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Chapter 22

His forced bride - Chapter 22

His forced bride

रुद्राक्ष ने ईशानी की मां और उसके घर का नाम लेकर ईशानी को अपने साथ चलने के लिए मजबूर कर दिया था। ईशानी ने खुद अपनी तरफ से रुद्राक्ष के साथ जाने के लिए हां कह दी थी तब रुद्राक्ष ने उसकी मां को वापस भिजवा दिया था और साथ ही उसके घर को कुछ ना करने का वादा किया।

ईशानी की मां के जाते ही रुद्राक्ष ने मोक्ष को कॉल करके वहां पर बुलाया। वो ईशानी के साथ वहां से निकल रहा था इसलिए उसने मोक्ष को बुलाया था।

मोक्ष ने रुद्राक्ष ईशानी को दरवाजे पर देखा तो उसने सिर हिला कर कहा, “आप ऐसे ही जा रहे हैं? मैंने आपसे कहा था कि एक बार आप उनसे मिल लीजिएगा। उन्हें पता है आप यहां पर आए हैं।”

“मेरे पास इतना टाइम नहीं है। अगली बार आऊंगा तो मिल लूंगा। वैसे भी एक दूसरे के सामने आकर टोंट ही तो मारने है, वो तो कॉल पर भी हो जाएगा। मुझे जाना होगा तो उन्हें समझा देना।” कहकर रुद्राक्ष वहां से जाने को हुआ तभी मोक्ष ने उसका हाथ पकड़ लिया।

उसकी इस हरकत पर रुद्राक्ष उसे गुस्से से देख रहा था।

मोक्ष ने ना में सिर हिला कर कहा, “पिछली बार भी आए थे तब बिना मिले चले गए। मैं बार-बार बहाने नहीं बनाने वाला हूं। मैंने कहा ना आप उनसे मिले बिना नहीं जा सकते।” मोक्ष ने काफी सख्ती से कहा था।

रुद्राक्ष ईशानी के साथ कहीं नहीं जा सकता था इसलिए उसने ईशानी की तरफ देखकर कहा, “मैं सुबह तक वापस आ जाऊंगा और मुझे कोई होशियारी नहीं चाहिए, खासकर तुम्हारी साइड से। वरना तुम जानती हो ना मैं तुम्हारे साथ क्या करूंगा?”

ईशानी ने जवाब में कड़वाहट से कहा, “हां मुझसे बेहतर कौन जान सकता है कि तुम कैसे इंसान हो रुद्राक्ष खुराना। जहां जाना है जाओ और हो सके तो वापस मत आना ताकि मेरी जिंदगी सुकून से बीते।”

“सॉरी बट नॉट सॉरी वाइफी, ख्वाब इतनी आसानी से पूरे नहीं होते हैं।” रुद्राक्ष ने भौंहें उठाकर कहा और फिर वहां से चला गया। मोक्ष और ईशानी एक साथ थे। ईशानी ने गुस्से से मोक्ष की तरफ देखा और कमरे में जाने लगी।

मोक्ष दौड़कर उसके सामने आ गया और जल्दी से बोला, “मुझसे क्यों गुस्सा हो रही हो? तुम्हारे साथ जो भी हुआ उसकी जिम्मेदार तुम खुद हो। किसने कहा था शेरनी बनकर उस चुड़ैल आलिया खुराना पर डायरेक्ट वार करने के लिए? हमारा तो काम ही ऐसा है कि हम पीठ पीछे वार करते हैं चाहे इसे लोग कितना भी गलत कहे। फिर तुमने इस मामले में इतनी बेवकूफी कैसे कर दी।”

“पहले पता होता कि उसका भाई, उसका भाई कम बॉडीगार्ड बनकर ज्यादा घूमता है तो जरूर डिस्कस कर लेती।” ईशानी ने जवाब दिया। फिर उसने कुछ सोचते हुए से कहा, “1 मिनट... तुम्हें सब कुछ कैसे पता है? तुमने बताया नहीं तुम रुद्राक्ष को कैसे जानते हो? उसे तुमने भेजा कहां है। वो तुमसे ठीक से बात क्यों कर रहा था जबकि वो किसी से ऐसे अच्छे से बात नहीं करता है सिवाय अपनी फैमिली...” ईशानी बोलते हुए रुक गई। फिर उसने मोक्ष की तरफ आंखें छोटी करके देखा और सिर हिला कर कहा, “डोंट टेल मी कि तुम उसकी फैमिली हो। आई मीन दूर के चाचा ताऊ बुआ या मासी के लड़के?”

