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Chapter 7

A cruel fairytale - Chapter 7

A Cruel Fairytale

रिदांश आरोही को अपने प्राइवेट हाउस में ले आया था। एक तो वैसे ही उसे आरोही की अजीब बातों पर यकीन नहीं हो रहा था ऊपर से उसके मैनेजर डेनियल का कॉल आया था। अब तक उनके इलीगल तरीके से ड्रग्स उगाने के बारे में किसी को नहीं पता था पर अचानक ही पुलिस बिना किसी नोटिस के उनकी जमीन पर छानबीन करने के लिए आ गई थी।

रिदांश को डाउट था कि आरोही को उसके किसी दुश्मन ने भेजा है और डेनियल की खबर के बाद उसका शक यकीन में बदल गया। डेनियल से बात करने के बाद रिदांश आरोही के पास पहुंचा और उसने आरोही से ये पूछा कि आज से पहले उसने कभी शराब पी है।

रिदांश का सवाल काफी अजीब था और आरोही ने कोई जवाब नहीं दिया तो रिदांश ने उसका चेहरा पकड़ कर कस के दबाया और उसकी आंखों में देखते हुए सर्द आवाज में कहा, “मैंने तुमसे कुछ पूछा है मिस राइटर? चुपचाप जवाब दो वरना तुम्हारी फैमिली को ढूंढ कर खत्म कर दूंगा।”

आरोही ने जल्दी से ना में सिर हिला दिया। रिदांश ने एक नजर उसके कपड़ों की तरफ देखा तो उसके कपड़े भी काफी संस्कारी नजर आ रहे थे। उसने इंडियन पहना था।

उसे देखने के बाद रिदांश ने सिर हिलाकर कहा, “लगा भी था तुम्हें देखकर कि तुम ड्रिंक नहीं करती होगी। कोई बात नहीं, आज ये रिदांश ठाकुर तुम्हें दुनिया की बेस्ट ड्रिंक टेस्ट करवाने वाला है।”

आरोही ने घबराकर जल्दी से कहा, “नहीं प्लीज, ऐसा मत करो।”

रिदांश ने आरोही की एक नहीं सुनी और उसका हाथ पकड़ कर उसे जबरदस्ती अपने घर के बार एरिया में लेकर गया। वहां रिदांश काफी देर तक ड्रिंक को देखता रहा। फिर उसने चुनकर एक बोतल निकाली और आरोही के लिए ग्लास में डालते हुए कहा, “पता है ये यहां की सबसे पुरानी ड्रिंक है और कहते हैं कि शराब जितनी पुरानी हो, उसका नशा उतना ही गहरा होता है। इंसान जो बातें होश में रहकर नही कर पाता, वो मदहोशी में अक्सर कहा जाता है।”

“ये करके कोई फायदा नहीं है, सो प्लीज डोंट डू दिस। ड्रिंक करने के बाद में भी मैं वही कहूंगी, जो अब कह रही हूं।” आरोही ने प्लीडिंग वे में कहा।

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लेकिन रिदांश उसकी कहां सुनने वाला था। वो ग्लास हाथ में लिए आरोही के पास आया और अपने एक हाथ से उसके दोनों हाथों को पकड़ कर पीछे की तरफ किया। रिदांश ने उसे वहां लगी बड़ी सी टेबल के सहारे खड़ा किया।

आरोही की आंखों में आंसू थे और वो बार-बार ना में सिर हिला रही थी तभी रिदांश ने जबरदस्ती ग्लास को उसके होठों के पास लगाया और उसके मुंह में उसे उड़ेल दिया।

आरोही रेसिस्ट करने की पूरी कोशिश कर रही थी लेकिन रिदांश काफी स्ट्रांग था। आरोही चाह कर भी उससे खुद को छुड़ा नहीं पाई थी। उसने लगभग आधा ग्लास आरोही के गले में उड़ेल ही दिया था, बाकी आधा उसके कपड़ों और होठों के नीचे बिखरा हुआ था।

आरोही खांस रही थी। उसकी आंखों में आंसू थे। रिदांश को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा था। उसने दूसरा ग्लास तैयार किया तभी आरोही चिल्ला कर बोली, “तुम इंसान हो या जानवर? मैंने तुम्हें कह दिया कि मुझे तुम्हारी किसी भी दुश्मन ने नहीं भेजा है, फिर तुम... फिर तुम क्यों कर रहे हो मेरे साथ ये सब? अरे दया नाम की चीज है भी तुम्हारे अंदर या नहीं।”

