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Chapter 23

His forced bride - Chapter 23

His forced bride

मुंबई में आने के बाद रुद्राक्ष अपनी बायोलॉजिकल मदर रुद्री सिंघानिया से मिलने के लिए उनके घर पर गया हुआ था। पहले उन दोनों के बीच आपस में ताने बाज़ी हुई। उसके बाद जब रुद्राक्ष ने रुद्री की आंखों में दर्द देखा तो वो वहां रुकने के लिए मजबूर हो गया। रुद्राक्ष के पिता मिस्टर विक्रांत खुराना ने उसकी मां रूद्री को डिवोर्स दिए बिना ही दूसरी शादी कर ली थी, जिसके बाद वो नाराज होकर उन्हें छोड़कर चली गई थी। उनका तलाक अभी भी नहीं हुआ था पर रुद्री मोक्ष के साथ मुंबई में रहती थी जबकि खुराना फैमिली लंदन में सेटल थी।

पहले जहां दोनों मां बेटे बहस कर रहे थे, वहीं अब दोनों डाइनिंग टेबल पर थे। रुद्री रुद्राक्ष के प्लेट में बिरयानी सर्व कर रही थी। वो जानती थी कि रुद्राक्ष को वेज बिरयानी बहुत पसंद थी।

रुद्राक्ष को रुद्री खाते हुए बहुत सुकून के साथ देख रही थी। कुछ पल दोनों के बीच बिल्कुल शांति छाई रही, फिर रुद्री बोली, “पिछली बार मुंबई आए थे तब तुम मुझसे मिलने नहीं आए थे। उस लड़की से जबरदस्ती शादी की है ना तुमने, तभी मेरे पास नहीं आए थे?”

रुद्री की बात सुनते ही रुद्राक्ष के हाथ रुक गए। उसने बिना किसी भाव से रुद्री की तरफ देखकर कहा, “जरूर मोक्ष ने हीं आपको सब कुछ बताया होगा। उसे कितनी बार कहा है मेरी बातें बताकर आपको बात कर परेशान ना करें।”

“अजीब बात है, तुम दिव्या के बच्चों को बिल्कुल अपने भाई बहनों की तरह प्यार करते हो और मोक्ष से चिढ़ते हो। बस यही वजह थी कि मैंने तुम्हें समझाने के लिए उसे लंदन भेजा था।” रुद्री ने जवाब दिया। मोक्ष को लंदन उसी ने भेजा था।

रुद्राक्ष उन्हें ईशानी से शादी करने की असल वजह नहीं बता सकता था। वैसे भी रुद्री को दिव्या और उसके बच्चे पसंद नहीं थे, ऊपर से अगर रुद्राक्ष उन्हें ये बताता कि आलिया सेफ रहे इसलिए उसने ईशानी से जबरदस्ती शादी की है तो वो भड़क जाती।

रुद्राक्ष ने उसे टॉपिक पर बात करना सही नहीं समझा तो वो बात बदलते हुए बोला, “वैसे ये काफी टेस्टी बनी है। मेरा बस चलता तो मैं पैक करके ले जाता।”

“बात टालना तुम्हें काफी अच्छे से आता है।” रुद्री ने भौंहें उठाकर कहा, जिस पर रुद्राक्ष चुप हो गया। रुद्राक्ष भूल रहा था कि वो इस वक्त अपनी मां के सामने बैठा है, जिसने उसे जन्म दिया है। वो चाहकर भी उन्हें अपनी बातों में या किसी और तरीके से घूमा नहीं सकता था।

रुद्राक्ष को रुद्री के पास आए हुए काफी टाइम हो गया था, वहीं ईशानी और मोक्ष घर पर अकेले थे। उनसे उसका और इंतजार नहीं हो रहा था तो मोक्ष ईशानी को लेकर अपने घर पर आ गया।

जब रुद्री और रुद्राक्ष बातें कर रहे थे तब अचानक घर का दरवाजा खुला।

रुद्री ने रुद्राक्ष से कहा, “मोक्ष आया होगा, तभी डोर बेल नहीं बजाई। उसे डोर का पासवर्ड पता होता है।”

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“लेकिन वो यहां कैसे आ सकता है? मैंने तो उसे ईशानी के साथ छोड़ा था?” रुद्राक्ष ने हल्की तेज आवाज में कहा। उसने खाना वहीं पर छोड़ा और वहां से जाने के लिए पलटा तभी उसे मोक्ष के साथ ईशानी दिखाई दी।

मोक्ष उसकी परमिशन के बिना ईशानी को वहां ले आया था। इस पर रुद्राक्ष नाराज होते हुए बोला, “थोड़ी देर के लिए तुम वहां रुक नहीं सकते थे क्या? क्या जरूरत थी इसे यहां लाने की?”

