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Chapter 6

Tied with destiny - Chapter 6

Tied with destiny

छवि अपने मैनेजर मिस्टर राहुल सिंह के साथ घर आई हुई थी। अयान के रूखे बर्ताव से वो बहुत ज्यादा गुस्सा थी। वो अपना गुस्सा शांत करने की कोशिश कर रही थी कि तभी राहुल ने उसे कुछ ऐसा बताया, जिसे सुनने के बाद उसका गुस्सा अब पूरी तरह बेकाबू था।

“आई हेट हिम... मैंने... मैने खान को कमिटमेंट दी थी कि उनके गोल्ड बार्स मैं बिना किसी प्रोब्लम के इंडिया तक पहुंचाउंगी। इसीलिए मैं यहां आई थी.. बट आरव...” बोलते हुए छवि रुक गई। उस की नज़र लिविंग रूम के डोर पर गई जहां रायशा और अयान खड़े थे।

रायशा अयान को जैसे तैसे मानकर वापिस लाई थी। अयान के चेहरे पर कड़वाहट भरी मुस्कुराहट थी तो वही छवि की बात सुनकर रायशा का चेहरा उतर गया था।

“आप इस बार भी सही हो ब्रो... मॉम अपने ही काम से यहां आई थी।” रायशा ने बुझी आवाज में कहा।

अयान ने उसकी बात को पूरी तरह इग्नोर कर दिया। उसने रायशा का हाथ पकड़ा और कहा, “चलो बाहर किसी क्लब में चलते है।”

“लेकिन इस... ?” रायशा बोल रही थी तभी अयान ने उसकी बात बीच में काटते हुए कहा, “हां तो क्लब रात में ही जाते है।” वो इस वक्त कैसे भी करके रायशा का ध्यान छवि से हटाना चाहता था।

“मैं टाइम की नहीं भाई कपड़ों की बात कर रही हूं।” बोलते हुए रायशा ने अपने कपड़ों की तरफ इशारा किया। उसने व्हाइट शॉर्ट्स के साथ पीच ओवरसाइज्ड टीशर्ट पहनी थी।

“ठीक है फिर, बीच पर चलते हैं।” अयान ने रायशा का हाथ पकड़ा और वापस दरवाजे से लौट गया।

“मैं अच्छे से जानती हूं अयान तुम क्या करने की कोशिश कर रहे हो। पर फिलहाल तुम दोनों से ज्यादा जरूरी मेरी डील है। आई कांट मिस दिस एनीवे...” छवि ने सिर हिलाकर कहा। फिर उसने राहुल की तरफ देखा।

“दुबई से आए हमारे शिप को पुलिस ने पकड़ लिया है। उसे इस बारे में पहले ही पता था और उसने सारी तैयारियां करके रखी थी।” राहुल ने धीमी आवाज में कहा।

“व्हाट एवर... पुलिस को खरीदो या किसी पॉलिटिशियन को। मुझे मेरा शिप हर हाल में वापस चाहिए। जानते हो ना उसमें कितना गोल्ड था।” छवि ने ऑर्डर देते हुए कहा।

“आप जानती हैं इसमें अकेले आरव का हाथ नहीं है। इनफैक्ट उसे पुलिस या इस गोल्ड से भी कोई लेना देना नही है। उसे मतलब है तो बस...” राहुल बोल रहा था तभी छवि ने उसकी बात बीच में काट कर कहा, “सिर्फ और सिर्फ मुझे बर्बाद करने में। नाहर लूथरा को कॉल करो और कहो कि माफिया प्रिंसेस को थोड़ा काबू में रखें।”

राहुल ने बिना कुछ कहे उसकी बात पर हां में सिर हिलाया। छवि उसे वहीं पर छोड़ कर बाहर चली गई। वो कहीं जा रही थी।

उसके पीछे से राहुल ने नाहर लूथरा को कॉल करने की कोशिश की पर उसका कॉल कनेक्ट नहीं हो पा रहा था।

“बहुत सोच समझ किया है तुमने ये... शिप भी पकड़ा दिया और अपना नाम भी नही आने दिया। स्मार्ट मूव आरव खुराना... लेकिन जिस दिन खान को सच का पता चला तो तुम जिस माफिया प्रिंसेस के सहारे इतने आगे आए हो... वो सबसे पहले उसे खत्म करेगा।” राहुल ने कोल्ड वॉयस में कहा।

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राहुल वही बैठ गया और नाहर लूथरा से कांटेक्ट करने की कोशिश करने लगा।

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गौरवी जी से आर्गुमेंट होने के बाद आरव खाने के साथ अपने कमरे में आ गया। उसने टीवी ऑन किया और न्यूज़ देखते हुए खाना खाने लगा।

टीवी पर उस समय की ब्रेकिंग न्यूज़ चल रही थी। “इस वक्त हमारे देश की पुलिस के हाथ एक बहुत बड़ी साजिश की लीड लगी है। दुबई से मुंबई वॉटर वे के जरिए एक शिप यहां आया था। कहा जा रहा है उसमें दुबई से मुंबई गोल्ड स्मगल किया जा रहा था। अब उसमें कितनी सच्चाई है ये तो पुलिस के आधिकारिक बयान सामने आने के बाद ही पता चलेगा। हमारे एक्सपर्ट्स को इन सब के पीछे बिजनेस माफियाज और अंडरवर्ल्ड का हाथ लग रहा है।”

