MiniFM
Previous
Next
Chapter 9

His forced bride - Chapter 9

His forced bride

ईशानी इस वक्त बाथरूम में थी और ये याद कर रही थी कि कैसे 24 घंटे पहले अपनी बहन आलिया को बचाने के लिए रुद्राक्ष ने ईशानी को किडनैप करके शादी कर ली थी। शादी के बाद ईशानी को रुद्राक्ष ने पानी पीने के लिए दिया था, जिसके बाद वो बेहोश हो चुकी थी और उसकी आंख खुली तो वो एक अनजान घर में थी।

ईशानी को एक हाउस हेल्पर ने रुद्राक्ष के कमरे में पहुंचाया। वहां उसे रुद्राक्ष से पता चला कि वो उसे लेकर लंदन आ गया है।

ईशानी बाथरूम से बाहर आई तो इस वक्त सुबह के दस बज रहे थे। ईशानी ने अपना सिर पकड़ कर कहा, “इंडिया में अब तक तो काफी टाइम हो चुका होगा और हियरिंग भी हो चुकी होगी। पता नहीं बिना सबूत के मिस्टर खन्ना ने केस को कैसे कैरी ऑन किया होगा।” सोचते हुए ईशानी की आंखें नम होने लगी और उसे वो लम्हा याद आ गया जब उसके सामने रुद्राक्ष ने डायरी को जलाया था।

ईशानी ने इधर-उधर देखा तो उसे कुछ नजर नहीं आ रहा था। ना कोई मोबाइल और ना ही कुछ ऐसा, जिससे वो इंडिया की न्यूज़ के बारे में पता कर सके। ईशानी कमरे से बाहर आई। उसने इस वक्त रुद्राक्ष का ही शर्ट पहन रखा था जो कि उसके मिड थाई तक आ रहा था।

बाहर आकर उसने देखा कि हाउस हेल्पर काम करने में लगे थे। घर काफी बड़ा था। लंदन होने के बावजूद भी वहां पर काम करने वाले सारे स्टाफ इंडियन ही थे और उन्होंने ईशानी को इस हाल में देखा तो सब उसे अजीब नजरों से देखने लगे।

ईशानी पर इसका कोई असर नहीं हुआ। वो एक मेड के पास जाकर बोली, “क्या मुझे तुम्हारा मोबाइल मिल सकता है? मुझे कुछ देखना है।”

मेड ईशानी को कुछ जवाब देती उससे पहले उसे रुद्राक्ष की सर्द आवाज से सुनाई दी, जो कि सामने अपने दोनों हाथ पॉकेट में डाले खड़ा हुआ था।

रुद्राक्ष ने कोल्ड वॉइस में कहा, “अच्छा तो तुम्हें अभी भी उम्मीद है कि तुम्हारे उस सो कॉल्ड टू रूपी लॉयर ने कुछ किया होगा।” बोलते हुए वो ईशानी के पास आया और उसकी आर्म को पकड़ लिया।

ईशानी खुद को रुद्राक्ष से अलग करने के लिए कसमसा रही थी। उसके ऐसा करने पर रुद्राक्ष ने उसे और भी कस कर पकड़ लिया और खींचते हुए वापस अपने कमरे में ले गया।

“तुम हैवान हो रुद्राक्ष खुराना।” ईशानी रुद्राक्ष पर चिल्ला कर बोली।

रुद्राक्ष ने तिरछी निगाहों से ईशानी की तरफ देखकर कहा, “बहुत जल्दी पहचान लिया तुमने मुझे। वैसे तुम जैसे लोग मुझे इसी नाम से जानते हैं। बाकी मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। रुद्राक्ष खुराना अपनी सच्चाई अच्छे से जानता है। तुम्हें केस के बारे में पता करना था ना, रुको मैं दिखाता हूं।”

Advertisement

रुद्राक्ष ने अपना मोबाइल ऑन किया और उस वक्त की इंडिया की लेटेस्ट न्यूज़ को प्ले किया। ईशानी ने देखा कि आलिया को बाइज्ज़त बरी किया जा रहा था क्योंकि उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला था।

मीडिया वाले आलिया का इंटरव्यू ले रहे थे। आलिया पूरे एटीट्यूट के साथ कह रही थी, “मैंने पहले ही कहा था मेरा इसमें कोई इंवॉल्वमेंट नहीं है। रिशानी शर्मा कैसी थी ये सब जानते हैं। मुझे तो अफसोस होता है कि उसका केस रिओपन किसने किया और मुझे जिसने भी इस मामले में घसीटा है मैं उसे छोडूंगी नहीं। जिस भी न्यूज़ चैनल ने मेरे खिलाफ निगेटिव पब्लिक सिटी की है। आई स्वेयर उन सबको मैं कोर्ट में घसीटने वाली हूं।”

