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Chapter 17

Tied with destiny - Chapter 17

Tied with destiny

आयु फाइट क्लब के रिंग एरिया में थी। वहां जहान की फाइट क्लब के रियल ऑनर के साथ रिंग फाइट चल रही थी। जैसे ही आयु ने उसे देखा, वो तुरंत दूसरी तरफ पलट गई।

“ये आरव खुराना यहां क्या कर रहा है? ये फाइट क्लब का रियल ओनर है? नही... ये नही हो सकता। ये तो बिजनेस मैन है.. ही इज क्लासी.. ये ऐसे काम क्यों करेगा? एक बार फिर चेक कर लेती हूं।” बोलकर आयु वापिस रिंग की तरफ पलटी।

आयु किसी के पीछे खड़ी थी और हल्का सा झांककर रिंग की तरफ देखा। “ये वही है... हद है यार... ये इंसान सब जगह क्यों आ जाता है?” आयु वहां खड़ी बड़बड़ा रही थी।

जहान और आरव के बीच टक्कर का मुकाबला हो रहा था। जहान ने आरव को पुश करते हुए रिंग के किनारे फेंका। वो वहां बाउंड्री से लगकर गिरा था तभी उसकी नजरें आयु से मिली।

“एम्बर आईज...” अचानक आरव के मुंह से निकला।

उस से आई कॉन्टैक्ट होने पर आयु जल्दी से वहां से जाने लगी तो वही आरव भी अब रिंग से बाहर आ गया था। वो उसके पीछे पीछे जा रहा था।

“आई नेवर फॉरगेट दीज आइज... वो मर चुकी है फिर... इट्स इंपॉसिबल।” बोलते हुए आरव आयु के पीछे जाने लगा। वही आयु उसे पीछे आते देख जल्दी-जल्दी वहां से बाहर आ रही थी।

“ये मेरे पीछे क्यों आ रहा है? कहीं इसे डाउट तो नहीं हो गया। हद है यार, मैं इसी के फाइट क्लब में इसी को हराने के लिए ट्रेनिंग लेने आई थी।” आयु दौड़कर लिफ्ट में चली गई। उसके जाने के बाद आरव वहीं पर रुक गया।

“ऐसा पहली बार हो रहा है कि मुझे किसी की फेशियल फीचर इतने अच्छे से याद हैं। मैं उसकी आईज को कभी नहीं भूल सकता... अनुष्का सिंह ओबेरॉय, पर वो मर चुकी है फिर... आई होप इट्स जस्ट ए कोइंसिडेंट।” आरव हैरानी में खड़ा खुद से बातें कर रहा था। उसने तुरंत कबीर को कॉल किया।

“कबीर पता करो अनुष्का सच में मर गई है या नहीं?” आरव ने उसके कॉल पिक करते ही कहा।

“ये आप कैसी बातें कर रहे हो सर? याद है ना हम उसके घर कंडोलेंस सेरेमनी में गए थे। न्यूज़ चैनल्स में पूरे 15 दिनों तक उसी की न्यूज़ हाइप कर रही थी। फिर वो जिंदा कैसे हो सकती हैं?” कबीर ने पूछा।

“मुझे ऐसे लग रहा है जैसे मैंने उसे देखा हो। वो आंखें और उस लड़की की आंखें, दोनों बिल्कुल एक जैसी थी।” आरव के दिमाग में मानो अनुष्का की आंखें छप गई हो।

“आप बेवजह ज्यादा सोच रहे हो। आईज का कलर्स सेम होना कॉमन बात होती है। आप इन सब को छोड़िए। आप कहां हैं मैं गाड़ी लेकर आ रहा हूं। माहिरा मैम आ रही है। हमें एयरपोर्ट के लिए निकालना होगा।” कबीर ने आरव का ध्यान हटाने के लिए कहा।

“तुम रहने दो, मैं खुद आ जाऊंगा।” कहकर आरव ने कॉल कट कर दिया।

वो वहां से वापस अंदर गया और चेंज करके अपने ऑफिस जाने के लिए निकल गया। वही जब तक आरव वहां से गया तो आयु उसे छुप कर देख रही थी।

“आज तो बच गई लेकिन ये मेरा पीछा क्यों कर रहा था? क्या अयान और मंथन सही कह रहे थे मैं बेवजह इन सब में पड़ रही हूं?” आयु वहां बैठकर सोच रही थी। उसके चेहरे पर मायूसी के भाव थे। अचानक उसके आंखों के सामने अनु का चेहरा घूमने लगा।

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“नहीं, इस दुनिया में कुछ भी बेवजह नहीं होता और अनु की मौत तो बिल्कुल भी बेवजह नहीं हो सकती। उसने जिंदगी की अभी शुरुआत की थी कि आरव खुराना ने उसे मार दिया। ऐसे कैसे सब बातों को जाने दूं। कोई कुछ भी बोले, तुम भी वही मौत डिजर्व करते हो, जो मेरी बहन को मिली। बस मुझे तुम तक पहुंचने के लिए कोई और रास्ता निकालना होगा।” आयु ने फिर से खुद को सख्त किया और वहां से चली गई।

