MiniFM
Previous
Next
Chapter 17

His forced bride - Chapter 17

His forced bride

माया खुराना ने ईशानी को घर से निकाल दिया था। ईशानी ने काफी देर तक रुद्राक्ष या किसी और से मदद का इंतजार किया पर लगभग दो घंटे तक कोई नहीं आया। फिर ईशानी ने अकेले ही वहां से जाने का सोचा तो अचानक एक गाड़ी आकर रूकी। उसमें से मोक्ष सिंघानिया निकला, जिसे ईशानी पहले से ही जानती थी। वो भी एक लॉयर था जिसकी लो फॉर्म में ईशानी काम करती थी।

मोक्ष ईशानी को वहां से लेकर चला गया था। ईशानी के पासपोर्ट वगैरह नहीं थे इसलिए मोक्ष ने प्राइवेट जेट बुक करवाया और ईशानी के साथ मुंबई जाने के लिए निकल गया।

वहीं दूसरी तरफ रुद्राक्ष अभी भी संजना के साथ था। अगली सुबह जैसे ही रुद्राक्ष की नींद टूटी तो उसने देखा संजना बड़े आराम से उसके सीने पर सिर रखकर सोई हुई थी।

रुद्राक्ष ने आराम से संजना का सिर तकिए पर रखा और फिर अपने मन में कहा, “आई होप घर में सब कुछ ठीक हो। कहीं आलिया ने कोई गड़बड़ ना कर दी हो। गुस्से में अगर उसने गलती से भी किसी को कुछ बता दिया तो मेरे लिए संभालना मुश्किल हो जाएगा।”

रुद्राक्ष ने संजना को वहां वैसे ही छोड़ा और गाड़ी लेकर खुराना मेंशन जाने के लिए निकल गया। जैसे ही रुद्राक्ष वहां पर पहुंचा तब उसे सब नॉर्मल ही लगा क्योंकि कोई भी ईशानी के बारे में बात नहीं कर रहा था।

रुद्राक्ष अपनी फैमिली को देखने के बाद लिफ्ट की तरफ बढ़ रहा था तभी माया ने सख्त आवाज में कहा, “शादी किए हुए ठीक से 2 दिन भी नहीं हुए और तुम अपने परिवार से मिले बिना अपनी पत्नी के पास जा रहे हो। अजीब बात है ना, जिस मीडिया की कभी हिम्मत नहीं पड़ती थी खुराना फैमिली के बारे में ऐसा वैसा कुछ भी छापने की, आज उसके बारे में हर जगह बस नेगेटिव न्यूज़ फैल रही है।” बोलते हुए माया की आवाज तेज होने लगी।

रुद्राक्ष ने गहरी सांस लेकर छोड़ी और माया की तरफ देखकर कहा, “लिसन दादी, जो भी हुआ उसे मैं ठीक करवा दूंगा। प्लीज अब आप उस बारे में बार-बार बात मत कीजिए। आलिया घर आ चुकी है। उसके ऊपर जो भी एलिगेशंस थे वो मिट चुके हैं तो फिर इस बारे में बात करने का क्या मतलब हुआ?”

Advertisement

“मतलब तो बनता है रुद्र, तुम कब से हम सबसे सच छुपाने लगे। तुमने उस लड़की की बहन से शादी की जिसकी वजह से हमारी आलिया की इतनी बदनामी हुई। तुम्हें क्या लगा था हमें पता नहीं चलेगा।” माया ने सीधे-सीधे रुद्राक्ष को सब कुछ बता दिया, जिसे सुनकर उसके चेहरे का रंग उड़ गया।

अगले ही पल रुद्राक्ष ने खुद को नॉर्मल करके कहा, “तो आपको सब पता चल गया। जरूर आलिया ने बताया होगा। चलिए अच्छा है अब सच पता चल गया है तो मुझे ड्रामा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मैं उस लड़की को इस घर में एक खास मकसद के लिए लेकर आया हूं। उम्मीद है आप सब मेरे और उसके मामले से दूर रहेंगे।”

रुद्राक्ष ने इस बार बिना अच्छे होने का दिखावा किए सब कुछ सच-सच बता दिया। अपनी बात कह कर रुद्राक्ष दूसरी तरफ पलटा और लिफ्ट का बटन दबाया तभी माया ने कहा, “ऊपर जाने का कोई फायदा नहीं है। वापस अपने कमरे में शिफ्ट हो जाओ क्योंकि हमने लड़की को निकाल दिया है।”

माया की बात सुनकर रुद्राक्ष के चेहरे पर गुस्से के भाव थे। वो उनकी तरफ मुड़कर चिल्ला कर बोला, “और आपको किसने हक दिया मेरी जिंदगी से जुड़े हुए फैसले लेने का। दादी मैं आपकी रिस्पेक्ट करता हूं इसका मतलब ये नहीं कि आप मेरी वाइफ को घर से निकालेंगी।”

