Tied with destiny - Chapter 15
Tied with destinyरात के लगभग 11 बजे के करीब आरव और कबीर घर पहुंचे। रास्ते में उन दोनों ने अपने जरूरी काम निपटाए इस वजह से उन्हें घर आने में लेट हो गई।
जैसे ही कबीर ने गाड़ी पार्क की और आरव के साथ अंदर जाने लगा, उसके पास माहिरा का कॉल आया। माहिरा का नंबर देखकर उसने आरव से कहा, “आप चलिए, मैं आता हूं।”
“हां पर जल्दी आना। तुम जानते हो ना फ्रेश होने के बाद मैं डिनर के लिए ज्यादा देर रुकने वाला नहीं हूं।” आरव ने जवाब दिया। भले ही वो कबीर के साथ फॉर्मल बिहेव करता हो लेकिन उन दोनों का बॉन्ड काफी अच्छा था।
उसके ऐसा कहने पर कबीर मुस्कुराते हुए अजीब नजरों से उसे देखने लगा। आरव उसके सामने उसके लिए अपनी फीलिंग जाहिर नहीं करना चाहता था इसलिए उसने चिढ़ते हुए कहा, “व्हाट? ऐसे क्या देख रहे हो? जानते हो ना दादी हम दोनों के साथ ही डिनर करती हैं। तुम नहीं आओगे तो वो मुझे भी खाने नहीं देगी।”
“हां हां सब जानता हूं। डोंट वरी मैं ज्यादा टाइम नहीं लगाऊंगा।” कबीर ने कहा। जब आरव अंदर चला गया तब उसने पीछे से बड़बड़ा कर कहा, “रात को तो दादी साथ होती है पर लंच टाइम में तो सिर्फ हम दोनों ही होते हैं। तब भी आप मेरा वेट करते हो, तो ना जाने क्यों खामखा रुड बनकर रहते है।”
माहिरा का कॉल कट चुका था। कबीर वहां से गार्डन एरिया में आया और वहां लगे झूले पर बैठ कर कुछ देर रिलैक्स किया।
“मैं इस बार फिर इन्हें कॉल करके इस हफ्ते की रिपोर्ट देना भूल गया। ऊपर से कॉल भी पिक नहीं किया। बी रेडी कबीर, ये पक्का गुस्सा करेगी।” कबीर ने गहरी सांस लेकर छोड़ी और फिर माहिरा को कॉल किया।
“तुमने मेरा कॉल पिक क्यों नहीं किया?” कबीर का कॉल पिक करते ही माहिरा सबसे पहले यही बोली। वो इस वक्त ट्रेडमिल पर थी, तो हल्का हांफ रही थी।
“बस सर के साथ था। यू नो वेरी वेल उन्हें नहीं पसंद कि मैं उनकी हर एक खबर आप तक पहुंचाऊं।” कबीर ने शांत लहजे में जवाब दिया।
“हां ठीक है पर आगे से मेरा कॉल इग्नोर मत करना। जरूरी नहीं मुझे हर बार अपडेट लेने के लिए ही कॉल करना होता है। अगर तुम उसके सामने कॉल पिक नहीं करोगे तो उसे सच में डाउट हो जाएगा।” माहिरा ने ट्रेडमिल से नीचे उतर कर जवाब दिया। वो काउच पर बैठकर रिलैक्स हो कर बात करने लगी।
“जी मैम...” कबीर ने उसकी बात पर हामी भरी। वो माहिरा के कॉल से काफी इरिटेट हो जाता था और इस वक्त उसके चेहरे से ये साफ नजर आ रहा था।
कुछ पल की शांति के बाद माहिरा ने कहा, “मैं कल सुबह इंडिया आ रही हूं।”
“क्या कोई मीटिंग है? लास्ट टाइम भी आप मीटिंग में नहीं आई थी जबकि वो काफी इंपॉर्टेंट मीटिंग थी।” कबीर ने चौकते हुए पूछा।
“मीटिंग नहीं है। मैं परसों होने वाली पार्टी अटेंड करने आ रही थी। वैसे भी आरव से मिले हुए काफी दिन हो गए तो आना ही था। खैर मैंने अपने कॉल करने का रीजन बता दिया है। अगर तुम्हारे आसपास आरव नहीं है तो तुम मुझे इस हफ्ते की पूरी रिपोर्ट अपडेट कर सकते हो।” माहिरा ने कहा।
कुछ भी बोलने से पहले कबीर ने एक बार इधर उधर देखा। वहां आसपास कोई नहीं था तो उसने माहिरा की बात का जवाब देते हुए कहा, “बिजनेस काफी सही जा रहा है, स्टोक्स भी ऊपर उठ गए हैं। हालांकि उनका बिजनेस में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं है लेकिन फिर भी उन्होंने यहां जितनी भी कंपनी में शेयर्स है, उनको अच्छे से मेंटेन कर रखा है।”
