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Chapter 18

His forced bride - Chapter 18

His forced bride

मोक्ष ईशानी की मदद करते हुए उसे लंदन से मुंबई लेकर जा रहा था। मोक्ष ने पहले बहुत बार ईशानी से पूछा कि वो अचानक लंदन कैसे पहुंची या उस से जबरदस्ती शादी किसने की? ईशानी ने उसे कुछ नहीं बताया लेकिन उसकी बातों से मोक्ष ने खुद ही समझ लिया।

जैसे ही मोक्ष को समझ आया कि ईशानी से जबरदस्ती शादी रुद्राक्ष खुराना ने की है, उसके चेहरे का रंग उड़ गया।

मोक्ष ने आंखें बड़ी करके कहा, “तुम्हें मुझे पहले बता देना चाहिए था। अगर मुझे पता होता तो मैं तुम्हें अपने साथ लेकर कभी नहीं आता।”

मोक्ष के चेहरे पर अचानक ऐसे एक्सप्रेशन देखकर ईशानी भी दंग रह गई। वो सिर हिलाकर बोली, “अब तुम्हें क्या हो गया? तुम्हें तो किसी से डर नहीं लगता। तुम तो माफिया तक से डील करते हो और अब अचानक तुम्हारे चेहरे पर रुद्राक्ष खुराना का डर अच्छा नहीं लग रहा।”

“वो मैं तुम्हें नहीं बता सकता। मैं इस फ्लाइट को बीच में नहीं रोक सकता लेकिन वहां पहुंचते ही तुम नेक्स्ट फ्लाइट से वापस लंदन खुराना मेंशन पहुंचोगी।” मोक्ष ने सख्त आवाज में कहा।

ईशानी ने झट से ना में सिर हिला दिया। वो बोली, “मैं वहां वापस नहीं जाऊंगी और वैसे भी उसकी दादी ने ही मुझे घर से निकाला था। सच पता चलने पर उसे भी कोई प्रॉब्लम नहीं होगी।”

“ईशानी उसकी दादी ने निकाला था लेकिन रुद्राक्ष ने तो नहीं ना? तुमने अनजाने में मुझे बहुत बड़ी मुसीबत में डाल दिया है। तुम्हें आइडिया भी नहीं है।” परेशानी में मोक्ष उस पर चिल्लाकर बोला और फिर वहां से प्राइवेट रूम में चला गया।

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वहीं उसकी बातें सुनकर ईशानी की हैरानी बढ़ती जा रही थी। उसने खुद से कहा, “मुझसे सब कुछ पता कर लिया लेकिन खुद ने कुछ नहीं बताया कि आखिर ये खुराना मेंशन में क्या कर रहा था और अब रुद्राक्ष इतना डर क्यों रहा है? हद हो गई यार, सब ने मेरी जिंदगी मुश्किल बनाने की कसम खा रखी है। मैं मुंबई जाते ही सीधे लंदन नहीं अपनी मां के पास से जाऊंगी ताकि कुछ पल सुकून से बिता सकूं।”

उसके बाद ईशानी आंखें बंद करके लेट गई। वो सोने की कोशिश कर रही थी। हालांकि नींद उसकी आंखों से कोसों दूर थी। एक लंबा सफर तय करने के बाद ईशानी और मोक्ष मुंबई पहुंच चुके थे। एयरपोर्ट से ही ईशानी मोक्ष से दूर जाना चाहती थी लेकिन मोक्ष ने उसका हाथ कस के पकड़ लिया और सख्त आवाज में कहा, “देखो मैं अपने और रुद्राक्ष के बीच के रिलेशन खराब नहीं कर सकता। तुम इसे जो भी समझो लेकिन मैं तुम्हें अपनी नजरों से दूर नहीं जाने दूंगा। मैं रुद्राक्ष को कॉल कर रहा हूं। वो आएगा और तुम्हें लेकर जाएगा।”

“तुम्हें हो क्या गया है? अचानक अजीब बातें कर रहे हो, अजीब बिहेव कर रहे हो। पता है ना हम पार्टनर इन क्राइम है।” ईशानी ने उसे याद दिलाते हुए कहा।

“जो भी हो लेकिन धीरे बोलो... दुनिया को चिल्ला चिल्ला कर बता दो कि हम दोनों क्या करते हैं। हम जो भी रहे हो लेकिन फिलहाल हमारा रिश्ता पूरी तरह बदल चुका है और उसे तुम नहीं समझोगी। मुझे बहस नहीं चाहिए। चुपचाप मेरे साथ चलो और रुद्राक्ष को इस बारे में कुछ नहीं बताओगी कि हम दोनों क्या काम करते हैं...” मोक्ष ने उसे पहले ही सब कुछ समझा दिया था। मोक्ष ने ईशानी का हाथ पकड़ा और उसे जबरदस्ती अपनी गाड़ी में बैठा कर अपने प्राइवेट अपार्टमेंट में ले आया था।

