A cruel fairytale - Chapter 25
A Cruel Fairytaleआरोही की सुबह आंख खुली तो रिदांश उसके बगल में सोया हुआ था। आरोही उसे अपने पास देखकर चौंक गई क्योंकि रिदांश ने उसका कमरा चेंज कर दिया था। जैसे तैसे आरोही ने रिदांश को वॉशरूम जाने का बहाना बनाकर उसे खुद से अलग किया। जब वो बाथरूम में थी तब रिदांश खुद को समझाने की कोशिश कर रहा था कि उसे आरोही से दूर रहना है।
जैसे ही आरोही ने बाथरूम के बाहर कदम रखा, रिदांश ने उसके साथ फिजिकली इंवॉल्वड होने की डिमांड रख दी थी, जिसे सुनकर आरोही चौक गई।
आरोही चुपचाप खड़ी हैरानी से रिदांश की तरफ देख रही थी, तभी रिदांश उठकर उसके पास आया और उसे कमर से पकड़ कर अपने करीब करके कहा, “मैंने डॉक्टर से बात की है और ये सेफ है। ट्रस्ट मी तुमसे ज्यादा मुझे अपने बच्चे की परवाह है।”
“अगर परवाह है तो ये सब क्यों कर रहे हो? तुमने ही कहा था कि तुम मेरे क्लोज इसलिए आते हो क्योंकि तुम्हें अपना बच्चा चाहिए। तुम जो चाहते थे वो तुम्हें मिल गया है रिदांश, तो प्लीज ये सब मत करो।” आरोही ने काफी शांति से कहा।
रिदांश ने गहरी सांस लेकर छोड़ी और धीरे से बोला, “आई कांट कंट्रोल मायसेल्फ... आई वांट समवन राइट अवे ।”
“हां तो किसी और के पास चले जाओ। मैं कौनसी तुम्हारी बीवी हूं, जो मुझे बुरा लगेगा। वैसे भी तुम मुझसे पहले काफी लड़कियों के साथ सो चुके हो।” आरोही ने जवाब में कहा।
“अभी मेरे पास इतना टाइम नहीं है कि मैं एक अच्छी लड़की अरेंज कर सकूं, तो जो है उसी से काम चला लूंगा। डॉन्ट वरी आई विल डू एवरीथिंग वेरी केयरफुली।” रिदांश ने इतना ही कहा और फिर आरोही को अपनी गोद में उठाकर बिस्तर की तरफ ले जाने लगा।
आरोही समझ नहीं पा रही थी कि वो रिदांश को रेसिस्ट क्यों नहीं कर पा रही है। अगले ही पल रिदांश ने उसे अपनी गोद में बैठाया। उन दोनों का चेहरा आमने-सामने था और रिदांश ने आरोही के होठों को कैप्चर कर लिया था। वो उसे किस करते हुए पीछे से उसकी ड्रेस की जिप खोल रहा था।
रिदांश ने अचानक किस ब्रेक करके कहा, “मुझे पता नहीं चलता, मैं कब एग्रेसिव हो जाता हूं। जब तुम्हें लगे कि चीजें कंट्रोल के बाहर हो रही है या तुम टॉलरेट नहीं कर पा रही हो तो मेरे कंधे पर टैप करना। मैं समझ जाऊंगा।”
“इतना ही ख्याल है तो सब कुछ कर ही क्यों रहे हो।” आरोही ने चिढ़कर कहा।
“फिजिकल नीड्स मिस राइटर... इसके आगे इंसान का बस नहीं चलता।” रिदांश ने इतना ही कहा और फिर उसके बाद वो अपनी एक्टिविटीज में बिजी हो गया।
रिदांश आरोही के साथ इंटीमेट जरूर हो रहा था लेकिन वो उसके साथ हमेशा के बजाय आज कुछ ज्यादा ही जेंटल बिहेव कर रहा था। लगभग 1 घंटे बाद रिदांश ने आरोही को पूरी तरह फ्री कर दिया था। वो उसके बगल में लेटा हुआ था जबकि आरोही उसके पास में थकी हुई लेटी रही थी।
रिदांश ने गहरी सांस लेकर कहा, “कुछ चीजों की तलब हो जाती है और वो तलब आपको बर्बाद कर देती है। पहली बार बर्बाद होने में मजा आ रहा है मिस राइटर एंड आई वांट टू डिस्ट्रॉय माइसेल्फ...” बोलते हुए उसकी आवाज काफी इंटेंस थी। फिर रिदांश की नजर आरोही की तरफ गई, जो थककर इतनी ही देर में सो भी चुकी थी।
