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Chapter 2

Under the mafia moon - Chapter 2

Under the mafia moon

सारा सिंघानिया, जो कि एक माफिया प्रिंसेस थी। उसे युग राणा ने किडनैप कर लिया था। वो उसे किडनैप करके लंदन में अपने विला में ले आया था।

विला के बाहर टाइट सिक्योरिटी के बीच सारा खड़ी थी तो वही युग ने जब अपना इंट्रोडक्शन दिया तो वो अपनी जगह पर फ्रिज हो गई।

उसका उतरा हुआ चेहरा देखकर युग ने मुस्कुरा कर कहा, “लगता है तुम्हारे सिक्योरिटी गार्ड्स की तरह तुम्हारा कॉन्फिडेंस भी मर रहा है। वैसे तुम्हें क्या लगा इतनी टाइट सिक्योरिटी के बीच तुम्हें मेरे अलावा और कौन किडनैप करवा सकता है?”

“तुमने ये ठीक नहीं किया। अंडरवर्ल्ड में ये बात फैल गई तो सब तुम्हारे खिलाफ हो जाएंगे। भले ही हम इलीगल काम करते है पर यहां के भी कुछ रूल्स एंड रेगुलेशंस होते हैं।” सारा ने गुस्से में कहा।

सारा के गुस्से और बातों का युग पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा था। वो उसी एटीट्यूड के साथ बोला, “पर ये किसे पता है कि तुम्हें किडनैप करके मैं ही लेकर आया हूं? राणा और सिंघानिया फैमिली ने तो सालों पहले डील करके एक-दूसरे से दूर रहने का कॉन्ट्रैक्ट किया था।”

“फिर भी तुमने मुझे उठा लिया? वैसे मुझे इस बात पर बिल्कुल भी हैरानी नहीं हो रही है कि तुमने मुझे किडनैप क्यों किया होगा। बट लेट मी क्लियर वन थिंग तुम अपने मकसद में कभी कामयाब नहीं हो पाओगे। वो लोग मुझे यहां से निकाल लेंगे।” सारा ने पूरे कॉन्फिडेंस के साथ कहा। उसके फेस पर हल्की स्माइल थी।

युग चलकर उसके पास आया और कान के बिल्कुल करीब आकर कहा, “ये तो वक्त बताएगा बेबी।”

“हां वक्त के साथ सब क्लियर हो जाएगा युग राणा।” सारा ने जवाब दिया। अब सारा के चेहरे पर डर का कोई भाव नहीं था।

सारा से बात करते हुए युग की नजर पीछे गई, जहां पर कृशा खड़ी थी। वो डरी हुई थी और उसका चेहरा नीचे की तरफ था।

“हमारी प्रिंसेस के रहने के खास इंतजाम कर दो... और हां, कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।” युग ने तेज आवाज में कहा।

उसके ऑर्डर देते ही दो लडकियां सारा के पास गई और उसे पकड़कर जबरदस्ती अंदर ले जाने लगी।

“मुझे नहीं जाना... लीव मी... ये तुम्हें बहुत महंगा पड़ेगा युग राणा। आई वॉर्न यू।” सारा ने चिल्लाकर कहा।

सारा अंदर ना जाने के लिए अपना पूरा जोर लगा रही थी। उसे तकलीफ में देखकर कृशा घबरा कर बोली, “सारा.. सारा। प्लीज उसे छोड़ दो। सारा को कुछ मत करना।”

कृशा की आवाज सुनकर युग ने अपना हाथ ऊपर किया और इशारे से उन दोनों लड़कियों को वहीं रुकने को कहा। उन्होंने सारा को छोड़ दिया।

सारा और कृशा दोनों ही हैरान थी। युग ने अब तक सारा के चिल्लाने की आवाज की तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं दिया था जबकि कृशा के कहते ही उसने उसे तुरंत छोड़ दिया। कृशा ने युग की तरफ देखा तो उसका डर कुछ कम हो गया। उसके फेस पर हल्की स्माइल थी।

“ये तो कही से भी गैंगस्टर नजर नहीं आ रहा। ये मुझे ऐसे क्यों देख रहा है? मैं इसे पसंद आ गई हूं क्या? नहीं गॉड... ऐसा मत होने देना प्लीज।” कृशा बड़बड़ाते हुए खुद से बात कर रही थी, तभी युग चल कर उसके पास आया।

“प्लीज हमें जाने दो... हम किसी को कुछ नहीं बताएंगे। गॉड प्रॉमिस...” कृशा बोल रही थी तभी युग ने उसके बालों में लगा फूल निकाला और उसे अपने मुट्ठी में भरकर कुचल दिया।

“आई हेट येलो कलर...” युग ने उस फूल नीचे गिराते हुए कहा ‌।

“आपको येलो पसंद नहीं है, तो मैं आज के बाद मैं कभी येलो नहीं पहनूंगी। अब से आई हेट येलो टू। मैं तो मैंगो भी नहीं खाऊंगी वो येलो कलर का होता है। अब तो हमें जाने दीजिए।” कृशा मासूमियत से बोल रही थी तभी युग ने उसे देखकर चेहरा बिगाड़ा और तेज आवाज में कहा, “मुझे ज्यादा बोलने वाले लोग पसंद नही है।” फिर वो अपने आदमी की तरफ देखकर बोला, इसे यहां क्यों लेकर आए हो? मैंने कहा था ना रास्ते में ही मार देना।”