कबीर पूरी रिपोर्ट बता रहा था तभी माहिरा उसकी बात बीच में काट कर हल्का इरिटेट होकर बोली, “ओह कम ऑन कबीर, तुम पिछले 6 साल से उसके साथ हो। अच्छे से जानते हो मैंने तुम्हें बिजनेस अपडेट लेने के लिए कॉल नहीं किया है। मुझे ये जानना है कि उसके आसपास कोई लड़की तो नहीं आई? वो किसी को डेट कर रहा है या किसी लड़की से मिला हो, जो उसे अच्छी लगी हो। मैं वीडियोज और बाकी कॉन्ट्रोवर्सीज में यकीन नहीं करती। मुझे अच्छे से पता है वो सब खबरों में रहने के लिए आरव जानबूझकर क्रिएट करता है। मुझे सच्चाई जाननी है। क्या होटल रूम वाला वीडियो रियल था?” माहिरा ने एक सांस में काफी कुछ बोल दिया।
“नहीं, ऐसा कुछ नहीं है। आप जानती है उनका प्यार जैसी फीलिंग में यकीन नहीं है। इस हफ्ते उन्हें लेकर जो भी वीडियोज या न्यूज़ आई थी, वो सब फेक थी।” कबीर ने बताया। माहिरा ने आगे कुछ नहीं कहा और कॉल कट कर दिया।
कॉल कट होते ही कबीर ने राहत की सांस ली। वो आरव की लाइफ से जुड़ी अपडेट्स ना के बराबर उसे बताता था।
अचानक उसके माइंड में कुछ स्ट्राइक हुआ तो उसने खुद से कहा, “स्ट्रेंज... सारी बातें कर ली लेकिन उन्होंने उस वीडियो के बारे में नहीं पूछा, जहां आरव सर उस एक्ट्रेस को किस कर रहे थे जबकि आज से पहले जो भी वीडियो वायरल हुए थे, वो डांस या हग करने के होते थे तो कोई होटल रूम में जाने तक के थे। पहली बार कोई किसिंग वीडियो वायरल हुआ और उन्होंने नॉर्मल रिएक्ट किया।”
कबीर कुछ देर तक वहां खड़ा सोच रहा था तभी उसके मोबाइल पर आरव का कॉल आया। वो डाइनिंग टेबल पर डिनर के लिए उस का वेट कर रहा था।
कबीर ने कॉल रिसीव करने के बजाय उसे कट कर दिया। फिर उसने खुद से कहा, “हो सकता है मैं ज्यादा सोच रहा हूं। इस बीच दोनों की बात हो गई होंगी।”
कबीर ने इस बात की तरफ ज्यादा ध्यान नहीं दिया और अंदर चला गया। वहां वो गौरवी जी और आरव के साथ डिनर ले रहा था। उन दोनों को रात को आने में चाहे कितनी भी लेट हो जाए पर गौरवी जी उनके साथ ही डिनर करती थी।
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रात को आयु मंथन के घर पर ही रुकी थी। अगली सुबह वो उठी तो उसके फोन पर अयान का मैसेज आया हुआ था। उसने आयु को उसका नया शेड्यूल भेज दिया था।
मैसेज देखने के बाद आयु ने खुद से कहा, “खामखा नाइट ड्यूटी करवाकर फस गई। अब और कुछ तो करने को है नहीं, तो घर ही चली जाती हूं। वैसे भी आज रात घर ना जाने के लिए मॉम के ताने सुनने भी तो बाकी है।”
आयु वॉशरूम में गई और फ्रेश होकर अपने बाल और कपड़े सही किए। वो बैग के साथ बाहर निकली तो मंथन और साक्षी डाइनिंग टेबल पर थे।
आयु को बैग के साथ देखकर साक्षी ने कहा, “अरे तुम जा रही हो। मुझे लगा हम साथ ब्रेकफास्ट लेंगे।”
“नहीं, आई हैव टू गो। कल रात भी ये मुझे यहां ले आया था। घर पर किसी से इस बारे में बात भी नहीं हुई।” आयु ने मंथन की तरफ देख कर कहा।
मंथन वहां बिना कुछ बोले चुपचाप ब्रेकफास्ट कर रहा था मानो आयु के वहां होने से उसे कोई फर्क ना पड़ रहा हो। उसने एक नजर आयु की तरफ देखा तक नहीं।
“मुझे घर छोड़ने की कृपा करोगे तुम?” आयु ने उसके इग्नोर करने पर सारकास्टिक वे में कहा।