पहले इंटीमेट होने के बाद रिदांश को आरोही से कोई मतलब नहीं था लेकिन आज वो उसके करीब खिसका और उसके बालों को ठीक करने लगा।
“मैं तुम्हारा तलबगार हो रहा हूं मिस राइटर।” रिदांश ने धीरे से कहा और फिर वो आरोही के चेहरे को गौर से देखने लगा। आज पहली बार शायद उसने आरोही को इतने ध्यान से देखा होगा।
वो सोते हुए किसी बच्चे की तरह मासूम लग रही थी। माथे पर बिखरे बाल, छोटी सी नाक और उभरे हुए पतले होंठ। रिदांश ने गौर से देखा तो आरोही के होठों के ऊपर एक बिल्कुल छोटा सा तिल था, जो दूर से नजर नहीं आता था।
“वैसे हमारा बच्चा तुम्हारे जैसा भी हो सकता है। काफी खूबसूरत हो तुम...” अचानक रिदांश के मुंह से निकला। वो इस वक्त एक अलग ही दुनिया में था वरना अगर होश में होता तो आरोही की इतनी तारीफ कभी नहीं करता और उसके दिल की बात भी कभी उसकी जुबान पर नहीं आती।
कुछ देर उसे वैसे ही देखने के बाद रिदांश अपनी जगह से उठा और वॉशरूम में चला गया। कहने के लिए ये कमरा उसने आरोही के लिए सेट किया था लेकिन अब आरोही से ज्यादा उस कमरे का इस्तेमाल रिदांश कर रहा था।
फ्रेश होने के बाद रिदांश ने अपने लिए कॉफ़ी तैयार की। कॉफी पीने के बाद वो आरोही को उठाते हुए बोला, “गेट अप मिस राइटर, इतना भी मैंने तुम्हें तंग नहीं किया, जो तुम यहां घोड़े बेचकर सो रही हो।”
उसकी आवाज सुनकर आरोही नींद से जाग गई थी लेकिन उसका बिस्तर से उठने का मन नहीं था। उसने बंद आंखों से ही कहा, “प्रेगनेंसी में थकावट ज्यादा होती है और नींद भी ज्यादा आती है। क्या हो जाएगा जो मैं थोड़ी देर एक्स्ट्रा सो जाऊंगी।”
रिदांश ने आईज रोल करके कहा, “बहुत कुछ हो जाएगा। तुम्हारा ब्रेकफास्ट और मॉर्निंग मेडिसिन मिस हो जाएगी, जो कि नहीं नही होनी चाहिए। सो गेट अप।” बोलते हुए उसने आरोही को अपनी गोद में उठा लिया और वैसे ही उसे बाथरूम के अंदर ले जाने लगा। रिदांश का ये बदला हुआ रूप देखकर आरोही को बिल्कुल भी हैरानी नहीं हुई क्योंकि वो उसका कारण जानती थी।
बाथरूम में आते ही आरोही ने कहा, “अब आगे मैं खुद कर लूंगी। तुम बाहर जाओ।”
“मेरे सामने कैसी शर्म?” रिदांश भौहें उठाकर बोला।
“तुम्हे नही आती होगी, पर मुझे आती है।” आरोही ने सिर हिलाकर कहा और रिदांश को पकड़ कर उसका मुंह दरवाजे की तरफ कर दिया। उसकी इस हरकत पर रिदांश के चेहरे पर हल्की सी मुस्कुराहट आ गई।
रिदांश बाथरूम से बाहर चला गया था वहीं उसके जाने के बाद आरोही के चेहरे के भाव गंभीर होने लगे थे। आरोही ने गहरी सांस लेकर छोड़ी और खुद से कहा, “कहा था ना रिदांश ठाकुर, मुझे बर्बाद करने के चक्कर में तुम खुद बर्बाद हो जाओगे और शुरुआत हो गई है। मुझे तो वैसे भी मरना है पर तड़पोगे तुम। फर्क इतना था कि नॉवेल में आरोही को भी रिदांश ठाकुर से बेइंतहा मोहब्बत हो गई थी, पर इस आरोही को कभी रिदांश ठाकुर से प्यार नहीं होगा क्योंकि वो उसकी और इस दुनिया की सच्चाई जानती है।”
