानती हूं कि तुम्हारी मॉम को मैं पसंद नहीं हूं। लेकिन आज नहीं तो कल उन्हें मुझे एक्सेप्ट करना ही होगा।” लावण्या ने जवाब दिया।

“उनसे पहले मैं खुद इस बात को एक्सेप्ट नहीं कर पा रहा कि जब मैं तुमसे प्यार ही नहीं करता, तो पूरी लाइफ तुम्हारे साथ कैसे स्पेंड करूंगा।“ लावण्या की बात सुनकर अमन सोच में पड़ गया।

उसे चुप देखकर लावण्या ने पूछा, “क्या कोई प्रॉब्लम है?”

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“नहीं कोई प्रॉब्लम नहीं है। डोंट वरी लवी, मैं तुम्हारे अलावा अपनी लाइफ में किसी को आने की इजाजत दे ही नहीं सकता। हमारा काम, हमारी सिक्रेसी, उन सब के हिसाब से तुम मेरे लिए बेस्ट लाइफ पार्टनर साबित होगी। बस थोड़ा टाइम दो।” अमन बोला।

लावण्या ने उसकी बात पर हामी भरी। लेकिन वो अभी भी उदास थी। उसका मूड सही करने के लिए अमन ने अपनी चेयर लावण्या के पास की और उसे कमर से पकड़ कर बिल्कुल अपने करीब ले आया।

“चलो अब जल्दी से स्माइल करो। हमारे पास सिर्फ 2 दिन का टाइम है लवी।” अमन ने हल्का मुस्कुरा कर कहा।

“क्या तुम्हें काम के अलावा कुछ और नहीं सुझता?” लावण्या हल्के से मुस्कुराई और अपने होठों को अमन के होठों पर लगा दिए। उसने हल्का सा किस किया।

“आई लव यू सो मच अमन।” लावण्या अमन से अलग होकर बोली।

“एंड आई प्रॉमिस कि मैं तुम्हें कभी हर्ट नहीं करूंगा।” अमन ने जवाब में कहा।

दोनों की बहस के बाद इस छोटी सी प्यार भरी बातचीत ने लावण्या की नाराजगी को दूर कर दिया था। अमन को बाय बोल कर वो अपने काम पर जा चुकी थी।

उसके जाने के बाद अमन ने पेपर और पेंसिल उठाया और उस पर स्केच बनाने लगा।

“भले ही मैं तुम्हारा नाम नहीं जानता लेकिन मैं तुम्हारा चेहरा कभी नहीं भूल सकता चिल्लाने वाली लड़की। इस स्केच के जरिए शायद जस तुम्हें ढूंढ पाए।” अमन ने खुद से कहा।

“हल्की भूरी छोटी आंखें। छोटी सी नाक और चेहरे पर स्माइल... वो हल्के डिंपल, हवा में लहराते हल्के घुंघराले बाल...” स्केच बनाते हुए अमन खुद से बातें कर रहा था।

कुछ ही देर में उसने आँशी का बिल्कुल परफेक्ट स्केच बना दिया था। “इसे देखकर लगता है कि ये अभी जोर-जोर से बॉम्ब बॉम्ब करके चिल्लाने लगेगी।” अमन ने हल्का हंसते हुए कहा। आँशी को देख कर उसके चेहरे पर मुस्कुराहट थी।

“चलो, अब इसे जस को मेल कर देता हूं।ताकि वो इसे ढूंढ पाए।” अमन ने आँशी की फोटो को जस को उसी वक्त भेज दिया था।

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दोपहर के 2:00 बज गए थे। खूब सारी शॉपिंग करने के बाद आँशी वापस अर्जुन के ऑफिस आई। वो दोनों ऑफिस से थोड़ी दूरी पर बने रेस्टोरेंट में लंच कर रहे थे।

“कुछ सोचा कि शिव अंकल को कैसे कन्वींस करना है?” अर्जुन ने खाना खाते हुए पूछा।

आँशी ने अपने मुंह का खाना जल्दी जल्दी चबाया और फिर जवाब देते हुए कहा, “किसी महान इंसान ने कहा है कि खाते वक्त जबान और दिमाग दोनों ही नहीं चलाने चाहिए।”

“खाना खाने तो तू अब बैठी है ना या फिर पूरे दिन से कुछ ना कुछ खा ही रही है।” अर्जुन मुंह बनाकर बोला।

“बस कर‌ यार..स्ट्रेस मत दे। कम से कम चैन से 4 वक्त का खाना तो खा लेंने दिया कर।” आँशी ने मुंह बना कर जवाब दिया।

“अच्छा बेटा, 2 दिन तक तुम्हें चंडीगढ़ में जितना चैन से खाना, पीना, घूमना, फिरना कर लो, उसके बाद तो तुम्हारी लंदन की टिकट कटने वाली है।” अर्जुन ने उसे बातों बातों में याद दिलाया।

उसकी बात सुनकर आँशी ने अपना खाना वहीं छोड़ दिया। ‌“मैं लंदन कभी नहीं जाऊंगी चाहे इसके लिए मुझे कुछ भी क्यों ना करना पड़े।” आँशी ने गुस्से में जवाब दिया।

“आँशी हम दोनों एक दूसरे को काफी टाइम से जानते हैं। तुम लंदन में काफी खुश थी और अच्छे से तुम्हारी स्टडी चल रही थी लेकिन जब से यहां पर आई हो, एक ही रट लगा रखी है कि लंदन वापस नहीं जाऊंगी। इट्स एनीथिंग सीरियस?” अर्जुन ने गंभीर होकर पूछा।

