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Chapter 6

Under the mafia moon - Chapter 6

Under the mafia moon

युग ने सारा के लिए ब्रेकफास्ट डेट अरेंज की थी। वहां उन दोनों की छोटी सी बहस भी हो गई थी, जहां पहली बार सारा ने युग का गुस्सा देखा था। युग ने अपनी तरफ से अपने गुस्से पर पूरा काबू कर रखा था पर उसका हल्का सा गुस्सा भी सारा पर काफी असर कर गया।

सारा बिना कुछ बोले डाइनिंग टेबल के सामने चुपचाप बैठी थी। उसके सामने काफी सारा खाना रखा हुआ था पर उसने एक बाइट भी नहीं खाया।

“लिसन डोंट यू एंग्री मी... मैं तुमसे बहुत पेशेंसली बात कर रहा हूं इसका फायदा मत उठाओ और चुपचाप खाना खाओ।” युग ने सख्त लहजे में कहा। उसे गुस्सा ना आ जाए इसलिए वो डाइनिंग टेबल के नीचे अपने एक हाथ की मुट्ठी को बार-बार बंद करके खोल रहा था।

सारा ने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया। उसने युग के चेहरे की तरफ तक नहीं देखा। उसकी नजरें नीचे की तरफ थी।

“अब बस बहुत हुआ।” युग ने तेज आवाज में कहा। उसने अपनी चेयर सारा के बिल्कुल पास खिसका ली और उसकी चिन पकड़ कर उसका चेहरा ऊपर किया। “आखिर प्रॉब्लम क्या है तुम्हारी? सब कुछ इतने प्यार से कर रहा हूं तो तुम्हें रास नहीं आ रहा। गुस्सा करूंगा तो फिर तुम मेरे बारे में उल्टा सीधा सोचने लग जाओगी। आई सेड खाना खाओ सारा।”

सारा ने अब तक अपने इमोशंस को काबू कर रखा था। युग के ज्यादा गुस्सा करने पर उसकी आंखें नम होने लगी। मजबूरन युग को उसका चेहरा छोड़ना पड़ा।

“उफ्फ ये प्रॉमिसेस और बाइंडिंग्स...” युग ने बड़बड़ा कर कहा और फिर वो वहां से उठकर बाहर चला गया। बाहर जाते हुए भी वो बड़बड़ा कर बातें कर रहा था। “आई स्वेयर अगर मैंने प्रॉमिस नहीं किया होता तो अभी इस लड़की को जान से मार देता और साथ में इसकी उस बेवकूफ दोस्त को भी। अजीब मुसीबत है... एक प्रॉमिस के चलते मुझे इसका दिल जीतना होगा। अरे नहीं अच्छी लग रही है मुझे, तो क्या जबरदस्ती है उसे इंप्रेस की।”

युग वाकई काफी गुस्से में था। वो सारा के टेंट्रम्स की वजह से और इरिटेट हो रहा था। इस वक्त वो सारा के कमरे में जा रहा था, जहां कृशा मौजूद थी।

उसे अपने कमरे में देखते ही कृशा तुरंत दूसरी तरफ पलट गई।

“मेरे साथ चलो तुम।” युग ने तेज आवाज में कहा।

“और वो क्यों? तुमने ही तो कहा था कि तुम मुझे दिखनी नही चाहिए। देख लो तभी तुम्हें देखकर तुरंत मैंने अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा लिया।” कृशा ने जवाब दिया।

युग का मूड काफी बिगड़ा हुआ था। वो कृशा से बहस करने के मूड में तो बिल्कुल नहीं था। उसने उसका हाथ पकड़ा और उसे खींचते हुए लिफ्ट में लेकर गया।

“अरे छोड़ो, मुझे दर्द हो रहा है। यहां रहने वाले लोगो की प्रॉब्लम क्या है। जब देखो मुझे घसीटते रहते हैं।” कृशा को दर्द हो रहा था इसलिए वो चिल्ला कर बोली।

युग ने अपनी आंखें बंद की और गहरी सांस लेकर छोड़ी। उस ने आंखें खोली तो गुस्से में उसकी आंखें लाल थी। उसने कृशा को लिफ्ट की दीवार पर लगाया और अपने दोनों हाथों से कृशा के कंधों को पकड़ लिया।

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“आगे से मेरे सामने चिल्ला कर बात मत करना। आई वॉर्न यू वरना उसी टाइम गोली मार दूंगा। जो कह रहा हूं वो बिना सवाल किया करो, तुम्हारे लिए यही सही रहेगा।” युग ने सर्द आवाज में कहा।

इसी के साथ कृशा चुप हो गई। उसने बिना कुछ कहे हां में पलकें झपकाईं तो युग ने उसे छोड़ दिया। अगले ही मिनट में वो थर्ड फ्लोर पर थे, जहां डायनिंग एरिया में सारा अकेली बैठी थी।

युग कृशा को वहां लेकर गया और कहा, “बैठो और हमारे साथ, ब्रेकफास्ट करो।”

“क्या सच में?” कृशा ने एक्साइटेड होकर कहा।

“ये लड़की भी कुछ ज्यादा ही अजीब है। थोड़ी देर पहले डर के मारे इसके मुंह से आवाज नहीं निकल रही थी और अब देखो... आई होप कि मैं सारा सिंघानिया से प्यार कर पाऊं और उसे भी मुझे इतना ही शिद्दत वाला प्यार हो... वरना कुछ और का पता नहीं इन दोनों लड़कियों को जान से मार दूंगा मैं।” युग ने अपने मन में कहा। उसने कृशा को बिना कुछ कहे बैठने का इशारा किया।

