A cruel fairytale - Chapter 24
A Cruel Fairytaleआरोही के साथ रहते हुए रिदांश को उसकी आदत लग गई थी और उसे इस बात का एहसास भी नहीं हुआ। वो पूरी चार रात बाद कल रात को घर आया था लेकिन जैसे ही उसे आरोही के प्रेग्नेंट होने की बात पता चली, उसने आरोही को अलग रूम में शिफ्ट कर दिया था। आरोही रिदांश से अलग दूसरे रूम में आराम से सो रही थी, जबकि रिदांश को उसके बिना नींद नहीं आ रही थी। काफी कोशिशें के बाद भी रिदांश को नींद नहीं आई और उसकी फिजिकल नीड्स उस पर हावी होने लगी तो उसने डेनियल को अपने लिए डेट अरेंज करने के लिए कहा।
डेनियल ने उसके कहीं मुताबिक उसकी डेट अरेंज कर दी थी और एड्रेस भेज दिया था। लगभग आधे घंटे बाद रिदांश अपने ही एक क्लब में पहुंचा। वहां आते ही वो सीधा प्राइवेट एरिया में बने एक वीवीआईपी रूम में गया।
अंदर जाते ही रिदांश ने देखा वहां एक लड़की उसका वेट कर रही थी। उस लड़की ने वाइन कलर का सेटिन का नाइट ड्रेस पहना हुआ था। कंधे से थोड़े ही लंबे ब्लैक गोल्डन बाल, ब्राउन आइज और डस्की स्किन टोन वाली वो लड़की दिखने में खूबसूरत थी।
“परफेक्ट...” रिदांश ने धीरे से कहा और फिर कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। वो कमरे के अंदर आया तो उस लड़की ने अपनी नाइट ड्रेस की श्रृग निकाल दी। अब उसने सिर्फ एक वन पीस ड्रेस पहनी हुई थी, जो कि काफी छोटी थी और ट्रांसपेरेंट थी।
रिदांश के कुछ कदम आगे बढ़ते ही वो उठकर उसके पास गई और उसके होठों पर अपने होंठ रख दिए। वो रिदांश को जिस हिसाब से किस कर रही थी, उससे पता चल रहा था कि वो अपने काम में माहिर थी।
उसे किस करते वक्त रिदांश ने अपनी आंखें बंद की तो उसकी आंखों के सामने आरोही का चेहरा घूम गया। रिदांश ने तुरंत अपनी आंखें खोली और उस लड़की को बेड पर धकेल दिया।
उसकी इस हरकत पर वो लड़की गुस्से में उस पर चिल्ला कर बोली, “व्हाट द हेल हैव यू डन? कुछ पता भी है या पहली बार आए हो, देखकर लग रहा है कुछ करना नहीं आता।”
“और तुम्हें देखकर लगता है कि तुम आज से पहले बहुत बार ये सब कर चुकी हो। रिदांश ठाकुर की चॉइस इतनी लो क्लास नहीं है।” रिदांश ने उसे देखकर सख्त आवाज में कहा। उसने तुरंत डेनियल को कॉल करके कहा, “डेट अरेंज करने को कहा था, एस्कॉर्ट नहीं।” उसने गुस्से में कॉल कट कर दिया।
फिर रिदांश ने अपने वॉलेट से कुछ पैसे निकाले और उस लड़की की तरफ फेंकते हुए कहा, “एक रात के हिसाब से मैंने कुछ ज्यादा ही कीमत दी है तुम्हें, आगे से मेरे आस-पास दिखना भी मत।”
रिदांश के तेवर और जिस हिसाब से उसने उस लड़की को इतने पैसे दिए थे, उससे वो समझ गई थी कि वो कोई नॉर्मल इंसान नहीं है, जो उसके साथ रात बिताने के लिए आया है। वो लड़की जल्दी से उठी और उसके पास आकर प्यार से उसके गाल पर हाथ रख कर कहा, “काम डाउन डार्लिंग, ये सब चीज तो चलती रहती है। मैं अपने काम में नई हूं इस वजह से मुझे ज्यादा पता नहीं है, तुम क्या कोई वर्जिन लड़की एक्सपेक्ट कर रहे थे?”
