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Chapter 21

His forced bride - Chapter 21

His forced bride

ईशानी के मुंबई आने के बाद रुद्राक्ष ने उसे वापस चलने को कहा। ईशानी उसके साथ वापस चलने के लिए तैयार नहीं थी। साथ ही उसने ये भी कहा कि उसे रुद्राक्ष से डर नहीं लगता। उसने रुद्राक्ष को साफ इंकार कर दिया था और इसका बदला लेने के लिए रुद्राक्ष ने उसकी मां दीपिका को वहां बुला लिया था।

ईशानी ने बाहर आकर अपनी मां को देखा तो वो समझ गई कि रुद्राक्ष ने उन्हें किडनैप करके रखा होगा लेकिन उनकी हालत सही लग रही थी।

ईशानी सवालिया नजरों से कभी रुद्राक्ष की तरफ तो कभी अपनी मां की तरफ देख रही थी। रुद्राक्ष ने उसकी कन्फ्यूजन क्लियर करते हुए कहा, “इस तरह तो मत देखो। चलो बता देता हूं, पहले से किडनैप करके नहीं रखा गया था इन्हें, अभी लेकर आया हूं। पहले तो तुम अच्छे से मेरी बात मान रही थी पर अचानक से तुमने अपनी जिद पकड़ ली तो मुझे इन्हें यहां लाना पड़ा।”

ईशानी को रुद्राक्ष पर गुस्सा आ रहा था पर वो अपनी मां के सामने कुछ कह भी नहीं पा रही थी। ईशानी अपनी मां की तरफ कदम बढ़ा रही थी तभी रुद्राक्ष ने उसका हाथ कसकर पकड़ा और उसे अपने करीब खींच लिया।

रुद्राक्ष ने ईशानी की कमर पर हाथ रखकर दीपिका से कहा, “सॉरी बट नॉट सॉरी आंटी, आपको शादी में नहीं बुला पाया। वो क्या है कि शादी हुई ही इतनी अर्जेंसी में थी कि किसी को कुछ कहने का मौका नहीं मिला। ईशानी चाहती थी कि हम जल्दी से शादी कर ले इससे पहले कि आपको पता चले मैं कौन हूं।”

ईशानी समझ नहीं पा रही थी आखिर रुद्राक्ष क्या करने की कोशिश कर रहा है। वहीं दीपिका भी उसकी तरफ कन्फ्यूजन से देख रही थी। उसके चेहरे के एक्सप्रेशन साफ बता रहे थे कि उसे ईशानी की शादी की न्यूज़ का पता चलने पर कितना बड़ा झटका लगा है।

रुद्राक्ष ने इविल स्माइल करते हुए कहा, “ओह गॉड मैं भूल गया कि आपको कुछ पता ही नहीं है। आप जानती है ना आपकी बड़ी बेटी रिशानी का केस रिओपन हुआ था। केस हियरिंग में जो लड़की पकड़ी गई थी वो मेरी छोटी बहन आलिया खुराना थी। ऊपर से उस रात ईशानी का वीडियो जिसके साथ वायरल हुआ, वो लड़का भी मैं था। ईशानी को लगा कि ये दोनों बातें आपके सामने आने पर आप हमें शादी नहीं करने देगी तो उससे पहले ही हमने शादी कर ली।”

ईशानी की आंखें हैरानी से बड़ी हो गई। वो रुद्राक्ष की तरफ गुस्से से घूर कर देख रही थी। रुद्राक्ष सीधे-सीधे झूठ बोल रहा था। ईशानी ने ना में सिर हिला कर कहा, “मम्मी प्लीज, आप इसकी बातों पर यकीन मत कीजिए। ये झूठ बोल रहा है इसने मुझसे जबरदस्ती शादी की है।” बोलते हुए ईशानी ने रुद्राक्ष का हाथ अपनी कमर से हटा दिया। वो दीपिका की तरफ बढ़ रही थी तभी रुद्राक्ष ने अपने टांग बीच में लड़ाई और ईशानी उसमें लड़खड़ाकर नीचे गिर चुकी थी।