ईशानी मोक्ष से अलग होने के लिए हाथ पैर चला रही थी पर सब बेकार था। वहां आते ही मोक्ष ने उसे एक कमरे में बंद कर दिया।

मोक्ष ने जल्दी से रुद्राक्ष को कॉल किया तो उसका नंबर बंद जा रहा था। रुद्राक्ष उस वक्त फ्लाइट में था। इस बात से मोक्ष अनजान था। वो बार-बार रुद्राक्ष कांटेक्ट करने की कोशिश कर रहा था। कांटेक्ट नहीं होने पर मोक्ष ने उसे मैसेज छोड़ दिया कि ईशानी उसके पास है और वो उसे लेने उसके अपार्टमेंट में आ जाए।

रुद्राक्ष को मैसेज करने के बाद मोक्ष की ईशानी के कमरे में आया। ईशानी वहां एक बेड पर बैठी थी और मोक्ष को तिरछी निगाहों से देख रही थी।

ईशानी कुछ पल रुकने के बाद बोली, “तुम्हें पता भी है उसने मेरे साथ कितना बुरा सुलूक किया था? एक भी ऐसा पल नहीं गया जब उसने मेरे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश ना की हो मोक्ष। फिर भी तुम उसका साथ दे रहे हो। मैंने तुम्हारे लिए क्या कुछ नहीं किया, तुम अच्छे से जानते हो। मैंने अपनी जान तक दाव पर लगा दी थी।”

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“हां तो तुम भी कुछ फ्री में नहीं कर रही हो ईशानी। तुम्हें तुम्हारे हर काम की कीमत मिलती है... तुम अपनी जान जोखिम में डालकर हमारे लिए काम करती हो तो तुम्हारी सिक्योरिटी की जिम्मेदारी हमारी होती है। इस तरह एहसान मत जताओ। मैंने तुम्हें बता दिया मैं रुद्राक्ष से दुश्मनी मोल नहीं ले सकता।” मोक्ष ने सीधे-सीधे कहा।

मोक्ष जानता था कि अगर वो ईशानी के पास रुका तो वो सवाल पूछ कर उसका दिमाग खराब कर देगी इसलिए उसने फिर से ईशानी को कमरे में बंद किया और किचन में उन दोनों के लिए खाना बनाने लगा।

लगभग 1 घंटे बाद मोक्ष ने कमरे का दरवाजा खोला और वो ईशानी को बाहर लेकर आया। वो दोनों साथ में खाना खा रहे थे।

ईशानी मोक्ष को मनाने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रही थी। उसने खुद के चेहरे के भाव को थोड़ा इमोशनल किया और धीरे से कहा, “सुनो मोक्ष, अगर मैं चली गई तो तुम्हारा काम कौन करेगा? मेरे जितना ब्रेव कोई नहीं है।”

“तुम उस काम के बारे में अब भूल जाओ और मैंने कह दिया रुद्राक्ष से इस बारे में भूलकर भी जिक्र मत कर देना। मैं किसी और को ढूंढ लूंगा। बहुत मिल जाएगी हालात की मारी।” मोक्ष ने रुखे तरीके से जवाब दिया।

मोक्ष की बात सुनकर इस बार ईशानी को बहुत गुस्सा आया। वो अपनी जगह से उठी और जल्दी से मोक्ष के पास आकर उसकी कॉलर पकड़ कर कहा, “क्या लगता है मोक्ष सिंघानिया, मुझे जुर्म की दुनिया में डालकर तुम इतनी आसानी से मुझसे पीछा छुड़ा लोगे? तुम्हारी वजह से आज सब वो लोग मेरा चेहरा जानते हैं। लोगों के लिए भले ही मैं लो की स्टडी करने वाली मासूम सी दिखने वाली ईशानी शर्मा हूं लेकिन माफिया का सच कुछ और ही है। वहां मेरी पहचान ईशानी शर्मा या किसी लॉयर के तौर पर नहीं बल्कि सनशाइन के तौर पर है। किसी ने भी मुझे देखा तो मार देंगे।”

बातों की बातों में ईशानी के मुंह से आधा ही सही लेकिन सच निकल गया था। वो मोक्ष के साथ माफिया के लिए काम करती थी, लेकिन क्या काम, ये बात उसने नहीं बताई क्योंकि अचानक से झटके से दरवाजा खुला और सामने रुद्राक्ष खड़ा था। रुद्राक्ष ने ईशानी और मोक्ष को एक दूसरे के बिल्कुल करीब देखा, जिसे देखकर उसके हाथों की मुठ्ठियाँ कस गई।

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क्या लगा, लड़के ही माफिया से होते है? इस बार हमारी हीरोइन बहुत डेरिंग है। कहानी पढ़कर देखिए, बहुत इंटरेस्टिंग है और अलग भी। कीप रीडिंग

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