“नहीं... पर मेरा एक क्लास है और तुम उस हिसाब से बिल्कुल नहीं हो। डोंट यू डेयर टु टच मी...” रिदांश ने उसका हाथ झटक कर कहा। वो वापस जाने के लिए मुड़ा तभी उस लड़की ने पीछे से कहा, “क्या हुआ।” बीवी ने मना कर दिया या गर्लफ्रेंड साथ सोने के लिए मानी नहीं? तभी इतना डेसपरेट होकर किसी के भी पास आ गए। वो जो भी है, जाकर उसी के साथ नाइट स्पेंड करो, जो तुम्हारे क्लास की भी है। खामखा मेरा टाइम खराब कर दिया।”
लड़की ने पैसे लिए और अपना सामान समेटा और वहां से चली गई। उसके जाने के बाद रिदांश भी गाड़ी लेकर वापस घर आ गया था लेकिन इस बार उसके कदम अपने कमरे की बजाय आरोही के कमरे की तरफ बढ़ रहे थे।
रिदांश ने डिम लाइट ऑन की। उसने आगे जाकर देखा तो आरोही गहरी नींद में सो रहे थे। रिदांश उसे देखकर हल्के से मुस्कुराया और उसके पास आकर उसे अपनी बाहों में ले लिया।
आरोही नींद में हीं कसमसाते हुए बोली, “मत करो ना रिदांश, चैन से सोने तो दिया करो तुम मुझे।”
उसकी बात सुनकर रिदांश के चेहरे पर हल्की सी मुस्कुराहट आ गई। वैसे भी हर रात यही होता था, जब रिदांश उसके करीब आता था तो आरोही इरिटेट होकर यही बोलती थी।
रिदांश आरोही को अपनी बाहों में लेकर सो गया और कुछ ही देर में उसे नींद भी आ गई थी। अगली सुबह आरोही की आंख खुली तो रिदांश सुकून से उसे अपनी बाहों में लेकर सो रहा था। उसे अपने पास लेटा हुआ देखकर आरोही की आंखें हैरानी से बड़ी हो गई।
आरोही ने जल्दी से रिदांश को खुद से दूर करते हुए उसे जगाने के लिए कहा, “ये क्या कर रहे हो तुम? तुम मेरे पास आकर कैसे सो रहे हो? तुम्हारा अलग कमरा है ना, जाकर वहां सोओ ना। तुम मुझे अब भी चैन से नहीं रहने दे रहे हो रिदांश।”
रिदांश ने बंद आंखों से ही कहा, “चुपचाप लेटी रहो।”
“पर तुम्हारा काम अब खत्म हो गया है... आई मीन मैंने कंसीव कर तो लिया है फिर मुझे परेशान करने की क्या जरूरत है।” आरोही ने थकी हुई आवाज में कहा।
वो बार-बार रिदांश को खुद से दूर होने का कह रही थी तो रिदांश इरिटेट होकर आंखें खोली और आरोही की तरफ देखकर कहा, “मुझे नींद नहीं आ रही है। इन फैक्ट मुझे अकेले सोने की आदत नहीं है। बस एक रात के लिए सोने के लिए तुम्हारे पास क्या आ गया, तुमने तो सुबह उठते ही मेरा जीना हराम कर दिया। मेरी नींद अभी पूरी नहीं हुई है और जब तक मैं अपनी नींद पूरी नहीं कर लेता तुम मेरे पास से हिलोगी भी नहीं।” इतना कहकर रिदांश ने आरोही को अपनी बाहों में और भी कस कर जकड़ लिया और अपनी आंखें बंद कर ली।
उसकी इस हरकत पर आरोही मन ही मन बोली, “झूठा कहीं का... झूठ भी किससे बोल रहा है... जिसने उसे बनाया है। तुम्हें अकेले सोने की आदत नहीं है, रियली? नींद में तुम्हें कोई टच भी कर लेता है तो तुम इरिटेट हो जाते हो। चलो लिखा हुआ एक बार के लिए जाने देते हैं। डेढ़ महीने में जो मैंने महसूस किया उसका क्या, अपना काम करने के बाद साइड में सो जाते थे। अब अचानक से तुम्हें अकेले नींद नहीं आती।”
आरोही को इस वक्त बिस्तर से उठना था और वॉशरूम युज करना था पर रिदांश था कि उसे छोड़ने के लिए तैयार ही नहीं था। लगभग आधे घंटे बाद आरोही ने सख्त आवाज में कहा, “लिसन रिदांश, तुम मुझे छोड़ रहे हो या नहीं, मुझे वॉशरूम जाना है अगर तुमने अगले 5 मिनट में मुझे नहीं छोड़ा तो मैं सब कुछ यही कर दूंगी।”
इस बार रिदांश ने बिना कुछ कहे जल्दी से आरोही को छोड़ दिया था। आरोही दौड़ कर बाथरूम के अंदर चली गई थी। वहीं उसके जाते ही रिदांश भी उठकर बैठ गया था।
रिदांश को खुद यकीन नहीं हो रहा था कि कुछ देर पहले वो आरोही के साथ इतना क्लोज क्यों होना चाह रहा था। उसने गहरी सांस ली और कहा, “मुझे ऐसे क्यों लग रहा है मुझे इस लड़की की आदत लग गई है। नहीं, ऐसा नहीं होना चाहिए रिदांश ठाकुर, तुम्हारे लिए लड़कियां सिर्फ और सिर्फ अपनी फिजिकल नीड्स पूरा करने के लिए है और ये जिस काम के लिए आई थी वो हो चुका है।”
रिदांश खुद को मन ही मन इस बात के लिए तैयार कर रहा था कि उसे आरोही से दूर रहना है तो वही जैसे ही आरोही ने बाथरूम बाहर कदम रखा, उसे देखते ही रिदांश ने जल्दी से कहा, “आई वांट यू राइट अवे...”
उसकी बात सुनकर आरोही की आंखें हैरानी से बड़ी हो गई। उसे अब तक यही लगता था कि रिदांश उसके क्लोज इसलिए आता है ताकि वो अपना बच्चा पैदा कर सके लेकिन आज रिदांश कुछ और ही डिमांड कर रहा था और ये उसके लिए एक पॉजिटिव साइन नहीं था।
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