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Chapter 11

Under the mafia moon - Chapter 11

Under the mafia moon

कृशा को युग के चंगुल से आजाद करवाने के लिए सारा ने युग की हर एक बात मानने के लिए हां कह दी थी। उसके प्रॉमिस करने पर युग भी कृशा को वापिस भेजने के लिए मान गया था लेकिन उसने कृशा को एक हफ्ते बाद घर भेजने की बात रखी।

युग से कृशा को एक हफ्ते तक वहां रखने का रीजन जानने के बाद सारा ने कहा, “ठीक है, फिर एक हफ्ते तक कृशा मेरे साथ रह लेगी। वो कुछ भी कहे, कुछ भी करे, तुम उस पर गुस्सा नहीं करोगे।”

युग ने हां में सिर हिलाया और आगे कहा, “कहा ना प्रॉमिस। एक हफ्ते तक वो यहां रह सकती है लेकिन तुम्हारे साथ नहीं... तुम्हारे कमरे में...”

युग की बात सुनकर सारा ने उसकी तरफ सवालिया नजरों से देखा। वो कुछ पूछती उससे पहले युग ने कहा, “तुमने कहा ना तुम मेरी सारी बातें मानोगी तो उसमें पहली शर्त ये है कि आज से तुम मेरे साथ मेरे रूम में रहोगी।”

युग की बात सुनकर सारा के चेहरे की हवाइयां उड़ गई थी। उसने हड़बड़ा कर कहा, “देखो ये... ये गलत है। तुम मेरे साथ ऐसा नहीं कर सकते। तुमने मेरा दिल जीतने की बात कही थी। फिर तुम शादी से पहले एक कमरे में... मैं तुम्हारे साथ कैसे रह सकती हूं?”

“अरे अरे तुम तो अभी से घबरा गई। ये तो शुरुआत है सारा सिंघानिया। इतनी सी बात पर घबरा गई तो आगे कैसे चलेगा।मेरी लिस्ट काफी लंबी है... चलो अब कृशा को अच्छे से बाय बोल दो और मेरे रूम में आ जाओ। तुम्हारा सामान जैक शिफ्ट करवा देगा।” युग बोला।

कृशा के लिए सारा ने युग की हर बात मानने के लिए हां कह तो दी थी लेकिन अब उसे पछतावा हो रहा था। उसने कुछ पल सोच कर कहा, “देखो मैं तुम्हारे साथ ज्यादा से ज्यादा टाइम बिताऊंगी लेकिन रात को मैं तुम्हारे साथ नहीं सो सकती। मुझे ऐसी नींद नहीं आती।”

“डोंट वरी मेरे होते हुए तुम्हें किसी चीज की चिंता करने की जरूरत नहीं है। चलो फिर अपने कमरे में मिलते हैं।” युग ने कहा और वहां से उठकर जाने लगा। फिर वो कदम चलने के बाद रुका और सारा की तरफ मुड़कर बोला, “सारा तुम्हें सुलाने की जिम्मेदारी मेरी। सुना है ज्यादा थकने पर जल्दी और अच्छी नींद आती है।” युग ने इविल स्माइल के साथ आई विंक की ओर वहां से चला गया।

उसकी बातें सारा के दिल में डर पैदा कर रही थी। युग के जाने के बाद भी सारा ब्रेकफास्ट टेबल पर बैठी रही। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वो आगे की चीजें कैसे हैंडल करेगी। उसने अपने सिर पर हाथ रख कर कहा, “ये तो वही बात हो गई आप बैल मुझे मार... दादू आपको जल्द से जल्द कुछ करना होगा वरना यहां एक बार चीजें बिगड़ गई तो आप अच्छे से जानते हो कुछ भी ठीक नहीं होने वाला।”

सारा अपनी जगह से उठी और कमरे में आई। कमरे में कृशा बोर हो रही थी इसलिए इधर-उधर वॉक करने लगी।

सारा के आते ही कृशा ने कहा, “तुमने कुछ ज्यादा ही टाइम नहीं लगा दिया? 2 घंटे तक कौन ब्रेकफास्ट करता है।”

