Under the mafia moon - Chapter 8
Under the mafia moonयुग ने सारा को मूवी डेट के लिए अपने विला के फिफ्थ फ्लोर पर बुलाया था। साथ ही उसने कृशा को अपने साथ लाने से साफ मना किया था।
युग की बात को न मानते हुए सारा अपने साथ कृशा को भी ले गई थी। वो वॉशरूम गई थी इसलिए उसने पहले कृशा को अंदर जाने के लिए कहा।
कृशा अकेली थिएटर के अंदर गई तो वहां अंधेरा था। अचानक युग उसके पीछे से आया और उसे अपनी बाहों में जकड़ लिया। कृशा उसे कुछ कह पाती उससे पहले युग के होंठ कृशा की गर्दन पर थे। वो उसे काफी इंटेंसली किस कर रहा था। उसकी इस हरकत पर कृशा वहीं पर फ्रिज हो गई। किस करते हुए युग कृशा की गर्दन पर हल्के से बाइट भी कर रहा था।
“यहां इतना अंधेरा क्यों कर रखा है? एटलीस्ट पहले तो लाइट ऑन कर सकते हो तुम...” पीछे से सारा की आवाज आई। इसी के साथ युग ने कृशा को छोड़ दिया।
कृशा ने जल्दी से अपनी शर्ट सही की। उसके दिल की धड़कनें बढ़ीं हुई थी। युग ने अपने मोबाइल से थिएटर की लाइट ऑन की तो अपने पास सारा के बजाए कृशा को देखकर वो सर्द निगाहों से उसे देख रहा था।
“मैंने इसे यहां लाने से मना किया था ना?” युग ने सारा की तरफ देखकर गुस्से में पूछा।
“हां मना किया था तो क्या हुआ? मैं इसके बिना कहीं नहीं जाती। अगर तुम्हें इसके यहां होने से प्रॉब्लम हो रही है तो मैं भी वापस चली जाती हूं।” सारा ने कंधे उचका कर कहा।
युग ने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया। उसने उसे इशारे से आगे चलने को कहा। युग ने सारा की बात को मान लिया था। युग बिना किसी भाव के वहां खड़ा था। सारा पूरे एटीट्यूड से आगे जा रही थी जबकि कृशा अभी भी पीछे खड़ी थी।
युग आगे जाते हुए उसके पास आया और दबी आवाज में कहा, “तुम बोल नहीं सकती थी कि तुम सारा नहीं हो।”
“तुमने मौका ही कहा दिया।” कृशा उसकी तरफ गुस्से में देख रही थी।
“सारा को इस बारे में पता नहीं चलना चाहिए था। यू नो वेरी वेल वो मैंने जानबूझकर नहीं किया।” युग ने सिर हिलाकर कहा और आगे चला गया।
कृशा ने अपनी गर्दन पर हाथ रखा। युग के बाइट करने की वजह से उसे वहां दर्द हो रहा था। “आई हेट यू युग राणा...” कृशा की आंखों में गुस्सा था।
वो आगे जाने के बजाय अभी भी वहीं पर खड़ी थी। सारा ने उसे आवाज लगाकर कहा, “क्या हुआ कृशा? आगे आओ ना, तुम वहीं पर क्यों खड़ी हो।”
“सारा मेरा मूवी देखने का मूड नहीं है। मैं वापस जा रही हूं।” कृशा ने जवाब दिया।
“थोड़ी देर पहले तो तुम इतनी एक्साइटेड हो रही थी और अब वापस जा रही हो?” सारा ने हैरानी से पूछा। फिर उसने युग की तरफ घूर कर देखा और कहा, “कहीं मेरी अब्सेंस में तुमने इसे डराया धमकाया तो नही ना?”
“इसे डराने धमकाने के लिए तुम्हारा एब्सेंट होना जरूरी नहीं है। वो तो मैं अभी भी कर सकता हूं।” युग ने भौंहे उठाकर कहा।
उसकी बात सुनकर सारा ने सिर हिला दिया। फिर उसने कृशा की तरफ देखकर कहा, “आ जाओ ना कृशा। चलो हम तुम्हारी फेवरेट मूवी देखेंगे।”
“जब उसका मन नहीं है तो तुम उसे क्यों फोर्स कर रही हो?” युग ने बीच में कहा।
“अगर वो यहां नहीं आई तो मैं भी उसके साथ वापस जा रही हूं। अब तुम पर डिपेंड करता है कि तुम्हें हमारे साथ मूवी देखनी है या नहीं?” सारा ने उसे एटीट्यूड से जवाब दिया।
युग ने आईज रोल की और मन ही मन बड़बड़ा कर कहा, “काश सब कुछ मुझ पर डिपेंड करता तो तुम दोनों को यहां लाने से पहले ही उड़ा देता।” उसने अपने चेहरे के भावों को नॉर्मल किया और कृशा की तरफ देखकर कहा, “चलो, अब आ भी जाओ। ठीक है, तुम्हें हॉरर देखना था तो हॉरर मूवी प्ले कर देता हूं।”
सारा ने भी कृशा को आगे आने का इशारा किया। कृशा ने उसकी बात पर हामी भरी और आगे आने लगी।
वो सारा के पास बैठने को हुई, तभी युग बोला, “इसके पास मैं बैठूंगा। जाओ जाकर कहीं दूर का कोना पकड़ लो।”
