His forced bride - Chapter 7
His forced brideरुद्राक्ष ने ईशानी के साथ जबरदस्ती शादी की थी और उनकी शादी की पहली रात ईशानी के लिए किसी झटके से कम नहीं थी। ईशानी समझ गई थी कि अचानक रुद्राक्ष ने उससे जबरदस्ती शादी क्यों की थी। रुद्राक्ष के कमरे से जाने के बाद वो अतीत की यादों में खो गई, जहां उसकी बहन रिशानी और रुद्राक्ष की बहन आलिया के पास्ट में हुए एक कनफ्लिक्ट के चलते रिशानी ने सुसाइड कर ली थी।
रात को देर से सोने की वजह से सुबह ईशानी की नींद नहीं खुली। वो इस बात तक को भूल चुकी थी कि कल रात उसके साथ क्या हुआ था। वही रुद्राक्ष सुबह अपने कमरे में आया तो उसने ईशानी को आराम से सोते हुए देखा। ईशानी दिखने में जितनी खूबसूरत थी, उतनी ही मासूम भी लगती थी। एक पल के लिए रुद्राक्ष उसके चेहरे में खो गया।
अचानक रुद्राक्ष को कुछ याद आया और उसने धीरे से बड़बड़ा कर कहा, “तुम किसी भी चीज के लायक नही हो ईशानी शर्मा।” अगले ही पल रुद्राक्ष के चेहरे के भाव बदल गए। इसी के साथ उसकी हेजल ग्रीन आईज में वही नफरत वापस उभर आई थी।
लंदन में बाहर के मौसम में और घर के अंदर के मौसम में जमीन आसमान का फर्क था। रूम में हीटिंग सिस्टम एडवांस होने की वजह से ईशानी ने कुछ नहीं ओढ़ रखा था। गुस्से में रुद्राक्ष ने रूम का हीटिंग सिस्टम बंद कर दिया था तो ठंड के मारे ईशानी खुद में ही सिमटने लगी।
ईशानी को जगाने के लिए रुद्राक्ष रूम में लगे रेफ्रिजरेटर के पास गया और वहां से पानी की बोतल निकाली। उसने ठंडा पानी ईशानी के मुंह पर मारा तो ईशानी एक झटके में खड़ी हो गई।
इस वक्त ईशानी ने रुद्राक्ष की व्हाइट शर्ट पहनी थी, जिस पर पानी गिरने की वजह से वो ट्रांसपेरेंट हो गई थी। ईशानी ने जल्दी से अपने सीने पर हाथ लगा लिया और फिर नजर नीचे करके कहा, “मिस्टर खुराना, आप इस तरह मेरे साथ बदसलूकी नहीं कर सकते। इट्स इलीगल।”
“ये मेरी दुनिया है और यहां मेरे कायदे कानून चलते हैं। लॉ स्टूडेंट हो, इसका मतलब ये नहीं कि दिन-रात मुझे कानून का ज्ञान दोगी। मेरे कमरे से बाहर निकलो। अब से तुम सर्वेंट क्वार्टर में रहोगी।” रुद्राक्ष ने सर्द आवाज में कहा और ईशानी की बाजू पकड़ कर उसे बिस्तर से नीचे खींच लिया।
ईशानी ने रुद्राक्ष के चेहरे की तरफ देखा, जिस पर इस वक्त सिर्फ और सिर्फ नफरत नजर आ रही थी। उसने धीरे से कहा, “मुझे लगा आप उम्र में बड़े हैं तो आपको सही गलत का एहसास होगा। पर अब पता चल रहा है कि आलिया खुराना किसके दम पर ये सब करती रहती थी।”
जैसे ही ईशानी के मुंह से आलिया का नाम निकला, रुद्राक्ष ने उसी पल उसका गला पकड़ कर उसे दीवार के लगा दिया। उसके इस सडन मूव से ईशानी काफी घबरा गई थी। उसका चेहरा लाल हो रहा था क्योंकि रुद्राक्ष उसका गला दबा रहा था।
रुद्राक्ष ने ईशानी की आंखों में देखकर कोल्ड वॉइस में कहा, “मैंने तुमसे कहा था कि आगे से अपने गंदे मुंह से मेरी बहन का नाम मत लेना। आज से मेरे सारे पर्सनल तुम करोगी।”
“लेकिन मुझे कोर्ट पहुंचना है। हियरिंग...” ईशानी अटकते हुए अपने शब्दों को पूरा करने की कोशिश कर रही थी कि रुद्राक्ष ने उसका गला और भी जोर से दबाना शुरू कर दिया था। ईशानी को इससे तकलीफ हो रही थी तो वो खांसने लगी। रुद्राक्ष को जब लगा कि अब ईशानी की जान निकलने वाली है, तब उसने ईशानी को एक झटके में छोड़ दिया।