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मुंबई के किसी सेवन स्टार होटल में छवि सिंघानिया अपने मैनेजर राहुल सिंह के साथ खड़ी थी। वहां किसी पार्टी की तैयारी चल रही थी।

“एवरीथिंग इज परफेक्ट मैंम। कहीं कोई कमी लग रही है तो आप बता दीजिए। मैं ठीक करवा दूंगा।” राहुल छवि को पार्टी के इंतजाम दिखाने के लिए लेकर आया था।

“कमियां बताना मेरा काम नहीं। मुझे सब कुछ परफेक्ट तैयार चाहिए। जानते हो ना इस पार्टी में बड़े बड़े बिजनेसमैन से लेकर माफिया की हस्तियां शामिल होगी। छवि सिंघानिया की पार्टी ग्रैंड होती है तो किसी भी तरह की कमी होने का सवाल ही पैदा नहीं होना चाहिए।” छवि ने पूरे एटीट्यूड से जवाब दिया। उसने ठीक से कुछ नहीं देखा और वहां से चली गई।

उसके जाने के बाद राहुल ने सिर हिलाया और इवेंट मैनेजमेंट टीम को बुलाकर सब कुछ क्रॉस चेक करने लगा।

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शाम का वक्त था। आयु रूम में चेंज कर रही थी। वो अभी अभी अयान के साथ एक सर्जरी करके बाहर निकली थी। सर्जरी के बाद अयान ने उसे अपने केबिन में बुलाया था तो वो चेंज करके उसके केबिन में पहुंची।

“देखो मुझे तुम्हारी डांट सुनने का कोई इरादा नहीं है। पहले ही बता देती हूं मैंने ऐसा वैसा कुछ नहीं किया है।” आयु ने केबिन के अंदर घुसते ही कहा।

उसकी बात सुनकर अयान हल्का सा हंसा और फिर कहा, “दोस्त होने के नाते थोड़ा बहुत डांट लेता हूं इसका मतलब ये नहीं की हर बार तुम्हें डांटने के लिए ही केबिन में बुलाता हूं। कल शाम मेरी मॉम की बर्थडे पार्टी है। वैसे मैं इस इवेंट को बिल्कुल अटेंड नहीं करना चाहता पर मजबूरी में करना होगा। क्या तुम इस बोरिंग से इवेंट में थोड़ी देर के लिए मेरा टाइम पास बनोगी?”

“ओ प्लीज यार, आई हेट पार्टीज।” आयु ने मुंह बनाकर कहा, “एंड वन मोर थिंग मैं किसी का टाइम पास नहीं हूं और ना ही बनने वाली हूं।”

“भाव मत खाओ। मैं अकेला पड़ जाऊंगा, प्लीज आ जाना।” अयान ने इस बार थोड़ा रिक्वेस्टिंग वे में कहा।

“ठीक है मैं आ जाऊंगी तुम्हारे साथ पार्टी में लेकिन उसके लिए तुम्हें मुझे पांच बार प्लीज बोलना होगा और... और मेरी नाईट ड्यूटी है, तो लीव का अरेंजमेंट भी तुम ही करोगे और पार्टी के बाद मेरा ढाबे का खाना खाने का मन है, तो तुम मुझे वहां लेकर चलोगे... उसके बाद घर भी तुम्हें ही छोड़ना होगा। पार्टी में पहनने के लिए मेरे पास कोई एक्साइटिंग ड्रेस नहीं है तो तुम्हें मेरे साथ शॉपिंग करने के लिए चलना होगा। तैयार होने के लिए मेकअप आर्टिस्ट के पास भी जाना होता है तो वहां भी मुझे तुम ही लेकर जाओगे और पूरी देर मेरे बाहर निकलने तक मेरा वेट करोगे।” आयु ने अयान के सामने एक लंबी चौड़ी लिस्ट रख दी जिसे सुनने के बाद अयान उसकी तरफ घूर कर देख रहा था।

“रहने दो। मैं बोर होना ज्यादा पसंद करूंगा।” अयान ने मुंह बनाकर जवाब दिया।

“तो ठीक है, फिर मेरी तरफ से हां है। आई नो तुम लीव का अरेंजमेंट करवा दोगे तो फिर कल सुबह शॉपिंग करने चलेंगे। फिलहाल मुझे जनरल वॉर्ड में ड्यूटी देनी है इसलिए मैं जा रही हूं।” अयान के जवाब का इंतजार किए बिना ही आयु वहां से जाने लगी।