कृशा ने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया। वो सारा के दूसरी तरफ बैठने को हुई लेकिन युग ने उसे सारा के दूसरी तरफ भी नहीं बैठने दिया। युग और सारा पास पास बैठे थे जबकि कृशा युग से एक चेयर दूर उसके पास बैठी थी।
युग ने थोड़ी देर पहले जो भी किया था उसके बाद से कृशा का मूवी देखने का कोई मन नहीं था। सारा ने उसे उसकी प्रेफरेंस भी पूछी थी लेकिन कृशा ने कुछ नहीं कहा।
“अचानक इसे क्या हो गया, जो ये कुछ बता नहीं रही।” सारा ने अपने मन में कहा। उसे कृशा का बर्ताव थोड़ा अजीब लग रहा था।
युग ने उनके लिए कन्ज्यूरिंग मूवी सीरीज की सेकंड मूवी लगाई थी। सारा का इस मूवी डेट पर आने का कोई मन नहीं था। वो मूवी देखते हुए बीच में सो गई थी जबकि युग और कृशा दोनों उसे काफी गौर से देख रहे थे।
थिएटर में अंधेरा होने की वजह से कृशा को डर लग रहा था। वो अपने चेयर से खिसककर युग के पास वाली चेयर पर आ गई।
एक हॉरर सीन आने पर युग और कृशा दोनों साथ में चिल्लाए। एक साथ चिल्लाने के बाद उन्होंने एक दूसरे का चेहरा देखा।
“तुम तो गैंगस्टर हो ना, फिर तुम्हें भूतों से डर क्यों लग रहा है?” कृशा ने अपनी आंखें छोटी करके कहा।
“मैं? मैं कहा डरा था? वो तो तुम अचानक से चिल्लाई तो मुझे... मुझे डर नहीं लगता।” युग ने बात को टालते हुए कहा।
“झूठा कहीं का...” कृशा ने उसकी तरफ देखकर बड़बड़ा कर कहा।
युग ने ध्यान दिया सारा सो चुकी थी तो फिर उसने कृशा से दबी आवाज में कहा, “लिसन, थोड़ी देर पहले जो भी हुआ था उसका कोई गलत मतलब मत निकाल लेना। मुझे लगा वो सारा थी।”
“तुम्हें सारा की परमिशन के बिना उसे भी किस नहीं करना चाहिए।” कृशा ने जवाब दिया।
“हां ठीक है ज्यादा ज्ञान मत दो। वैसे भी मुझे सब कुछ जबरदस्ती करना होता तो अब तक सारा मेरी हो चुकी होती।” युग ने सिर हिलाकर कहा।
वैसे तो कृशा को युग से डर लगता था लेकिन जब युग ने बातचीत की शुरुआत की तो कृशा खुलकर बात करने लगी।
“तुम सारा को इसलिए पाना चाहते हो ना क्योंकि तुम्हें इस माफिया वर्ल्ड का किंग बनना है। इसके लिए तुम्हें सारा को कन्वेंस करना होगा ताकि वो तुम्हें उन सभी ट्रेजर्स वाले पड़ावों तक लेकर जाए। एक बार वो सातों पड़ाव तुमने पार कर लिए उसके बाद माफिया वर्ल्ड में किसी की भी हिम्मत नहीं होगी कि तुम्हें वहां का किंग बनने से रोक सके। बाकी तुम्हें सारा से प्यार नहीं है। तुम्हें बस पावर और पोजीशन चाहिए, जो फिलहाल सारा और उन सातों पड़ाव से जुड़ी है।” कृशा के दिल में जो भी था उसने बिना किसी डर के कह दिया।
उसकी बात सुनकर युग को गुस्सा आ गया। कृशा उसके बिल्कुल पास बैठी थी इसलिए उसने कृशा के करीब आकर उसके बालों को पीछे से पकड़ा और उसकी आंखों में देखकर कहा, “अपनी औकात में रहो। मत भूलो कि तुम सिर्फ एक सर्वेंट हो। सारा तुम्हें इतनी इंपॉर्टेंस देती है लेकिन बाकी सब अच्छे से जानते हैं कि तुम कौन हो।”
“छोड़ो, मुझे दर्द हो रहा है।” कृशा ने भर्राई आवाज में कहा। उसकी आंखों में आंसू आ गए थे।
“आगे से मेरे सामने जुबान खोलने से पहले सौ बार सोच लेना। मैं बार-बार तुम्हारी बातों को इग्नोर नहीं करने वाला।” बोलते हुए युग ने कृशा के बालों को छोड़ दिया।
युग के बाल खींचने की वजह से कृशा को पेन हो रहा था और उसकी आंखों में आंसू थे। उसने मूवी बीच में छोड़ी और वहां से दौड़कर अपने कमरे में चली गई।
वही थोड़ी देर पहले जो भी हुआ उससे युग का मूड बुरी तरह बिगड़ चुका था। उसने सारा को वही थिएटर रूम में छोड़ा और वहां से चला गया।
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क्या लगता है आपको, युग ने कृशा के साथ जो भी किया वो उसे सारा को बताएगी या नहीं? पार्ट पढ़कर प्लीज कमेंट किया करे। एक मिनिट भी नही लगता, जबकि हम तो इतनी मेहनत करके, दिमाग लगाकर स्टोरी लिखते है। एक छोटा एप्रिसिएशन एक्सपेक्ट करते है, वहां भी आप कंजूसी दिखाते हो।