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मोक्ष ने अपने बालों में हाथ घुमाते हुए हां में सिर हिलाया और कहा, “एक्चुअली हम दोनों सिबलिंग्स है।”

मोक्ष के बताते ही ईशानी की आंखें हैरानी से बड़ी हो गई। “लेकिन तुम्हारा सरनेम तो डिफरेंट है? तुम तो खुराना मेंशन में भी नहीं रहते... फिर?” ईशानी ने हैरानी से पूछा।

“हां क्योंकि हमारे मॉम डैड का डिवोर्स हो गया था और मैं मॉम के साथ आ गया था। बाकी नव्यम और आलिया हमारे हाफ ब्रदर और सिस्टर है... और दोनों ही अपनी मां और दादी की तरह इविल है। इससे ज्यादा तुम्हें क्या बताऊं। फिलहाल के लिए यही काफी होगा और इस वक्त रुद्राक्ष मेरी मॉम से मिलने के लिए गया है।” मोक्ष ने जल्दबाजी में उसे थोड़ा बहुत बता दिया।

ईशानी को ये जानकर बहुत हैरानी हुई कि मोक्ष रुद्राक्ष का सगा भाई है। जिस हिसाब से वो आलिया को प्रोटेक्ट कर रहा था और अपनी पूरी फैमिली के लिए ओवर प्रोटेक्टिव हो रहा था उससे कोई नहीं कह सकता था कि आलिया उसकी हाफ सिस्टर है।

“पहली बार देखा है कि कोई अपनी स्टेप मॉम और हाफ सिस्टर से इतना प्यार करता हो। जरूर तुम्हारी सौतेली मां अच्छी रही होगी।” ईशानी ने बातों बातों में कहा।

उसके ऐसा कहने पर मोक्ष ने उसे घूर कर देखा और सख्त आवाज में कहा, “घर तोड़ने वाले कभी अच्छे नहीं होते, बस अच्छाई का मुखौटा लगा कर रखते हैं, जिससे कुछ बेवकूफ और इमोशनल लोग कंफ्यूज हो सकते हैं जस्ट लाइक रुद्राक्ष।”

मोक्ष की बातों से साफ जा़हिर था कि वो खुराना फैमिली को कुछ खास पसंद नहीं करता है। ईशानी उससे आगे कुछ पूछ पाती उससे पहले मोक्ष वहां से रूम में चला गया।

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वहीं दूसरी तरफ रुद्राक्ष अपनी गाड़ी लेकर मुंबई से थोड़े आउट एरिया में पहुंचा। वहां वो एक छोटे से फार्म हाउस के आगे रुका हुआ था। फार्म हाउस के आगे काफी सारे पेड़ पौधे लगे हुए थे और सभी अच्छी हालत में थे। उन्हें देखकर साफ पता चल रहा था कि कोई उनकी दिल से देखभाल करता है।

रुद्राक्ष ने गहरी सांस लेकर छोड़ी और गाड़ी का दरवाजा बंद करके अंदर जाने लगा। रुद्राक्ष घर के अंदर गया तो अंदर भी काफी सारे प्लांट्स रखे हुए थे। वो घर कम नर्सरी ज्यादा लग रहा था। रुद्राक्ष ने इधर-उधर देखा तो उसे सामने एक औरत दिखाई डी जो लगभग 47-48 साल के आसपास थी। उन्होंने कुर्ता और उसके नीचे पेंट्स पहन रखे थे और पौधों को पानी दे रही थी। उनके बाल कमर तक के थे और घुंघराले थे।

“कहिए जो कहना है, मुझे वापस लंदन पहुंचना है।” रुद्राक्ष ने वहीं से तेज आवाज में कहा।

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उसकी आवाज सुनकर उन्होंने रुद्राक्ष की तरफ देखा। उनकी आंखों का कलर भी हेज़ल ग्रीन था, बिल्कुल रुद्राक्ष की आंखों जैसा। वो रूद्री सिंघानिया थी, रुद्राक्ष की बायोलॉजिकल मदर।