न्यूज़ देखने के बाद ईशानी समझ चुकी थी कि उसकी सारी मेहनत बेकार हो चुकी है। ईशानी की आंखों में आंसू थे। रुद्राक्ष ने मोबाइल की स्क्रीन को बंद किया और ईशानी का चेहरा अपने हाथ से दबाते हुए कहा, “मैंने कहा था ना तुमसे, मैं अपने सुकून के साथ कॉम्प्रोमाइज नहीं करूंगा और तुम्हारे आंसू मुझे सच में सुकून देते हैं। वादा करता हूं कि तुम दिन में ऐसे ही हर बात पर हर पल रोती रहोगी।”

ईशानी ने जल्दी से अपने आंसू पोंछे और रुद्राक्ष का हाथ अपने चेहरे से अलग किया। ईशानी ने जल्द ही खुद को स्ट्रांग कर लिया था। वो रुद्राक्ष की तरफ देखकर बोली, “तुम जो चाहते थे वो हो गया है, तो प्लीज अब मुझे जाने दो।”

“इतनी आसानी से कैसे जाने दूं ईशानी शर्मा जबकि मैं जानता हूं कि तुम यहां से जाने के बाद हाई कोर्ट में अपील करोगी। सीबीआई जांच की मांग करोगी और तुम जैसी लड़कियां अच्छे से जानती है कि पब्लिक सिंपैथी कैसे ली जाती है। अब मुझे तुम्हें लेकर कोई रिस्क नहीं लेना है तो तुम इसी घर में रहोगी।” रुद्राक्ष ने सिर हिला कर कहा।

ईशानी जानती थी कि रुद्राक्ष की मर्जी के बिना वो इस घर से एक कदम भी बाहर नहीं रख सकती। ऊपर से वो एक अंजान देश में थी। भले ही ईशानी थोड़ी इमोशनल थी लेकिन वो लॉ की डिग्री ले रही थी और किसी वक्त क्या बोलना था, ये बेहतर तरीके से जानती थी।

ईशानी ने अगले ही पल खुद को मजबूत करके कहा, “तुम्हारे लिए तुम्हारी फैमिली बहुत मैटर करती है ना, उसी तरह मेरे लिए मेरी फैमिली भी मैटर करती है। मेरी मां के अलावा मेरा कोई नहीं है और वो इस वक्त अकेली होगी। प्लीज मुझे जाने दो।” थोड़े ही टाइम में ईशानी को कुछ और समझ आया हो या ना आया हो, वो इतना जरूर समझ गई थी कि रुद्राक्ष खुराना की कमजोरी उसकी फैमिली है।

ईशानी को लगा रुद्राक्ष मान जाएगा लेकिन उसकी इस हरकत पर रुद्राक्ष गुस्सा हो गया। वो उस पर चिल्ला कर बोला, “बहुत जल्दी तुमने अपने रंग दिखा दिए ईशानी शर्मा। मैंने तुम्हें कहा कि फैमिली मेरी कमजोरी है तो उसी का फायदा उठा रही हो, तो तुम्हें एक बात क्लियर कर देता हूं। मेरे लिए सिर्फ मेरी फैमिली मेरी कमजोरी है। बाकी किसी और की फैमिली का होना या ना होना मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता। तो तुम्हारी मां किस हालत में, कहां है आई डोंट गिव ए डैम। कुछ देर में मेरी फैमिली यहां पहुंचती होगी। कपड़े भिजवा रहा हूं चेंज कर लेना और ड्रामा करने में तुम अपनी बहन की तरह एक्सपर्ट हो तो गलती से भी मेरी फैमिली के सामने ये जाहिर मत होने देना कि मैंने तुमसे जबरदस्ती शादी की है। गलती से भी अपनी आइडेंटिटी रिवील मत करना वरना उम्र भर पछताओगी।”

ईशानी हैरानी से रुद्राक्ष की तरफ देख रही थी। उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया था। उसके परिवार को इस बारे में पता तक नहीं था। ऊपर से वो अपने घर वालों के सामने उसे एक अच्छी बहु होने का दिखावा करने को कह रहा था।

ईशानी हैरानी से वहां खड़ी थी। वो रुद्राक्ष की पर्सनेलिटी को समझ नहीं पा रही थी। घर वालों के सामने उसे अच्छा होने का दिखावा करने की क्या जरूरत थी? रुद्राक्ष ने जो किया, वो आलिया के लिए ही किया था। इस हिसाब से उसकी फैमिली को रुद्राक्ष का साथ देना चाहिए था लेकिन यहां तो कुछ और ही चल रहा था।

ईशानी रुद्राक्ष के चेहरे की तरफ देखते हुए उसके बारे में सोच रही थी तभी रुद्राक्ष ने उसके सामने चुटकी बजाकर कहा, “इतना सोचने की जरूरत नहीं है। यहां रहते हुए सब समझ आ जाएगा। मेरी फैमिली ट्रेडिशनल है, ये तुम्हें बाहर जाकर पता चल गया होगा कि यहां काम करने वाला हर शख्स इंडियन है। उस हिसाब से ही बिहेव करना।”