“एक प्रॉब्लम हो गई है कृशा...” सारा ने कहा और बेड पर बैठ गई। फिर वो उसे युग और उसकी ब्रेकफास्ट टेबल पर जो भी बात हुई थी, उसके बारे में बताने लगी, “मैंने युग को कन्वेंस कर लिया था कि वो तुम्हें यहां से जाने दे... बदले में मैं उसकी सारी बातें बिना किसी ना नुकुर के मानूंगी।”

“तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था सारा। मैं तुम्हें अकेले छोड़कर नहीं जाऊंगी।” कृशा बोली।

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“अगर तुम यहां से निकल गई तो मुझे पूरा यकीन है कि वहां जाकर दादू को सब समझा दोगी। यहां क्या है, कैसे हैं, क्यों है, फिर वो उसे हिसाब से प्लान करके मुझे यहां से निकाल लेंगे। इसके लिए तुम्हारा यहां से निकलना जरूरी है।” सारा ने उसे अच्छे से समझाया कि उसने युग की सारी बात मानने के लिए हां क्यों कही थी।

“तो क्या वो मुझे वापस न्यूयॉर्क भेज देगा?” कृशा ने आंखें छोटी करके पूछा।

“हां लेकिन अभी नहीं। उसे एक हफ्ते का टाइम चाहिए। मैं अच्छे से जानती हूं उसने ये एक हफ्ता क्यों लिया होगा। बाकी इस बात से अब फर्क नहीं पड़ता। उसने प्रॉमिस किया है वो तुम्हें कुछ नहीं करेगा तो मैं तुम्हारी तरफ से बेफिक्र हूं। उसकी पहली शर्त ये है कि मैं उसके साथ उसके कमरे में रहूं।” जैसे ही सारा ने बताया कृशा के चेहरे का रंग उड़ गया।

उसे समझ नहीं आ रहा था कि वो सारा की बात का क्या जवाब दे। उसे चुप देखकर सारा बोली, “बस यही प्रॉब्लम आ रही है।”

“तुम चिंता मत करो और सब मुझ पर छोड़ दो। मैं संभाल लूंगी। क्या उसने सच में प्रॉमिस किया है कि वो मुझे कुछ नहीं करेगा?” कृशा ने एक बार फिर कंफर्म किया, जिस पर सारा ने हां में सिर हिलाया।

कृशा ने गहरी सांस लेकर छोड़ी और शांत लहजे में कहा, “ठीक है। मैं अच्छे से जानती हूं मुझे तुम तक कैसे पहुंचना है, बस तुम थोड़ा केयरफुल रहना। देखो सारा, मुझे इतनी नॉलेज नहीं है कि इस विला की सिक्योरिटी कैसी है या मैं दादू आपको अच्छे से बता पाऊंगी या नहीं... तो इन सब के बारे में तुम पता लगाओगी और जाने से पहले मुझे हर एक चीज अच्छे से समझाओगी।”

“वो सब तुम मुझ पर छोड़ दो। मैं युग के पास जा रही हूं। मुझे उसके साथ रहना होगा।” सारा उठाते हुए बोली। उसने कृशा को गले लगाया और फिर वहां से जाने लगी।

सारा जैसे ही दरवाजे के पास पहुंची, कृशा ने उसके पीछे से कहा, “सारा उसे अपने करीब मत आने देना।”

“क्या तुम्हें लगता है मैं उसे ऐसा कुछ भी करने दूंगी?” सारा ने कृशा की तरफ देखकर जवाब दिया। उसके चेहरे पर स्माइल थी।

उसके फेस पर स्माइल देखकर कृशा भी मुस्कुराई और अपने दोनों हाथ ऊपर करके थम्स अप करके कहा, “ऑल द वेरी बेस्ट सारा। कभी मत भूलना तुम कौन हो और क्या कर सकती हो।”

“हां युग राणा को भी पता चलना चाहिए कि उसका पाला किसी से पड़ा है।” सारा ने जवाब दिया और वहां से चली गई।

हाउस हेल्पर ने सारा को युग के फ्लोर तक पहुंचा दिया था। युग का फ्लोर अपने आप में ही एक घर जैसा था, जहां उसके रूम के अलावा ऑफिस और बाकी सारी चीज उसकी जरूरत के हिसाब से बनी हुई थी। उस फ्लोर की खास बात ये थी कि वहां सिर्फ लिविंग एरिया में ही कैमरास लगे थे और वहां उसके अलावा और कोई सिक्योरिटी नहीं थी।

