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Chapter 8

Dangerous obsession of love - Chapter 8

Dangerous obsession of love

अपने डैड के घर आने की न्यूज़ सुनकर आँशी परेशान थी और इसी परेशानी में क्लब में बैठकर उसने ड्रिंक के काफी सारे शॉट्स लगा लिए थे।

अमन भी वहीं पर आया हुआ था। आँशी ने उससे बात करने की कोशिश की। अमन ने उसे इग्नोर किया तो गुस्से में आँशी ने उसका फोन तोड़ दिया।

“ये क्या बदतमीजी है?” अमन गुस्से में बड़बड़ाता हुआ आँशी के पास गया। उसने आँशी को देखते ही पहचान लिया।

“तुम। तुम तो वही चिल्लाने वाली लड़की हो, जिसने उस दिन मेले में भगदड़ मचाई थी।”

“कौन सा मेला?” बोलते हुए आँशी अमन की बाहों में गिरने लगी।

“ओहहो। तुमने तो बहुत ड्रिंक रखी है।” अमन ने उसे संभालते हुए खुद से दूर किया।

“मेरे पास कोई और ऑप्शन ही नहीं था। आई नो यहां सब कुछ बहुत बोरिंग है लेकिन। लेकिन यहां मैं सेफ हूं।” आँशी नशे में धीमी आवाज में बड़बड़ाए जा रही थी।

अमन को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था। उसने उसे संभाला और वहां से बाहर ले जाने लगा।

“चलो हम मेरी गाड़ी में चल कर बात करते हैं।”

आँशी ने उसे खुद से दूर धकेला और कहा, “मैं नशे में हूं, इसका मतलब ये नहीं कि मुझे मेरे आसपास क्या हो रहा है उसका कुछ होश नहीं। तुम मेरे नशे में होने का फायदा उठाना चाहते हो। मैं अच्छे से जानती हूं तुम जैसे लड़कों को।”

“क्या जानती हो?” अमन ने हैरानी से पूछा।

“तुम जैसे लड़के पहले तो सीधे-साधे बनकर लड़की के पास जाते हैं और फिर उसे किडनैप करके उसके साथ। उसके साथ गलत काम करते हैं।”

“ये क्या बकवास कर रही हो तुम?” अमन गुस्से में उस पर चिल्लाया, “तुम अभी अपने होश में नहीं हो, मैं तुम्हारे साथ कोई गलत काम करूं या ना करूं लेकिन इस हालत में कोई और तुम्हारा फायदा जरूर उठा सकता है।”

“अरे।” आँशी चिल्लाते हुए बोली, “ऐसे कैसे फायदा उठा सकता है? तुम अभी जानते नहीं हो मुझे। मुझे मार्शल आर्टस आती है।”

लाउड म्यूजिक होने की वजह से आँशी जोर से चिल्लाकर बोल रही थी।

“एक तो इतना लाउड म्यूजिक, ऊपर से ये लड़की। मुझे लग रहा है आज मैं पागल हो जाऊंगा।” अमन सिर पकड़ कर बोला। “लेकिन कुछ भी हो जाए। मैं इसे जाने नहीं दे सकता है। इस लड़की से कैसे भी करके उस आदमी के बारे में पूछना होगा।”

अमन फिर से आँशी के पास आया और उसका हाथ पकड़ कर कहा, “चलो आराम से बैठ कर बात करते हैं।”

आँशी ने मुंह बनाते हुए उसकी बात पर हामी भरी। अमन उसे कोने में लगी एक टेबल पर लेकर गया। वहां आसपास ज्यादा लोग नहीं बैठे थे।

“तुम्हारा नाम क्या है?” अमन ने बैठते ही पूछा।

“मैं अपना नाम तुम्हें क्यों बताऊं?” आँशी बोली।

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“इस लड़की से डील करना इतना मुश्किल क्यों है?” अमन धीरे से बड़बड़ाया। उसने एक बार फिर से आँशी से बात करने की कोशिश करते हुए कहा, “ठीक है नाम को छोड़ो। याद है कल शाम को तुम एक फेयर में गई थी।”

“कौनसा फेयर?” आँशी ने उसकी तरफ अजीब नज़रों से देखकर पूछा।

“वही फेयर, जहां पर तुम बॉम्ब बॉम्ब चिल्ला रही थी। याद है ना, फेयर में बॉम्ब लगा था।”

जैसे ही अमन ने बॉम्ब बॉम्ब नाम लिया, आँशी अपनी जगह से खड़ी हुई और चिल्ला कर बोली, “क्या बॉम्ब? यहां बॉम्ब लगा है?”