Advertisement

ईशानी को सब बताने के बाद रुद्राक्ष कमरे से बाहर चला गया। अब ईशानी को कुछ-कुछ समझ आ रहा था। उसने हैरानी से आंखें बड़ी करके कहा, “तो क्या इसलिए ये मेरे लिए शादी का जोड़ा लेकर आया था और खुद मैचिंग शेरवानी पहन कर बैठा था ताकि अपने घरवालों के सामने ये साबित कर सके कि शादी हम दोनों की मर्जी से हुई है। ओह गॉड, कहां फंस गई हूं मैं।”

ईशानी वहां खड़े होकर सोच रही थी तभी एक मेड उसके पास आई और कहा, “सर ऊपर के फ्लोर पर तो आपको भी वही जाना होगा। फिफ्थ फ्लोर है उनका। वैसे तो वहां उनके अलावा किसी को जाने की परमिशन नही है लेकिन उन्होंने कहा है कि अब से वो आपके साथ वहीं पर रहेंगे। वहां आपके लिए कपड़े और बाकी सामान रखा है तो आप उस हिसाब से पहन लीजिएगा।”

उस मेड ने ईशानी को अपने साथ चलने का इशारा किया। ईशानी लिफ्ट से फिफ्थ फ्लोर पर पहुंची। वो जगह किसी ऑफिस की तरह लग रही थी, जहां रिसेप्शन एरिया तक बनाया हुआ था। ईशानी आगे गई तो उसे हर एक कमरे के आगे नेम टैग दिखाई दिया, जहां मीटिंग रूम, रुद्राक्ष का केबिन, लाइब्रेरी और डाइनिंग एरिया था। इन सबको पार करने के बाद ईशानी एक पासेज से गुजरी। आगे जाकर उसे एक बड़ा सा कमरा दिखाई दिया, जो रुद्राक्ष का था। उसे वहां छोड़कर मेड चली गई थी।

जैसा कि मेड ने कहा था, वहां बेड पर कपड़े रखे हुए थे। ईशानी ने आगे जाकर देखा तो वहां डार्क मैरून कलर की हैवी साड़ी रखी हुई थी, जिसे देखकर ईशानी ने अपना सिर पकड़ लिया और साथ में कुछ ज्वेलरी भी।

अब उसे समझ आ गया था कि उसके इस तरह रुद्राक्ष की शर्ट में बाहर निकलने पर सब उसे अजीब नजरों से क्यों देख रहे थे।

ईशानी वहां खड़ी उस साड़ी को देख रही थी तभी पीछे से रुद्राक्ष आया। वो तेज आवाज में बोला, “आज से तुम इस फ्लोर की सफाई से लेकर मेरा हर छोटा काम करोगी।”

ईशानी गुस्से में रुद्राक्ष की तरफ पलट कर बोली, “अच्छा फिर तुम्हारी फैमिली ये नहीं कहेगी कि तुम अपनी वाइफ पर अत्याचार कर रहे हो। तुमने तो बताया था वो काफी ट्रेडिशनल टाइप के हैं। उन्हें इससे ऑब्जेक्शन नहीं होगा और मुझे एक बात समझ नहीं आई, तुम्हारी फैमिली को जब पता चलेगा कि मैं रिशानी शर्मा की बहन हूं, जिसके चक्कर में तुम्हारी बहन जेल गई थी तो वो तो मुझसे वैसे भी नफरत करने लगेंगे। फिर तुम्हारा काम और आसान हो जाएगा और तुम्हारे साथ-साथ तुम्हारी फैमिली भी मुझे टॉर्चर करेगी।”

अब तक ईशानी काफी चुप और डरी हुए लग रही थी लेकिन अचानक ही वो काफी कुछ बोल गई। रुद्राक्ष उसे कुछ बताना नहीं चाहता था क्योंकि ऐसा करने पर उसका ही नुकसान था। उसने तुरंत ही अपने चेहरे के भावों को सर्द किया और ईशानी को साड़ी पहनने का इशारा किया। उसका बर्ताव देखकर ईशानी समझ गई थी कि रुद्राक्ष उसे कुछ नहीं बताने वाला। धीरे-धीरे उसे ही सब समझना होगा। ईशानी ने साड़ी उठाई और मुंह बनाते हुए बाथरूम में चली गई।

“ये लड़की जितनी सीधी लगती है, उतनी है नहीं। मुझे इसे अपनी फैमिली से दूर ही रखना होगा और आलिया को भी समझाना होगा कि वो खुलेआम सबके सामने इसके साथ अच्छा बर्ताव करें।” रुद्राक्ष ने मन ही मन कहा तभी उसके मोबाइल पर एक नोटिफिकेशन आया।

उसमे ये मैसेज था कि उसकी फैमिली लंदन पहुंच चुकी है।

°°°°°°°°°°°°°°°°

ये स्टोरी थोड़ी डिफरेंट है और कैसे डिफरेंट है ये आपको समझ आ जाएगा।

Was this chapter good?