युग उस वक्त अपने फ्लोर पर मौजूद नहीं था तो सारा घूमते हुए उस फ्लोर को अच्छे से ऑब्जर्व करने लगी।

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सिंघानिया विला,

न्यूयॉर्क सिटी।

अमृता एक मीटिंग रूम जैसी जगह पर मौजूद थी। वहां टेबल के ठीक सामने आदित्य सिंघानिया बैठे थे तो उनके पास में विक्रम खड़ा था। सामने लगे बड़े से प्रोजेक्टर पर युग की फोटो थी। उसके सामने अमृता खड़ी थी।

“लगता है ये सिर्फ नाम से ही डेविल है। शक्ल तो काफी अच्छी है इसकी... जरूर गलत लाइन में आ गया होगा।” विक्रम ने बड़बड़ा कर कहा।

आदित्य ने उसकी बात सुन ली थी। उन्होंने उसकी बात को इग्नोर किया और फिर अमृता से कहा, “जब मैं माफिया किंग हूं तो इस लड़के के पास पावर कहां से आई? क्या कोई ऐसा है जो मेरे खिलाफ है और मुझे इस पोजीशन से हटाना चाहता है?”

“सामने से तो कोई नहीं आ रहा लेकिन आप भी अच्छे से जानते हैं पीछे ही पीछे कौन आपका दुश्मन है... और रही बात डेविल की, तो वो इस वजह से पावरफुल है क्योंकि उसे रशियन और इटालियन माफिया का सपोर्ट है। आप अच्छे से जानते हो रशियन माफिया कितना पावरफुल है और इस लड़के की वहीं पर अच्छी खासी चलती है।” अमृता ने बताया।

उसकी बात सुनकर आदित्य को भी हैरानी हुई। उन्होंने उसी लहजे में कहा, “अजीब बात है जिस रशियन माफिया को आज तक कोई कंट्रोल नहीं कर पाया उसे ये कल का आया लड़का कंट्रोल कर रहा है।” बोलते हुए आदित्य के चेहरे पर चिंता की लकीरें थी। उन्हें पहली बार अपनी कुर्सी खतरे में नजर आ रही थी।

आदित्य अपनी चेयर से उठे और तेज आवाज में कहा, “मुझे अगले एक हफ्ते में सारा सिंघानिया अपने विला में चाहिए। गलती से भी ये लड़का सारा को किसी भी तरीके से इफेक्ट ना कर पाए।” अपनी बात बोलकर आदित्य वहां से चले गए।

उनके जाने के बाद विक्रम ने कहा, “सारा इतनी खास है तो उससे जुड़ी जानकारी बाहर लीक नहीं करनी चाहिए थी।”

“मैने तुमसे कहा ना अपना मुंह बंद रखना। तुम्हें पूरी बात पता नहीं है, तो कुछ भी मत बोलो। सारा सिंघानिया इस विला से बाहर भी नहीं निकली थी और आज तक किसी ने ठीक से उसकी शक्ल नहीं देखी है। फिर पता नहीं इसने यहां की सिक्योरिटी हैक करके सारा को कैसे उठा लिया।” अमृता ने गुस्से में जवाब दिया और वो भी वहां से चली गई।

ये बात सच थी कि सारा खास थी इस वजह से उसके दुश्मन भी बहुत थे। सारा को पार्टी से लेकर एजुकेशन तक या कुछ भी चीज चाहिए होती थी तो वो सिंघानिया विला में ही आती थी। बहुत कम समय ऐसा होता था जब सारा ने घर से बाहर कदम भी रखा था। फिर ऐसे में सारा सिंघानिया के बारे में युग राणा को पता चलना सच में चौंकाने वाली बात थी।

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युग को सारा के बारे में किसके बताया होगा? क्या सारा सिंघानिया डेविल के चंगुल से निकल पाएगी या अब कृशा उसकी जान बचाएगी। आगे के भागों पर बने रहिए मेरे साथ।

थैंक्स फॉर योर सपोर्ट।

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