Under the mafia moon - Chapter 25
Under the mafia moonयुग ने कृशा को थप्पड़ मारा था उसके बाद वो रोते हुए अपने फ्लोर पर पहुंची। शब्द और सारा भी कृशा के साथ टाइम स्पेंड करने के लिए वही आ रहे थे। कृशा रोते हुए लिफ्ट से बाहर निकली। जैसे ही उसने सारा को देखा, वो दौड़कर उसके गले लग गई।
वही शब्द और सारा भी उसकी हालत देखकर घबरा गए। कृशा रो रही थी और उसके होंठ के कोनें से खून निकल रहा था।
कृशा सारा से रोते हुए बोली, “सारा मुझे यहां नहीं रहना है। प्लीज कुछ भी करके मुझे यहां से बाहर निकालो।”
सारा ने कृशा के बालों को सहलाते हुए कहा, “हां, कृशा यू डोंट वरी मैं तुम्हें यहां से निकाल लूंगी पर पहले ये तो बताओ ये किसने किया है। तुम्हें खून आ रहा है किसी ने...” बोलते हुए सारा रुक गई क्योंकि कृशा के आंसू पोंछते वक्त उसने उसके गाल पर उंगलियों के निशान देखे।
सारा को समझते देर नहीं लगी कि क्या हुआ होगा और किसने किया होगा। सारा के चेहरे के भाव सर्द हो गए थे तो वही शब्द की नज़रें झुकी हुई थी।
“बस बहुत हो गया। उसने मुझे प्रॉमिस किया था उसके बावजूद वो तुम्हें चोट पहुंचा रहा है। तुम चलो अभी मेरे साथ... अब उसकी और नही चलेगी।” बोलते हुए सारा ने कृशा को खुद से अलग किया और उसका हाथ पकड़ कर उसे युग के फ्लोर पर ले जाने लगी।
वही कृशा डरी हुई थी। उसने सारा का हाथ छुड़ाने हुए कहा, “नहीं सारा, मुझे नहीं जाना प्लीज... लीव मी।”
सारा अपनी ज़िद पर अड़ी हुई थी। उसने कृशा का हाथ नहीं छोड़ा था तो शब्द को बीच में आना पड़ा। उसने कृशा का हाथ सारा से अलग किया।
“ये तुम क्या कर रही हो? तुम भी वही कर रही हो जो उसने किया था। जाने अनजाने में तुम कृशा को हर्ट कर रही हो। तुम्हें दिखाई नहीं देता इस वक्त वो कितनी डरी हुई है। उसे किसी के इमोशनल सपोर्ट की जरूरत है ना कि तुम लोगों की बहसबाजी की।” शब्द ने हल्के गुस्से में कहा।
शब्द की बात सुनकर सारा ने कृशा की तरफ देखा जो वाकई काफी डरी हुई थी। उसने शब्द का हाथ कसकर पकड़ रखा था ताकि खुद को सेफ फील करा सके।
कृशा की हालत देखकर सारा ने नम आंखों से कहा, “आई एम सो सॉरी, मैं तुम्हारी केयर नहीं कर पाई। आज तुम इस मुसीबत में हो तो सिर्फ और सिर्फ मेरी वजह से।” सारा की नज़रें झुकी हुई थी।
उनमें से कोई कुछ बोलता उससे पहले लिफ्ट रुकने की आवाज आई। उसमें से युग निकाला। वो कृशा से बात करने आ रहा था लेकिन जैसे ही उसने शब्द और कृशा का हाथ पकड़े देखा वो फिर से गुस्सा हो गया।
“आई टोल्ड यू कि मेरे भाई से दूर रहना।” युग ने चिल्लाकर कहा और कृशा का हाथ शब्द के हाथ से अलग कर दिया।
उसकी इस हरकत पर सारा को बहुत गुस्सा आया। वो युग के पास गई और गुस्से में बोली, “तुम्हारी प्रॉब्लम क्या है? मान तो रही हूं तुम्हारी सारी बातें और क्या चाहिए तुम्हें? तुमने प्रॉमिस किया था युग कि तुम कृशा को चोट नहीं पहुंचाओगे और उसे सही सलामत वापस भिजवा दोगे। तुमने अपना कोई भी प्रॉमिस नहीं निभाया।”
“मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा हूं पर कुछ लोगों की चीप हरकतें देखकर मेरा खुद के गुस्से पर काबू नहीं रहता।” युग ने चिल्लाकर जवाब दिया और वहां से चला गया।
सारा ने उसके पीछे जाने की कोशिश की तो शब्द ने उसे रोकते हुए कहा, “आई थिंक तुम्हें युग से बहस करने के बजाय थोड़ा टाइम कृशा को देना चाहिए। शी नीड्स यू।”
सारा ने शब्द की बात पर हामी भरी और कृशा का हाथ पकड़ कर उसे कमरे के अंदर ले गई।
इस बार शब्द ना तो सारा के पीछे गया और ना ही युग के। वो वहां से सीधे अपने कमरे में गया। हर जगह कैमरा होने की वजह से वो डायरेक्ट किसी से बात भी नहीं कर सकता था इसलिए शब्द कमरे के अंदर आते ही सीधा बाथरूम में गया।
बाथरूम में आते ही शब्द ने सबसे पहले हरलीन को कॉल मिलाया।
हरलीन ने शब्द का कॉल पिक करते ही कहा, “चलो फाइनली तुम्हें याद तो आया कि मुझे भी कॉल करके अपडेट करना है। मैंने तुम्हें वहां भेजा था और तुम हो कि वहां जाकर सब कुछ भूल गए। वहां सब ठीक है ना? तुम्हारे वहां जाने से युग ने गुस्सा तो नहीं किया?” उसने शब्द के सामने सवालों की झड़ी लगा दी।
“नहीं, ये तो इंपॉसिबल था कि उसे मेरे यहां आने से कोई प्रॉब्लम ना हो पर मैंने जैसे तैसे करके उसे समझा लिया।” शब्द ने दबी आवाज में जवाब दिया।
“तुम इतनी धीमी आवाज में बात क्यों कर रहे हो। तुम्हारे आसपास कोई है क्या?” हरलीन ने हैरानी से पूछा।
“मेरे आस-पास तो कोई नहीं है पर आप जानती हैं ना, विला की सिक्योरिटी कितनी टाइट रहती है। मैं बाथरूम में हूं बुआ और सच कहूं तो यहां बहुत कुछ अजीब चल रहा है, जिसके बारे में किसी ने सोचा तक नहीं होगा।” शब्द को समझ नहीं आ रहा था कि वो हरलीन को सब बताने की शुरुआत कहा से करें।
“देखो बात मत घुमाओ। ऐसे ही तुमने काफी टाइम बाद फोन किया है। चुपचाप जल्दी-जल्दी सब बता दो।” हरलीन की आवाज में एक्साइटमेंट था।
शब्द ने गहरी सांस लेकर छोड़ी और फिर हरलीन को सब बताने लगा, “ओके तो गोद गौर सुनिए। उसने अपनी तरफ से दादू का काम करने की शुरुआत कर दी है। उसने सारा सिंघानिया को किडनैप कर लिया था पर उसके साथ गलती से उसकी फ्रेंड भी आ गई थी। अब प्रॉब्लम ये है कि युग उसकी तरफ अट्रेक्ट हो रहा है।”
शब्द की बात सुनकर हरलीन जोर से हंसी और फिर जवाब में कहा, “ये तो तुम बहुत बड़ा मजाक कर रहे हो। मैंने सारा सिंघानिया के बारे में सुना है कि वो बहुत खूबसूरत है। अब तुम बोल रहे हो वो उसे छोड़कर उसकी फ्रेंड की तरफ अट्रेक्ट हो रहा है। युग कोई टीनएजर नहीं है जो किसी लड़की की तरफ अट्रेक्ट हो। वैसे भी उसे कभी किसी चीज की कमी नहीं रही है और लड़कियां उसके आसपास ही रहती है। तुम जानते हो उसके नेचर को, वो लड़कियों को लेकर थोड़ा सख्त रहता है।” हरलीन ने सफाई देने की कोशिश की।
उसके इतना कहने के बावजूद शब्द पर कोई फर्क नहीं पड़ा। उसने सिर हिलाया और फिर कहा, “नहीं बुआ, इस बार मामला अलग है। सारा सिंघानिया होगी खूबसूरत, पर कुछ तो बात है उस लड़की में, जो युग उसकी तरफ खिंचा चला जा रहा है। पहले मुझे भी लगा था कि उसकी अटेंशन और इनसिक्योरिटी सारा की तरफ है पर मैं गलत था। वो सब उसकी फ्रेंड के लिए है।”