रुद्राक्ष के इस तरह चिल्लाने पर रुद्री ने उसे शांत करते हुए कहा, “अरे भई क्या हो गया? इतना क्यों चिल्ला रहे हो? ये मेरी बहू है तो मुझे भी इसे देखने का हक है।” बोलते हुए रुद्री ने उसकी तरफ तिरछी निगाहों से देखा और अपने कदम ईशानी की तरह बढ़ा लिए।

जैसे ही रुद्री ईशानी के पास आई, ईशानी ने अपनी नज़रें नीचे कर ली तो रुद्री ने उसकी तरफ एक नजर देखा और फिर रुद्राक्ष से कहा, “लड़की तो काफी खूबसूरत है पर मुझे ऐसा क्यों लग रहा है मैंने उसे पहले भी देखा है।” रुद्री याद करने की कोशिश कर रही थी तभी मोक्ष ने कहा, “मॉम ये मेरी ही लॉ फर्म में काम करते हैं। मिस्टर खन्ना की असिस्टेंट है। ऑफिस में आपने इसे कहीं देख लिया होगा।”

“तुमने एक नॉर्मल लड़की से शादी की है इसका मतलब कारण बहुत बड़ा रहा होगा वरना अपने बाप के साथ रहते हुए तो तुम लोगों ने रिश्तों को भी बिजनेस बना दिया है।” रूद्री ने बिना किसी हिचक के सीधे-सीधे कहा।

रुद्राक्ष ईशानी को ज्यादा देर तक रुद्री के पास नहीं रखना चाहता था इसलिए वो बोला, “अच्छा ठीक है, आपने इसे देख लिया है। अब हमें जाना होगा। मैंने घर पर बताया नहीं था कि मैं ईशानी के साथ यहां आया हूं।”

“हां जैसे तुम्हारे ना बताने पर वहां उस घर में किसी को कोई फर्क पड़ रहा है। उन्हें सिर्फ तुमसे इतना ही मतलब है कि तुमने उनके बिजनेस को और भी सक्सेसफुल कर दिया है। तुम उनके लिए एक पैसे छापने की मशीन से ज्यादा और कुछ नहीं हो।” रुद्री ने बेरुखी से कहा। वो हमेशा से यही चाहती थी कि रुद्राक्ष उसके साथ रहे।

रुद्राक्ष ने उनकी बात का कोई जवाब नहीं दिया। उसने ईशानी का हाथ पकड़ा और उसे वहां से ले जाने लगा। जाते हुए रुद्राक्ष ने गुस्से से मोक्ष को देखते हुए कहा, “तुम ना आगे से मुझसे दूर ही रहना और मेरी वाइफ से भी... एक काम बोला था वो भी ठीक से नहीं होता।”

रुद्राक्ष मोक्ष पर गुस्सा कर रहा था जबकि उसकी कोई गलती नहीं थी। वो दोनों हाथ उठाकर बोला, “हद है यार, अब मैंने क्या किया है? आपकी वाइफ मुझे जबरदस्ती यहां लेकर आई थी। लेकिन नहीं, इसकी गलती आप क्यों देखोगे।”

मोक्ष की बात सुनकर ईशानी जल्दी से बोली, “क्या? मजाक कर रहे हो क्या तुम? ये मेरी गलती क्यों नहीं देखेगा? ये तो किसी और की गलती होगी, तब भी उसका इल्जाम मुझ पर लगाएगा।”

ईशानी आगे कुछ कहती उससे पहले रुद्राक्ष ने उसका हाथ दबाया तो वो चुप हो गई। उन सबको बाय बोलने के बाद रुद्राक्ष ईशानी के साथ गाड़ी में था और वो एयरपोर्ट के लिए निकल रहे थे, जहां मोक्ष के सामने ईशानी इतना कुछ बोल रही थी वही रुद्राक्ष के पास बैठते ही वो बिल्कुल शांत हो गई थी।