“बिल्कुल भी नहीं है।” रिदांश ने कंधे उचकाकर बेपरवाही से कहा।

वो आरोही के करीब गया और दूसरा ग्लास भी उसके होठों के पास लगा दिया। आरोही‌ को हल्का नशा होने लगा था। वो अब चाह कर भी रिदांश को रेसिस्ट नहीं कर पा रही थी। रिदांश ने इस बार पूरा ग्लास उसके मुंह में खाली कर दिया था।

पहली बार शराब पीने वाले इंसान के लिए उस बोतल का एक ग्लास ही काफी होता था लेकिन रिदांश ने उसे दो ग्लास पिलाया था। आरोही को पूरी दुनिया घूमती हुई नजर आ रही थी।

आरोही वहां से उठकर जाने को हुई। नशे में उसके कदम लड़खड़ाने लगे। वो गिरने वाली थी तभी रिदांश ने उसे अपनी बाहों में थाम लिया। वो आरोही के चेहरे को इतनी देर में पहली बार इतने करीब से देख रहा था।

रिदांश आरोही की भूरी आंखों को गौर से देख रहा था, जो नशे में बार-बार बंद हो रही थी। उसकी नजर आरोही के होठों पर गई, जिस पर अभी भी शराब की कुछ बूंदें लगी हुई थी। रिदांश ने अपनी जीभ से उन्हें साफ किया।

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आरोही को अब रिदांश से और भी डर लग रहा था।

रिदांश ने आरोही को अपनी बाहों में उठाया और फिर अपने बेडरूम में ले जाने लगा। आरोही भले ही नॉवेल में लिखी चीजें भूलने लगी थी लेकिन उसने खुद ही रिदांश को इतना बेरहम और वूमेनाइजर लिखा था, जिसके लिए लड़कियां बस उसकी फिजिकल नीड्स पूरा करने के लिए थी। अब वो आरोही के साथ भी वो वही करने जा रहा था।

“आई विल कंपलीटली डिस्ट्रॉय यू गर्ल...” रिदांश ने आरोही की तरफ देखकर कहा, “मेरी लाइफ में आई अब तक की लड़कियों में तुम सबसे खूबसूरत हो पर गलत वक्त पर गलत जगह मिली।”

आरोही की खूबसूरती को देखकर कुछ पल के लिए रिदांश खुद भूल गया था कि उसने आरोही को शराब किस मकसद से पिलाई थी। बेडरूम में आते ही रिदांश ने आरोही को बेड पर पटका। उसने अपना ब्लेजर निकाल कर फेंका और फिर अपना शर्ट भी उतार दिया था। अगले ही पल वो आरोही के ऊपर था और उसके होंठों को बेरहमी से किस कर रहा था। आरोही वहां नशे में पड़ी थी। रिदांश को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा था।

आरोही उसे रोक नहीं पा रही थी पर उसे एहसास हो रहा था कि रिदांश उसके साथ क्या करने जा रहा है। उसमें इतनी हिम्मत भी नहीं थी कि वो उसे खुद से दूर कर सके।

रिदांश अपने मन मुताबिक आरोही की बॉडी के साथ खेल रहा था तो वही आरोही के दिमाग में उसी के लिखे हुए शब्द लिख चल रहे थे। उसने नॉवेल में वो सीन लिखा था, जब रिदांश आरोही को पहली बार अपने घर लेकर आया था, उसकी आखिरी कुछ लाइन्स उसके दिमाग में चल रही थी।

“आरोही उस वक्त पूरे होश में थी। उसे सबक सिखाने के लिए रिदांश ने उसके साथ जबरदस्ती की। आरोही के लिए वो रात काफी भारी थी। रिदांश ने बिना उसका कॉन्सेंट लिए जबरदस्ती उसके साथ फिजिकल रिलेशन बनाए थे।” ये आरोही का लिखा सबसे कंट्रोवर्शियल सीन था।

आरोही ने जो भी लिखा, वो उसके साथ हो रहा था। ये उसने तो क्या, किसी ने नहीं सोचा होगा। उन दोनों के कपड़े फ्लोर पर बिखरे हुए थे और रिदांश अपनी ख्वाहिशें पूरी कर रहा था। रिदांश को वो सब करते देखा आरोही की आंखों से आंसू का कतरा बह गया। इस वक्त उसे फिजिकल पेन से ज्यादा मेंटल पेन महसूस हो रहा था कि वो कुछ नही कर पा रही है। जैसे नॉवेल के हर सीन को लिखना उसके बस में था, वैसे वो अपनी जिंदगी में चल रहे इस सीन को क्यों नहीं रोक पा रही थी। इस बात की लाचारी आरोही को अंदर ही अंदर तोड़ रही थी।

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