वो न्यूज़ देखने के बाद आरव के चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट थी। उसने टीवी बंद किया और चुपचाप अपना खाना इंजॉय करने लगा।

“उफ्फ... कुछ चीजें कभी वर्ड्स में एक्सप्लेन नहीं की जा सकती। जो इंसान आपको दर्द देता है बदले में जब आप उसे बर्बाद करते हो तो वो फीलिंग ही अलग है। उससे भी ज्यादा मजा तब आता है जब सामने वाला चाह कर भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाए। कम ऑन छवि सिंघानिया... अब खिसियानी बिल्ली की तरह खंबा नोचने से कुछ नहीं होगा। आरव खुराना को तकलीफ पहुंचाई है तुमने, तुम्हारी जिंदगी का हर एक लम्हा मैंने दुखों से नहीं भर दिया तो मेरा नाम भी आरव खुराना नहीं।” बोलते हुए आरव के चेहरे के एक्सप्रेशन हार्श हो गए।

आरव ने खाना खत्म किया ही था कि उसके फोन की रिंग बजी। स्क्रीन पर आ रहे माहिरा लूथरा के नाम को देखकर आरव के चेहरे के एक्सप्रेशन थोड़े सॉफ्ट हो गए। ये एक वीडियो कॉल था।

आरव ने कॉल पिक किया तो सामने माहिरा बैठी थी। वो लगभग 25 साल की थी। उसने स्विम सूट पहना था और ऊपर श्रग डाली थी। उस ड्रेस में उसकी बॉडी का ज्यादातर हिस्सा विजबल था। लाइट डस्की स्किन टोन, गहरी ग्रे कलर की आंखे, कमर से थोड़े ऊपर तक के लूज कर्ली हेयर और शार्प फेशियल फीचर्स के साथ वो बहुत हॉट दिखती थी।

“हे...” माहिरा ने हाथ उठाकर हेलो कहा। फिर उसने आरव के चेहरे पर हल्की स्माइल देखी तो उसने मुस्कुराकर कहा, “तुम्हारे फेस की स्माइल बता रही हैं हमारा काम हो गया है।”

“ऑफ कोर्स... कोई काम आरव खुराना अपने हाथ में ले और अधूरा रह जाए, हो ही नहीं सकता।” आरव ने पूरे कॉन्फिडेंस के साथ जवाब दिया। फिर उसने पूछा, “वैसे मैं होटल में तुम्हारा वेट करता रह गया। तुम मीटिंग में आने वाली थी ना?”

“सॉरी वो मेरी फ्लाइट मिस गई हो गई।” माहिरा ने जवाब दिया। फिर उसने आगे कहा, “इन सबमें हमें पुलिस को इंवॉल्व नहीं करना चाहिए था। हमारा भी इसमें काफी नुकसान हुआ है। वो शिप अगर हमें मिलती तो...” बोलते हुए माहिरा रुक गई। उसके चेहरे के भाव गंभीर हो गए थे।

“चिंता मत करो लौटकर वो हमारे पास ही आएगी। मैं खान से दुश्मनी नहीं करना चाहता हूं, बस तभी पुलिस को इंवॉल्व किया।” आरव ने जवाब दिया। फिर उसने बातचीत का रुख बदलते हुए आगे कहा, “इतनी रात को पूल में नहाना सही नहीं है। तुम्हें कोल्ड हो सकती है।”

“अच्छा तो तुम्हें मेरी फिक्र है?” माहिरा ने हल्के से हंसकर पूछा। “संभलकर आरव खुराना... कहीं तुम्हें मुझसे प्यार ना हो जाए। वैसे मुझे इससे कोई प्रॉब्लम नहीं है। इन फैक्ट मैं तो उस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रही हूं पर नुकसान तुम्हारा ही है।” माहिरा ने तिरछा मुस्कुरा कर कहा।

“डोंट वरी बेबी, ऐसा कभी नहीं होगा। आई बेट यू, मुझे ना तो तुमसे और ना ही किसी और लड़की से प्यार होगा।” आरव ने जवाब दिया।

“मुझसे प्यार करो तो चलेगा डार्लिंग लेकिन किसी और से प्यार करने के बारे में सोचा भी तो इन्हीं हाथों से उसकी जान ले लूंगी।” माहिरा ने कॉल्ड एक्सप्रेशन के साथ कहा।

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आरव माहिरा से बात कर रहा था तभी उसे किसी के कदमों की आहट सुनाई दी। उसने माहिरा से बिना कुछ कहे बाय में हाथ हिलाया और कॉल कट कर दिया।