कृशा के बैठते ही युग ने कहा, “अपनी फ्रेंड को भी बोलो ब्रेकफास्ट करें। कब से यहां मूर्ति बंद कर बैठी है।”

“क्या हुआ सारा? इसने तुम्हें मारा तो नहीं?” कृशा ने अपनी चेयर सारा के पास खिसकाते हुए पूछा।

“मैं इसे क्यों मारूंगा?” युग ने हैरानी से कहा।

“क्योंकि तुम लोग गैंगस्टर हो। तुम्हारा यही तो काम होता है। जब कोई तुम्हारी बात नहीं मानता तो तुम उन्हें जान से मार देते हो। तुम सारा को जान से नहीं मार सकते तो तुमने इसे जरूर थप्पड़ लगाया होगा।” कृशा ने फ्लो फ्लो में कुछ ज्यादा ही बोल दिया था।

“मैंने ऐसा कुछ नहीं किया है।” युग ने जवाब दिया।

“और मैं तुम्हारी बात क्यों मानूं? गैंगस्टर लोग झूठ भी बोलते हैं।” कृशा ने फिर कहा।

“फ़ॉर गॉड सेक चुप हो जाओ। तुम्हें मैं यहां इसलिए लेकर आया था ताकि तुम इसे खाना खाने के लिए मना सको, ना कि तुम्हारी बकबक सुनने के लिए।” युग ने इस बार चिल्लाकर कहा।

उसकी बात सुनकर कृशा ने गहरी सांस लेकर छोड़ी और फिर वहां डाइनिंग टेबल पर मौजूद खाने को देखा। डाइनिंग टेबल पर वाइट सॉस पास्ता, तीन अलग तरह के पिज्जा़ज, चीज सैंडविच और बर्गर रखे हुए थे। जंग फुड के अलावा वहां कुछ डिजर्ट्स भी थे, जो चॉकलेट और मिल्क के थे।

“हाव्व, तुम्हें तो कुछ पता नहीं है। इतना अरेंजमेंट करने से पहले सोच तो लेते या मुझसे पूछ लेते। सारा वीगन है, वो डेयरी प्रोडक्ट्स नहीं खाती है।” कृशा ने सिर हिला कर कहा।

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उसके सब बताने पर युग ने सारा की तरफ देखा तो उसने हां में सिर हिलाया। फिर सारा ने कहा, “यहां दिल जीतने की बात हो रही है और किसी को ये तक नहीं पता कि मुझे खाने में क्या पसंद है।”

युग ने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया। उसने मलिक को मैसेज किया । उसे 15 मिनट के अंदर वीगन डाइट के हिसाब से ब्रेकफास्ट चाहिए था।

“अगले 15 मिनट में तुम्हारा ब्रेकफास्ट आ जाएगा।” युग ने कहा, जिस पर सारा ने कंधे उचका दिए। फिर उसने कृशा की तरफ देखा, जो मजे से सब खा रही थी।

कृशा ने महसूस किया युग और सारा उसे ही देख रहे हैं तो उसने खाते हुए कहा, “मैं थोड़ी ना वीगन हूं? मैं सब कुछ खा लेती हूं और ये सब तो मेरा फेवरेट फूड है।”

“हां खाओ।” युग ने सिर हिलाकर कहा।

जैसा कि उसने आर्डर दिया था अगले 15 मिनट के अंदर सारा के हिसाब से खाना वहां आ गया था। सारा ने कुछ नहीं कहा और चुपचाप ब्रेकफास्ट करने लगी तो वही युग भी सारा की तरह वीगन डाइट ही फॉलो कर रहा था।

“अब देख कर लग रहा है तुम इस का दिल जीत सकते हो... वरना इतना बोरिंग खाना कौन खाता है।” युग को वीगन फूड खाते देख कृशा ने हंसकर कहा।

युग ने उसे कुछ नहीं कहा पर उसके चेहरे के एक्सप्रेशन सर्द हो गए थे, जिसे देखकर कृशा खुद ही चुप हो गई। ब्रेकफास्ट होने के बाद में सारा कृशा के साथ वहां से जाने लगी, तभी युग ने कहा, “रात को हम साथ में मूवी देखेंगे।”

“हां हॉरर देखेंगे, उसमें ज्यादा मजा आएगा।” कृशा झट से बोली।

“ये एक मूवी डेट होने वाली है सारा। आई होप तुम अकेली आओगी।” युग ने कृशा के बजाय सारा से कहा।

“और कोई ऑप्शन है?” सारा ने कंधे उचकाकर कहा और फिर कृशा के साथ वहां से चली गई।

उसके इस जवाब से युग के फेस पर छोटी सी स्माइल आ गई। उसने मलिक को कॉल करके विला में मौजूद थिएटर को रेडी करवाने के लिए कहा।

“आई होप ये काम मेरे लिए मजबूरी ना बने। तुम ऐसे ही मेरी बात मानती रहो। देखना तुम जरूर मेरा दिल जीत लोगी सारा सिंघानिया और जिस दिन ऐसा होगा, प्रॉमिस यू सारा तुम्हें नुकसान पहुंचाना तो दूर कोई तुम्हे गलत नजर से देख तक नहीं पाएगा।” युग ने कहा और फिर वहां से चला गया।

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कोई आईडिया है युग किस मजबूरी के चलते सारा का दिल जीतने की कोशिश कर रहा है? सच में इन दोनों को प्यार हो जायेगा या मामला कुछ और ही होने वाला है। कहानी में अभी बहुत कुछ बाकी है। ये तो बस शुरुआत है। आगे के पार्ट्स के लिए बने रहिए और कमेंट जरूर करिएगा। होप सो आपको कहानी पसंद आ रही होगी।

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