जैसे ही कृशा ने खुद को मारने की बात सुनी उसने अपने होठों पर उंगली लगा ली।

“कोई बात नहीं, जो काम तुम लोगों ने अधूरा छोड़ दिया, वो मैं पूरा कर देता हूं।” युग ने अपनी गन निकाली और उसे लोड करने लगा।

उसने गन सामने की तरफ की तो उसे कृशा ने रोने वाला चेहरा बनाया। वो उसी टोन में बोली, “प्लीज मुझे जाने दीजिए। मेरे साथ सारा को भी जाने दीजिए। आई स्वेयर हम दोनो पुलिस को कुछ नही बताएंगे।”

कृशा की बात सुनकर सारा ने सिर पकड़ लिया तो वही युग ने उसकी तरफ देखकर कहा, “पुलिस? कौन है ये लड़की? इसे ये नही पता हमारे काम में पुलिस जैसा शब्द कोई मायने नहीं रखता।”

“कृशा क्या बोल रही हो। तुम इस इंसान से कोई बात नही करोगी।” सारा ने चिल्लाकर कहा।

कुछ भी करने से पहले युग ने एक नजर सारा के चेहरे को गौर से देखा। उसने उसके फेस के एक्सप्रेशन को नोटिस किया। सारा के चेहरे पर डर था। फिर युग ने कृशा के तरफ देखा और आगे आकर कर उसके बालों को अपनी मुट्ठी में भर लिया। कृशा दर्द से चिल्लाई।

युग ने उसे वैसे ही उसके फेस के बिल्कुल पास आकर कहा, “ये मासूम बनने का ड्रामा मेरे सामने मत करना। आगे से मुझे तुम्हारे मुंह से एक शब्द भी नही सुनाई देना चाहिए।”

कृशा की आंखें नम होने लगी। युग ने उसे छोड़ दिया और उन लड़कियों से कहा, “इसे भी ले जाओ। क्या पता कौन सी चीज कब काम आ जाए। वेस्ट मैटेरियल्स भी कई बार काफी काम आ जाते है।”

युग के मुंह से खुद के लिए वेस्ट मैटेरियल सुन कर कृशा नफरत से उसकी तरफ देख रही थी। वो दौड़कर सारा के पास गई और उसके गले लग गई।

“एंड मेक श्योर, दोनो एक दूसरे के बिल्कुल भी कम्निकेट ना कर सके।” युग ने उन दोनो के तरफ बिना देखे कहा।

वो दोनो लड़कियां सारा और कृशा को अंदर ले गई। उनके जाते ही युग ने उस आदमी की तरफ देखा जो उन दोनो को यहां लाया था।

वो लगभग 35 साल का हट्टा कट्टा आदमी था, जिसके चेहरे पर गहरी दाढ़ी मूंछ थी। वो युग के पास आया और बोला, “अब तक इन दोनो के गायब होने की खबर फेल चुकी होगी।”

“फैलने दो मलिक, तभी मजा आएगा। वक्त आ गया है, जब बरसो पुरानी दुश्मनी को और गहरा किया जाए।” युग ने बेफिक्री से कहा और अंदर चला गया।

उसके जाते ही मलिक ने विला की सिक्योरिटी को और टाइट करा दिया।

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न्यूयॉर्क सिटी के आउटसाइड एरिया में एक बड़ा सा विला था। वो दिखने में बिल्कुल किसी महल की तरह था। वहां की सिक्योरिटी भी काफी टाइट थी और इन सबके बीच वहां भगदड़ मची हुई थी।

एक लगभग 45 साल की औरत जिसने डिज़ाइनर ऑफिस सूट पहना था, वो परेशान हालत में इधर-उधर चक्कर लगा रही थी।

“पता नहीं सर कहा रह गए... ऐसा तो हो नहीं सकता कि इतना कुछ होने के बाद उन्हें कुछ पता ना हो।” वो अपने पास खड़े आदमी पर चिल्ला रही थी।

“जो भी है, उसने बहुत बड़ा हाथ मारा है अमृता मैम। आज तक किसी भी माफिया फैमिली में इतनी हिम्मत नहीं की, वो प्रिंसेस को किडनैप कर सके। हालांकि कोशिश हमेशा होती रही पर इस तरह कामयाबी किसी को नही मिली। उन्होंने हमारे हेड सिक्योरिटी गार्ड तक को किडनैप कर लिया और वहां उनके साथ मौजूद सभी गार्डों को मार डाला। ये जो भी है इसकी पहुंच काफी ऊपर तक है।” उस आदमी ने पूरी स्थिति अमृता को बताई।