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“कोई सीरियस नहीं है। अब मेरा वहां मन नहीं लगता। ठीक है यार, अब तक मेरी स्टडी थी तो मैंने किसी से कुछ नहीं कहा। अब ग्रेजुएशन कंप्लीट हो गई है तो क्या जरूरत है वहां वापस जाने की?” आँशी ने नॉर्मल होकर कहा, ताकि अर्जुन को शक ना हो जाए।

“तू कहीं हमसे कुछ छुपा तो नहीं रही?” अर्जुन ने उसकी तरफ घूरकर देखते हुए कहा।

“हां छुपा रही हूं ना, बहुत बड़ी बात छुपा रही हूं। मैं कोई आम इंसान नहीं हूं। मैं इंडिया की सीक्रेट एजेंसी में काम करती हूं। अब तक अपना काम वहां से हैंडल कर लिया था लेकिन अब मुझे यहां पर रुकना पड़ रहा है।” आँशी ने जोर से बोल कर कहा।

उसके ऐसे कहते ही आसपास की टेबल पर बैठे कुछ लोगों ने उसकी तरफ देखा।

“क्या बकवास कर रही है?” अर्जुन ने बिल्कुल धीमी आवाज में कहा, “यहां के लोग तेरी तरफ ही देखे जा रहे हैं।”

“अगर मैं पापा को ये सब बताऊं तो क्या वो मेरी बात पर विश्वास करेंगे और मुझे यहां रुकने देंगे?” आँशी ने अचानक पूछा।

“आइडिया काफी अच्छा है। देखा जाए तो हम इस पर काम कर सकते हैं।” अर्जुन ने थम्स अप करके कहा।

“वैसे मैंने ये सब ऐसे ही बोल दिया था लेकिन आईडिया सच में कमाल का है। आई नो ये झूठ बहुत बड़ा होगा और ये पोस्ट भी काफी हाई होगी, लेकिन डैड कितना खुश होंगे ना कि मैं हमारे देश के लिए काम कर रही हूं।” आँशी ने काफी प्राउड फीलिंग के साथ कहा।

अर्जुन ने उसकी बात पर सहमति जताई। दोनों ने प्लान फाइनल किया और वहां से चले गए।

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शाम के वक्त लावण्या अपने साथ कुछ फुटेज की क्लिप्स लेकर जस के पास होटल में पहुंची। लावण्या होटल के आगे हैरान खड़ी थी। वहां काफी भीड़ लगी थी।

“हम कैसे भूल सकते हैं कि हमने कोई काम जस के ऊपर छोड़ा है, तो वो नॉर्मल तरीके से तो हो ही नहीं सकता।” लावण्या गुस्से में बोली और अंदर जस के पास गई जो कि रिसेप्शन पर खड़ा था।

“क्या तुम बता सकते हो कि यहां क्या तमाशा चल रहा है?” लावण्या ने गुस्से में पूछा।

“मुझे समझ नहीं आता ब्रो तुम्हारी प्रॉब्लम क्या है? जब देखो ये हाई हील्स और छोटे कपड़े पहन कर आ जाती हो और जोर जोर से चिल्लाने लगती हो। तुम कभी नॉर्मल नहीं रह सकती क्या?” जस ने जवाब में कहा।

“ओ रियली? तुम्हारी हरकतें ही ऐसी है जो चिल्लाने पर मजबूर करती है। अगर अमन को इस बारे में पता चला तो वह।” लावण्या अपनी बात खत्म करती उससे पहले जस ने उसकी बात काटते हुए बीच में कहा, “ब्रो ने मुझे कल रात को कहा था कि यहां सब कुछ नॉर्मल लगना चाहिए। इसलिए मैंने उसे प्रॉपर होटल का लुक देकर इसे कस्टमर के लिए कम पैसों में अवेलेबल कर दिया। व्हॉटस द बिग डील इन दिस? यहां सब कुछ कितना नार्मल लग रहा है।”

“ये अमन ने मीटिंग्स के लिए खरीदा है.. किराए पर देने के लिए नहीं।” लावण्या बोली।

“अरे मैंने सिर्फ ग्राउंड फ्लोर किराए पर दिया है। ऊपर का फ्लोर अभी भी खाली है, जहां हम अपना काम आसानी से कर सकते हैं। तुम यकीन नहीं करोगी मैंने तो यहां पर एक अच्छी सी रिसेप्शनिस्ट भी रख‌ ली है।” जस ने बताया।

उसकी बातें लावण्या को हैरानी में डाल रही थी। वो गुस्से में बोली, “और उसे सैलरी कौन देगा?”

“पहले तो मैंने सोचा था कि यहां से होने वाली इनकम से उसे सैलरी दे दूंगा लेकिन अमन ब्रो के पास इतने पैसे हैं, वो किस दिन काम आएंगे।” जस ने लापरवाही से कहा और रिसेप्शन टेबल से बाहर आ गया।

लावण्या उसे कुछ कह पाती उससे पहले 21 साल की लड़की वहां पर आई। उसने शॉर्ट ड्रेस पहना था और चेहरे पर हैवी मेकअप कर रखा था।

“ये लो मालती आ गई। मालती तुम यहां रिसेप्शन संभालो, मैं इन मैडम से निपट कर आता हूं।” जस ने कहा।

मालती ने मुस्कुरा कर उसकी बात पर हामी भरी। जस बाकी का काम करने के लिए ऊपर के फ्लोर पर जा रहा था जबकि ना चाहते हुए भी लावण्या को उसके साथ जाना पड़ा। वो वहां पर मौजूद भीड़ और रिसेप्शनिस्ट को देखकर काफी इरिटेट हो गई थी।

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