“हां जब यहां लाने की गलती की है तो वापस छोड़कर तो आना ही होगा।” मंथन ने आयु के लहजे में ही जवाब दिया और फिर उठकर अंदर चला गया।
“ये आ रहा है, तब तक तुम कुछ खा लो।” साक्षी ने आयु की तरफ देख कर मुस्कुरा कर कहा।
आयु उसके पास चेयर पर आकर बैठ गई। उसने कहा, “नहीं मैं इतनी सुबह कुछ नहीं खाती हूं। दी ये ऐसा क्यों है? जब देखो दूसरों पर ऑर्डर मारता रहता है।”
“हां क्योंकि इसे कभी किसी के ऑर्डर लेने की जरूरत नहीं पड़ी ना... ये पापा के अलावा और किसी के सामने नीची आवाज में बात नहीं करता।” साक्षी ने हंसकर बताया।
“हां सही है। अच्छा, आप आरव को काफी टाइम से जानती हैं। जैसे वो बाकी लड़कियों के साथ बदतमीजी से पेश आता है, क्या आपके साथ में भी वो ऐसा ही करता है?” आयु ने पूछा।
“अब पता नही ये कोइंसिडेंस है या रियलिटी पर मेरे दो खास मेल पर्सन का बिहेवियर काफी रूड है।” साक्षी ने बताया।
आरव के पास जाने से पहले आयु उसे अच्छे से जानना चाहती थी इसलिए उसने आगे पूछा, “अच्छा उसकी लाइफ में कुछ हुआ था या वो हमेशा से ऐसा ही था?”
“पहले कुछ हुआ होगा तो मुझे नहीं पता, पर जब मैं उससे मिली तब वो ऐसा ही था। लाइक हमारी फ्रेंडशिप भी ऐसी है जैसे... जैसे टॉम एंड जेरी टाइप की। वो कभी क्लीयरली नहीं कहता कि वो मुझे अपनी फ्रेंड मानता है। हां जब भी कोई पार्टी, बर्थडे या सेलिब्रेशन होता था या कोई बात बतानी होती तो वो मुझसे शेयर करता था और पूछने पर बोलता था कि तुम मेरी अच्छी वाली दुश्मन हो। वो जो भी बोलता है, उससे तुम उसके दिमाग में क्या चल रहा है, इस बारे में कभी नहीं जान पाओगी। जबकि मंथन के दिल में जो होता है, वही उसकी जुबान पर होता है। इन शॉर्ट आरव काफी ट्रिकी इंसान है।” साक्षी ने आरव के बिहेवियर के बारे में बताया। तभी मंथन बाहर आ गया।
“तुम्हारा इंटरव्यू खत्म हो गया है तो चले?” मंथन ने सिर हिला कर कहा। वो उसके जवाब का इंतजार किए बिना ही दरवाजे की तरफ जाने लगा।
“आपसे मिलकर अच्छा लगा दी। हम फिर मिलेंगे।” जाने से पहले आयु ने साक्षी को हग करके बाय कहा और फिर मंथन के पीछे पीछे चली गई।
मंथन आयु के साथ उसकी कार में थी। वो जीपीएस में आयु के घर की लोकेशन सेट करने लगा। आयु ने उसका हाथ पकड़कर उसे रोकते हुए कहा, “मुझे घर नहीं जाना।”
मंथन ने उसका हाथ झटक कर दूर कर दिया। “कहा था ना मुझे टच मत करना।” जाने अंजाने में मंथन का फिर से आयु से आई कॉन्टैक्ट हो गया। “लेंसेस ले लेना।”
आयु ने ना में सिर हिलाया और कहा, “नही लूंगी। मुझे फाइट क्लब जाना है, वहां छोड़ देना।”
“तुम वहां नही जाओगी।” मंथन बोला।
“मैं जाऊंगी... तुम मत छोड़ो, मैं अकेली चली जाऊंगी।” कहकर आयु गाड़ी का डोर खोलने लगी।
मंथन उसे रोकने के लिए उसके पास आया और इस चक्कर में वो आयु के कुछ ज्यादा ही करीब आ गया था। अचानक मंथन के दिल की धड़कनें बढ़ गई। वो तुरंत गाड़ी से बाहर निकला और आयु के लिए दरवाजा खोला।
“बाहर निकलो... अभी के अभी बाहर आओ।” उसने आयु को हाथ पकड़कर बाहर निकाला।
“छोड़ो मुझे... क्या कर रहे हो?” आयु उसकी इस हरक़त से हैरान थी।
मंथन ने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया। आयु उसकी तरफ हैरानी से देख रही थी तभी मंथन गाड़ी में बैठा और उसे वहां छोड़कर वापिस गाड़ी अंदर पार्क करके चला गया।
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