आँशी वहां से भागकर डांस फ्लोर पर गई। अमन उसे रोक पाता उससे पहले वो वहां से जा चुकी थी। उसने डीजे के पास जाकर म्यूजिक बंद करवाया और वहां रखा माइक उठाकर उसमें अनाउंसमेंट करने लगी।

“इस क्लब को जितनी जल्दी हो सके, उतनी जल्दी खाली कर दीजिए। यहां पर बॉम्ब है, अगर आपको आपकी जान प्यारी है, तो जल्द से जल्द यहां से निकल जाइए।” आँशी माइक में चिल्लाकर बोली।

आँशी के अनाउंसमेंट करते ही वहां पर भगदड़ मच चुकी थी। वहां ज्यादा लोग मौजूद नहीं थे लेकिन सब अपनी जान बचाने के चक्कर में बाहर की तरफ भागने लगे।

उन सबको वहां पर भागदौड़ करता देख अमन ने अपना सिर पकड़ कर बोला, “मैं क्यों भूल गया था कि ये लड़की। नहीं लड़की नहीं। चिल्लाने वाली लड़की। जहां भी जाती है वहां पर ऐसे ही रायते फैलाती रहती है।”

अमन आँशी को रोकने के लिए उसके पास गया।

“ये क्या किया तुमने?” अमन आँशी पर चिल्लाकर बोला।

“तुम्हें सुनाई नहीं दिया यहां पर बॉम्ब लगा है? चलो तुम भी निकलो यहां से वरना। वरना तुम्हारी जान चली जाएगी।” बोलते हुए आँशी अमन का हाथ पकड़ कर उसे बाहर की तरफ ले जाने लगी।

कुछ ही देर में क्लब पूरा खाली हो चुका था। वहां की सिक्योरिटी ने बॉम्ब स्क्वायड और पुलिस को बुला लिया था।

“इस लड़की ने फिर से गड़बड़ कर दी। कुछ भी हो जाए मुझे इसके होश में आने का इंतजार करना होगा। ये ही मुझे उस आदमी की तस्वीर बनाने में मदद कर सकती हैं।” अमन ने खुद से बड़बड़ा कर कहा।

अमन आँशी को जैसे तैसे समझा-बुझाकर अपनी गाड़ी में लेकर गया। गाड़ी में जाते हुए वो वहां पर सो गई। वो उसे उठाने की पूरी कोशिश कर रहा था लेकिन आँशी गहरी नींद में थी।

“पिछले 1 घंटे से इसे उठाने की कोशिश कर रहा हूं, पता नहीं ये लड़की मेरी जिंदगी में और कितने भूचाल लेकर आएगी।” अमन गाड़ी में बैठा बोर हो रहा था।

वहीं दूसरी तरफ लावण्या अपने काम से फ्री हो चुकी थी। उसने अपने फोन में अमन के बहुत से कॉल आए हुए देखे तो उसने उसे कॉल किया।

लावण्या का कॉल देखकर अमन ने खुद से कहा, “हां, इसे भी अभी मेरी याद आ रही है। अगर मैंने लवी को इस लड़की के बारे में बताया तो वो भी यहां आ जाएगी। क्या पता फिर इन दोनों को एक साथ हैंडल करना मेरे लिए मुश्किल हो जाए। एक बार के लिए लवी को इग्नोर करना ही सही रहेगा।” अमन ने लावण्या के कॉल का कोई जवाब नहीं दिया।

वो वहीं पर बैठकर आँशी के नींद से जागने का इंतजार करने लगा।

__________

रात के 2:00 बज रहे थे। आँशी अब तक घर वापस नहीं आई तो अर्जुन को उसकी टेंशन होने लगी।

“अब तक तो उसे आ जाना चाहिए था। सब मेरी ही गलती थी जो मैंने उसे अकेले जाने दिया। ऐसे में तो दादी को भी नहीं उठा सकता। कहीं आँशी के साथ कुछ गलत।” अर्जुन के दिमाग में बुरे बुरे ख्याल आने लगे। उसने जल्दी से अपने लैपटॉप में आँशी की लोकेशन निकाली।

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“ये इतनी रात को क्लब में क्या कर रही है?” अर्जुन ने अपना लैपटॉप जल्दी से बंद किया और आँशी को कॉल करने लगा।

हड़बड़ाहट में आँशी का फोन क्लब में ही रह गया था। उसके फोन नहीं उठाने की वजह से अर्जुन और परेशान हो गया। उसने जल्दी से आँशी की स्कूटी निकाली और क्लब जाने लगा।