“तो क्या युग उस लड़की को प्यार करने लगा है?” हरलीन ने चौंकते हुए पूछा।
“प्यार का तो पता नहीं बुआ लेकिन उसके दिल में काफी कुछ है। आप जानती हो ना, उसने अपने चारों तरफ इतनी बड़ी दीवार खड़ी कर ली है कि कोई भी आसानी से उसके दिल में झांक नहीं सकता। मुझे भी समझ नहीं आ रहा अगर युग के दिल में उस लड़की को लेकर फीलिंग्स तो वो उसे हर्ट क्यों कर रहा है।” शब्द ने कंफ्यूज होकर कहा।
“मैं इस मामले में अभी कुछ नहीं कह सकती। तुम बस युग के बिहेवियर को ऑब्जर्व करते रहो। कोशिश करना उस लड़की को युग से दूर रख सको वरना वो कहीं उसे मार ना दे।” कॉल रखने से पहले हरलीन ने वार्निंग दी।
शब्द ने उनकी बात पर हामी भरी और फिर कॉल कट कर दिया। वो काफी देर तक बाथरुम में सोचता रहा।
“अगर युग को कृशा से प्यार है तो उसने उसे मार क्यों होगा? वो किसी को किसी पर हाथ नहीं उठाता, किसी मासूम पर तो बिल्कुल नहीं... अंडरवर्ल्ड में काम करने वालों के भी कुछ उसूल होते हैं और युग कभी अपने उसूल नहीं तोड़ता। फिर ऐसा क्या हुआ होगा, जो युग मजबूर हो गया होगा उस पर हाथ उठाने के लिए?” शब्द चहलकदमी करते हुए सोच रहा था। उसे अंदर आए हुए आधे घंटे से भी ज्यादा का टाइम हो गया था।
इतना सोचने के बाद भी शब्द को कुछ समझ नहीं आ रहा था तो वो बाथरुम से बाहर आया। जैसे ही शब्द बाहर निकला उसने देखा सामने बेड पर युग बैठा हुआ था, जो उसे सर्द निगाहों से देख रहा था।
“तो तुमने बुआ को सारी अपडेट दे दी?” युग ने सर्द लहजे में पूछा।
“मैंने ऐसा कुछ नहीं किया है।” शब्द ने जवाब दिया। वो युग से नजरे चुरा रहा था।
युग बेड से उठा और उठकर शब्द के पास आने लगा। एक पल के लिए शब्द को लगा कि युग उसका फोन चेक करने वाला है लेकिन उसने ऐसा कुछ नहीं किया।
युग ने शब्द के पास आकर सख्त शब्दों में कहा, “24 घंटे... सिर्फ 24 घंटे का टाइम है तुम्हारे पास। उसके बाद मुझे तुम यहां नहीं दिखने चाहिए। मुझे जासूसी करने वाले लोगों से सख्त चिढ़ है। तुम्हारी जगह कोई और होता...”
“तो तुम उसे मार देते।” शब्द ने उसकी बात बीच में काटकर कहा। वो जानता था कि युग उसे कुछ नहीं करेगा इसलिए उसने बेपरवाही से कहा, “मैं कहीं नहीं जाने वाला। हो सके तो अपने दिल और हाथों को थोड़ा काबू रखो वरना अंडरवर्ल्ड में लोगों को पता चला कि युग राणा अपने उसूल तोड़ रहा है, तो अच्छा नहीं लगेगा।”
शब्द ने अपनी बात पूरी की और कमरे से चला गया। वही उसकी बात सुनकर युग के चेहरे पर गुस्से के भाव थे। उसकी आंखों के सामने कृशा का रोता हुआ चेहरा आ रहा था, जो उसकी वजह से रो रही थी तो साथ ही शब्द की बातें उसके कान में गूंज रही थी।
“नो शी कांट स्टे हियर... मुझे उसे यहां से भेजना ही होगा।” युग ने खुद से कहा और वहां से कृशा को भेजने के इंतजाम करने के लिए चला गया।
°°°°°°°°°°°°°°°°
तो क्या लगता है आपको, इतनी आसानी से युग कृशा को वहां से भेज देगा? युग के गुस्से का कारण किसी को समझ आया? Do let me know in comment section. लेट सी क्या होता है। मिलते हैं अगले पार्ट पर और कमेंट कर दिया करो।