उसके जाने पर अयान पीछे से चिल्लाकर बोला, “लेकिन मैंने हां नहीं कहा है छिपकली। तुम इस तरह नहीं जा सकती।”

“डॉक्टर हूं मैं डॉक्टर... तमीज से बात करो।” आयु ने बिना मुड़े कहा और वहां से चली गई।

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उसके ऐसा कहने पर अयान के फेस पर स्माइल आ गई। आयु के जाने के बाद अयान ने खुद से कहा, “बस मैं इसी आयु को मिस कर रहा था जो पिछले डेढ़ महीने में खो सी गई थी। आई प्रॉमिस मैं तुम्हें पहले जैसा कर दूंगा।”

आयु के जाने के बाद अयान ने उसकी तरफ से लीव एप्लीकेशन डाली और खुद ही उसे एक्सेप्ट कर दिया।

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मुंबई के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आरव और कबीर वेटिंग एरिया में खड़े थे। अभी अभी दुबई से आने वाली फ्लाइट लैंड हुई थी लेकिन उन्हें वहां वेट करते हुए लगभग आधा घंटा हो चुका था। उन दोनों के चेहरों पर इरिटेशन साफ नजर आ रही थी।

“तुम अकेले भी उसे लेने आ सकते थे।” आरव ने कबीर की तरफ बिना देखे कहा।

“अकेला मैं ही टॉर्चर क्यों झेलूं? आपकी गर्लफ्रेंड है तो आप जानो।” कबीर ने रूखे तरीके से जवाब दिया।

“सबसे पहले उसे मेरी गर्लफ्रेंड कहना बंद करो। तुम अच्छे से जानते हो हम दोनों के बीच सिर्फ प्रोफेशनल रिलेशंस हैं। मेरा छोड़ो, वो तुम्हारी बॉस है... तो तुम उसकी सेवा पानी करो ना। मुझे यहां क्यों खड़ा कर रखा है।” आरव चिड़कर बोला।

“पिछले 6 साल से आप मेरे बॉस हो। बस इसी नाते आपका साथ देने के लिए यहां खड़ा हूं। वरना मेरा यहां कोई काम नहीं था। आपको तो मेरा थैंकफूल होना चाहिए कि मैंने आपके टॉर्चर को 50% कम कर दिया।” कबीर ने जवाब दिया।

दोनों की बातों से साफ था कि वो दोनों वहां जबरदस्ती खड़े थे और माहिरा का वेट करने का उनका बिल्कुल मन नहीं था। दोनों का मुंह बना हुआ था तभी सामने से सिक्योरिटी चेक के बाद माहिरा बाहर निकल चुकी थी। उसे देखते ही दोनों के चेहरे पर स्माइल आ गई।

“अच्छे से स्माइल कीजिए सर... मैंने उन्हें कॉल पर बोला था कि आप उनका बेसब्री से इंतजार कर रहे हो।” कबीर ने जबरदस्ती मुस्कुराते हुए कहा।

“हां तुम्हारी वजह से यहीं पर फंसा हुआ हूं। इसकी सजा तो तुम्हें दे कर रहूंगा। तुम्हारे ऐसा कहने के बाद वो शाम की फ्लाइट में आने के बजाय सुबह ही आ गई।” आरव ने भी उसी मुस्कुराहट के साथ जवाब दिया।

उन दोनों को स्माइल करते देख माहिरा के चेहरे पर भी मुस्कुराहट थी। उसने शॉर्ट ब्लैक ड्रेस पहनी थी और उस से मैच करता हुआ स्मोकी मेकअप कर रखा था।

माहिरा आरव के पास आई और उससे गले लग कर बोली, “आई मिस यू सो मच।”

“मैंने भी तुम्हें बहुत मिस किया... इतना कि बता नहीं सकता। मेरे तो शब्द ही खत्म हो गए हैं। समझ नहीं आ रहा कैसे बोलूं, क्या बोलूं, आई एम सो हैप्पी टू सी यू हियर।” आरव ने जबरदस्ती मुस्कुराते हुए कहा। माहिरा को हग करने के बाद वो उससे अलग हो गया।

आरव को देखकर कबीर मुश्किल से अपनी हंसी रोक पा रहा था। उसने कहा, “आप दोनों की गाड़ी बाहर तैयार है। मैं अलग गाड़ी में आता हूं।” कहकर वो वहां से चला गया।

“ठीक है। फिर तुम रेस्ट करो। कल शाम पार्टी में मिलते हैं। मैं तुम्हें होटल ड्रॉप कर देता हूं।” आरव ने कहा और गाड़ी की तरफ बढ़ गया। माहिरा भी उसके साथ ही आ रही थी।

छवि सिंघानिया की बर्थडे पार्टी काफी ग्रैंड होने वाली थी, जिसे अटेंड करने के लिए खास बाहर से भी गेस्ट आ रहे थे और माहिरा भी उनमें से एक थी।

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