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कुछ देर तक बिल्कुल चुप रहने के बाद रुद्राक्ष बोला, “थोड़ी देर पहले तो तुम्हारी जुबान बिल्कुल कैंची की तरह चल रही थी और यहां आते ही ऐसे चुप हो गई, जैसे बोल ही नहीं सकती हो।”

“उस शख्स के सामने बोलने का क्या फायदा, जिसे आपके होने या ना होने से कोई फर्क ही ना पड़े। मैं सिर्फ इसलिए आपके साथ जा रही हूं क्योंकि आपने मेरी मां और हमारे घर को छोड़ा है। बाकी मेरे दिल में आज भी आपके लिए उतनी ही नफरत है।” ईशानी ने सख्ती से जवाब दिया।

उसकी बात सुनकर रुद्राक्ष कड़वाहट से मुस्कुरा कर बोला, “हां जैसे मैं तो तुमसे बहुत प्यार करता हूं। तुम्हारी हर एक्टिविटी पर नजर रखने के लिए तुम्हें अपनी आंखों के सामने रखना पड़ रहा है वरना तुम जैसी लड़कियों को तो मैं अपने घर पर सर्वेंट भी ना रखूं।”

रुद्राक्ष के इंसल्ट करने पर ईशानी चुप हो गई थी। वो बाहर की तरफ देख रहे थे। ईशानी के मन में इस वक्त काफी कुछ चल रहा था। उसने खुद ही अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली थी।

बाहर की तरफ देखते हुए ईशानी ने एक नजर रुद्राक्ष की तरफ देखा और फिर अपने मन में कहा, “एक बात तो तय है कि वहां मेरी जिंदगी आसान नहीं रहने वाली है, आलिया खुराना और रुद्राक्ष के रहते हुए तो बिल्कुल नहीं। मुझे खुद को स्ट्रांग करना होगा। इस तरह मैं खुद पर अत्याचार होते हुए नहीं सह सकती हूं। मुझे वहां के लोगों को समझना होगा तभी शायद कुछ हो सकता है।”

उन्हें रुद्री के घर से निकले हुए थोड़ा टाइम भी नहीं हुआ था कि रुद्री ने रुद्राक्ष को कॉल किया। उसके कॉल रिसीव करते ही रुद्री ने झट से कहा, “फिलहाल मुझे अपनी बहू से बात करनी है। उसे मोबाइल दो।”

रुद्राक्ष ने आईज रोल की और मोबाइल ईशानी को दे दिया। ईशानी ने जैसे ही उसे अपने कान के पास रखा, सामने से रुद्री ने जल्दी से कहा, “तुम मोक्ष की दोस्त हो तो मुझे तुम पर यकीन है। प्लीज मेरे बेटे को उन सब से प्रोटेक्ट करके रखना। वो दिल का बुरा नहीं है बस उन लोगों के बहकावे में आकर उल्टी सीधी हरकतें कर देता है। कभी महसूस करना, उसका दिल सोने का है।”

ईशानी ने कॉल पर तो कुछ नहीं कहा लेकिन उसने रुद्राक्ष की तरफ देखकर अपने मन में गुस्से से कहा, “हां अच्छे से जानती हूं आपके बेटे के सोने के दिल को... आप भले ही अच्छी होगी लेकिन ये उन लोगों के साथ रहकर बिल्कुल उन्हीं की तरह हो गया है।”

रुद्री ने अपनी बात कह कर कॉल कट कर दिया था। उन्हें ईशानी से पूरी उम्मीद दी थी इस बात से बेखबर कि रुद्राक्ष ने किस मकसद से ईशानी से शादी की है। ईशानी ने रुद्राक्ष को उसका मोबाइल लौटा दिया था और अब वो दोनों लंदन के लिए उड़ान भर रहे थे।

वहीं दूसरी तरफ खुराना मेंशन में इस वक्त हड़कंप मचा हुआ था। जब से उन्हें पता चलता है कि रुद्राक्ष ईशानी को वापस लाने गया है वहां रहने वाले हर शख्स की नींद उड़ चुकी थी।

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