सब सुनने के बाद अमृता ने उसे घूर कर देखा और कहा, “मैं यहां उसकी तारीफ सुनने के लिए नहीं खड़ी हूं। जाकर कुछ करो और ये खबर बाहर लीक नहीं होनी चाहिए। विक्रम आई डोंट वांट कि किसी को पता चले सारा किडनैप हो गई है।”

“उनके साथ कृशा भी थी।” विक्रम ने बताया। फिर वो थोड़ी हैरानी दिखाते हुए बोला, “आप सच में इस फैमिली के लिए कुछ ज्यादा ही डेडीकेटेड है। आपकी खुद की बेटी किडनैप हो गई, फिर भी आप सारा की फिक्र कर रही है।”

“हां क्योंकि वो कृशा को कुछ नहीं करेगा। हमें अपनी लेगेसी बचाने की जरूरत है, ना कि इस वक्त इस बात पर बहस करने की कि मुझे किसके किडनैप होने पर कितना फर्क पड़ रहा है।” अमृता ने उसे डांटा।

वो उसके साथ बहस कर रही थी तभी उस फ्लोर के लिफ्ट का दरवाजा खुला और लगभग 70 साल का आदमी बाहर आया। उनके हाथ में छड़ी थी जिसका हत्था गोल्ड और डायमंड से सजा हुआ था। कपड़े भी उन्होंने डिज़ाइनर पहन रखे थे। उनके सिर पर उस उम्र में भी ठीक ठाक बाल थे, जो आधे काले और आधे ग्रे कलर के थे।

“अब चुप भी हो जाओ तुम दोनों।” उन्होंने सख्त आवाज में कहा। उनके चेहरे के भाव काफी गंभीर थे। वो सारा के दादाजी मिस्टर आदित्य सिंघानिया थे, जो इस वक्त सभी माफियाज में किंग की पोजीशन पर थे।

“आई एम सो सॉरी सर। ये सब मेरी गलती है जो मैं सारा का ख्याल नहीं रख पाई।” अमृता ने सिर झुकाकर कहा।

“चलो अच्छा हुआ तुमने अपनी गलती मान ली। अगर सारा को एक खरोच भी आई तो उसकी सजा भुगतने के लिए तैयार रहना।” उन्होंने सख्त लहजे में कहा। फिर वो कुछ सोच कर बोले, “सारा को बीच पार्टी की इजाजत किसने दी थी?”

“मैंने ही उन्हें पार्टी करने की परमिशन दी थी।” अमृता ने सर झुका कर कहा, “वो बहुत जिद कर रही थी। फिर इतनी सारी सिक्योरिटी भी थी तो मैं...”

अमृता अपनी तरफ से सफाई देने की कोशिश कर रही थी तभी आदित्य सिंघानिया ने उसकी बात बीच में काट कर कहा, “तो तुमने उसे जाने दिया बिना मुझसे पूछे। तुम उसकी केयरटेकर हो इसका मतलब ये नहीं कि तुम्हें उसकी मां होने का हक मिल जाता है। तुम्हें उसके लिए फैसले लेने का कोई हक नहीं है अमृता। एक बात याद रखना अगर मेरी सारा को एक खरोंच आई तो बचेगी तुम्हारी बेटी भी नहीं।”

“अजीब फैमिली है। यहां बेटी को किडनैप कर लिया और उसकी जान के बजाय इन्हें उसके खरोच आने की फिक्र हो रही है। अरे जो मारेगा, वो ये थोड़ी ना सोचेगा कि कितनी चोट दे या कितनी नहीं...” विक्रम ने बड़बड़ा कर कहा। वो नया आया था और उसे अभी पूरी बातें ठीक से पता नही थी।

आदित्य जी ने उसकी बात सुन ली। उन्होंने उसकी तरफ घूर कर देखा और कहा, “वो सारा सिंघानिया है। उसकी जिंदगी की एक कीमत है और उसी कीमत को वसूलने करने के लिए उस शख्स ने उसे किडनैप किया है। कोई बेवकूफ ही होगा जो सारा को मारेगा।”

अपनी बात कह कर वो वहां से वापस चले गए। उन्हें इस बात की बिल्कुल भी फिक्र नहीं थी कि सारा को किसने किडनैप किया होगा।

आदित्य जी के वहां से जाते ही अमृता ने उसकी तरफ गुस्से में देखा। वो उससे उसी लहजे में बोली, “तुमने नया नया ज्वाइन किया है इसलिए अपनी जबान पर काबू रखो। मत भूलो कि तुम किसके लिए काम कर रहे हो। अब जाओ और जाकर पता लगाओ कि इस वक्त पूरे वर्ल्ड में कौन-कौन सी माफिया फैमिलीज एक्टिव है और खुद को किंग की पोजीशन पर देखना चाहती है।”

उस आदमी ने हां पर से हिलाया और वहां से चला गया। किंग की पोजीशन एक ऐसी पोजीशन थी, जिसे हर कोई पाना चाहता था और उसकी एक ही चाबी थी और वो थी सारा सिंघानिया।

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पार्ट पढ़कर कमेंट जरूर करिएगा।

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