एक बार फिर आरोही अपनी ही लिखी नॉवेल को चैलेंज कर रही थी। नॉवेल में आरोही को रिदांश से प्यार हुआ था लेकिन बातों की बातों में वो ये बोल चुकी थी कि वो कभी रिदांश से प्यार नहीं करेगी। एक बार के लिए वो भूल गई थी कि वो कितनी भी कोशिश कर ले लेकिन नॉवेल में लिखी सच्चाई को झुठला नहीं सकती थी और ना ही बदल सकती थी।
वही आरोही को बाथरूम में छोड़कर रिदांश बाहर आया तो लिविंग रूम में एक शख्स बैठा हुआ था। उसने रिदांश को देखकर तिरछी मुस्कुराहट दी तो वही उसे देखकर रिदांश के चेहरे के भाव सर्द हो गए थे। वो उसका कजन विविध था, जो उम्र में उससे लगभग 1 साल छोटा था।
विविध अपनी जगह से उठा। वो लगभग 5 फुट 10 इंच लंबा था, हल्का गेरुआ रंग, गहरी काली आंखें और चेहरे पर हल्की सेट हुई बियर्ड।
वो रिदांश की तरह बढ़ा और मुस्कुरा कर बोला, “गले नहीं लगोगे बड़े भाई? आप मुझसे नाराज हो सकते हैं, मैं नहीं। आप खास हो मेरे लिए तभी अपनी शादी के लिए स्पेशली इनवाइट करने के लिए एलए से यहां तक आ गया।”
विविध रिदांश के गले लगता उससे पहले रिदांश ने उसे हाथ का इशारा करके वही रोक दिया था। वो भौहें उठाकर बोला, “मुझे खतरों से खेलने का शौक है लेकिन आज भी सांपो के साथ नहीं खेलता हूं।”
“आप अभी भी बीती बातों को भूले नहीं है। कोई बात नहीं, भाइयों में ऐसी छोटी-मोटी लड़ाई तो चलती ही रहती है।” विविध मुस्कुरा कर बोला और फिर उसे बैठने का इशारा किया।
मजबूरन रिदांश को बात करने के लिए उसके साथ जाना ही पड़ा।
वही आरोही बाथरुम से बाहर आ चुकी थी। उसने मेटरनिटी ड्रेस के बजाय अलग कपड़े पहने थे।
“ये रिदांश भी पागल है। कौन सा फर्स्ट मंथ में ही मेरा पेट बाहर निकलने वाला है, जो इतने लूज कपड़े लाकर दिए हैं। इन्हें पहनकर तो मुझे बहुत अजीब महसूस होता है। ये कपड़े कंफर्टेबल भी है और बिल्कुल उसी तरह के हैं, जैसे मैं पहनती थी।” आरोही खुद को आईने में देखते हुए बोली। इस वक्त उसने नॉर्मल बैगी पेंट्स और लूज टी-शर्ट पहना हुआ था। अपने स्टाइल के अकॉर्डिंग कपड़े देखकर आरोही को अच्छा लग रहा था।
बाल सही करने के बाद आरोही कमरे से बाहर निकली। वो लिविंग एरिया की तरफ पहुंची, तब उसने काउच पर रिदांश को किसी के साथ बैठे हुए पाया।
उन दोनों की पीठ आरोही की तरफ थी। अचानक आरोही को सब कुछ धुंधला दिखाई देने लगा वो गिरने वाली थी, तभी उसने पास की ही दीवार को पकड़ लिया। आरोही को इस वक्त ऐसे महसूस हो रहा था जैसे उसे कोई करंट के झटके दे रहा हो। उसकी बॉडी बुरी तरह कांपने लगी थी। आरोही वहां से गायब हो रही थी। वो रिदांश को आवाज लगाना चाह रही थी लेकिन उसके शब्द उसके गले में अटक कर रह गए।
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क्या लगता है, आरोही वापस असली दुनिया में जा रही है? आरोही अचानक गायब क्यों हो रही है, इसकी वजह बता सकते है आप? खैर ये तो अगले भाग में ही पता चलेगा।