His forced bride - Chapter 15
His forced brideरात को डिनर के वक्त पूरी खुराना फैमिली डायनिंग टेबल पर थी। वैसे तो पूरी खुराना फैमिली को ही ईशानी के साथ कोई हमदर्दी नहीं थी लेकिन रुद्राक्ष के डैड विक्रांत ने खाने के लिए ईशानी को वहां बुलाने के लिए कहा।
विक्रांत को ईशानी के केयर करते देख मन ही मन आलिया को उससे जलन महसूस हुई। गुस्से और जलन में आलिया ने ईशानी का सच उन सबके सामने रख दिया था जबकि रुद्राक्ष ने उसे ऐसा करने से मना किया था। पूरी खुराना फैमिली के सामने ये सच आ चुका था कि ईशानी रिशानी शर्मा की बहन थी, जिसके चलते वो जेल गई थी।
रुद्राक्ष ने अपनी पूरी फैमिली का माइंड सेट ऐसे कर दिया था कि उस मामले में पूरी गलती रिशानी की थी और आलिया पूरी तरह बेकसूर थी। जैसे ही खुराना फैमिली को ईशानी का सच पता चला वो काफी गुस्सा हो गए, खासकर माया खुराना। उनके लिए खुराना फैमिली और उससे जुड़े हर शख्स की इज्जत बहुत मायने रखती थी। वो खाना बीच में छोड़कर रुद्राक्ष के फ्लोर की तरफ बढ़ रही थी।
सब उन्हें रोकने के लिए उनके पीछे आए तो माया ने उन्हें हाथ का इशारा करके वहीं रुकने को कहा और सख्त आवाज में कहा, “कोई हमारे पीछे नहीं आएगा। हमें उस लड़की से बात करनी है। बात क्या करनी है, वो आखिर यहां कर क्या रही है? रुद्राक्ष को बुलाओ। हमें उससे जवाब चाहिए। आखिर उसने उस घटिया लडकी से शादी की ही क्यों?”
माया के रवैए से साफ था कि वो काफी गुस्सा है। उन सबको वहीं पर छोड़कर माया लिफ्ट से रुद्राक्ष के फ्लोर पर पहुंची। उनके जाते ही दिव्या ने जल्दी से विक्रांत से कहा, “आप प्लीज मॉम के पीछे जाइए। आप उनके गुस्से को जानते है ना।”
“हां अच्छे से जानता हूं और सही बताऊं तो अब मुझे कोई फर्क नहीं पड़ रहा कि मॉम उस लड़की के साथ क्या करेगी। वो अच्छे से जानती है किसे क्या सजा दी जाए।” विक्रांत ने काफी रुखे तरीके से जवाब दिया।
उनके किसी भी तरह की मदद करने से मना करने के बाद दिव्या ने उम्मीद भरी नजरों से आलिया की तरफ देखा। आलिया के चेहरे पर किसी तरह के अफसोस के भाव नहीं थे तो दिव्या ने गुस्से में कहा, “तुम्हें कितनी बार कहा हुआ है सोच समझ कर बात किया करो। तुम्हारी वजह से आज एक मासूम लड़की बेवजह मुसीबत में आ जाएगी... और तुमने इतना बड़ा सच मुझसे भी छुपाया कि तुम्हारे भाई ने उस लड़की से जबरदस्ती शादी की है। कल को इस मामले में पुलिस और मीडिया इंवॉल्व हो गई तो हमारी कितनी बदनामी होगी।”
“अगर मुझे पहले पता होता तो मैं उसकी शादी भाई से कभी नहीं होने देती और वन मोर थिंग वो कोई मासूम नहीं है। उसके साथ दादी जो भी कर रही है, वो वही होना डिजर्व करती है।” आलिया ने बेफिक्रे अंदाज में कहा और फिर आराम से बैठकर वहां खाना खाने लगी।
जब दिव्या को लगा कि उसका साथ देने के लिए कोई उसके पीछे नहीं आएगा तो वो अकेली ही लिफ्ट से रुद्राक्ष के फ्लोर पर जाने लगी।