ईशानी रुद्राक्ष के पैरों के पास गिरी हुई थी। उसने नजरे उठाकर रुद्राक्ष की तरफ देखा तो रुद्राक्ष ने उसकी आंखों में देखते हुए इंटेंसिटी से कहा, “बिल्कुल सही जगह आ गई हो तुम... यही जगह है तुम्हारी और यही तुम्हारी औकात है।”

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रुद्राक्ष जिस तरह से ईशानी के साथ बर्ताव कर रहा था, उससे दीपिका समझ गई थी कि ईशानी सच बोल रही है। दीपिका ने रुद्राक्ष की तरफ देखकर सख्त आवाज में कहा, “तुम जैसे लोग किसी औरत का प्यार डिजर्व नहीं करते हो। देखना जिंदगी में ऐसा दिन जरूर आएगा, जब सच में तुम किसी के लिए तड़पोगे और वो शख्स तुम्हारे पास नहीं होगा। तब तुम्हें समझ आएगा कि प्यार और इज्जत जैसी फीलिंग क्या होती है। एक रिश्ते में प्यार से ज्यादा जरूरी इज्जत होती है। अपने आप को बड़े घर का खानदानी समझते हो जबकि तुम जैसे लोगों की नीयत दो कौड़ी की भी नहीं होती।”

दीपिका की बातें रुद्राक्ष को गुस्सा दिला रही थी। वो भौंहें उठाकर बोला, “नीयत किसकी कैसी है ये दुनिया से छुपा हुआ नहीं है। आप किसके दम पर इतना उछल रही हैं मिसेज शर्मा? आपकी बड़ी बेटी कैसी थी, ये पूरी दुनिया जानती है और अभी छोटी बेटी की सच्चाई आपके सामने आई ही कहां है।” बोलते हुए रुद्राक्ष ने ईशानी की तरफ देखा।

रुद्राक्ष की बातें ईशानी को कंफ्यूज कर रही थी। जब उनकी शादी हुई थी तब पहली रात को भी उसने ईशानी के कैरेक्टर पर सवाल उठाया था और आज भी ईशानी समझ नहीं पा रही थी कि आखिर रुद्राक्ष उसके बारे में ऐसा क्यों कह रहा है।

रुद्राक्ष ने ईशानी के लुक को नोटिस करके कहा, “तुम दुनिया की नजरों में धूल झोंक सकती हो ईशानी शर्मा लेकिन रुद्राक्ष खुराना एक बार किसी शख्स को देख ले तो जिंदगी भर उसे उसका चेहरा याद रहता है, चाहे वो उसके सामने कितने भी रूप बदल कर क्यों ना आ जाए।”

ईशानी की नजरे झुक गई थी तो रुद्राक्ष बोला, “नजरे उसी के नीचे होती है, जिसने कुछ ऐसा काम किया हो जिससे वो शर्मिंदा हो।”

रुद्राक्ष ईशानी से बातें कर रहा था तभी दीपिका ने ईशानी से कहा, “मुझे अपनी बेटी पर पूरा भरोसा है। पिछली बार मैंने यकीन ना करके गलती कर दी थी पर इस बार नहीं करूंगी। तुम्हें इस जैसे इंसान के साथ रहने की कोई जरूरत नहीं है। हमारा खुद का घर है। हम देख लेंगे, लोग जो भी कहेंगे। उसकी परवाह तुम मत करो।”

“अच्छा क्या सब कुछ इतना आसान है मिसेज शर्मा?” रुद्राक्ष ने सिर हिला कर कहा। फिर उसने किसी को कॉल किया और कॉल पर कहा, “तुम्हें घर की लोकेशन भेज रहा हूं। लोनावला पहुचो। घर वही है। सुना है वो इलीगल प्रॉपर्टी पर बना हुआ है। अगर नहीं भी बना हुआ तो बना दो। अगले दो दिन के अंदर मुझे वो घर वहां से हटा हुआ चाहिए।” इतना कहकर रुद्राक्ष ने कॉल कट कर दिया।

लोनावला का नाम सुनते ही ईशानी समझ गई थी रुद्राक्ष किसके घर की बात कर रहा है।

“तुम हमारे साथ ऐसा नहीं कर सकते। वो हमने बहुत मेहनत से बनाया है। तुम हमसे हमारा घर नहीं छीन सकते।” ईशानी रिक्वेस्ट करते हुए बोली।