“तुम इंडिया से बहुत दूर आ चुकी हो और भूल जाओ कि अब तुम्हें मेरी कैद से कभी आजादी मिलेगी। तुम्हारी किस्मत की लकीरों पर रुद्राक्ष खुराना का नाम लिखा जा चुका है, जिसे तुम चाह कर भी नहीं मिटा सकती।” रुद्राक्ष ने गर्दन टेढ़ी करके कहा।
रुद्राक्ष की बातें एक के बाद एक ईशानी को झटका दे रही थी। पहले उसका अचानक ईशानी को किडनैप करके शादी करना तो फिर अब उसे इंडिया से दूर लेकर आना। वो यहां पहुंची तब वो बेहोश थी। ईशानी खुद को मजबूत करने की पूरी कोशिश कर रही थी लेकिन रुद्राक्ष के ये बताने के बाद कि वो इंडिया से दूर आ चुकी है, ईशानी की आंखों में आंसू थे।
ईशानी ने रोते हुए रुद्राक्ष के सामने हाथ जोड़कर कहा, “प्लीज ऐसा मत करो। तुम मेरे साथ जो करना चाहो कर सकते हो लेकिन मैंने बहुत मुश्किल से इस केस को रिओपन करवाया था। मेरी बहन के साथ जो भी हुआ, तुम्हें तो पता भी नहीं है। तुम अपनी बहन के प्यार में अंधे हो गए हो.. तुम्हे उसकी गलतियां दिखाई नहीं देती। अगर मैंने कल कोर्ट में सबूत पेश नहीं किया तो ये केस हमेशा के लिए बंद हो जाएगा।”
ईशानी रोते हुए रुद्राक्ष के सामने गिड़गिड़ा रही थी। उसने देखा अचानक रुद्राक्ष के चेहरे पर इविल स्माइल आ गई थी। ईशानी कन्फ्यूजन से रुद्राक्ष की तरफ देख रही थी तभी रुद्राक्ष ने एक ड्रॉर से एक बैग निकाला था। वो बैग ईशानी का था, जिसमें हर वक्त वो रिशानी की डायरी रखती थी।
रुद्राक्ष ने वो डायरी निकालकर ईशानी की तरफ करके कहा, “कही तुम इस सबूत की बात तो नही कर रही हो वाइफी?”
रुद्राक्ष के हाथ में डायरी देखकर ईशानी की आंखें हैरानी से बड़ी हो गई। वो जल्दी से उसकी तरह बढ़कर डायरी लेने लगी तभी रुद्राक्ष ने अपनी पॉकेट से लाइटर निकाला और ईशानी की आंखों के सामने उसे डायरी को जलाने लगा।
ईशानी रोते हुए जोर से चिल्ला कर बोली, “नहीं... नहीं प्लीज, ये मत करो। मैं तुम्हारे आगे और जोड़ती हूं। मेरी बहन... मेरी बहन को इंसाफ दिलाने दो। प्लीज रुद्राक्ष... मत करो।”
रुद्राक्ष ने अपने दोनों हाथों से ईशानी के हाथों को पकड़ कर उसे कंट्रोल कर रखा था जबकि दूसरे हाथ में वो डायरी थी, जिसके पन्ने ईशानी की आंखों के सामने खाक हो रहे थे। जब डायरी लगभग आधी जल चुकी थी तब रुद्राक्ष ने उसे नीचे गिरा दिया। ईशानी रोते हुए देख रही थी। वो डायरी एकमात्र सबूत था, जो रिशानी की मौत को इंसाफ दिला सकता था लेकिन आलिया के भाई रुद्राक्ष खुराना ने उसे ईशानी की आंखों के सामने जला दिया था।
थोड़ी देर पहले जो नफरत रुद्राक्ष की आंखों में ईशानी के लिए थी, अब उससे कहीं ज्यादा नफरत ईशानी की आंखों में रुद्राक्ष के लिए थी।
ईशानी सर्द निगाहों से रुद्राक्ष की तरफ देख रही थी कि रुद्राक्ष ने उसके गाल पर बह रहे आंसू को अपनी उंगली में उठाया और फिर उस की तरफ देखते हुए सनक भरे लहजे में कहा, “ये आंखों का पानी मुझे इस वक्त बहुत सुकून दे रहा है वाइफी और ट्रस्ट मी मैं कभी अपने सुकून के साथ कंप्रोमाइज नहीं करता।”
रुद्राक्ष के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कुराहट थी, जिसे देखकर ईशानी को डर भी लग रहा था तो साथ में उसके किए पर गुस्सा भी आ रहा था।
रुद्राक्ष ने आगे कुछ नहीं कहा और सीटी बजाते हुए बाथरूम में चला गया। ईशानी नीचे बैठकर डायरी की राख को हाथ में लिए बैठी थी और इस वक्त उसके पास कुछ नहीं बचा था सिवाय उसे राख के।
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