वही माया खुराना ईशानी के पास पहुंची तो ईशानी उस वक्त खाना खाने में लगी थी। उसे बहुत भूख लगी थी इसलिए उसने काफी कुछ आसपास बिखेर रखा था।
अचानक माया को अपने सामने देखकर ईशानी ने खाना छोड़ा और खड़ी होकर नज़रें झुका कर कहा, “आई एम सॉरी। वो मैं इतनी मैसी नहीं हूं पर मुझे बहुत भूख लगी थी।”
“हमें घुमा फिरा कर बात करने की आदत नहीं है। क्या तुम उस एक्ट्रेस की बहन हो, जिसके मर्डर का इल्जाम मेरी आलिया पर लगा है?” माया ने सीधे-सीधे पूछा, जिस पर जवाब में ईशानी ने हां में सिर हिला दिया।
उसके आगे माया ने कुछ नहीं कहा और ईशानी के पास आकर उसका हाथ पकड़ा। माया की पकड़ काफी सख़्त थी। इससे साफ था कि उसने नॉर्मली ईशानी का हाथ नहीं पकड़ा है।
माया ईशानी को खींचते हुए लिफ्ट की तरफ ले जाते हुए बोली, “तुम्हें इस घर में रहने का कोई हक नहीं है। आगे से हमारे किसी भी बच्चे के आसपास भी मत दिखाना वरना तुम्हारी वो हालत करेंगे कि तुम सोच भी नहीं पाओगी। जिस इंसान ने तुमसे शादी की है उसी के पास जाओ और बोलो कि तुम्हारे रहने का ठिकाना ढूंढ दे या तुम्हें जहां से लेकर आया है, वहीं छोड़ आए क्योंकि इस घर में तुम्हारी कोई जगह नहीं है।”
माया का बर्ताव देखकर ईशानी घबरा गई। माया लिफ्ट के पास पहुंची थी कि तभी दिव्या वहां पर आ गई। उसने जल्दी से कहा, “एक बार रुद्राक्ष आ जाए, उसके बाद बात करते हैं।”
“रुद्राक्ष आ जाए या कोई और, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता और ना ही हमारा डिसीजन बदलने वाला है। इस लड़की की हमारे घर में कोई जगह नहीं है। इसकी वजह से हमारे खानदान और इस खानदान की इकलौती बच्ची की इतनी बेइज्जती हुई है तो बेहतर होगा तो हमारे फैसले के बीच में बोलो वरना इसके साथ-साथ तुम्हें भी घर से निकाल देंगे।” माया ने सख्त आवाज में जवाब दिया।
दिव्या को लगा कि माया गुस्से में ऐसे ही बोल रही होगी तो वही ईशानी को भी ऐसा कोई अंदाजा नहीं था। माया ने वाकई उसे घर से बाहर निकाल दिया था और इस वक्त वो लंदन में खुराना मेंशन के घर के आगे लावारिस की तरह खड़ी हुई थी।
ईशानी को इतनी ठंड में बाहर छोड़कर माया अंदर चली गई और उन्होंने गार्ड को साफ हिदायत दी थी कि वो ईशानी को घर के अंदर ना आने दे।
कुछ ही देर में ईशानी की ठंड से हालत खराब हो गई। वो अपने हाथों से अपनी बाजुओं को सहला रही थी। ठंड से उसका चेहरा लाल हो गया था और वो धीरे से बोली, “मैं यहां से निकलना चाहती थी और वापस मुझे मुंबई भी जाना है पर इस तरह तो बिल्कुल नहीं। ना तो मेरे पास पैसे हैं और ना ही कोई तरीका, जिससे मैं किसी से भी कांटेक्ट कर सकूं। मुझे तो ये भी नहीं पता इस वक्त मैं लंदन में कौन सी जगह पर हूं।”
ईशानी के चेहरे पर गहरे परेशानी के भाव थे और उसके पास रुद्राक्ष का इंतजार करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं था। वही इन सब से बेखबर रुद्राक्ष संजना के पास था जो उसे अपने पास से हिलने तक नहीं दे रही थी।
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