“मजा नहीं आ रहा वाईफी भीख मांगने का तरीका थोड़ा कैजुअल है। अच्छे से मांगो... क्या पता मैं मान जाऊं।” रुद्राक्ष ने कंधे उठाकर कहा।

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दीपिका रुद्राक्ष का ये चेहरा देखकर सकते में आ गई। वो सीधे-सीधे ईशानी को ब्लैकमेल कर रहा था। उनका घर जो उन्होंने इतनी मेहनत से बनाया था वो उसे इलीगल साबित करके उसे हटवाने की कोशिश कर रहा था। इन्हें देखकर दीपिका को गुस्सा आ गया। वो गुस्से में रुद्राक्ष की तरह बढ़ रही थी तभी रुद्राक्ष ने उनकी तरफ देखकर सर्द आवाज में कहा, “जो भी करने का सोच रही है, वो अपने मन में ही रखेंगी तो ज्यादा बेहतर होगा। अभी घर हटाने का सोचा है, कहीं ऐसा ना हो कि आपकी बेटी को इस दुनिया से हटवा दूं।”

रुद्राक्ष ने ईशानी को हर तरह से मजबूर कर दिया था। ईशानी ने एक नजर अपनी मां की तरफ देखा। वो स्कूल में बच्चों को पढ़ाती थी हालांकि वो उस घर में अकेले ही रहती थी क्योंकि ईशानी मुंबई में थी, फिर भी ईशानी उनका एक आखरी सहारा वो घर नहीं छीन सकती थी।

ईशानी ने रुद्राक्ष की तरफ देखकर धीरे से कहा, “मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हूं। प्लीज ये सब मत करो।”

“लेकिन मुझे तो किसी भी एंगल से तुम्हारे हाथ जुड़े हुए नहीं दिख रहे हैं वाईफी। अच्छे से रिक्वेस्ट करो, कहा ना मान जाऊंगा।” रुद्राक्ष ने बेदर्दी से कहा।

ईशानी ने रोते हुए अपने हाथ जोड़े और रुद्राक्ष की आंखों में देखकर कहा, “मैं तुम्हारी सारी बात मानने के लिए तैयार हूं पर प्लीज मेरी मां और उस घर को इन सब से दूर रखो। वो हमारा इकलौता सहारा है।”

“मैं कन्वेंस हो हो गया वाईफी। आगे से अपनी मां को कहना कि उस घर के दम पर मेरे सामने तो ऊंची आवाज में बात ना ही करें।” रुद्राक्ष ने जवाब दिया और फिर उसने कॉल करके उस घर को कुछ भी न करने के लिए कहा।

ईशानी रुद्राक्ष के साथ जाने के लिए मान गई थी। आखिर उसके पास कोई चारा भी तो नहीं था। रुद्राक्ष ने वहां से जाने से पहले अपने आदमियों से कहा, “इन्हें जहां से लेकर आए हो वहीं पर छोड़ दो और इन पर नजर रखना। अगर गलती से भी ये कुछ ऐसा वैसा करने की कोशिश करें तो मुझे इन्फॉर्म कर देना। मुझे अच्छे से पता है कि उनकी गलती की सजा उनकी बेटी को कैसे देनी है।”

दीपिका ईशानी से बात करना चाहती थी लेकिन रुद्राक्ष के आदमी उसे वहां से ले गए। दीपिका के जाते ही ईशानी वहां घुटनों के बल गिर गई और जोर-जोर से रोने लगी। रुद्राक्ष को ईशानी को इस हाल में देखकर बिल्कुल भी तरस नहीं आ रहा था। इन फैक्ट उसके चेहरे पर एक मुस्कुराहट थी, अजीब सी मुस्कुराहट।

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रुद्राक्ष थोड़ा क्रुअल है, क्योंकि यहां हीरो ही विलेन है। आई टोल्ड यू डिफरेंट कांसेप्ट है। बाकी कमेंट सेक्शन में आपका स्वागत है, जमकर रुद्र को भला बुरा कह सकते है।

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