“तुम्हारी होने वाली वाइफ संजना है जो कि कुछ दिनों में यहां पर आ जाएगी। तुम दोनों की शादी रजिस्टर्ड नहीं है ये सबसे अच्छी बात है। अब अपने दिमाग से ये बदला लेने का फितूर निकालो और फ्रेश होकर नीचे पहुँचो। हम सब आज संजना के घर जा रहे हैं। तुम दोनों की शादी की डेट फिक्स करने।” माया ने अपना फैसला सुना दिया था और फिर वहां से चली गई। वहीं रुद्राक्ष को अब बहुत गुस्सा आ रहा था।

वो ऊपर जाने के बजाय बाहर की तरफ गया। रुद्राक्ष गार्ड के पास पहुंचा, जिसकी नाइट ड्यूटी थी और उससे पूछा, “ईशानी कहां है। आई मीन वो लड़की जिसको दादी ने घर से निकला था। क्या वो किसी टैक्सी में यहां से गई थी या किसी ने उसकी हेल्प की थी।”

“बड़ी मालकिन ने मना किया था इसलिए उनकी मदद किसी ने नहीं की लेकिन रात को मोक्ष सर यहां पर आए थे। मैंने देखा कि वो उनकी गाड़ी में उनके साथ गई थी।” गार्ड ने सिर झुका कर कहा।

रुद्राक्ष ने उसे जाने को कहा। गार्ड के जाते ही रुद्राक्ष ने धीरे से कहा, “मोक्ष को लंदन आने की क्या जरूरत पड़ गई? कहीं वो उस लड़की को जानता तो नहीं।” रुद्राक्ष ने तुरंत मोक्ष को कॉल किया। फ्लाइट में होने की वजह से रुद्राक्ष का नंबर बंद जा रहा था।

Advertisement

“जरूर उसे लेकर इंडिया गया होगा।” रुद्राक्ष ने खुद से कहा। उसे ये समझते देर नहीं लगी कि ईशानी मोक्ष के साथ कहां गई होगी। रुद्राक्ष ने कोल्ड वॉइस में कहा, “मुझसे पीछा छुड़ाना इतना आसान नहीं है वाईफी। एक गलती तुमने मेरी बहन के खिलाफ कंप्लेंट करने की की थी तो दूसरी गलती मुझसे दूर जाने की की है।”

रुद्राक्ष ने कुछ नहीं सोचा और वहां से सीधे मुंबई जाने के लिए निकल गया। वो अच्छे से जानता था कि ईशानी कहीं और नहीं जा सकती।

दूसरी तरफ ईशानी मोक्ष के साथ प्राइवेट जेट में थी। वो दोनों आधा सफर तय कर चुके थे तब तक ईशानी ने कुछ नहीं कहा। अब मोक्ष के सब्र का बांध टूट गया तो वो ईशानी के पास आकर तेज आवाज में बोला, “यहां हमारी सुनने वाला कोई नहीं है। हम लोगों के सामने नहीं है जो एक दूसरे से फॉर्मल होने का दिखावा करें। तुम अच्छे से जानते हो हमारी सच्चाई क्या है ईशानी। मुझे बताओ कि तुम यहां लंदन में क्या कर रही थी, वो भी खुराना हाउस में। किसने तुमसे फोर्स करके शादी कर ली।”

“तुम्हें सब सच बता दूंगी बस एक बार मुझे सिक्योर फील करने दो तुम... जिसने भी ये किया है उसकी सजा भी मैं उसे दिलवा कर रहूंगी।” ईशानी ने मोक्ष की तरफ देखकर कहा।

मोक्ष के बार-बार पूछने पर भी ईशानी कुछ नहीं बता रही थी तो उसे गुस्सा आने लगा। वो सिर हिला कर बोला, “आजकल तुम मुझे बिना बताए बहुत कुछ कर रही हो। तुमने आलिया खुराना के खिलाफ केस तक फाइल कर दिया और मुझे बाद में पता चल रहा है। कहीं ये सब इस वजह से तो नहीं हो रहा कि तुमने आलिया के खिलाफ वो सब किया? 1 मिनट कहीं तुमसे जबरदस्ती शादी रुद्राक्ष खुराना ने तो नहीं की है ना?” ईशानी से पूछते पूछते मोक्ष को खुद ही सब समझ आने लगा।

ईशानी ने हां में सिर हिला दिया। थोड़ी देर पहले जहां मोक्ष उस पर गुस्सा कर रहा था। वहीं अब उस के चेहरे पर परेशानी के भाव थे। उसे अपने फैसले पर पछतावा हो रहा था कि वो बिना सच जाने ईशानी को क्यों ले आया।

°°°°°°°°°°°°°°°°

क्या रुद्राक्ष ईशानी को ढूंढ पाएगा? सच जानने के बाद मोक्ष का अगला कदम क्या होगा? पार्ट पढ़कर समीक्षा कर दीजिएगा।

Was this chapter good?