Under the mafia moon - Chapter 9
Under the mafia moonयुग ने कृशा के साथ एक बार फिर बुरा बर्ताव किया था, जिसके बाद वो गुस्से में रोती हुई अपने फ्लोर पर आई। रोने की वजह से उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी तो वो बालकनी में जाकर गहरी गहरी सांसे लेने लगी।
“आई मिस यू अमु... आई रियली मिस यू।” कृशा ने चिल्लाकर कहा।
वो यहां अमृता के बारे में बात कर रही थी। सारा और कृशा दोनो को ही अमृता ने अपनी बेटियों को तरह पाला था। वो कभी उनकी मां बनकर तो कभी दोस्त बनकर हर सुख दुख साझा करती थी। इस वजह वो दोनो उसे मम्मा कहने के बजाय अमु कहकर बुलाती थी।
“मुझे यहां नहीं रहना। वो... वो बहुत बुरा है। वो सारा से भी प्यार नही करता अमु... इससे पहले कि वो हम दोनो के साथ कुछ गलत करे... प्लीज हमें यहां से बाहर निकाल लो अमु।” कृशा रोते हुए बोली।
जब उसे थोड़ा सही लगने लगा तो वो वापस अंदर आ गई और पिलों को हग करके सो गई।
वही युग भी गुस्से में मूवी थिएटर से चला गया था। वो इस वक्त जिम एरिया में था और पंचिंग बैग पर लगातार पंच किया जा रहा था।
“आई रियली हेट दिस... बात सिर्फ सारा सिंघानिया की होती तो मुझे कोई दिक्कत नहीं थी पर कृशा... इसके बीच में आने से सब गड़बड़ हो गया। हम इलीगल काम करते है, माफिया वर्ल्ड से जुड़े हुए हैं... तो हमारे लिए लोगों की जान की कोई कीमत नहीं होती लेकिन हमारी दुनिया हम तक ही लिमिटेड है। हम कभी इनोसेंट लोगों की दुनिया में इंटरफेयर नहीं करते और वो इनोसेंट है। पहली बार किसी के लिए बुरा लग रहा है... बिकॉज़ ऑफ यू दादू... आई हेट टू बी इमोशनल। मुझे कुछ फील नहीं करना... ना अच्छा और ना ही किसी के लिए बुरा। मुझे इस मामले में कुछ करना होगा वरना ये सॉफ्ट कॉर्नर फील होना मेरे लिए सही नहीं है।” युग ने हांफते हुए कहा।
काफी देर तक पंचिंग बैग पर हिट करने के बाद युग काउच पर जाकर बैठ गया। वो खुद का गुस्सा शांत करने की कोशिश कर रहा था। कुछ ही देर में उसका गुस्सा शांत हुआ तो उसने उसी टाइम हरलीन को कॉल किया।
जहां लंदन में रात के दो बज रहे थे वही इस वक्त इंडिया में सुबह के साढ़े सात के आस पास का टाइम था।
हरलीन इस समय मॉर्निंग वॉक पर थी। युग का कॉल आया तो वो चलते हुए उससे बातें कर रहने लगी।
“लंदन में इस टाइम रात का टाइम होगा ना? तुम जाग रहे हो। कुछ सीरियस है क्या?” हरलीन ने कॉल पिक करते ही पूछा।
“आपको क्या लगता है बुआ, जब तक कुछ सीरियस नहीं होता मैं कॉल क्यों करूंगा?” युग ने सारकास्टिक वे में जवाब दिया। वो पहले से ही गुस्से में था।
“देखो मैंने तुम्हें पहले ही समझाया था कि तुम डैड की बातों में मत आना। वो तुम्हारे आइडियल रहे हैं पर इसका मतलब ये नहीं कि तुम उनकी बात को आंख बंद करके मान लो।” हरलीन ने हल्का हांफते हुए कहा।
“मैं नहीं मानता उनकी बात आंख बंद करके... मैं अपने हिसाब से चलता हूं लेकिन ये उनका बर्थडे था और मैंने उनसे गिफ्ट के बारे में पूछा तो उन्होंने प्रॉमिस ले लिया। यू नो वेरी वेल मैं अपने प्रोमिसेस नहीं तोड़ता। इतने सालों से वो मुझे इस काम के लिए मना रहे थे। मुझे क्या पता था अपने बर्थडे गिफ्ट के लिए वो मुझे ये सब करने के लिए कहेंगे।” युग ने इस काम के लिए हां क्यों कही थी, इस बारे में उसने हरलीन को बताया।
“तो फिर प्रॉब्लम क्या है? जब तुमने हां कह ही दी है तो फिर उसे पूरा करो ना... वैसे भी तुम कोई काम अधूरा नहीं छोड़ते।” हरलीन ने टौंटिंग वे में कहा।
“आप नहीं समझोगे। मुझे आपको कॉल करना ही नहीं चाहिए था।” कहकर युग कॉल कट करने को हुआ, तभी हरलीन जल्दी से बोली, “तुमने डैड से किसी भी तरह की हेल्प लेने से मना कर दिया था। क्या मैं तुम्हारे पास आऊं? हो सकता है मैं तुम्हारी हेल्प कर सकूं।”