आँशी अभी भी अमन की गाड़ी में बेफिक्र होकर सो रही थी।

“कोई भी लड़की इतनी बेफिक्र होकर दूसरे की गाड़ी में सो भी कैसे सकती है? सोना तो दूर की बात है, ये क्लब में बेतहाशा पिए जा रही थी। इसके घरवालों को इसकी बिल्कुल भी फिक्र नहीं है क्या?” अमन ने आँशी को देखकर कहा।

तभी एक पुराना सा स्कूटर तेज गति से चलते हुए अमन की गाड़ी के पास से गुजरा। स्कूटर वाला उसे काफी रफ तरीके से चला रहा था, इस वजह से अमन की गाड़ी पर डेंट लग गया।

“पागल हो गए हो क्या? देख कर नहीं चला सकते?” अमन ने अपना मुंह गाड़ी की खिड़की से बाहर निकाल कर कहा।

स्कूटर वाले आदमी ने कोई जवाब नहीं दिया। वो कुछ दूरी पर पहुंचा ही था कि सामने आ रहे ट्रक से जा टकराया। अमन ने अपनी गाड़ी के साइड मिरर से इस एक्सीडेंट को होते देखा।

“ओ गॉड। लगता है उसने भी ड्रिंक कर रखी थी।” अमन जल्दी से अपनी गाड़ी से बाहर निकला और एक्सीडेंट स्पॉट की तरफ भागने लगा।

ट्रक वाला भी बाहर आकर उसे देख रहा था। उसका स्कूटर बुरी तरह टूट गया था और उस पर मौजूद आदमी सड़क पर पड़ा था। उसका एक पैर कुचल गया था और माथे से भी खून निकल रहा था।

“साहब जी, मैंने ये जानबूझकर नहीं किया।” ट्रक वाला अमन को देख कर गिड़गिड़ाया।

“हां देखा मैंने। मैं पुलिस को बुला रहा हूं।” अमन ने उसे शांत करने के लिए कहा।

“लेकिन पुलिस तो मुझे ही गलत समझेगी ना।” वो परेशान होकर बोला।

“डोंट वरी, मैंने ये सब अपनी आंखों से देखा है। ये आदमी मेरी गाड़ी से भी टकराते हुए बचा था। लगता है इसने शराब पी रखी थी।“ अमन ने उस आदमी को समझाया और पुलिस को कॉल करके बुलाने लगा।

वहीं दूसरी तरफ अमन की गाड़ी में सो रही आँशी भी जाग चुकी थी। वो अभी भी हल्के नशे में थी।

“ये मैं यहां क्या कर रही हूं? कहीं मेरा किडनैप। कोई मुझे किडनैप करके तो यहां नहीं ले आया।” आँशी अपनी याददाश्त पर जोर डालकर सोचने की कोशिश कर रही थी लेकिन उसे कुछ याद नहीं आ रहा था।

वो गाड़ी से बाहर निकली और आसपास देखा। उसने देखा थोड़ी दूर पर दो लोग खड़े थे और एक आदमी सड़क पर पड़ा था।

आँशी ने उनकी तरफ ज्यादा ध्यान नहीं दिया और वापस क्लब की ओर जाने लगी। अर्जुन सामने से स्कूटी पर आ रहा था। उसने आँशी को देखा तो स्कूटी रोकी और उसके पास गया।

“तुम पागल हो? जब मैंने तुम्हें अपनी गाड़ी दी थी तो क्या जरूरत है, सड़क पर चलने की? मैंने कहा था टाइम से घर आ जाना और तुम।” अर्जुन गुस्से में उस पर चिल्लाए जा रहा था।

“मुझे कुछ याद नहीं है अर्जुन। मुझे घर जाना है मेरा सर दर्द कर रहा है।” आँशी की आवाज सुनकर अर्जुन ने कहा, “तुमने ड्रिंक की है? मैंने मना किया था ना तुम्हें ड्रिंक करने से। आँशी तुम्हारा मोबाइल क्लब में क्या कर रहा है और गाड़ी? तुमने गाड़ी कहां पार्क की?”

“गाड़ी क्लब के पार्किंग एरिया में होगी और मोबाइल का मुझे नहीं पता।इन सब के बारे में घर पर बात करें? प्लीज मुझे घर जाना है।”

आँशी काफी थकी हुई और परेशान लग रही थी इसलिए अर्जुन ने ज्यादा कुछ नहीं पूछा। अर्जुन आँशी को क्लब लेकर गया और उसके मोबाइल के मिसिंग का होने बताया। क्लब मैनेजर ने उसे आँशी का मोबाइल घर पहुंचने का आश्वासन दिया। उसके बाद वो उसे स्कूटी पर बिठाकर घर लेकर जा चुका था। अमन अभी भी इस बात से बेखबर था कि आँशी उसकी गाड़ी से जा चुकी है।

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