रुद्राक्ष के रूखे तरीके से बात करने पर रुद्री आगे नहीं आई और उन्होंने वहीं से कहा, “तुम्हारा चेहरा देखना था, सो देख लिया। बाकी मुझे तुमसे बात करने में कोई इंटरेस्ट नहीं है। तुम यहां से जा सकते हो।”

उनकी बात सुनकर रुद्राक्ष को गुस्सा आया। वो चिड़कर बोला, “रियली? मैं पिछले डेढ़ घंटे से ड्राइव करके इतनी दूर पहुंचा हूं और आपको सिर्फ मेरा चेहरा देखना था। आप ऐसा क्यों नहीं करती कि पूरे घर में मेरी फोटोस लगा लीजिए ताकि आपको मेरा चेहरा देखने के लिए मुझे इतनी दूर ना बुलाना पड़े।”

“फोटोस बात नहीं करती है।” रुद्री ने उसकी तरफ घूर कर देखते हुए कहा।

“तो वीडियो कॉल कर लिया करें। दो ताने आपको देने होते हैं और दो मुझे। इसके लिए इतनी दूर आने की क्या जरूरत है।” रुद्राक्ष ने सिर हिला कर कहा और फिर वापस जाने के लिए पलटा तभी रुद्री ने तेज आवाज में कहा, “बिरयानी बनाई है। टेस्ट करके जाना.. पता तो चले कैसी बनी है।”

“अच्छा तो आपने मेरे लिए कुछ भी किया है। मुझे लगा कि आपका सारा प्यार और अटेंशन मोक्ष के लिए ही बची है। आपको याद भी है कि आपका एक और बेटा है।” रुद्राक्ष ने उनकी तरफ पलट कर जवाब दिया।

रुद्री भी कहां हार मानने वाली थी, आखिर वो रुद्राक्ष की मां थी। रुद्री अपने कदम रुद्राक्ष की तरह बढ़ाते हुए बोली, “मुझे तो याद है कि मेरे दो बेटे हैं लेकिन मेरे बेटे को याद नहीं है कि उसकी रियल मॉम कौन है। वो क्या है ना कुछ फेक लोगों के बीच में फंस गया है और उनके दिखावे को सच मानने लगा है।”

“कम से कम वो दिखावा तो करते हैं ना कि मुझे प्यार करते हैं लेकिन आप तो वो भी नहीं कर पाती। थैंक्स फॉर योर बिरयानी लेकिन मुझे भूख नहीं है।” रुद्राक्ष ने रूखे तरीके से जवाब दिया।

वो लगभग 10 मिनट तक वहां पर रुका। उस बीच रुद्राक्ष और रुद्री के बीच में बहस ही होती रही, ना कि कोई अच्छी बात हुई। रुद्राक्ष अब वहां और नहीं रुकना चाहता था। वो दरवाजे के पास पहुंचा तभी रुद्री ने उसे रोकने के लिए पीछे से कहा, “सुना है तुमने शादी कर ली है। बिल्कुल अपने बाप की तरह निकले ना। बस फर्क इतना है कि उन्होंने शादी के बाद भी दूसरी शादी कर ली और तुमने सगाई किसी और के साथ करके शादी किसी और के साथ की है। साथ रहते रहते उनका रंग तुम पर आ ही गया रुद्राक्ष खुराना।”

रुद्री की बातों से उनका दर्द साफ झलक रहा था। रुद्राक्ष ने गहरी सांस लेकर छोड़ी। रुद्री की बातों ने उसे रुकने पर मजबूर कर दिया था। वो रुद्री की तरफ मुड़ा तो उनके चेहरे पर वही सख्त भाव थे, जो हमेशा होते थे। वो कभी अपना दर्द चेहरे पर बयान नहीं करती थी लेकिन उनकी नम आंखों उनके जज़्बात जाहिर कर रही थी कि आज भी वो अपने साथ हुए धोखे को भूली नहीं थी।

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चलिए जी, रुद्राक्ष और मोक्ष के बीच के रिश्ते का राज खुल गया। कैसा लगा आज का पार्ट, समीक्षा में जरूर बताइए। बाकी रही बात रुद्राक्ष के कैरेक्टर की, तो आई बेट यू, एक दिन आपको उससे भी प्यार हो जाएगा।

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