Under the mafia moon - Chapter 21
Under the mafia moonकृशा जब से हॉस्पिटल से आई थी, वो युग को इग्नोर कर रही थी। युग को उसके ऐसा करने पर बहुत गुस्सा आया तो वो रात को उसके कमरे में आ गया। कृशा युग के कमरे में आने के बाद भी उसे इग्नोर कर रही थी तो गुस्से में युग ने कृशा को पकड़ा और दीवार से लगा दिया।
युग ने कृशा की आंखों में देखते हुए सर्द लहजे में कहा, “आई थिंक तुम पिछली बार का रॉयल ट्रीटमेंट भूल गई हो... बट डोंट वरी इस डेविल को अच्छे-अच्छे की याददाश्त वापस लौटाना बखूबी आता है।”
“नहीं... मैं कुछ नहीं भूली हूं और ना ही पूरी जिंदगी में भूल सकती हूं।” कृशा ने कसमसाते हुए जवाब दिया क्योंकि युग ने उसे काफी कस कर पकड़ रखा था और वो उससे छुटने की कोशिश कर रही थी।
“सो आर यू रेडी फॉर वन मोर पनिशमेंट?” युग ने इविल स्माइल के साथ कहा।
“हां, उसके अलावा और तुम कर भी क्या सकते हो। दूसरों को पनिशमेंट के नाम पर टॉर्चर करना अच्छा लगता है ना तुम्हें...” बोलते हुए कृशा की आवाज भारी हो गई और उसकी आंखें नम हो गई हालांकि वो अपने आंसुओं को रोकने की पूरी कोशिश कर रही थी लेकिन फिर भी उसकी आंख से आंसू का एक कतरा रह गया।
युग ने अपने एक हाथ से कृशा का आंसू साफ किया और उसे अजीब तरीके से देखते हुए कहा, “आई कैन सी तुम्हारी आंखों में मेरे लिए डर है.. और बॉडी अभी तक रिकवर नहीं कर पाई है। डर लग रहा है ना कृशा चौधरी?”
युग ने थोड़ी देर पहले कृशा को पकड़ा था तो उसने महसूस किया कि उसे बुखार है। उसके अलग होने पर कृशा गहरी सांसे ले रही थी।
“प्लीज चले जाओ। आई... आई नीड रेस्ट।” कृशा ने दूसरी तरफ चेहरा करके कहा।
“लेकिन मेरी डिक्शनरी में किसी को माफ करना नहीं है। तुम जो बार-बार मुझे इग्नोर कर रही हो, उसकी सजा तो तुम्हें मिलकर रहेगी।” युग ने जवाब दिया। बोलते हुए वो जानबूझकर कृशा के सामने आ गया। “जस्ट लुक एट मी।” युग ने तेज आवाज में कहा।
कृशा समझ गई थी कि युग से बचने का कोई रास्ता नहीं है तो वो धीमी आवाज में बोली, “ओके फाइन... फिर जब मैं ठीक हो जाऊं तब तुम मुझे पनिशमेंट दे देना।”
“नहीं, वो तो तुम्हें अभी मिलकर रहेगी। मेरे पास टॉर्चर करने के लिए और भी लोग है... तो सारा टाइम तुम्हारे लिए नहीं है।” युग ने जवाब दिया।
उसकी बात सुनकर कृशा ने धीरे से बड़बड़ाकर कहा, “हां तो फिर मेरे पास क्यों आए हो? उन्हीं को अपनी सो कॉल्ड पनिशमेंट दो ना।”
फिर कृशा ने युग की तरफ देखा, तो वो बोला, “तुमने आज पूरे दिन मुझे इग्नोर किया है तो तुम्हारी पनिशमेंट ये है कि अब सुबह तक तुम्हें मेरा ही चेहरा देखना पड़ेगा और मैं तुम्हारे रूम से कहीं नहीं जाने वाला।” जैसे ही युग ने अपनी बात खत्म की कृशा की आंखें हैरानी से बड़ी हो गई।