“रहने दीजिए बुआ... मैं आपकी हेल्प अच्छे से जानता हूं। आप लीगल वर्ड से जुड़ी हुई हैं और यहां आ गई तो फिर से दिन रात आपके लेक्चर शुरू हो जाएंगे। मुझे अकेले रहना है।” इस बार युग ने हरलीन के जवाब का इंतजार नहीं किया और कॉल कट कर दिया।
युग के कॉल कट करते ही हरलीन ने खुद से कहा, “अजीब लड़का है। पता नहीं इसकी प्रॉब्लम क्या है? प्रॉब्लम में है तो सामने वाले को बताने से कौन सा छोटा हो जाएगा लेकिन नहीं... खुद को डेविल जो साबित करना है।”
हरलीन को युग पर गुस्सा आ रहा था तभी सामने से एक लड़का वॉक करते हुए आया। वो युग की ही उम्र का था और दिखने में उन दोनों की फेशियल फीचर भी कुछ हद तक सेम थी... बस इसकी आंखों का रंग हल्का काला था।
“क्या हुआ बुआ? आज आपके पॉजिटिव फेस पर इतनी नेगेटिविटी क्यों नजर आ रही है मुझे?” उस लड़के ने मुस्कुरा कर पूछा। उसके चेहरे पर भी एक पॉजिटिव वाइब थी।
“अब नेगेटिव लोगों से बात करूंगी तो थोड़ी बहुत नेगेटिविटी तो आ ही जाएगी ना। किस बेवकूफ इंसान ने कहा था कि ट्विंस सेम होते हैं... कहां तुम और कहां तुम्हारा वो डेविल भाई...” बोलते हुए हरलीन के चेहरे पर गुस्सा था। फिर उसने उस लड़के की तरफ देखा और उसके गाल खींचते हुए कहा, “यू आर द एंजेल वन माय बेबी... काश युग राणा भी अपने जुड़वा भाई शब्द राणा की तरह होता।”
वो शब्द राणा था। युग का जुड़वा भाई, जो उससे लगभग 5 मिनिट छोटा था।
हरलीन के गाल खींचने पर शब्द ने उसकी तरफ आंखें छोटी करके देखा और फिर मुंह बनाकर कहा, “बुआ मैं इतना भी एंजेल नहीं हूं कि आप मेरे गाल खींचेंगी और मैं कुछ नहीं कहूंगा। आई एम नॉट ए किड। मैं डेविल नहीं हूं बट एंजेल कहना भी गलत होगा।”
“हां एक माफिया फैमिली में एंजेल कैसे पैदा हो सकता है? तुम एक मिक्स कांबिनेशन हो, जिसमें डेविल 1 है और 99% एंजेल।” हरलीन ने सिर हिला कर कहा।
“फिफ्टी फिफ्टी करती तो ज्यादा बेहतर रहता।” शब्द ने मुंह बनाकर जवाब दिया।
वो दोनों चलते हुए बातें कर रहे थे। शब्द और हरलीन मिलकर उनकी फैमिली के लीगल बिजनेस को संभालते थे जबकि युग अपने दादा हर्षवर्धन राणा की तरह अंडरवर्ल्ड से जुड़ा हुआ था। उसकी फैमिली में बाकी लोग भी थे, जो अंडरवर्ल्ड से जुड़े इल्लीगल काम करते थे लेकिन शब्द और हरलीन अलग थे।
“क्या हुआ उसे?” चलते हुए अचानक शब्द ने पूछा। उसके चेहरे के भाव गंभीर थे।
“शायद उसे किसी के इमोशनल सपोर्ट की जरूरत है लेकिन बता नहीं रहा।” हरलीन ने जवाब दिया।
“ऐसा कभी नही हुआ, जब वो इमोशनली वीक हुआ हो या उसे किसी के इमोशनल सपोर्ट की जरूरत पड़ी हो। इतने सालों में मैंने उसे कभी वीक होते नहीं देखा। मुझे कुछ यकीन सा नहीं हो रहा।” शब्द बोला। उसे हरलीन की बातों पर हैरानी हो रही थी। वो अच्छे से जानता था कि युग का अंडरवर्ल्ड में डेविल नाम ऐसे ही नहीं था।
“हां वो कभी वीक नहीं पड़ा लेकिन इस बार उसकी आवाज में एक बेचैनी थी।” हरलीन ने जवाब दिया। वो बोलते हुए रुक गई। उसने शब्द के कंधे पर हाथ रख कर कहा, “क्या तुम मेरा एक काम करोगे?”
“नहीं बुआ, मैं लंदन नहीं जा रहा। आप सोचिएगा भी मत कि मैं युग से मिलने वाला हूं। भले ही हम दोनों जुड़वा भाई है लेकिन हमारी बिल्कुल नहीं बनती... कभी से भी नहीं... हमने तो एक दूसरे से काफी टाइम से बात तक नहीं की है।” शब्द हरलीन के बिना बताए ही समझ गया कि वो क्या चाहती होगी। उसने सीधे-सीधे ना कहा और हरलीन को वहीं छोड़कर तेज कदमों से आगे बढ़ने लगा।
“तुम दोनों की नहीं बनती होगी लेकिन दोनों बिना कहे एक दूसरे की बात समझ जाते हो। डोंट वरी मैं तुम्हें मना ही लूंगी।” हरलीन ने मुस्कुरा कर कहा और शब्द के पीछे-पीछे जाने लगी।
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