वहीं उसके अचानक कॉल कट करने पर माहिरा ने हंसते हुए अपना फोन काउच पर फेंक दिया। “तुम्हारी दादी ही है, जो तुम्हें कंट्रोल कर सकती हैं... बट डोंट वरी... वो दिन भी जल्द ही आएगा, जब तुम्हारे दिल की डोर मेरे हाथों में होगी।”

माहिरा आंख बंद करके आरव के बारे में सोचने लगी तो वही दूसरी तरफ आरव के कमरे में गौरवी जी आई थी।

“दादी मुझे कोई एक्सप्लेनेशन नहीं सुननी नहीं है। मुझे बहुत नींद भी आ रही है। सुबह बात करते हैं।” आरव ने अपने फोन से कमरे की लाइट ऑफ कर दी लेकिन गौरवी जी ने स्विच ऑन करके लाइट फिर से ऑन कर दी थी।

“मुझे अभी बात करनी है। ओके आई एम सॉरी, नेक्स्ट टाइम मैं खुद से जुड़ी कोई बात नहीं करूंगी लेकिन तुम से जुड़ी बात करने से तुम मुझे रोक नहीं सकते। मैंने सुना तुम किसी से फोन पर बात कर रहे थे। सच बताओ तुम किसी को डेट कर रहे हो ना?” गौरवी जी ने आरव के पास बैठते हुए पूछा।

“आई विश इतने बुरे दिन किसी लड़की के ना आए दादी कि मुझे उससे प्यार हो। मैं माहिरा से बात कर रहा था। शी इज माय बिजनेस पार्टनर।” आरव ने बिना कुछ छुपाए गौरवी जी को सब बता दिया हालांकि वो और माहिरा किस काम में बिजनेस पार्टनर थे, इस बात से गौरवी जी अब तक अनजान थी।

“अपनी बिजनेस पार्टनर को ही लाइफ पार्टनर बना ले। कभी मिलवाया नहीं उस से, यहां तक की फोटो तक नहीं दिखाई।” बात करते हुए गौरवी जी ने आरव का फोन लेने की कोशिश की लेकिन आरव ने उसे कसकर पकड़ रखा था।

“वो दुबई में रहती है। कभी मुंबई आई तो जरूर मिलवाऊंगा। आई एम डैम श्योर आपको वो बिल्कुल पसंद नहीं आएगी। बस आपकी चॉइस का सोच कर ही मैंने कभी उसे घर नहीं बुलाया। आप खामखा मुझसे शिकायतें करती है। देखे मुझे आपकी कितनी फिक्र है।” आरव ने गौरवी जी को परेशान करने के लिए कहा।

“हां जैसे तुझे मेरी चॉइस का ख्याल है ही...” गौरवी जी ने मुंह बना कर जवाब दिया। “अच्छा तुम्हारी चॉइस क्या हैं, कभी बताई नहीं। अगर तुम थोड़ा बहुत बताओ तो मैं फिर भी उस टाइप की लड़की को ढूंढने की कोशिश करूं। एट लिस्ट मुझे पता होना चाहिए।”

आरव गौरवी जी को अपसेट नहीं करना चाहता था। उसने उनकी गोद में सर रख लिया। वो उसके बालों को सहला रही थी। आरव ने आंखें बंद करके कहा, “दादी मैं बता भी दूंगा तो भी आप उस लड़की को कभी नहीं ला पाओगी। ऐसी कोई लड़की बनी ही नहीं, जो मेरा दिल जीत ले।”

“तू बता तो सही...” गौरवी जी ने जोर देकर पूछा।

“ठीक है फिर सुनिए दादी... मुझे ऐसी लड़की चाहिए जिसकी आंखें... आंखें कैसी होनी चाहिए...“बोलते हुए आरव को अचानक अनुष्का का ख्याल आया। जब उसने उसे किस किया था तो सिर्फ उसकी आंखें ही काफी गौर से देखी थी। “उसकी आइज का कलर डिफरेंट होना चाहिए... उम्म्म लाइट एम्बर आईज...” उनका दिल रखने के लिए आरव ने कुछ भी बता दिया हालांकि उसके दिल में ऐसा कुछ नहीं था।

“ठीक है इस कलर के लैंसेज खरीद के दे दूंगी उसे।” गौरवी जी ने मजाकिया तरीके से कहा। “चलो अब आगे बताओ।”

आरव ने उनकी बात का कोई जवाब नहीं दिया। गौरवी जी ने देखा वो सो चुका था तो उन्होंने उसका सर पिलो पर रखा और ब्लैंकेट ओढ़ाया। उसके बाद वो लाइट ऑफ कर के वहां से चली गई। उनके वहां से जाते ही आरव ने अपनी आंखें खोली।

“ये दादी के दिल में मेरी शादी का ख़्याल किसने डाला होगा? ऐसे अचानक तो वो किसी चीज के लिए जिद नहीं करती।”

गौरवी जी के बर्ताव में आए अचानक इस बदलाव को देखकर आरव थोड़ा हैरान था। तो वही उसके कमरे से निकलने के बाद गौरवी जी नीचे हॉल में बैठकर लैपटॉप पर लाइट एम्बर आईज वाली लड़कियों को ढूंढने की कोशिश कर रही थी।

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