“ये तुम कैसी बात कर रहे हो? मैं सारा नहीं हूं... तुम... तुम सारा को पटाने के लिए आए हो। तुम कहोगे तो मैं तुम्हारी हेल्प कर दूंगी पर तुम मेरे रूम में कैसे रह सकते हो? नहीं... ये नहीं हो सकता। मैने आज तक अपना रूम किसी के साथ शेयर नहीं किया है... सारा और मैं भी बहुत कम साथ में रहे हैं... वो भी किसी ना किसी मजबूरी के चलते। मैं... मैं तुम्हारे साथ नहीं रहने वाली।” कृशा एक बार में काफी कुछ बोल गई मानो एक पल के लिए उसके दिल से युग का डर निकल गया हो।
जबकि युग खोई हुई नजरों से कृशा के चेहरे को देख रहा था। वो इस वक्त उसे काफी क्यूट लग रही थी।
युग को चुप देखकर कृशा ने डरते हुए कहा, “तुम कहोगे तो मैं फिर से पूरी रात बाहर गार्डन में गुजार लूंगी लेकिन तुम्हारे साथ एक कमरे में नहीं रह सकती। देखो तुम समझो इस बात को, मैं सारा नहीं हूं और ना ही तुम लोगों की तरह हाई प्रोफाइल फैमिली से बिलॉन्ग करती हूं। हमारे लिए ये चीज नॉर्मल नहीं होती है। किसी लड़के के साथ एक रूम में... यू नो व्हाट आई मीन...” खुद को युग से दूर रखने के लिए कृशा को जो भी समझ में आ रहा था, वो बोल रही थी।
“चुपचाप जाकर बेड पर लेटो। कितना बोलती हो तुम... कम से कम बीच में सांस तो ले लिया करो।” युग ने सख्त लहजे में कहा।
उसकी आवाज सुनकर कृशा डर गई और उसने तुरंत अपने होठों पर उंगली लगा ली। वो जल्दी से जाकर बेड पर बैठ गई।
युग ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद किया और फिर कृशा की तरफ बढ़ने लगा। उसे ऐसा करते दिल कृशा के दिल की धड़कने बढ़ने लगी थी।
“तुम... तुम क्या इसी तरह सूट पहन कर सोते हो क्या? तुम्हें इसमें नींद आ जाती है?” अचानक कृशा के मुंह से निकला। उसके बाद उसने फिर से अपने होठों पर उंगली लगा ली। उसने ऐसा इसलिए कहा था क्योंकि युग ने रात को भी एक डिजाइनर थ्री पीस सूट पहना था।
“नहीं, मुझे कपड़े पहन कर सोने की आदत नहीं है। मैं तो निकाल दूंगा पर तुम एडजस्ट कर लोगी क्या?” युग ने कृशा को परेशान करने के लिए कहा, जिस पर उसने मासूमियत से ना में सिर हिला दिया।
कृशा बेड पर चुपचाप बैठी हुई थी जबकि युग कॉफी मशीन के पास गया और कॉफी बनाने लगा। उसने कृशा से पूछा, “तुम कॉफी लोगी?”
“बिल्कुल नहीं, मुझे तो इसकी स्मेल से भी एलर्जी है। पता नहीं लोग इसे कैसे पी...” बोलते हुए कृशा ने फिर से अपने होठों पर उंगली लगा दी क्योंकि उसने देखा युग उसकी तरफ अपनी हेजल ब्लू आइज से घूर कर देख रहा था।
“कॉफी है बीयर नहीं जो तुम्हें इसकी स्मेल से भी एलर्जी है।” युग ने सिर हिलाकर कहा और फिर अपने काम में लग गया।
वही कृशा के दिल की धड़कनें बढ़ी हुई थी। युग ने उसके कमरे में रुकने के लिए कह तो दिया था लेकिन रूम में एक ही बेड था और वो युग के साथ तो उसे बिल्कुल शेयर नहीं करना चाहती थी।
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आपको क्या लगता है युग के दिल में कृशा के लिए फिलिंग्स ग्रो हो रही है क्या?